Vous êtes sur la page 1sur 10

आदर्श-प्रश्न-पत्रम (् 2017-18)

् षणाधारितम)्
संस्कृतम (सम्प्रे
कक्षा : १०
SAMPLE QUESTION PAPER (2017-18)
COMMUNICATIVE SANSKRIT
Class : X

िोल नं०
Roll No.

 कृ पया जााँच कि लें रक इस प्रश्न-पत्र में मरु ित पृष्ठ हैं ।


 कृ पया जााँच कि लें रक इस प्रश्न-पत्र में १४ प्रश्न हैं ।
 कृ पया प्रश्न का उत्ति रलखना र्रुु किने से पहले प्रश्न का क्रमांक अवश्य रलखें।
 Please check that this question paper contains printed pages.
 Please check that this question paper contains 14 questions.
 Please write down the serial number of the question before attempting it.

15 minute time has been allotted to read this question paper. In this duration the
students will read the question paper only and will not write any answer on the answer
book during this period.

आदर्श-प्रश्न-पत्रम (2017-18) / SAMPLE QUESTION PAPER (2017-18)
् षणाधारितम)् / COMMUNICATIVE SANSKRIT
संस्कृतम (सम्प्रे
कक्षा : १० / Class : X

अवरध : होिात्रयम ् ु ङ्ााः : ८०


पणाां
रनधाशरित समय : ३ घण्टे अरधकतम अंक : ८०
Time allowed : 3 Hours. Maximum Marks : 80

खण्डाः काः ् अपरित-अवबोधन


अपरितांर्-अवबोधनम / : १० अंङ्ााः
Section A Unseen Reading Comprehension : 10 Marks
खण्डाः खाः ् िचनात्मक-कायश
िचनात्मक-कायशम / : १५ अंङ्ााः
Section B Writing Skills : 15 Marks
खण्डाः गाः ु क्त
अनप्रय ् अनप्रय
ु -व्याकिणम / ु व्याकिण
ु क्त : २५ अंङ्ााः
Section C Applied Grammar : 25 Marks
खण्डाः घाः ् परित-अवबोधन
परित-अवबोधनम / : ३० अंङ्ााः
Section D Reading Comprehension : 30 Marks

रनदेर्ााः / Instructions :-
(i) ्
अरिन प्रश्नपत्रे चत्वािाः खण्डााः सरि।
इस प्रश्नपत्र में चाि खण्ड हैं ।
The Question paper has four sections.
(ii) ्
प्रत्येकं खण्डम अरधकृ ्
त्य उत्तिारण एकरिन स्थाने क्रमेण लेखनीयारन।
प्रत्येक खण्ड के उत्ति एक ही जगह पि क्रम से रलखने होंगे।
The answers to each section must be written at one place.
(iii) ु
प्रश्नसङ्खया प्रश्नपत्रानसािम ्
अवश्यमे
व लेखनीया।
ु प्रश्न-संख्या अवश्य रलखनी होगी।
प्रश्नपत्र के अनसाि
Write the question number according to the question paper.
(iv) ्
सवेषां प्रश्नानाम उत्तिारण संस्कृतेन लेखनीयारन।
सभी प्रश्नों के उत्ति संस्कृत में रलरखए।
Answer all the questions in Sanskrit.

खण्डाः काः (Section A)



अपरितांर्-अवबोधनम /अपरित-अवबोधन (१० अंङ्ााः)
Unseen Reading Comprehension (10 Marks)
1. ् च्छे
अधोरलरखतम अन ् स्कृतेन उत्तित :
ु दं परित्वा प्रदत्तप्रश्नान सं
ु दं को पढ़कि रदए गए प्रश्नों के उत्ति संस्कृत में दीरजए :
रनम्नरलरखत अनच्छे
Read the following passage and answer the given question in Sanskrit :

