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पप्रेमच

गगोददान
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www.hindikosh.in
Godan
By Premchand

Devanagari text reconstituted from the roman transcription made


under the direction of Professors T. Nara and K. Machida of
the Institute for Study of Languages http://www.aa.tufs.ac.jp/ and
Cultures of Asia and Africa at Tokyo University of Foreign
Studies.

यननीकगोडड संस्करण: संजय खतनी.2012

Unicode Edition: Sanjay Khatri, 2012

5888 पस्तकक पकदाशनदाधधिकदार मक्तक ं ैक्ययोंकक इसककी पकदाशनदाधधिकदार


अवधधि समदाप्त ंगो चककीक ं ैं।
This work is in the public domain in India because its term
of copyright has expired.

आवरण धिचत ससौजन्य (पप्रेमचंद):Wikipedia.org


Cover Image by Sanjay Khatri: Based on image
from http://animalphotos.info.

ह ंंददीकगोश

Hindikosh.in

http://www.hindikosh.in
पप्रेमचंद
गगोददान

ंगोरदीरदाम नप्रे दगोनयों ब ैलयों कगो सदाननी-पदाननी दप्रे कर अपननी सस्तनी नयदा सप्रे क ंदा-- गगोबर
कगो ऊख गगोड़नप्रेभप्रेज दप्रे नदा। म ैंन जदानप्रेकब लसौटंड।ं।ँज़रदा मप्रेरदी लदाठठी दप्रे दप्रे।

23 नयदा कप्रे दगोनयों ंदाथ गगोबर सप्रे भरप्रे थप्रे। उपलप्रे पदाथकर आयनी थनी।
--बगोलदीअरप्रे , ककछ रस-पदाननी तगो कर लगो। ऐसनी जल्ददी क्यदा ं ै।

ंगोरदी नप्रेअपनप्रेझररययोंंक सप्रेभरप्रे ंकए मदाथप्रेकगो ससकगोड़कर क ंदा -- तझप्रेकरस-पदाननी ककी


पड़नी ं ै,मझप्रेकय धिचन्तदा ं ैकक अबप्रेर ंगो गयनी तगो मदासलक सप्रेभभट न ंगोगनी।
असनदान-पजदाड करनप्रेलगभ ग, तगो घंटयों ब ैठप्रे बनीत जदायगदा।

'इसनी सप्रेतगो क तनी ंड,क।ँंकछ जलपदान कर लगो। और आज न जदाओगप्रेतगो कसौन रज़


ंगोगदा। अभनी तगो परसयों गयप्रे थप्रे।'

'तडजगो बदात न ंनींसमझतनी, उसमभ टदाड।ँग क्ययों अड़दातनी ं ै भदाई! मप्रेरदी लदाठठी दप्रे दप्रे औ अपनदा कदाम
दप्रे ख। य इसनी समलतप्रे-जलतप्रेकर नप्रेकदा परसदाद ं ैकक अब तक जदान बचनी ंकई ं ै। न ंनींक
ंनींपतदा न लगतदा कक कककर गयप्रे। गदाड।ँव मभ इतनप्रेआदमनी तगो ं ैं,ककस पर बप्रेदख़लदी न ंनीं
आयनी,ककस पर ककड़ककी न ंनींआयनी। जब दसरप्रेड कप्रे पदाड।ँवयों-तलप्रेअपननी गददन दबनी ंकई ं ै,तगो उन
पदाड।ँवयों कगो स लदानप्रेमभंनी ककशल ं ै।'

5888 नयदा इतननी व्यव ंदार-ककशल न थनी। उसकदा ववचदार थदा कक मनप्रेज़मनींददार कप्रे
खप्रेत जगोतप्रे, तगो ैंव अपनदा लगदान ंनी तगो लप्रेगदा। उसककी ख़शदामद क क्ययों करभ ,उसकप्रे तलवप्रे क्ययों
स लदायभ। यद्यवप अपनप्रे वववदाह त जनीवन कप्रे इन बनीस बरसयों मभ उसप्रे अच्छठी तर अनभवक
ंगो गयदा थदा कक चदा ंप्रेककतननी ंनी कतर-ब्ययोंत करगो, ककतनदा ंनी पप्रेट-तन कदाटगो, चदा ंप्रे
एक-एक कसौड़नी कगो ददाड।ँत सप्रे पकड़गो;मगर लगदान बप्रेबदाक़ ंगोनदा
मश्ककलक ं ै। ककर भनी व ंदार न मदानतनी थनी, और इस ववषय पर स्तनी-पंकष मभ
आयप्रे हदन संगदाम छड़दा र तदा थदा। उसककी छछः सन्तदानयों मभ अब कप्रे वल तनीन श्ज़न्ददा
ं ैं,एक लड़कदा गगोबर कगोई सगोल सदाल कदा, और दगो लड़ककयदाड।ँ सगोनदा और ंडपदा,
बदार और आठ सदाल ककी। तनीन लड़कप्रे बचपन ंनी मभ मर गयप्रे। उसकदा मन आज
भनी क तदा थदा, अगर उनककी दवदाददाड ंगोतनी तगो वप्रे बच जदातप्रे;पर व एक संप्रेलप्रेककी
दवदा भनी न म।ँग
ड वदा सककी थनी। उसककी ंनी उम्र अभनी क्यदा थनी। छत्तनीसवदाड।ँंनी सदाल
तगो थदा; पर सदारप्रे बदाल पक गयप्रे , थप्रेचरप्रे पर झररदयदाड।ँंकपड़ गयनी थनीं। सदारदी दप्रे ढल
गयनी थनी, व सदरं ंक गप्रेकआ।ँरड ं ग स।ँव
ड लदा गयदा थदा और आड।ँखयों सप्रेभनी कम सझनप्रेडलगदा
थदा। पप्रेट ककी धिचंतदा ंनी कप्रे कदारण तगो। कभनी तगो जनीवनकदा सखक न समलदा। इस
धिचरस्थदायनी जनीणदाणदवस्थदा नप्रे उसकप्रे -आतसम ममंदान कगो उददासनीनतदा कदा ंडप दप्रे हदयदा
थदा। श्जस ग ं ृस्थनी मभ पप्रेट ककी रगोहटयदाड।ँभनी न समलभ ,उसकप्रे सलए इतननी ख़शदामद क
क्ययों? इस पररश्स्थ त सप्रे उसकदा मन बरदाबर ववदगो ककयदा करतदा थदा। और दगो चदार
घड़ककयदाड।ँंकखदा लप्रेनप्रेपर ंनी उसप्रेयथदाथद कदा जदान ंगोतदा थदा।

उसनप्रे परदास्त ंगोकर ंगोरदी ककी लदाठठी,समरजई, जतप्रेड,पगड़नी और तमदाखडकदा बटकआ


लदाकर सदामनप्रे पटक हदयप्रे।

ंगोरदी नप्रे उसककी ओर आड।ँखभ तरप्रे र कर-- क्यदादा ससरदालक जदानदा ं ैजगो पदाड।ँचयों पगोसदाक
लदायनी ं ै? ससरदालक मभ भनी तगो कगोई जवदान सदालदी-सल ज न ंनीं ब ैठठी, श्जसप्रे ै जदाकर
हदखदाऊड।ँ ।

ंगोरदी कप्रे ग रप्रे सदाड।ँवलप्रे,पचकप्रे ंकए चप्रेरप्रेपर मस्करदाक ट ककी मदृतदाक झलक पड़नी।

23 नयदा नप्रेलजदातप्रे ंकए क ंदा -- ऐसप्रे ंनी तगो बड़प्रे सजनीलप्रे जवदान गो कक सदालदी-
सल जभ तम मंक ंभदप्रेख कर रदीझ जदायगनी!ंड।ँ

ंगोरदी ननप्रेटदी ंकई समरजई कगो बड़नी सदाववदाननी सप्रेत करकप्रे खदाट पर रखतप्रे ंकए
5888 ंदा -- तगो क्यदा तडसमझतनी ं ै,म ैंबढ़दाड ंगो गयदा? अभनी तगो चदालदीस भनी न
ंनीं ंकए। मदद सदाठप्रे पर पदाठप्रे ंगोतप्रे ं ैं।

'जदाकर सनीसप्रेमभम।ँं
ड कदप्रेखगो। तम-क ज ैसप्रेमददसदाठप्रे पर पदाठप्रे न ंनीं ंगोतप्रे। दद-ड घनी अंजन लगदानप्रे
तक कगो तगो समलतदा न , ंनींपदाठप्रे ंयोंगप्रे! तम मंक ंदारदी दशदा दप्रे ख-दप्रे खकर तगो म ैं और भनी
सखनीड जदातनी ंडकक।ँ भगवदान णय बढ़दापदाक क ैसप्रेकटप्रे गदा? ककसकप्रे द्वदार पर भनीख
मदाड।ँगभगप्रे?'
ंगोरदी ककी व क्षणणक मदृतदाक यथदाथदककी इस आड।ँच मभ ज ैसप्रेझलसक गयनी। लकड़नी
स।ँभ
ड दालतदा ंकआ बगोलदा -- सदाठप्रे तक प ंकड।ँचनप्रेककी नसौबत न आनप्रेपदायप्रेगनी सं नयदा!
इसकप्रे प लप्रे ंनी चल दभ गप्रे।

23 नयदा नप्रे तरस्कदार ककयदा-- अच्छदा र नप्रे दगो,मत असभक म।ँं


ड कसप्रे नकदालगो।
तमसप्रेक कगोई अच्छठी बदात भनी क ंप्रे, तगो लगतप्रे ंगो कगोसनप्रे।

ंगोरदी लदाठठी कं संप्रे पर रखकर घर सप्रे नकलदा,तत नयय दयर पर खड़ड़ उसस दसर
तक दप्रे खतनी र ंनी। उसकप्रे इन नरदाशदा-भरप्रे शब्दयों ननप्रे नयदा कप्रे चगोट खदायप्रे ए हृदय
ंक
मभ आतंकमय कं-सदापनडदाल हदयदा थदा। व ज ैसप्रे अपनप्रे नदारदीत्व संपकप्रेणदत ड प और
व्रत सप्रे अपनप्रे प त कगो अभय-ददान दप्रे र ंनी थनी। उसकप्रे अंतछःकरण सप्रे ज ैसप्रे आशनीवदादद
कदा व्यड-सदा नकल कर ंगोरदी कगो अपनप्रे अन्दर छपदायप्रे लप्रेतदा थदा। ववपन्नतदा कप्रे
इस अथदा सदागर मभ सगो ंदाग ंनी तण थदा, श्जसप्रेपकड़प्रे ए व सदागर कगो पदार