अवश्यं किणीयं कमश कतशव्यम ् इरत उच्यते। मनष्याणां


ु जीवने कतशव्यपालनेन ैव सवशदा उन्नरतभशवरत। कतशव्यपालनं
जीवनस्याधािरर्ला रवद्यते। सवे एव स्वकतशव्यस्थाचिणं कुवशरि। सूयाःश सततं तपरत। वायाःु अहर्ननर्ं वहरत। धिा

प्रारणनाः धाियरत। जीवनं सखमयं कतां ु मानवस्य कृ ते अनेकारन कतशव्यारन रनधाशरितारन सरि। मनष्यै
ु ाः तेषां पालनं
अवश्यमेव कतशव्यम।् रवद्याध्ययनम, ् चरित्र-रनमाशणम, ् स्वदेर्स्य समाजस्य च सेवा, सदाचािस्य पालनम, ्
पिोपकािादयाः सवाशरण कतशव्यारन सरि। याः मानवाः कतशव्यपिायणाः भवरत स एव समाजस्य िक्षकाः आदिभूतश्च
ु ाः सदा स्वकतशव्य ं पालनीयम।् स्वकतशव्य ं न कदारचदरप त्याज्यम।्
भवरत। अताः सववाः मनष्यै
प्रश्नााः :-
I एकपदेन उत्तित : 1×2=2
एक र्ब्द में उत्ति दीरजए :
Answer in one word :
(i) प्रारणनाः का धाियरत?
(ii) कक कदारचदरप न त्याज्यम?्

II पूणवश ाक्येन उत्तित : 2×2=4


पूणवश ाक्य में उत्ति दीरजए :
Answer in complete sentence :
(i) ु
मनष्याणां जीवने कदा उन्नरताः भवरत?
(ii) काः समाजस्य िक्षकाः आदिभूतश्च भवरत?

III ्
प्रदत्त रवकल्पेभ्याः उरचतम उत्तिं रचत्वा रलखताः ½×=4

रदए गए रवकल्पों में से उरचत उत्ति चनकि रलरखए :
Choose and write the appropriate answer from the given options :
(i) ्
‘तपरत’ इरत रक्रयापदस्य कर्ट्शपदं रकम अरि :
(अ) सूयाःश (ब) वायाःु
(स) मानवाः (द) धिा
(ii) ु
जीवनं सखमयं ्
कतां ु ________ अत्र रवर्ेषणपदं रकम अरि :
(अ) जीवनम ् (ब) ु
सखमयम ्
(स) कतमुश ् (द) सरि
(iii) ’रनिििम’् अस्य काः पयाशयाः गद्यांर् े प्रयक्त
ु म :्
(अ) सततम ् (ब) ु
सखमयम ्
(स) सेवा (द) त्याजयम ्
(iv) ’दाःखमयम’् अस्य काः रवलोमाः गद्यांर् े प्रयक्त
ु म :्
(अ) ु
सखमयम ् (ब) आचिणम ्
(स) कतशव्यम ् (द) सततम ्

(IV) ु दस्य कृ ते समरचतं


अस्य अनच्छे ु र्ीष शकं संस्कृतेन रलखताः|
ु र्ीष शक संस्कृत में रलरखए|
ु द के रलए उपयक्त
इस अनच्छे
Write the appropriate title for this passage in Sanskrit.
खण्डाः खाः (Section B)
िचनात्मक-कायशम /् िचनात्मक-कायश (१५ अंङ्ााः)
Writing Skills (15 Marks)

2. स्व-रवद्यालयस्य वार्नषकोत्सवं वणशयिाः रमत्रं प्ररत रलरखते पत्रे मञ्जूषाताः उरचतपदैाः रिक्त्स्स्थानारन पूियत:

अपने रवद्यालय के वार्नषकोत्सव का वणशन किते हुए रमत्र के प्ररत रलखे गए पत्र में मञ्जूषा से उरचत पद चनकि पूर्नत
किें ।
Complete the following letters and address it to your friend describing your
school's annual day with the world given in the box. ½×10=5
के न्द्रीय-रवद्यालयाः
(1)__________
रदनाड्काः (2)__________
रप्रय रमत्रं (3)__________
(4)__________
भवताः पत्रं प्राप्तम।् अहं स्वरवद्यालयस्य (5)__________ वणशयारम। एकमासपूवम श वे (6)__________ सवे
अध्यापकााः (7)__________ च कायेष ु व्यिााः आसन।् उपायक्त ु महोदयाः कायशक्रमस्य (8)__________ आसीत।् साः

रवद्यालयम अतीव प्रार्ंसत।् योग्येभ्याः छात्रेभ्याः च (9)__________ अयच्छत।् रपतृभ्याम नमाः।

भवताः (10)__________
सिेु र्ाः।
मञ्जूषा

पिस्कािान ,् रदल्लीताः , सप्रेमनमाः , छात्रााः , सहृद ु ारतर ाः , 21.04.2018 , रवद्यालयस्य , वार्नषकोत्सवम।्
ु ् , िमेर्! , मख्य

3. अघाः प्रदत्तं रचत्रं दृष्ट्वा मन्जूषायां प्रदत्तर्ब्दानां सहायत ा पञ्च वाक्यारन संस्कृतेन रलखताः
नीचे रदए गए रचत्र का वणशन मञ्जूषा में रदए गए र्ब्दों की सहायता से पााँच संस्कृत वाक्यों में कीरजए।
Describe the following picture in five Sanskrit sentences with the help of the words
given in the box. 2×5=10

मञ्जूषा

श्रीकृ ष्णाः, क्षालयारत, सदामा, रुक्मणी, जलम, ् सेवकााः, फलारन, सेरवका, आश्चयशचरकतााः, साश्राःु , रमष्टान्नारन।
अ वा (Or)


मञ्जूषा- प्रदत्त-र्ब्दानां साहाय्येन रनम्नरलरखतं रवषयम अरधकृ ् च्छे
त्य पञ्च संस्कृत वाक्येष ु एकम अन ु दं रलखताः
ु द रलरखए :
मञ्जूषा में रदए गए र्ब्दों की सहायता से रनम्नरलरखत रवषय पि पााँच वाक्यों में एक अनच्छे
Write a paragraph in five Sanskrit sentences on the following topic with the help of
the words given the box. 2×5=10
- वृक्षााः
मञ्जूषा
छायाम, ् वाताविणम, ् प्राण-वायमु (ऑक्सीजन),
् ु म, ् प्रसन्नााः, सत्परुु षााः इव
आतपे, रतष्ठरि, खगााः, फलारन, र्द्ध

खण्डाः गाः (Section C)



ु क्त-व्याकिणम
अनप्रय /् अनप्रय ु व्याकिण (२५ अंङ्ााः)
ु क्त
Applied Grammar (25 Marks)

4. अधोरलरखत-वाक्येष ु िेखांरङ्तेष ु पदेष ु सकिं सरिंच्छेदं वा कृ त्वा रलखताः


रनम्नरलरखत वाक्यों में िेखारङ्त पदों में सरिं अ वा सरिं-रवच्छेद किके रलरखए:
Write the underlined words of the following sentences after joining of disjoining
sandhis: 1×4=4
(i) सह नौ+अवत ु सह नौ भनु क्तु।
(ii) ् व तत्र गरमष्यारम।
अहम अद्यै
(iii) ्
जनााः तरुच्छायायाम उपरवर्रि।
(iv) रनजशन े वने काः+अरप नासीत।्

5. अधोरलरखत-वाक्येष ु िेखारङ्तपदानां समासं रवग्रहं वा प्रदत्त रवकल्पेभ्याः रचत्वा रलखताः :-