ं ृ ंक
कर र ंनी थनी। इन असंगत शब्दयों नप्रे यथदाथदकप्रे नकट ंगोनप्रे पर भनी मदानगो झटकदा
दप्रे कर उसकप्रे ंदाथ सप्रे व तनकप्रे कदा स ंदारदा छठीन लप्रेनदा चदा ंदा बश्ल्क यथदाथद कप्रे
नकट ंगोनप्रे कप्रे कदारण ंनी उनमभ इतननी -वप्रेदनदाशश्क्त आ गयनी थनी। कदानदा क नप्रे सप्रे
कदानप्रेकगो जगो दछःखक ंगोतदा ं ै,व क्यदा दगो आड।ँखयोंवदालप्रे आदमनी कगो ंगो सकतदा?
ं ै
ंगोरदी क़दम बढ़दायप्रे चलदा जदातदा थदा। पगडंडनी कप्रे दगोनयों ओर ऊख कप्रे वपसौयों ककी

ल रदातनी ई ररयदालदी दप्रे ख कर उसनप्रेमन मभ क ंदा -- भगवदान णक ंनींगगौं सप्रेबरखदा


ंक
कर दभ और डदाडड़ ।ँ नी भनी सभनीतप्रेकसप्रेर ंप्रे,तगो एक गदाय ज़रड लप्रेगदा। दप्रे शनी गदायभ तगो न
दद ड दभ न उनकप्रे बछवप्रे ंनी ककसनी कदाम कप्रे ंयों। ब त आ तगो तप्रेलदी कप्रे कगोल म मभ
ंक ंक ंड
चलप्रे। न , पछदाईं गदाय लप्रेगदा। उसककी ख़ब सप्रेवदा करप्रे गदा। कछ न ंनींतगो चदार-
ंनींव
ंड ंक
पदाड।ँच सप्रेर दद ड ंगोगदा। गगोबर ददक ड प्रे सलए तरस-तरस कर र जदातदा ं ै। इस उसमर
मभ न खदायदा-वपयदा, तगो ककर कब खदायप्रेगदा। सदाल-भर भनी दद ड पनी लप्रे,तगो दप्रे खनप्रे लदायक़
ंगो जदाय। बछवप्रे भनी अच्छप्रे ब ैल नकलभगप्रे। दगो ससौ सप्रे कम ककी गयोंई। ककरन, ंगोगनी
गऊ सप्रे ंनी तगो द्वदार ककी सगोभदा ं ै। सबप्रेरप्रे-ंप्रेगऊ कप्रे दशदन ंगो जदाय ंड।ँतगो क्यदा
क नदा। न जदानप्रेकब य ससदा परदीड ंगोगनी, कब शकभ हदन आयप्रेगदा!

र एक ग ं ृस्थ ककी भदाड।ँत ंगोरदी कप्रे मन मभ भनी गऊ ककी लदालसदा धिचरकदाल सप्रे

संधिचत चलदी आतनी थनी। य ंनी उसकप्रे जनीवन कदा सबसप्रे बड़दा स्वप्न,सबसप्रे बड़नीससदा
थनी। ब ैंक सद ड सप्रेच ैन करनप्रेयदा ज़मनीन ख़रदीदनप्रेयदा म ल बनवदानप्रेककी ववशदाल
आकदांक्षदाएड।ँ उसकप्रे -सप्रेनन म हृदयभ मभ क ै सप्रे समदातनीं।

जप्रेठ कदा सयदआ


ड मयों कप्रे झरमकटक मभ सप्रे नकलकर आकदाश पर छदायनी ंकई लदासलमदा
कगो अपनप्रे रजत-पतदाप सप्रेतप्रेज पददान करतदा ंकआ ऊपर चढ़ र ंदा थदा और वदा मभ
गमनीणदआनप्रे लगनी थनी। दगोनयों ओर खप्रेतयों मभ कदाम करनप्रेवदालप्रे ककसदान उसप्रे दप्रे खकर रदाम-
रदाम करतप्रे और सम्मदान-भदाव सप्रे धिचलम पनीनप्रे कदा नमंतण दप्रे तप्रे;पर थप्रेगोरदी कगो इतनदा
अवकदाश क ंदाड।ँथदा। उसकप्रे अंदर ब ैठठी कई सम्मदान-लदालसदा ऐसदा आदर पदाकर उसकप्रे
सखप्रेम
ड खक पर गवदककी झलक प ैददा कर र ंनी थनी। मदासलकयों सप्रेसमलतप्रे-जलतप्रेकर नप्रे ंनी कदा
तगो य पसदाद ं ैकक सब उसकदा आदर करतप्रे ं ैं। न ंनींउसप्रे कसौन पछतदाड? पदाड।ँच बनीघप्रे कप्रे
ककसदान ककी बबसदात ंनी? क्यदा कम आदर न ंनीं ं ै कक तनीन-तनीन, चदार-चदार लवदालप्रेम
तगो भनी उसकप्रे सदामनप्रेससर झकदातप्रेक ं ैं।

अब व खप्रेतयों कप्रे बनीच ककी पगडंडनी छगोड़कर एक खलप्रेटदी मभ आ , गयदाजदाड।ँथदा


बरसदात मभ पदाननी भर जदानप्रेकप्रे कदारण तरदी र तनी थनी और जप्रेठ मभ ककछ ररयदालदी
नज़र आतनी थनी। आस-पदास कप्रे गदाड।ँवयों ककी गउएड।ँ य ंदाड।ँ चरनप्रे आयदा करतनी थनीं। उ
समय मभ भनी य ंदाड।ँककी वदा मभ ककछ तदाज़गनी और ठं डक थनी। ंगोरदी नप्रेदगो-तनीन सदाड।ँसभ
ज़गोर सप्रे लदीं। उसकप्रे जनी मभ , कआयदाकछदप्रे र य ंनींबठ
ै जदाय। हदन-भर तगो ल-ंडलपट मभ
मरनदा ं ै ंनी। कई ककसदान इस गड्ढप्रे कदा पटदा सलखदानप्रे कगो त ैयदार थप्रे। अच्छठी रक़म
दप्रे तप्रे ; थप्रेपर ईकवर भलदा करप्रे रदाय सदा ब कदा कक उन म ंयोंनप्रे सदाफ़ क हदयदा,
ज़मनीन जदानवरयों ककी चरदाई कप्रे सलए छगोड़ ददी गयनी ं ै और ककसनी ददाम पर भनी न
उठदायनी जदायगनी। कगोई स्वदाथनी ज़मनींददार ंगोतदा, तगो क तदा, गदायभ जदाएड।ँ भदाड़,मभ
ंकपए समलतप्रे , क्ययोंं ैं छगोड़भ। पर रदाय सदा ब अभनी तक परदाननीक मयदादंदा नभदातप्रेआतप्रे
ं ैं। जगो मदासलक पजदा कगो न पदालप्रे,व भनी कगोई आदमनी ं ै?

5888 सदा उसनप्रे दप्रे खदा,भगोलदा अपननी गदायभ सलयप्रे इसनी तरफ़ चलदा आ र ंदा ं ै।
भगोलदा इसनी गदाडव
।ँ सप्रेसमलप्रे ंकए परवप्रेककदा ग्वदालदा थदा और दद-ड मक्खन कदा व्यवसदाय
करतदा
थदा। अच्छदा ददाम समल जदानप्रे पर कभनी-कभनी ककसदानयों कप्रे ंदाथ गदायभ बप्रेच भनी दप्रे तदा
थदा। ंगोरदी कदा मन उन गदाययों कगो दप्रे ख कर ललचदा गयदा। अगर भगोलदा व आगप्रेवदालदी
गदाय उसप्रे दप्रे तगो क्यदा क नदा! ंकपए आगप्रे पनीछप्रे दप्रे तदा र ग
प्रे दा। व जदानतदा थदा घर मप्रे
ंकपए न ंनीं , अभनी ैं तक लगदान न ंनींचकदायदाक जदा सकदा, बबसप्रेसर सदा कदा दप्रे नदा भनी
बदाक़की ं ै,श्जस पर आनप्रेकपए कदा सद ड चढ़ र ंदा ं ै; लप्रेककन दररदतदा मभ जगो एक
पकदार ककी अदरदसशदतदाड ंगोतनी ं ै,व नलदज्जतदा जगो तक़दाज़प्रे,गदालदी और मदार सप्रे भनी
भयभनीत न ंनीं ंगोतनी,उसनप्रे उसप्रे पगोत्सदाह त ककयदा। बरसयों सप्रे सजगो सदामन कगो
आंदगोसलत कर र ंनी थनी,उसनप्रे उसप्रे ववचसलत कर हदयदा।

भगोलदा कप्रे समनीप जदाकर बगोलदा-- रदाम-रदाम भगोलदा भदाई, क ंगो क्यदा रं ग- ं ै। सनदाक
ढं ग अबककी मप्रेलप्रे सप्रे नयनी गदायभ लदायप्रे ंगो।

भगोलदा नप्रे ंडखदाई सप्रे जवदाब हदयदा। गोरदी कप्रे मन ककी बदात उसनप्रे तदाड़ लदी-- थनीदाड।ँ, दगो ब
छयभ और दगो गदायभ लदायदा।ंप्रेवदालदीप गदायभसब सखड गयनी थनीं। ब।ँसड ंनी पर दद ड न प
ंकड।ँचप्रेतगो गज़रु क ैसप्रे ंगो।

ंगोरदी नप्रेआनप्रेवदालदी गदाय कप्रे पठप्रेक पर ंदाथ रखकर क ंदा -- दददारु तगो मदालमड ंगोतनी
ं ै। ककतनप्रे मभ ? लदी

भगोलदा नप्रे शदान जमदायनी-- अबककी बदाज़दार बड़दा तप्रेज़ र ंदा म तगो,इसकप्रे अस्सनी ंकपए
दप्रे नप्रे पड़प्रे। आड।ँखभ नकल गयनीं।-तनीस ंकपएतनीस तगो दगोनयों कलगोरयों कप्रे हदयप्रे। तस पर गदा
क ंकपए कदा आठ सप्रेर दद ड मदाड।ँगतदा ं ै।

'बड़दा भदारदी कलप्रेजदा ं ैतमक लगोगयों कदा भदाई, लप्रेककन ककर लदायप्रे भनी तगो व मदाल कक
य ंदाड।ँ दस-पदाड।ँच गदाड।ँवयों मभ तगो ककसनी कप्रे पदास नकलप्रेगनी' न ंनीं।