रनम्नरलरखत वाक्यों में िेखारङ्त पदों का समास अ वा रवग्रह रदए गए रवकल्पों में से चनकि रलरखए :-
Choose and write the correct compounded or expounded form of the underlined
words in the following sentences :- 1×4=4
(i) नीलाः कण्िाः यस्य साः रहमालये रनवसरत।
(अ) नीलकण्िकाः (ब) नीलकण्िी (स) नीलकण्िाः
(ii) य ार्रक्त धनं यच्छत।ु
(अ) र्रक्त-सरहतम ् (ब) र्क्ते ाः योग्यम ् (स) ्
र्रक्तम अनरतक्रम्य
(iii) िामाः च श्यामाः च ग्रामं गच्छताः।
(अ) िामश्यामौ (ब) िामश्यामााः (स) िामश्यामे
(iv) ्
पञ्चपात्रम आनयत ।ु
(अ) पञ्चना पात्राणां समाहािाः (ब) पञ्च-पात्रे (स) पञ्चमं-पात्रम ्

6. ्
अधोरलरखत-वाक्येष ु िेखारङ्तपदानां प्रकृ रत-प्रत्ययौ संयोज्य रवभज्य वा उरचतम उत्तिं रवकल्पेभ्याः रचत्वा रलखताः :-
रनम्नरलरखत वाक्यों में िेखारङ्त पदों के प्रकृ रत प्रत्ययों को जोडकि या पृ क ् किके उरचत उत्ति रवकल्पों में से चनु कि
रलरखए :-
Write the underlined words of the following sentences after joining or disjoining
suffixes to the roots words. Selecting the correct answer from the option given
below :- 1×4=4
(i) तेन अत्र प्रवेर्ाः न कृ +तव्यत।
(अ) कत्तशव्याः (ब) कायशम ् (स) कृ तम ्
(ii) ्
तौ मागे क्रीड ्+र्तृ बालकान अपश्यताम ।्
(अ) क्रीडतान ् (ब) क्रीडताः (स) क्रीडतारन
(iii) प्रकृ तेाः िमणीयता मनोिमा अरि।
(अ) िमणीय+टाप ् (ब) िमणीय+तल ् (स) िमणीय+ङीप ्
(iv) लौरककी उन्नरताः यर्ाः वध शयरत।
(अ) लौरकक+ङीप ् (ब) लोक+ङीप ् (स) लोरकक+ङीप ्

7. ु रलखताः :-
अधोरलरखत संवादं मञ्जूषायां दत्त ैाः पदैाः वाच्यपरिवतशन ं कृ त्वा पूिरयत्व। च पनाः 1×3=3
ु में रदए गए र्ब्दों की सहयता से वाच्य-परिवतशन किते हुए संपण
अधोरलरखत संवाद को मन्जषा ु रलरखए।
ू श संवाद पनाः
Fill in the following dialogue by choosing the right words as per rules of voice.
रर्क्षकाः - कक तवं ग्रन्थं पिरस?
छात्राः - आम!् मया (i)________ पठ्यते।

रर्क्षकाः - कक िरवाः लेख ं रलखरत?


छात्राः - आम!् (ii)________ लेख ं रलख्यते।

रर्क्षकाः - ु कक (iii)________
भानना
छात्राः - भानाःु पिरत।

मञ्जूषा
रक्रयते, िरवणा, ग्रन्थाः

8. अधोरलरखतरदनचयाशयां रिक्तस्थानारन कालबोधकर्ब्दैाः पूयि ्


श ाम :-
अधोरलरखत रदनचयाश में रिक्तस्थानों की पूर्नत कालबोधक-र्ब्दों से कीरजए :-
Rewrite the time table using Sanskrit work in place of figures :- 1×2=2
(i) अहं 5:00 उरत्तष्ठारम।
(ii) 7:15 रवद्यालयं गच्छारम।

9. अधोरलरखतवाक्येष ु रिक्तस्थानारन मञ्जूषायां प्रदत ैाः उरचत ैाः अव्ययपदैाः पूिरयत्वा रलखत :-
रनम्नरलरखत वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्नत मञ्जूषा में रदए गए उरचत अव्यय पदों द्वािा कीरजए :-
Fill in the blanks in the following sentences with appropriate indeclinable words
given in the box :- 1×4=4
(i) ्
सप शाः रबलात __________ रनगशच्छरत।
(ii) ु हं __________ गरमव्यरस?
त्वं मातलगृ
(iii) असत्यं __________ वदत।
(iv) __________ दर्ि ाः नाम नृपाः आसीत।्
मञ्जूषा
ु मा, बरहाः, कदा
पिा,