भगोलदा पर नशदा चढ़नप्रे लगदा। बगोलदा-- रदाय सदा ब इसकप्रे ससौ ंकपए दप्रे तप्रेथ। दगोनयों
कलगोरयों कप्रे पचदास-पचदास ंकपए, लप्रेककन मनप्रेन हदयप्रे। भगवदान णनप्रेचदा ंदा, तगो
ससौ ंकपए इसनी ब्यदान मभ पनीट लंडगदा।ं।ँ

'इसमभ क्यदा संदप्रे ं ै भदाई! मदासलक क्यदा खदाकप्रे लभगप्रे। नज़रदानप्रे, तगोमभ समल जदाय
भलप्रेलप्रेलभ। य तम मंक ंनींलगोगयों कदा गददाद क ं ैकक अड।ँजलदीक-भर ंकपए तक़ददीर कप्रे भरगोसप्रे
धिगन दप्रे तप्रे ंगो। य ंनी जनी चदा तदा ं ैकक इसकप्रे दरसन
करतदा र ंड।ं।ँसंन्य ं ैतम मंक ंदारदा
जनीवन कक गउओं ककी इतननी सप्रेवदा करतप्रे ंगो। मभ तगो गदाय कदा गगोबर भनी मयस्सर
23ंनीं। धिगरस्त कप्रे घर मभ एक गदाय भनी , नतगो ककतननीगो लज्जदा ककी बदात ं ै।
सदाल-कप्रे-सदाल बनीत जदातप्रे , गगोरस ैं कप्रे दरसन न ंनीं ंगोतप्रे। घरवदालदीबदार-बदार क तनी
ं ै,भगोलदा भ ैयदा सप्रेक्ययों न ंनींक तप्रे। म ैंक दप्रे तदा ंड,कभनीभीँ समलभग तगो क ंडगदा।ं।ँ
तम मंक ंदारप्रे सभदावक सप्रेबड़नी परसन र तनी ं ै। क तनी ं ै, ऐसदा मदद ंनी न ंनीं दप्रे खदा कक
जब बदातभ करभ गप्रे,ननीचनी आड।ँखभ ,कभनीरकप्रे ससर न ंनीं उठदातप्रे।'

भगोलदा पर जगो नशदा चढ़ र ंदा थदा , उसप्रेइस भरपरू प्यदालप्रे नप्रे और ग रदा कर हदयदा।
बगोलदा -- भलदा आदमनी व ंनी ं ै ,जगो दसरयोंंड ककी ब ंड -बप्रेटदी कगो अपननी ब ंड -बप्रेटदी
समझप्रे। जगो दष्टक ककसनी मप्रेररयदा ककी ओर तदाकप्रे, उसप्रे गगोलदी मदार दप्रे नदा चदाह ए।

'य तमनप्रेकलदाख ंकपयप्रेककी बदात क ददी भदाई। बस सज्जन व ंनी, जगो दसरयोंंड ककी
आबड कगो अपननी आबड समझप्रे।'

'श्जस तर मदद कप्रे मर जदानप्रे सप्रे औरत अनदाथ ंगो जदातनी,उसनी औरत कप्रे
ं ैतर
मर जदानप्रे सप्रे मदद कप्रे-पदाड।ँवदाथ टडट जदातप्रे ं ैं। मप्रेरदा तगो घर उजड़ गयदा म तगो, कगोई
एक लगोटदा पदाननी दप्रे नप्रेवदालदा भनी न ' ंनीं।
गत वषदभगोलदा ककी स्तनी लडलग जदानप्रेसप्रेमर गयनी थनी। य ंगोरदी जदानतदा थदा,

लप्रेककन पचदास बरस कदा खंखड़ भगोलदा भनीतरसप्रे इतनदा श्स्नग मसं , व ै न जदानतदा
थदा। स्तनी ककी लदालसदा उसककी आड।ँखयों मभ सजल ंगो गयनी थनी। ंगोरदी कगो आसन
समल
गयदा। उसककी व्यदाव ंदाररक कषक-बवव सजग ंगो गयनी।
ं ृ ंक
'परदाननीक मसल झठठीड थगोड़नी ं ै-- बबन घरननी घर भतड कदा डप्रेरदा। क ंनींसगदाई न ंनीं
ठठीक कर लप्रेतप्रे?'
'तदाक मभ ंडम।ँ तगो, पर कगोई जल्ददी संड।ँसतदा न ंनीं। ससौ-पचदास ख़रच करनप्रे कगो भनी

त ैयदार ंड।ं।ँज ैसनी भगवदान णककी इच्छदा।'

'अब म ैंभनी कफ़कद मभ र ंडगदा।ं।ँ भगवदान णचदा ंभग, तगो जल्ददी घर बस जदायगदा।'

'बस य ंनी समझ लगो कक उबर जदाऊड।ँगदा भ ैयदा! घर मभ खदानप्रेकगो भगवदान णकदा
हदयदा ब ंकत ं ै। चदार पसप्रेरदी रगोज़ दद ड गो जदातदा ं ै,लप्रेककन ककसकदाम कदा।'

'मप्रेरप्रेससरदालक मभ एक मप्रेररयदा ं ै। तनीन-चदार सदाल ंक ए, उसकदा आदमनी उसप्रे छगोड़-कर


कलकत्तप्रेचलदा गयदा। बप्रेचदारदी वपसदाई करकप्रे गज़रु कर र ंनी ं ै । बदाल -बच्चदा भनी
कगोई न ंनीं। दप्रे खनप्रे-सकनप्रेमभअच्छठी ं ै। बस, लच्छमनी समझ लगो।'
भगोलदा कदा ससककड़दा ंकआ चप्रेरदा ज ैसप्रेधिचकनदा गयदा। आशदा मभ ककतननी ससदाक ं ै। बगोलदा
5888 अब तगो तम मंक ंदारदा ंनी आसरदा ं ैम तगो! छकटदी ंगो, तगो चलगो एक हदन दप्रे ख
आयभ।

'म ैं ठठीक-ंदाक करकप्रे तब तमसप्रेकक ंडगदा।ं।ँ ब ंक त उतदावलदी करनप्रेसप्रेभनी कदाम


बबगड़ जदातदा ं ै।'

'जब तम मंक ंदारदी इच्छदा ंगो तब चलगो। उतदावलदी कदा ंप्रेककी। इस कबरदी पर
मन ललचदायदा ंगो, तगो लप्रे लगो।'

'य गदाय मप्रेरप्रेमदान ककी न ंनीं ं ैददाददा। म ैंतम मंक ंभनक़सदानक न ंनींप ंकड।ँचदानदा चदा तदा।
अपनदा संरम य न ंनीं ं ै कक समतयों कदा गलदा दबदायभ। ज ैसप्रे इतनप्रे हदन,व ैसप्रेबनीतप्रे ं ैं और
भनी बनीत जदायभगप्रे।'

'तमक तगो ऐसनी बदातभ करतप्रे ंगो ंगोरदी, ज ैसप्रे -तममक दगो ं ैं। तमक गदाय लप्रेजदाओ, ददाम जगो
चदा ंप्रे दप्रे नदा। ज ैसप्रेघरमप्रेरप्रेनी, व ैसप्रेतम मंक ंदारप्रे घर र ंनी। अस्सनी ंक पए मभ लदी थनी, तमक
अस्सनी ंकपयप्रे ंनी दप्रे दप्रेनदा। जदाओ।'

'लप्रेककन मप्रेरप्रे पदास नगद न ंनीं ,ं ैसमझददाददा

लगो।' 'तगो तमसप्रेकनगद मदाड।ँगतदा कसौन ं ैभदाई!'

ंगोरदी ककी छदातनी गज़-भर ककी ंगो गयनी। अस्सनी ंकपए मभ गदाय म।ँग ड नी न थनी। ऐसदा
अच्छदा डनील-डसौल, दगोनयों जडन मभ -छछःसदात सप्रेर दद,ड ससनीनी ऐसनी कक बच्चदा भनी द क लप्रे।
इसकदा तगो एक-एक बदाछदा ससौ-ससौ कदा ंगोगदा। द्वदार पर ब।ँसड ंप्रेगनी तगो द्वदार ककी शगोभदा
बढ़ जदायगनी। उसप्रे अभनी कगोई चदार ससौ ंकपए दप्रे नप्रे; लप्रेककनथप्रे सउदार कगो व एक तर
सप्रेमफ़्तक समझतदा थदा। क ंनींभगोलदा ककी सगदाई ठठीक ंगो गयनी तगो सदाल दगो सदाल तगो
23 बगोलप्रेगदा भनी न ंनीं। सगदाई न भनी ंकई, तगो ंगोरदी कदा क्यदा बबगड़तदा ं ै। य ंनी तगो
ंगोगदा, भगोलदा बदार-बदार तगदाददा करनप्रे आयप्रेगदा,बबगड़प्रेगदा,गदासलयदाड।ँ दप्रे गदा। लप्रेककन ंगोरदी

कगो इसककी ज़्यदाददा शमदन थनी। इस व्यव ंदार कदा व आददी थदा। क ृषक कप्रे जनीवन
कदा तगो य पसदाद ं ै। भगोलदा कप्रे सदाथ व छल कर र ंदा थदा और य व्यदापदार उसककी
मयदाददादकप्रे अनककडल थदा। अब भनी लप्रेन-दप्रे न मभ उसकप्रे सलए -सलखदापढ़दी ंगोनप्रे और न
ंगोनप्रेमभकगोई अंतर न थदा। सखप्रे-ड बड़प्रेडककी ववपददाएड।ँउसकप्रे मन कगो भनी, बनदायप्रे
र तनी थनीं। ईकवर कदा रसौद ंडप सद ै व उसकप्रे सदामनप्रे र तदा थदा। पर य छल उसककी
ननी त मभ छल न थदा। य कप्रे वल स्वदाथद-ससवव थनी और य कगोई बरदीक बदात न
थनी। इस तर कदा छल तगो व हदन-रदात करतदा र तदा थदा। घर मभ -दगोचदार ंकपयप्रे पड़प्रे
5888 नप्रे पर भनी म ंदाजन कप्रे सदामनप्रे क़स्मभ खदा जदातदा थदा कक एक पदाई भनी न ंनीं
ं ै। सन कगो ककछ गनीलदा कर दप्रे नदा और ंकई मभ ककछ बबनसौलप्रेभर दप्रे नदा उसककी ननी त मभ
जदायज थदा। और य ंदाड।ँ तगो कप्रे वल स्वदाथदथदा ,नथगोड़दा-सदा मनगोरं जन भनी थदा। बड्ढयोंंक
कदा बढ़भसक ंदास्यदास्पद वस्तक ं ैऔर ऐसप्रेबड्ढयोंंक सप्रेअगर ककछ ऐंठ भनी सलयदा
जदाय, तगो कगोई दगोष-पदाप न ंनीं।

भगोलदा नप्रेगदाय ककी पगह यदा ंगोरदी कप्रे ंदाथ मभ दप्रेतप्रे ंकए क ंदा -- लप्रे जदाओ म तगो,तमक
भनी यदाद करगोगप्रे। ब्यदातप्रे ंनी छछः सप्रेर दद ड लप्रेलप्रेनदा। चलगो, म ैंतम मंक ंदारप्रे घर तक प ंकच
ड।ँ दा
दंड।ं।ँसदाइत तम मंक ंभअनजदान समझकर रदास्तयों मभ ककछ हदक करप्रे । अब तमसप्रेकसच क
तदा ंड,मदासलक।ँ नब्बप्रे ंकपए दप्रे तप्रे,परथप्रेउनकप्रे य ंदाडग ।ँ उओंककी क्यदा क़दर। मझसप्रेक लप्रेकर
ककसनी ंदाककम- ंकक्कदाम कगो दप्रे दप्रेतप्रे। ंदाककमयों कगो गऊ ककी सप्रेवदा सप्रेमतलब। व तगो
ख़नड चसनदाड-भर जदानतप्रे ं ैं।जब तक दद ड दप्रे तनी, रखतप्रे,ककर ककसनी कप्रे ंदाथ
बप्रेच दप्रे तप्रे। ककसकप्रे पल्लप्रेपड़तनी कसौन जदानप्रे। ंकपयदा ंनी सब ककछ न ंनीं ं ैभ ैयदा, ककछ
अपनदा संरम भनी तगो ं ै। तम मंक ंदारप्रे घर आरदाम सप्रेर ंप्रेगनी तगो। य न ंगोगदा कक तमक
आप खदाकर सगो र ंगो और गऊ भखनीड खड़नी र ंप्रे। उसककी सप्रेवदा करगोगप्रे ,चमकदारगोगप्रे।ंक
गऊ मभ आससरवदादगनी।दप्रे तमसप्रेकक्यदा क ंडभ ैयदा।ँ, घर मभ चंगलक भर भनी भसदाड न ंनीं
23 ंदा। ंकपए सब बदाज़दार मभ नकल गयप्रे। सगोचदा थदा म ंदाजन सप्रेककछ लप्रेकर
भसदाड लप्रे लभगप्रे;ककन म ंदाजन कदा प लदा ंनी न ंनींचकदा।ंक उसनप्रेइनकदार कर हदयदा।
इतनप्रे
जदानवरयों कगो क्यदा णखलदावभ ,य ंनी धिचन्तदा मदारप्रे डदालतनी ं ै। चटककीक-चटककीक भर णखलदाऊड।ँ,

तगो मन-भर रगोज़ कदा ख़रच ं ै। भगवदान ण ंनी पदार लगदायभतगो लगप्रे।

ंगोरदी नप्रेस ंदानभक ंडत कप्रे स्वर मभ क ंदा -- तमनप्रेक मसप्रेप लप्रेक्ययों न ंनींक मनप्रे
ंदा? एक गदाड़नी भसदाड बप्रेच हदयदा।

भगोलदा नप्रे मदाथदा ठगोककर क ंदा-- इसनीसलए न ंनींक ंदा भ ैयदा कक सबसप्रेअपनदा दछःखक
क्ययों रगोऊड।ँ । बदाड।ँटतदा कगोई, न।ँडसतप्रेनींसब ं ैं। जगो गदायभसखड गयनी ं ैंउनकदा ग़म
न ंनीं,पत्तनी-सत्तनी णखलदाकर श्जलदा लंडगदा।ँ; लप्रेककन अब य तगो रदा तब बबनदा न ंनीं

सकतनी। ंगो सकप्रे, तगो दस-बड़स पयसभसससकस सलए दसदत।
ककसदान पक्कदा स्वदाथनी ंगो ं ै, इसमभ संदप्रे न ंनीं। उसककी गदाड।ँठ सप्रे ररकवत कप्रे प
तदा
बड़नी मश्ककलक सप्रे नकलतप्रे , भदाव ैं-तदाव मभ भनी व चसौकस ंगोतदा, ब्यदाज ै ककी एक-
एक पदाई छकड़दानप्रेकप्रे सलए व म ंदाजन ककी घंटयों धिचरसौरदी ं ै,जब तक पक्कदा
करतदा
ववकवदास न ंगो जदाय, ककसनी कप्रे संकसलदानप्रेमभन ंनींआतदा, लप्रेककन उसकदा संपणद ड

जनीवन पक त सप्रेस्थदायनी स यगोग ं ै। वक्षयों मभ संल लगतप्रे ं ैं,उन म ंभ जनतदा खदातनी ं ै;
ं ृ ं ृ
खप्रेतनी मभ अनदाज ंगोतदा,व ं ैसंसदार कप्रे कदाम आतदा; गदाय ै कप्रे थन मभ दद ड ंगोतदा
ं ै, ख़द पनीनप्रेन ंनींजदातनी दसरप्रे ंनी पनीतप्रे ं ैं;मप्रेघयों सप्रे वषदाद ंगोतनी,उससप्रे ैपथ्वनी

ंक ंड ं ृ
तप्त ंगोतनी ं ै। ऐसनी संग त मभ कश्त्सत स्वदाथदकप्रे सलए क ंदाडस् ।ँ थदान। ंगोरदी ककसदान
ं ृ ंक
थदा और ककसनी कप्रे जलतप्रेए घर मभ ंदाथ सभकनदा उसनप्रेसनीखदा ंनी न थदा।
ंक
भगोलदा ककी संकट-कथदा सनतप्रे ंनी उसककी मनगोवश्त्त बदल गयनी। पगह यदा कगो भगोलदा
ंक ं ृ
कप्रे ंदाथ मभ लसौटदातदा आ बगोलदा -- ंकपए तगो ददाददा मप्रेरप्रे पदास न ंनीं, ंदाड।ँं ैं थगोड़दा-सदा
ंक
भसदाड बचदा तम मंक ंभदंडगदा।ं।ँ चलकर उठवदा लगो। भसप्रेडकप्रे सलए गदाय बप्रेचगोगप्रे,
ं ै,व तमक
और म ैंलंडगदा।ं।ँ मप्रेरप्रे ंदाथ न कट जदायभग?

भगोलदा नप्रे आदद कं ठ सप्रे --क तदाम मंक ंदारप्रे ब ैल भखयोंंड न मरभ ग! तम मंक ंदारप्रे पदास
भनी ऐसदा कसौन-सदा ब ंकत-सदा भसदाड रखदा ं ै।

'न ंनीं ददाददा,अबककी भसदाड अच्छदा ंगो गयदा थदा।'

'म ैंनप्रेतमसप्रेकनदा क़ भसप्रेडककी चचदादककी।'

'तमक न क तप्रेऔर पनीछप्रे सप्रेमझप्रेकमदाल ंडम ंगोतदा, तगो मझप्रेकबड़दा रं ज ंगोतदा कक तमनप्रेक
मझप्रेकइतनदा ग़ ैर समझ सलयदा। अवसर पड़नप्रेपर भदाई ककी मदद भदाई भनी न करप्रे , तगो
कदाम क ै सप्रे चलप्रे।'

'मददाक य गदाय तगो लप्रेतप्रेजदाओ।'


'अभनी न ंनीं ददाददा,ककर लप्रेलंडगदा।ं।ँ'

'तगो भसप्रेडकप्रे ददाम दद ड मभ कटवदा लप्रेनदा।'


ंगोरदी नप्रेदछःणखतक स्वर मभ क दा -- ददाम-कसौड़नी ककी इसमभ कसौन बदात ं ै ,ददाददाम ैं एक-दगो
जनड तम मंक ंदारप्रे घर खदा लंड,ं।ँतगो तमक मझसप्रेकददाम मदाड।ँगगोगप्रे?

'लप्रेककन तम मंक ंदारप्रे ब ैल भखयोंंड मरभ ग कक न ंनीं?'

'भगवदान णकगोई-न-कगोई सबनील नकदालभग ंनी। असदाढ़ ससर पर ं ै। कड़बनी बगो

लंडगदा।ं।ँ' 'मगर य गदाय तम मंक ंदारदी ंगो गयनी। श्जस हदन इच्छदा ंगो आकर

लप्रेजदानदा।'

'ककसनी भदाई कदा नलदाम पर चढ़दा ंकआ ब ैल लप्रेनप्रेमभजगो पदाप ं ै,व इस समय
तम मंक ंदारदी गदाय लप्रेनप्रेमभं ै।'

ंगोरदी मभ बदाल ककी खदाल नकदालनप्रे ककी शश्क्त , ंगोतनी व ख़कशनी सप्रेगदाय लप्रेकर घर ककी रदा
लप्रेतदा। भगोलदा जब नक़द ंकपए न ंनींमदाड।ँगतदा तगो स्पष्ट थदा कक व भसप्रेडकप्रे सलए गदाय न
ंनीं बप्रेच र ंदा ै,बश्ल्क इसकदा ककछ और आशय ं ै; लप्रेककन ज ैसप्रे पत्तयों कप्रे खड़कनप्रे पर
घगोड़दा अकदारण ंनी हठठक जदातदा ं ै और मदारनप्रे पर भनी आगप्रे क़दम
5888 ंनीं उठदातदा व ंनी दसदा ंगोरदी ककी थनी। संकट ककी चनीज़ लप्रेनदा पदाप,य ं ैबदात
जन्म-जन्मदान्तरयों सप्रे उसककी आत्मदा कदा अंश बन गयनी थनी।

भगोलदा नप्रे गद्गद कं ठ सप्रे क --ंदा तगो ककसनी कगो भप्रेज दंडभ।ँसप्रेडकप्रे सलए?