10. ् द्ध
अधोरलरखतेष ु वाक्येष ु िेखारङ्तपदम अर् ्
ु म अरि। ु -पदं संर्ोध्य रलखत :-
अर्द्ध 1×4=4
ु हैं । अर्द्ध
अधोरलरखत-वाक्यों में िेखारङ्त पद अर्द्ध ु र्ब्द को र्द्ध
ु कि पनाः
ु रलखें :-
Correct the underlined incorrect words and rewrite the following sentences.
(i) आवां रवद्यालये गच्छामाः।
(ii) साः अध्ययने संलग्ना अरि।
(iii) श्वाः िामाः रवद्यालयं गच्छरत।
(iv) ु
त्वं सवे पिकारन आदाय आगच्छ।

खण्डाः घाः (Section D)


परित-अवबोधनम / ् परित-अवबोधन (30 अंङ्ााः)
Reading Comprehension (30 Marks)

11. ् परित्वा प्रदत्त-प्रश्नानाम उत्तिारण


अधोरलरखतं गद्यांर्,ं पद्यं, नाट्ांर्म च ् संस्कृतेन रलखत :-
रनम्नरलरखत गद्यांर्, पद्य औि नाट्ांर् को पढकि रदए गए प्रश्नों के उत्ति संस्कृत में रलरखए :-
Read the following prose, poetry and drama passage and answer the given question
in Sanskrit :-
(अ) गद्यार्ाः
अ व्रजिौ तौ गतशस ले मागे क्रीडताः कांरश्चत ् बालकान ् प्रक्ष्य अवदताम ् - भो भो बालकााः। क मत्र
नतोन्नते रवषमे मागे क्रीड ? यरद करश्चद ् गते पतेत ् तर्नह स रवकलाङ्गो भूत्वा रचिं क्लेर्म ् अनभवे
ु त।् तच्छुत्वा तेष ु
करश्चत ् उद्दण्डाः बालकाः उवाच - "अरय भो! यद्येव ं तर्नह क ं भविौ सपु ं परित्यज्य अनेन कुप ने गि ु प्रवृत्तौ?
अरप इदम श्रे् यस्किम"?्
I) एकपदेन उत्तित :- 1×2=2
एक र्ब्द में उत्ति दीरजए :-
Answer in one word :-
(i) ् क्ष्य अवदताम?्
तौ कान प्रे
(ii) बालकााः कीदृर्े मागे क्रीडरि ि?

II) एकवाक्येन उत्तित :- 2×1=2


पूणवश ाक्य में उत्ति दीरजए :-
Answer in complete sentence :-
(i) ्
उद्दण्डाः बालकाः रकम अवदत?्
III) ्
प्रदत्तरवकल्पेभ्याः उरचतम उत्तिं रचत्वा रलखत :- ½×4=2

रदए गए रवकल्पों में से उरचत उत्ति चनकि रलरखए :-
Choose and write the correct answer from the given option :-
क) ’उवाच’ इरत रक्रयापदस्य कतृपदं ्
श रकम :-
(i) तौ (ii) भविौ (iii) बालकाः

ख) ’कुप म’् - अस्य काः रवलोमाः गद्यांर् े प्रयक्त ्


ु म :-
(i) श्रेयस्किम ् (ii) सपु म ् (iii) क्लेर्म ्

ग) ु म?् :-
’तेष’ु सवशनाम पदं के भ्याः प्रयक्त
(i) चौिेभ्याः (ii) बाल्के भ्याः (iii) मागेभ्याः

घ) ्
उद्दण्डाः बालकाः - अत्र कक रवर्ेषणपदम अरि :-
(i) उद्दण्डाः (ii) बालकाः (iii) रवकलाङ्गाः

(आ) पद्यांर्ाः
कोऽिंाः? योऽकायशिताः, को बरधिाः? यो रहतारन न शृणोरत को मूकाः? याः काले रप्रयारण। वक्तं ु न जानारत॥
I) एकपदेन उत्तित :- 1×2=2
एक र्ब्द में उत्ति दीरजए :-
Answer in one word :-
(i) याः अकायशिताः साः काः?
(ii) याः रहतारन न शृणोरत साः काः?