ंगोरदी नप्रे जवदाब हदयदा-- अभनी म ैंरदाय सदा ब ककी डयगोढ़दी पर जदा र ंदा ंड।ं।ँव
ंदाड।ँसप्रे घड़नी-भर मभ लसौटंडगदा।ँ, तभनी ककसनी कगो भप्रेजनदा।

भगोलदा ककी आड।ँखयों मभ आस।ँभ


ड र आयप्रे। बगोलदा -- तमनप्रेकआज मझप्रेकउबदार सलयदा ंगोरदी
भदाई! मझप्रेअ
क ब मदालमड ंकआ कक म ैंसंसदार मभ अकप्रेलदा न ंनीं ंड।ं।ँमप्रेरदा भनी कगोई ह तड
ं ै।

एक क्षण कप्रे बदाद उसनप्रे ककर क --ंदा उस बदात कगो भलड न जदानदा।

ंगोरदी आगप्रे बढ़दा,तगो उसकदा धिचत्त पसन्न थदा। मन मभ एक ववधिचत स मसंडतद ंगो र
ंनी थनी। क्यदा ंकआ, दस-पदाड।ँच मन भसदाड चलदा जदायगदा, बप्रेचदारप्रे कगो संकट मभ पड़ कर
अपननी गदाय तगो न बप्रेचननी पड़प्रेगनी। जब रप्रे मप्रेपदास चदारदा ंगो जदायगदा,तब गदाय खगोल
लदाऊड।ँगदा। भगवदान णकरभ ,मझप्रेककगोई मप्रेररयदा समल जदाय। ककर तगो कगोई बदात ंनी न ंनीं।
उसनप्रेपनीछप्रे ककर कर दप्रे खदा। कबरदी गदाय पंडछ।ँ सप्रेमश्क्खयदाड।ँउड़दातनी, ससर ह लदातनी,
मस्तदाननी, मंद-ग त सप्रेझमतनीड चलदी जदातनी थनी, ज ैसप्रे बदाड।ँहदययों कप्रे बनीच मभ कगोई रदाननी ंगो। क ै
सदाशकभ ंगोगदा व हदन, जब य कदासमप्रेनकउसकप्रे द्वदार पर ब।ँसड ंप्रेगनी!

***
2
सप्रेमरदी और बप्रेलदारदी दगोनयों अवव-पदांत कप्रे गदाड।ँव ं ैं। श्ज़लप्रे कदा नदाम बतदानप्रे ककी कगोई

ज़डरत न ंनीं। ंगोरदी बप्रेलदारदी मभ र , तदारय ं ैसदा ब अमरपदाल ससं सप्रेमरदी मभ । दगोनयों
गदाड।ँवयों मभ कप्रे वल पदाड।ँच मनील कदा अंतर ं ै। गवपछलप्रे-संगदामसत्यदामभ रदाय सदा ब नप्रे
बड़दा यश कमदायदा थदा। कगौंससल ककी मप्रेम्बरदी छगोड़कर जप्रेल चलप्रे गयप्रे थप्रे। तब सप्रे
उनकप्रे इलदाक़प्रे कप्रे असदासमययों कगो उनसप्रे बड़नी धशदा ंगो गयनी थनी। य न ंनीं कक उनकप्रे
इलदाक़प्रे मभ असदासमययों कप्रे सदाथ कगोई ख़दास ररयदायत ककी जदातनी,यदा डदाड।ँड़गो और
बप्रेगदार ककी कड़दाई कछ कम ंगो; मगर य सदारदी बदनदामनी मख़्तदारयों कप्रे ससर जदातनी
ंक ंक
थनी। रदाय सदा ब ककी ककी तद पर कगोई कलंक न लग सकतदा थदा। व बप्रेचदारप्रे भनी तगो
उसनी व्यवस्थदा कप्रे ग़लदामक थप्रे। ज़दाब्तप्रेकदा कदाम तगो ज ैसप्रे ंगोतदा चलदा आयदा ं ै, व ैसदा
23 ंगोगदा। रदाय सदा ब ककी सज्जनतदा उस पर कगोई असर न डदाल सकतनी थनी;
इससलए आमदननी और अधधिकदार मभ जसौ-भर ककी भनी कमनी न ंगोनप्रे पर भनी उनकदा
यश मदानगो बढ़ गयदा थदा। असदासमययों सप्रेव ंडस
।ँ कर बगोल लप्रेतप्रेथप्रे। य ंनी क्यदा कम
ं ै? ससं कदा कदाम तगो सशकदार करनदा ; ं ैअगर व गरजनप्रेऔर गरदानप्रेककप्रे बदलप्रे मनीठठी
बगोलदी बगोल सकतदा, तगो उसप्रे घर ब ैठप्रे मनमदानदा सशकदार समल जदातदा। सशकदार ककी
खगोज मभ जंगल मभ कनदाभटपड़तदा।

रदाय सदा ब रदाष्रवदाददी ंगोनप्रेपर भनी ंकक्कदाम सप्रेमप्रेल-जगोल बनदायप्रे रखतप्रे थप्रे। उनककी
नज़रभ और डदासलयदाड।ँऔर कमदचदाररययों ककी दस्तररयदाड।ँंडज ैसनी ककी त ैसनी चलदी आतनी थनीं।
सदाह त्य और संगनीत कप्रे पप्रेमनी, डदामदाथप्रे कप्रे शसौक़कीन,अच्छप्रे वक्तदा थप्रे,अच्छप्रे लप्रेखक,
अच्छप्रे नशदानप्रे-बदाज़। उनककी पत्ननी कगो मरप्रे आज दस सदाल ंगो चकप्रेक थप्रे;मगर दसरदीड
शदाददी न ककी थनी। ंड।ँस-बगोलकर अपनप्रेवववरु जनीवन कगो ब लदातप्रेर तप्रेथप्रे।

ंगोरदी ड्यगोढ़दी पर प ंकड।ँचदा तगो दप्रे खदा जप्रेठ कप्रे दश रप्रे कप्रे अवसर पर ंगोनप्रेवदासलप्रेनषक यज
-

ककी बड़नी ज़गोरयों सप्रे त ैयदाररयदाड।ँ ंगो र ंनी ं ैं। कमंचनीं बनरं गर ंदा थदाक ंनीं मंडपक ंनीं
- , ,

मप्रे मदानयों कदा आ तथ्य-ग ं ृ, क ंनींदकदानददारयोंंड कप्रे सलए दकदानभ ।ंड संपड तप्रेज़ ंगो
गयनी थनी; पर रदाय सदा ब ख़द क कदाम मभ लगप्रे ंकए थप्रे। अपनप्रेवपतदा सप्रेसंपश्त्त कप्रे
सदाथ-सदाथ
उन म ंयोंनप्रेरदाम ककी भश्क्त भनी पदायनी थनी और संनषक-यज कगो नदाटक कदा ंडप दप्रे कर उसप्रे
सशष्ट मनगोरं जन कदा ससदान बनदा हदयदा थदा। इस अवसर पर उनकप्रे यदार-दगोस्त,
ंदाककम- ंकक्कदाम सभनी नमंबतत ंगोतप्रेथप्रे। और दगो-तनीन हदन इलदाक़प्रे मभ बड़नी च- ल
प ल र तनी थनी। रदाय सदा ब कदा पररवदार ब ंकत ववशदाल थदा। कगोई डप्रेढ़ ससौ सरददार
एक सदाथ भगोजन करतप्रे थप्रे। कई चचदा , थप्रेदरजनयों चचप्रेरप्रे भदाई,कई सगप्रे भदाई,
बनीससययों नदातप्रे कप्रे भदाई। एक चचदा सदा ब ररदादा कप्रेअनन्य उपदासक थप्रे और बरदाबर
वन्ददाबन ृ मभ र तप्रेथप्रे। भश्क्त-रस कप्रे ककतनप्रे ंनी कववतदा रच डदालप्रे थप्रे और -समय
समय पर उन म ंभछपवदाकर दगोस्तयों ककी भभ ट कर दप्रे तप्रेथप्रे। एक दसरप्रेड चचदा थप्रे,जगो रदाम कप्रे
परमभक्त थप्रे और फ़दारसनी-भदाषदा मभ रदामदायण कदा अनवदाद क कर र ंप्रेथप्रे। ररयदासत
सप्रेसबकप्रे वसनीकप्रे ब।ँसड ंप्रे ंकए थप्रे। ककसनी कगो कगोई कदाम करनप्रे ककी ज़डरत न थनी।

ंगोरदी मंडप मभ खड़दा सगोच र ंदा थदा कक अपनप्रेआनप्रेककी सचनदाड क ैसप्रेदप्रेकक स सदा
रदाय सदा ब सउर ंनी आ नकलप्रे और उसप्रे दप्रे खतप्रे ंनी --बगोलप्रेर! तडआ गयदा ंगोरदी,
म ैंतगो तझप्रेकबलवदानप्रेवदालदाक थदा। दप्रे ख, अबककी तझप्रेकरदाजदा जनक कदा मदालदी बननदा पड़प्रेगदा।
समझ गयदान, श्जस वक़्त जदानककी जनी मंहदर मभ पजदाड करनप्रेजदातनी ं ैं,उसनी
वक़्त तडएक गलदस्तदाक सलयप्रेखड़दा र ंप्रेगदा और जदानककी जनी ककी भभ ट करप्रे गदा। ग़लतनी
5888 करनदा और दप्रे ख,असदासमययों सप्रे तदाककीद करकप्रे क दप्रे नदा कक - कप्रेसब-
सब शगनक करनप्रे आयभ। मप्रेरप्रे सदाथ कगोठठी, तमभ झसप्रेकआककछ बदातभ करननी ं ैं। व आगप्रे -
आगप्रे कगोठठी ककी ओर चलप्रे , ंगोरदी पनीछप्रे -पनीछप्रे चलदा। व ंनीं एक घनप्रेवक्ष ृ ककी छदायदा
मभ एक
करसनी पर ब ैठ गयप्रेऔर ंगोरदी कगो ज़मनीन पर ब ैठनप्रेकदा इशदारदा करकप्रे बगोलप्रे --
ंक
समझ गयदा, म ैंनप्रेक्यदा क ंदा। कदारकन कगो तगो जगो कछ करनदा ं ै,व करप्रे गदा, ंनी
ंक ंक
लप्रेककन असदामनी श्जतनप्रेमन सप्रेअसदामनी ककी बदात सनतदा ं ै,कदारकन ककी न
ंनीं
ंक ंक
सनतदा।ंक मभ इन म ंनींपदाड।ँच-सदात हदनयों मभ बनीस ज़दार कदा पबन मसं करनदा ं ै। क ै सप्रे, ंगोगदा
समझ मभन ंनींआतदा। तमक सगोचतप्रे ंगोगप्रे,मझक टकप्रे कप्रे आदमनी सप्रेमदासलक क्ययों
अपनदा दखड़दाक लप्रेब ैठप्रे। ककससप्रेअपनप्रेमन ककी क ंड?ं।ँन जदानप्रेक्ययों तम मंक ंदारप्रे ऊपर
ववकवदास ंगोतदा ं ै। इतनदा जदानतदा ंडकक।ँ तमक मन पर ंड।ँसगोगप्रेन ंनीं। और
मभ मझक
ंड।ँसगो भनी, तगो तम मंक ंड।ँसनी म ैंवरददाकत कर सकंडगदा।ं।ँ न सकतदा उनककी ंडस
।ँ नी,
ंदारदी ंनींस
जगो अपनप्रे बरदाबर कप्रे , क्ययोंकक ैं उनककी ंड।ँसनी मभ ईष्यदाद,व्यंग और जलन ं ै। और वप्रे
क्ययों न ंड।ँसभग म ैंभनी तगो उनककी दददशदाक और ववपश्त्त और पतन पर ंड।ँसतदा ंड,ं।ँ