II) एकवाक्येन उत्तित :- 2×1=2


पूणवश ाक्य में उत्ति दीरजए :-
Answer in complete sentence :-
(i) याः काले रप्रयारण वक्तं ु न जानारत साः काः भवरत?

III) ्
प्रदत्तरवकल्पेभ्याः उरचतम उत्तिं रचत्वा रलखत :- ½×4=2

रदए गए रवकल्पों में से उरचत उत्ति चनकि रलरखए :-
Choose and write the correct answer from the given option :-
क) ’वाचालाः’ - अस्य काः रवलोमाः श्लोके प्रयक्त ्
ु म :-
(i) अिंाः (ii) मूकाः (iii) बरधिाः

ख) ’अकायशिताः’ इरत समिपदस्य रवग्रग-पदं रलखत :-


(i) कायेण िरहतम ् (ii) कायेण सरहतम ् (iii) न कायशिताः

ग) ’शृणोरत’ अरिन पदे का धाताःु :-


(i) श्र ु (ii) श्रू (iii) श्रवण

घ) ’वक्तुम’् - अत्र काः प्रत्ययाः :-


(i) तमु नु (ii) कत्वा (iii) ल्यप ्
(इ) नाट्ांर्ाः
यरु धरष्ठिाः - सम्प्ररत आश्विाः अरि। मन्ये िौरणाः ब्रह्मास्त्रप्रयोगं न करिष्यरत।
श्रीकृ ष्णाः - तर्नह न जानारस तस्य मनोवृरत्तम।् रपताःु उपदेर्ने असिष्टु ाः साः एकदा द्वािकापिीम
ु ्
आगच्छत।् ब्रह्मास्त्रं दत्वा साः सदर्श ्
ु नचक्रम अवाञ्छत ।्
यरु धरष्ठिाः - (साश्चयशम)् क ं चक्रम इरत।

श्रीकृ ष्णाः - आम!् मया कर तम।् नाहं त्वत्र ब्रह्मास्त्रम ् इच्छारम। यरद त्वं मम गदाम, ् र्रक्तम, ् धनाःु
ु ं ददारम।
चक्रं वा इच्छरस, तभ्य
यरु धरष्ठिाः - ततिताः।
श्रीकृ ष्णाः - स त ु चक्रम ्एव अयाचत। गृहाण चक्रम ्इरत उक्ताः साः सण्येन पारणना चक्रं गृहीतवान, ्
् ं स्वस्थानात सञ्चालरयत
रकि ु साः तत चक्र ् ्
मु अरप सम शाः न अभवत।्

I) एकपदेन उत्तित :- 1×2=2


एक र्ब्द में उत्ति दीरजए :-
Answer in one word :-
(i) काः ब्रह्मास्त्रप्रयोगं न करिष्यरत?
(ii) गदा, र्रक्त धनाःु चक्रं कस्य पार्वे् रवद्यते?