हदल खगोलकर, तदासलयदाड।ँ बजदाकर। संपश्त्त और सहृदयतदा मभ व ैर ं ै। म भनी ददान
दप्रे तप्रे, संमद ैं करतप्रे ं ैं। लप्रेककन जदानतप्रे,क्ययों? कप्रेगो वल अपनप्रे बरदाबरवदालयों कगो ननीचदा
हदखदानप्रे कप्रे सलए। मदारदा ददान और संमद कगोरदा अ ंंकदार,ववसश ैक अ म मभ
ंंकदार।
सप्रे ककसनी पर डडगनी ंगो जदाय,क़कक़की आ जदाय, बक़दायदा मदालगज़दारदीक ककी इल्लत मभ
वदालदात ंगो जदाय, ककसनी कदा जवदान बप्रेटदा मर जदाय,ककसनी ककी ववववदा ब ंड
नकल
जदाय, ककसनी कप्रे घर मभ आग लग ,जदायकगोई ककसनी वप्रेकयदा कप्रे ंदाथयों उल्लब
ड न जदाय,
यदा अपनप्रे असदासमययों कप्रे ंदाथयों वपट जदाय,तगो उसकप्रे और सभनी भदाई उस पर ंड।ँसभग
,
बग़लभ बजदायभगप्रे,मदानगो सदारप्रे संंंदार ककी संपददा समल गयनी ं ै। और समलभगप्रे तगो इतनप्रे
पप्रेम सप्रे,ज ैसप्रे मदारप्रे पसनीनप्रेककी जग ख़न ड ब ंदानप्रेकगो त ैयदार ं ैं। अरप्रे , और तगो और,
मदारप्रे चचप्रेरप्रे,ससंकप्रेरप्रे, ममप्रेरप्रे,मसौसप्रेरप्रे भदाई जगो इसनी ररयदासत ककी बदसौलत मसौज उड़दा र ंप्रे
ं ैं,कववतदा कर र ंप्रे ं ैंऔर जएक खप्रेल र ंप्रे ं ैं,शरदाबभ पनी र ंप्रे ं ैं औरशनी ऐयदाकर र ंप्रे
ं ैं,व भनी मझसप्रेकजलतप्रे ं ैं,और आज मर जदाऊड।ँ तगो घनी कप्रे धिचरदाग़ जलदायभ। मप्रेरप्रे
दछःखक कगो दछःखक समझनप्रेवदालदा कगोई न ंनीं। उनककी नज़रयों मभ मझप्रेकदखनीक ंगोनप्रेकदा कगोई
अधधिकदार ंनी न ंनीं ं ै। म ैंअगर रगोतदा ंड,ततोँ दछःखक ककी ंडस
।ँ नी उड़दातदा ंड।ं।ँमअ
ैं गर
बनीमदार ंगोतदा ंड,ततोँ मझप्रेकसखक ंगोतदा ं ै। म ैं अगर अपनदा ब्यदा करकप्रे घर मभ कल
न ंनीं बढ़दातदा तगो य मप्रेरदी ननीच स्वदाथदपरतदा;अगर ै ब्यदा कर लंड,ं।ँतगो व
ववलदासदांसंतदा ंगोगनी। अगर शरदाब न ंनींपनीतदा तगो मप्रेरदी कंजसनीड ं ै। शरदाब पनीनप्रेलगंड,ततोँ
23 पजदा कदा रक्त ंगोगदा। अगर ऐयदाशनी न ंनीं करतदा,तगो अरससक ंड,ऐयदाशनीभीँ करनप्रे
लगंड,ततोँ ककर क नदा ंनी क्यदा। इन लगोगयों नप्रेमझप्रेकभगोग-ववलयस मम समसयनसकस सलए
कम चदालभ न ंनीं चलदीं और अब तक चलतप्रे जदातप्रे ं ैं। उनककी य ंनी इच्छदा ं ै कक
अन मसंदा ंगो जदाऊड।ँऔर यप्रेलगोग मझप्रेलट लभ ,और मप्रेरदा संमदय ं ैकक सब कछ
ंक ंड ंक
दप्रे खकर भनी ककछ न दप्रे ख।ंडं।ँसब ककछ जदानकर भनी धगदा बनदा र ंड।ं।ँ
रदाय सदा ब नप्रेगदाड़नी कगो आगप्रेबढ़दानप्रेकप्रे सलए दगो बनीड़प्रेपदान खदायप्रेऔर ंगोरदी कप्रे म।ँं
ड क

ककी ओर तदाकनप्रे लगप्रे,ज ैसप्रे उसकप्रे मनगोभदावयों कगो पढ़नदा चदा तप्रे ंयों।

ंगोरदी नप्रे सदा स बटगोरकर क ंदा-- म समझतप्रे थप्रे कक ऐसनी बदातभ मनीं लगोगयों मभ ंगोतनी
ं ैं,पर जदान पड़तदा ं ै, बड़प्रे आदसमययों मभ उनककी कमनी न ंनीं ं ै।

रदाय सदा ब नप्रेम।ँं


ड कपदान सप्रेभरकर क ंदा -- तमक मभ बड़दा आदमनी समझतप्रे ंगो?
मदारप्रे नदाम बड़प्रे, पर ैंदशदन थगोड़प्रे। ग़रदीबयों मभ अगर ईष्यदाद यदा व ैर ं ै तगो स्वदाथद क
सलए यदा पप्रेट कप्रे सलए। ऐसनी ईष्यदादऔर व ैर कगो म ैंक्षम्य समझतदा ंड।ं।ँ मदारप्रे म।ँं
ड क
ककी रगोटदी कगोई छठीन लप्रे तगो उसकप्रे गलप्रे उड।ँ गलदीमभ डदालकर नकदालनदा मदारदा संमद ंगो
जदातदा ं ै। अगर म छगोड़ दभ ,तगो दप्रे वतदा ं ैं। बड़प्रे आदसमययों ककी ईष्यदाद और व ैर कप्रे वल
आनंद कप्रे सलए ं ै। म इतनप्रे बड़प्रे आदमनी ंगो गयप्रे ं ैं कक मभ ननीचतदा और
ककहटलतदा मभ ंनी नछःस्वदाथदऔर परम आनंद ं ै। म दप्रे वतदापन कप्रे उस दजप्रे
समलतदा
पर प ंड।ँच गयप्रे ं ैंजब मभ दसरयोंंड कप्रे रगोनप्रेपर ंड।ँसनी आतनी ं ै। इसप्रेतमक छगोटदी
ंक
ससदानदा मत समझगो। जब इतनदा बड़दा कटम्ब ं ै,तगो कगोई-न-कगोई तगो मप्रेशदा बनीमदार
ंकक
र ंप्रेगदा ंनी। और बड़प्रे आदसमययों कप्रे रगोग भनी बड़प्रे ंगोतप्रे ं ैं। व बड़दा आदमनी, ड़ कयय
श्जसप्रेकगोई छगोटदा रगोग ंगो। मदामलदीड ज्वर भनी आ जदाय, तगो मभ सरसदाम ककी दवदा ददी
जदातनी संं भनी नकल आयप्रे,तगो व ज़ रबदाद बन जदातनी ं ै। अब छगोटप्रे
ं ै,मदामलदीड सनीक
सजदन और मझगोलप्रेसजदन और बड़प्रेसजदन तदार सप्रेबलदायप्रेकजदा र ंप्रे ं ैं,मसनी लमल्कक
ंक
कगो लदानप्रे कप्रे सलए हदल्लदी आदमनी भप्रे ज दा जदा र , कगो लदानप्रे कप्रे सलए
ंदाभवषचदायद ै
कलकत्तदा। सउर दप्रे वदालय मभ दगदादपदाठ ंगो र ं ैऔर ज्यगो तषदाचदायदकंडलदी कदा
ंदा
ंक ंक
ववचदार कर र ंप्रे ं ैंऔर तंत कप्रे आचदायदअपनप्रेअनष्ठदानक मभ लगप्रे ए ं ैं।
रदाजदा
ंक
सदा ब कगो यमरदाज कप्रे म।ँं
ड कसप्रे नकदालनप्रेकप्रे सलए दसौड़ लगनी ईं ै। व ैद्य और
ंक
डदाक्टर इस तदाक मभ र तप्रे ं ैं कक कब ससर मभ ददद ंगो और कब घर मभ
उनकप्रे
ककी वषदाद ंगो। और यप्रे ंकपएतमसप्रेकऔर तम मंक ंदारप्रे भदाइययों सप्रेवसलड ककयप्रेजदातप्रे ं ैं,भदालप्रे
ककी नगोक पर। मझप्रेकतगो य ंनी आकचयद ं ैकक क्ययों तम मंक ंदारदी आ ंयों कदा
ंगोतदा ददावदानल
मभ भस्म न ंनीं कर डदालतदा;मगर न ंनीं,आकचयद करनप्रे ककी कगोई बदात न ंनीं। भस्म
ंगोनप्रेमभतगो ब त दप्रे र न ंनींलगतनी, वप्रेदनदा भनी थगोड़नी ंनी दप्रे र ककी ंगोतनी ै। म जसौ-जसौ
ंक
और अंगलक-अंगलक और पगोर-पगोर भस्म ंगो र ं ैं। उस ंदा ंदाकदार सप्रे बचनप्रे कप्रे सलए
ंप्रे
म ककी, क्कदाम ककी, अददालत ककी, वककीलयों ककी शरण लप्रेतप्रे ं ैं। और ंडपवतनी
पसलसक
ंक
स्तनी ककी भदाड।ँत सभनी कप्रे ंदाथयों कदा णखलसौनदा बनतप्रे ं ैं। द ंकनयदा ं ै, म बड़प्रे
समझतनी
सखनीक ं ैं। मदारप्रे पदास इलदाक़प्रे, म ल, सवदाररयदाड।ँ,नसौकर-चदाकर, क़रज़, वप्रेकयदाएड।ँ,क्यदा न ंनीं
ं ैं,लप्रेककन श्जसककी आत्मदा मभ बल न ंनीं,व और चदा ंप्रेकछ ंगो,
,नअसभमदाननीं
ंक
आदमनी न ंनीं ं ै। कप्रे भय कप्रे मदारप्रे रदात कगो ननींद न आतनी ंगो, श्जसकप्रे
श्जसप्रेदकमनक
दछःखक पर सब ंड।ँसभऔर रगोनप्रेवदालदा कगोई न ंगो, श्जसककी चगोटदी दसरयोंंड कप्रे प ैरयों कप्रे
ननीचप्रे
दबनी ंगो, जगो भगोग-ववलदास कप्रे नशप्रेमभअपनप्रेकगो बबलकल भल गयदा ंगो, क्कदाम
जगो
ंक ंड ंक
कप्रे तलवप्रेचदाटतदा ंगो और अपनप्रेसअनीनयों कदा ख़नड चसतदाड ंगो, उसप्रेमस
ैं खनीक न ंनीं
क तदा। व तगो संसदार कदा सबसप्रे अभदागदा पदाणनी ं ै। सदा ब सशकदार खप्रेलनप्रे आयभ यदा
दसौरप्रे पर,मप्रेरदा कतदव्य ं ैकक उनककी कप्रे पनीछप्रे लगदा र ंड।ं।ँउनककी ंयों पर
दमक भगौं सशकन
पड़नी और मदारप्रे पदाण सखप्रे।ंड उन म ंभपसन्न करनप्रेकप्रे सलए म क्यदा न ंनींकरतप्रे।
मगर व पचड़दा सनदानप्रेकलगंडततोँ शदायद तम मंक ंभववकवदास न आयप्रे। डदासलययों
और
ररकवतयों तक तगो ख़ ैर ग़ननीमत , ं ैम ससजदप्रे करनप्रे कगो भनी त ैयदार र तप्रे ं ैं।
मफ़्तख़गोरदीक नप्रे मभ अपंग बनदा हदयदा ं ै, मभ अपनप्रेपंकषदाथदपर लप्रेशमदात भनी
ववकवदास न ंनीं,कप्रेवल अफ़सरयों कप्रे सदामनप्रेदमक ह लदा-ह लदाकर ककसनी उनकप्रे
तर
कपदापदात बनप्रेर नदा और उनककी स ंदायतदा सप्रेअपननी पजदा पर आतंक ज़मदानदा ंनी
ं ृ
मदारदा उद्यम ं ै। वपछलगओंंकककी नप्रे मभइतनदा असभमदाननी और
ख़शदामद क
तनकसमज़दाजक बनदा हदयदा ं ैकक ममभ शनील,ववनय और सप्रेवदा कदा लगोप ंगो गयदा ं ै।
म ैं तगो कभनी-भनी सगोचतदा ंडकक।ँ अगर मदारप्रे इलदाक़प्रे छठीनकर मभ अपननी
सरकदार
रगोज़नी कप्रे सलए मप्रे नत करनदा ससखदा दप्रे तगो मदारप्रे सदाथ म ंदान उपकदार,औरकरप्रे य
तगो नकचय ं ै कक अब सरकदार मदारदी रक्षदा न करप्रे गनी। मसप्रे अब उसकदा कगोई
भनी
स्वदाथद न ंनीं नकलतदा। लक्षण क र ंप्रे ं ैंकक त जल्द मदारप्रे वगदककी स्तनी