II) एकवाक्येन उत्तित :- 2×1=2


पूणवश ाक्य में उत्ति दीरजए :-
Answer in complete sentence :-
(i) ्
यदा श्रीकृ ष्णाः िौरणने चक्रम अयच्छत, ् तदा रकम अभवत
् ?्

III) ्
प्रदत्तरवकल्पेभ्याः उरचतम उत्तिं रचत्वा रलखत :- ½×4=2

रदए गए रवकल्पों में से उरचत उत्ति चनकि रलरखए :-
Choose and write the correct answer from the given option :-
क) ’सिष्टु ाः’ अस्य काः रवलोमाः गद्यांर् े प्रयक्त ्
ु म :-
(i) आश्विाः (ii) रखन्नाः (iii) असिष्टु ाः

ख) ्
’सण्येन पारणना’ - अत्र कक रवर्ेषण-पदम अरि :-
(i) पारणना (ii) सण्येन (iii) सण्येन-पारणना

ग) ’सञ्चालरयतमु ’् अरिन पदे


् काः प्रत्ययाः प्रयक्त
ु ाः :-
(i) तमु नु ् (ii) क्त्वा (iii) र्तृ

घ) ’करिष्यरत’ इरत रक्रयापदस्य कतृपदं ्


श रकम :-
(i) श्रीकृ ष्णाः (ii) अजनशु ाः (iii) िौरणाः

12. िेखारङ्तपदारन आधृत्य प्रश्न-रनमाशण ं कुरुत :- 1×4=4


िेखारङ्त पदों के आधाि पि प्रश्न-रनमाशण कीरजए :-
Frame the questions on the basis of underlined words :-
(i) ु ं गृहं दूिताः परिवजशयते ।्
प्राज्ञाः कलहयक्त
(ii) दानर्ायास ु रवचिन िाजा् अरचियत।्
(iii) ्
अरुणाचल्प्प्रदेर्स्य िाजधानी ईटानगिम अरि।
(iv) काकरपकयोाः भेदाः वसिसमये ज्ञायते।

13. मञ्जूषाताः समरु चतपदारन रचत्वा अधोरलरखत श्लोकद्वयस्य अन्वयं पूियत :-


मञ्जूषाताः में से समरु चत पद चनकि
ु रनम्नरलरखत दोनों श्लोकों का अन्वय पूण श कीरजए :-
Complete the prose order of the following two Shlokas by choosing the appropriate
words given in the box :-
(क) अपूवाःश कोऽरप कोर्ोऽयं रवद्यते तव भािरत। ½×4=2
व्ययतो वृरद्धमायारत क्षयमायारत सञ्चयात॥्
हे भािरत! तव (i)________ कोर्ाः (ii)________ रवद्यते। (अयम)्
् (iv)________ आयारत॥
व्ययताः (iii)________ सञ्चयात च
(ख) ु बाल्ये रवद्याधनं महत।्
रपता यच्छरत पत्राय ½×4=2
रपताऽस्य कक तपिेप े इत्यरु क्तित्कृ तज्ञता॥
रपता पत्राय ्
ु (i)________ महत (ii)________ यच्छरत, अस्य रपता
ु (iv)________ ।
कक (iii)________ तेप,े इत्यरक्ताः
मञ्जूषा
अयम, ् तपाः, अपूवाःश , रवद्याधनम, ् तत्कृ तज्ञता, बाल्ये, क्षयम, ् वृरद्धम ्

14. अधोरलरखतक नानां समरु चतं भावं रवकल्पेभ्याः रचत्वा रलखत :- 1×4=4
रनम्नरलरखत क नों का समरु चत भाव रवकल्पों में से चनकि
ु रलरखए :-
Choose and write the correct gist of the following sentences from the given
options:-
(क) ्
चञ्चलं रह मनाः कृ ष्ण! प्रमार बलवद्द्र ृढम :-
(i) म नहीनाः (ii) प्रम नर्ीलम ् (iii) बलिरहतम ्
(ख) ्
सततं चक्रवत परिवतशमानाः :-
(i) रनिििम ् (ii) ्
चक्रम एव (iii) ्
भ्रमन-कालाः
(ग) ् रण कुवाक्यािं च सौहृदम :-
कलहािारन हमयाश ्
(i) गृहारण (ii) रमत्रारण (iii) प्रासादााः
(घ) ्
आपदां तिरणाः ध ैयशम :-
(i) नौका (ii) इच्छा (iii) अरनच्छा

**********