ंक
समट जदानप्रेवदालदी ं ै। म ैंउस हदन कदा स्वदागत करनप्रेकगो त ैयदार ब ैठदा ंड।ं।ँईकवर व
हदन जल्द लदायप्रे। व मदारप्रे सउदार कदा हदन ंगोगदा म पररस्थ तययों कप्रे सशकदार

बनप्रे ए ं ैं। पररश्स्थ त मदारदा सवदनदाश कर ंनी ं ैऔर जब तक संपश्त्त
य ंनी र
ंक
ककी य बप्रेड़नी मदारप्रे प ैरयों सप्रे न नकलप्रेगनी,जबतक य असभशदाप मदारप्रे ससर पर
म।ँड ड रदातदा र म मदानवतदा कदा व पद न पदा सकभगप्रेश्जस पर प ंड।ँचनदा ंनी जनीवन
ंप्रेगदा,
कदा अं तम लक्ष्य ं ै। ंक

रदाय सदा ब नप्रे ककर धिगलसौरदी-ददान नकदालदा और कई धिगलसौररयदाड।ँनकदालकर म।ँं


ड कमभ

भर लदीं। ककछ और क नप्रेवदालप्रे थप्रे कक एक चपरदासनी नप्रे आकर क-- ंदासरकदार


बप्रेगदारयों नप्रे कदाम करनप्रे सप्रे इनकदार कर हदयदा ं ै। क,जबतप्रे तक ैं मभ खदानप्रे कगो न समलप्रेगदा
म कदाम न करभ गप्रे। मनप्रे संमकदायदा,तगोसब कदाम छगोड़कर अलग ंगो गयप्रे।

रदाय सदा ब कप्रे मदाथप्रे पर बल पड़ गयप्रे। आड।ँखभ नकदालकर--चलगोबगोलप्रे,म ैंइन दष्टयोंंक


कगो ठठीक करतदा ंड।ं।ँजब कभनी खदानप्रेकगो न ंनींहदयदा , तगो आज य नई बदात क्ययों ?
एक आनप्रेरगोज़ कप्रे ह सदाब सप्रेमजरदीड समलप्रेगनी , जगो मप्रेशदा समलतनी र ंनी ; ं ैऔर इस
मजरदीड पर उन म ंभकदाम करनदा ंगोगदा, ससनीप्रे करभ यदा टप्रे ढ़प्रे।

ककर ंगोरदी ककी ओर दप्रे खकर बगोलप्रे -- तमक अब जदाओ ंगोरदी, अपननी त ैयदारदी करगो। जगो
बदात म ैंनप्रेक ंनी ं ै ,उसकदा ख़यदाल रखनदा। तम मंक ंदारप्रे गदाड।ँव सप्रेमझप्रेक
क म-सप्रे-कम पदाड।ँच
ससौ ककी आशदा ं ै।

रदाय सदा ब झल्लदातप्रे ंकए चलप्रेगयप्रे।

ंगोरदी नप्रे मन मभ सगोचदा,अभनी य क ै सनी-क ै सनी ननी त और संरम ककी बदातभ कर र ंप्रे थप्रे
और एकदाएक इतनप्रे गरम ंगो गयप्रे!

सयदससर पर आ गयदा थदा। उसकप्रे तप्रेज सप्रेअसभभत ंगोकर वक्षयों नप्रेअपनदा पसदार
ंड ंड ं ृ
समप्रेट सलयदा थदा। आकदाश पर समटयदालदा आ थदा और सदामनप्रेककी पथ्वनी
गददछदायदा
कदाड।ँपतनी ई जदान पड़तनी थनी। ंक ं ृ
ंक
ंगोरदी नप्रेअपनदा डंडदा उठदायदा और घर चलदा। शगनड कप्रे ंकपयप्रेक ंदाड।ँसप्रेआयभग, य
ंनी धिचंतदा उसकप्रे ससर पर सवदार थनी।

***
3

ंगोरदी अपनप्रे गदाड।ँव कप्रे समनीप।ँच


कड दा, तगो दप्रे खदा,अभनी तक गगोबर खप्रेत मभ ऊख गगोड़ र ंदा
ं ैऔर दगोनयों लड़ककयदाड।ँभनी उसकप्रे सदाथ कदाम कर र ंनी ं ैं। लडचल र ंनी थनी, बगलप्रेड
उठ र ंप्रे थप्रे,भतलड ससंक र ंदा थदा। ज ैसप्रेपक ृत नप्रेवदायकमभआग घगोल हदयदा ंगो।
य सब अभनी तक खप्रेत मभ क्ययों? क्यदा ैंकदाम कप्रे पनीछप्रे सब जदान दप्रे नप्रेपर तलप्रेक
ंकए ं ैं?व खप्रेत ककी ओर चलदा और दरू ंनी सप्रेधिचल्लदाकर बगोलदा -- आतदा क्ययों न ंनीं
गगोबर, क्यदा कदाम ंनी करतदा र ंप्रेगदा? दगोप र ढल गयदा, ककछ सझतदाड ं ैकक न ंनीं?

उसप्रेदप्रेखतप्रे ंनी तनीनयों नप्रेककददालभउठदा लदींऔर उसकप्रे सदाथ ंगो सलयप्रे। गगोबर सदाड।ँवलदा,
लम्बदा, एक रदा यवकक थदा, श्जसप्रे इस कदाम सप्रेधिचक न मदालमड ंगोतनी थनी। पसन्नतदा
ककी जग मखक पर असंतगोष और ववदगो थदा। व इससलयप्रेकदाम मभ लगदा ंकआ थदा
5888 व हदखदानदा चदा तदा थदा, उसप्रे खदानप्रे-पनीनप्रे ककी कगोई कफ़क्र न ंनीं ं ै। बड़नी
लड़ककी सगोनदा लज्जदा-शनील ककमदारदी थनी, सदाड।ँवलदी,डसौलक, पसन्न और चपल। गदाढ़प्रे ककी
लदाल
सदाड़नी श्जसप्रेव घटनयोंंक सप्रेमगोड़ कर कमर मभ बदाड।ँसप्रे ंकए थनी, उसकप्रे लकप्रे शरदीर पर ककछ
लददी ंकई सनी थनी, और उसप्रे पसौढ़तदा ककी गररमदा दप्रे र ंनी थनी। छगोटदी ंडपदा पदाडच ।ँ -छछः
सदाल ककी छगोकरदी थनी, म ैलदी,ससर पर बदालयों कदा एक घयोंसलदा-सदा बनदा ंकआ, एक
ल।ँ ग
ड गोटदी कमर मभ बदाड।ँसंप्रे,ब ंकत ंनी ढदीठ और रगोननी।

ंडपदा नप्रे ंगोरदी ककी टदाड।ँगयोंमभ सलपट कर क --ंदा कदाकदा! दप्रे खगो,म ैनप्रे एक ढप्रे लदा भनी न ंनीं
छगोड़दा। ब न क तनी ं ै,जदा पप्रेड़ तलप्रेब ैठ। ढप्रे लप्रेन तगोड़प्रेजदायगप्रे।ँडकदाकदा, तगो समटदी क ै सप्रे बरदाबर
ंगोगनी।

ंगोरदी नप्रेउसप्रेगगोद मभ उठदाकर प्यदार करतप्रे ंकए क ंदा -- तनप्रेडब ंकत अच्छदा
ककयदा बप्रेटदी,चल घर चलभ।

ककछ दप्रे र अपनप्रेववदगो कगो दबदायप्रे र नप्रे कप्रे बदाद गगोबर बगोलदा--य तमक रगोज़-रगोज़
मदासलकयों ककी ख़शदामद क करनप्रेक्ययों जदातप्रे ंगो? बदाक़की न चकप्रेक तगो प्यदाददा आकर
गदासलयदाड।ँसनदातदाक ं ै,बप्रेगदार दप्रे ननी ंनी पड़तनी, नज़र ै -नज़रदानदा सब तगो मसप्रे भरदायदा
जदातदा ं ै। ककर ककसनी ककी क्ययों सलदामनी करगो!

इस समय य ंनी भदाव ंगोरदी कप्रे मन मभ भनी आ र ; लप्रेककनथप्रे लड़कप्रे कप्रे इस ववदगो-
भदाव कगो दबदानदा ज़डरदी थदा।
बगोलदा -- सलदामनी करनप्रेन जदाय,ंड।ँतगो र ंभक ंदाड।।ँ भगवदान णनप्रेजब ग़लदामक बनदा हदयदा
23 तगो अपनदा क्यदा बस ं ै। य इसनी सलदामनी ककी बरकत ं ै कक द्वदार पर मड़ ैयदा
डदाल लदी और ककसनी नप्रेककछ न ंनींक ंदा। घरप्रेड नप्रेद्वदार पर खटदांडं।ँ गदाड़दा थदा, श्जस पर
कदाररं दयों नप्रे दगो ंकपए डदाड।ँड़ लप्रे सलयप्रे थप्रे। तल ैयदा सप्रे ककतननी समटदी, कदाररं ददामनप्रे खगोददी
नप्रेककछ न ंनींक ंदा। दसरदाड खगोदप्रे तगो नज़र दप्रे ननी पड़प्रे। अपनप्रेमतलब कप्रे सलए सलदामनी
करनप्रेजदातदा ंड,पदाड।ँव।ँ मभ सननीचर न ंनीं ं ैऔर न सलदामनी करनप्रेमभकगोई बड़दा सखक समलतदा ं ै।
घंटयों खड़प्रेरगो, तब जदाकप्रे मदासलक कगो ख़बर ंगोतनी ं ै। कभनी बदा र नकलतप्रे , कभनी ैं क लदा
दप्रे तप्रे ं ैंकक फ़करसत न ंनीं ं ै।

गगोबर नप्रे कटदाक्ष ककयदा-- बड़प्रे आदसमययों ककी -ंदाड।ँमभ-ंदाड।ँसमलदानप्रेमभककछ-न-ककछ


आनंद तगो समलतदा ंनी ं ै। न ंनीं लगोग मप्रेम्बरदी कप्रे सलए क्ययों ?खड़प्रे ंयों

'जब ससर पर पड़प्रेगनी तब मदालमड ंगोगदा बप्रेटदा, अभनी जगो चदा ंप्रे क लगो। प लप्रे म ैं भनी
य ंनी सब बदातभ सगोचदा करतदा ;थदापर अब मदालमड ंकआ कक मदारदी गरदन दसरयोंंड
कप्रे प ैरयों कप्रे ननीचप्रेदबनी ंकई ं ैअकड़ कर नबदा न ंनीं ंगो सकतदा।'

वपतदा पर अपनदा कक्रगो उतदारकर गगोबर ककछ शदांत ंगो गयदा और चपचदापक चलनप्रे
लगदा। सगोनदा नप्रे दप्रे खदा,ंडपदा बदाप ककी गगोद मभ चढ़दी ब ैठठी ं ैतगो ईष्यदाद ंकई।

उसप्रे डदाड।ँटकर बगोलदी--अब गगोद सप्रे उतरकर पदाड।ँव-पदाड।ँव क्ययों न ंनीं चलतनी,क्यदा पदाड।ँव टडट
गयप्रे ं ैं?

ंडपदा नप्रे बदाप ककी गरदन मभ ंदाथ डदालकर हढठदाई सप्रे --क नदा उतरभ गप्रे जदाओ।
कदाकदा, ब न मकगो रगोज़ ं ैकक तडपदा ं ै,म ैंसगोनदा ंड।ं।ँमप्रेरदा नदाम ककछ
धिचढ़दातनी और रख दगो।

ंगोरदी नप्रे सगोनदा कगो बनदावटदी रगोष सप्रे दप्रे खकर क-- ंदातडइसप्रेक्ययों धिचढ़दातनी ं ै
सगो नयदा? सगोनदा तगो दप्रे खनप्रे कगो ं ै। नबदा तगो ंडपदा सप्रे ंगोतदा ं ै। ंडपदा, तगोन ंकपएगो
क ंदाड।ँ सप्रे , बनभतदा।

सगोनदा नप्रे अपनप्रे पक्ष कदा समथदन ककयदा--सगोनदा न ंगो मगो न क ै सप्रे ब,नंप्रेथन
क यदाड।ँ
क ंदाड।ँ सप्रे ,आयभकंठदा क ै सप्रे ?बनस
गगोबर भनी इस ववनगोदमय वववदाद मभ शरदीक ंगो गयदा। ंडपदा सप्रे बगोलदा--तडक दप्रे
कक सगोनदा तगो सखनीड पत्तनी ककी तर पनीलदा ं ै,ंडपदा तगो उजलदा ंगोतदा
ं ैज ैसप्रेसरज।ंड
सगोनदा बगोलदी -- शदाददी-ब्यदा मभ पनीलदीसदाड़नी प ननी जदातनी ं ै,उजलदी सदाड़नी कगोई ंनीं

प नतदा।

ंडपदा इस दलदील सप्रे परदास्त ंगो गयनी। गगोबर और ंगोरदी ककी कगोई दलदील इसकप्रे
सदामनप्रे न ठ र सककी। उसनप्रे क्षकब मसं आड।ँखयों सप्रे ंगोरदी कगो दप्रे खदा।

ंगोरदी कगो एक नयनी यश्क्तक सझड गयनी। बगोलदा -- सगोनदा बड़प्रे आदसमययों कप्रे सलए ं ै।
5888 ग़रदीबयों कप्रे सलए तगो ंडपदा ंनी ं ै। ज ैसप्रे जसौ कगो रदाजदा क,
गतप्रेंडकतोँं ैंचमदार; इससलए न कक गप्रेंडबड़ड़आदमनी खदातप्रे ं ैं,जसौ म लगोग खदातप्रे ं ैं।

सगोनदा कप्रे पदास इस सबल यश्क्तक कदा कगोई जवदाब न थदा। परदास्त ंगोकर बगोलदी
-- तमक सब जनप्रेएक ओर ंगो गयप्रे,न ंनीं ंकवपयदा कगो ंकलदाकर छगोड़तनी।

ंडपदा नप्रे उड।ँ गलदी मटकदाकर क-- ंदाए रदाम, सगोनदा चमदार -- ए रदाम, सगोनदा चमदार।
इस ववजय कदा उसप्रेइतनदा आनन्द ंकआ कक बदाप ककी गगोद मभ र न सककी। ज़मनीन

पर कडद पड़नी और उछल-उछलकर य ंनी रट लगदानप्रे लगनी-- ंड पदा रदाजदा, सगोनदा


चमदार -- ंडपदा रदाजदा, सगोनदा चमदार!

यप्रेलगोग घर प ंकड।ँचप्रे तगो सं नयदा द्वदार पर खड़नी इनककी बदाट जगो र ंनी थनी। ंकष्ट
ंगोकर बगोलदी -- आज इतननी दप्रे र क्ययों ककी गगोबर? कदाम कप्रे पनीछप्रे कगोई परदान थगोड़प्रे ंनी
दप्रे दप्रे तदा ं ै।

ककर प त सप्रे गमद ंगोकर क --ंदा तमक भनी व ंदाड।ँसप्रेकमदाई करकप्रे लसौटप्रे तगो खप्रेत मभ प
ंकड।ँच गयप्रे। खप्रेत क ंनींभदागदा जदातदा थदा!

द्वदार पर ककआड।ँथदा। ंगोरदी और गगोबर नप्रेएक-एक कलसदा पदाननी ससर पर उड।ँ ड़प्रेलदा,
ंडपदा कगो न लदायदा और भगोजन करनप्रे गयप्रे। जसौ ककी रगोहटयदाड।ँ;परथनींगप्रेंड-ज ैसनीभीँ सफ़प्रेद क
और धिचकननी। अर र ककी ददाल थनी श्जसमभ कच्चप्रेआम पड़प्रे ंकए थप्रे। ंडपदा बदाप ककी
थदालदी मभ खदानप्रेब ैठठी। सगोनदा नप्रेउसप्रेईष्यदार-णभरदी आड।ँखयों सप्रेखदा,दप्रे मदानगो क र ंनी थनी, वदा
रप्रे दलदार!ंक

सं नयदा नप्रेपछदाड -- मदासलक सप्रे क्यदा बदात-चनीत ई?


ंक
ंगोरदी नप्रे लगोटदा-भर पदाननी चढ़दातप्रे ए क ंदा -- य ंनी त सनील- ककी बदात थनी और
वसलड
ंक
क्यदा। म लगोग समझतप्रे , बड़प्रेआ ैं दमनी ब त सखनीक ंयोंगप्रे;लप्रेककन सच पछगोड, तगो व
ंक
मसप्रेभनी ज़्यदाददा दछःखनीक ं ैं। मभ अपनप्रे पप्रेट ंनी ककी धिचन्तदा,उन मंभ ं ै ज़दारयों
धिचन्तदाएड।ँ
घप्रेरप्रे र तनी ं ैं।
रदाय सदा ब नप्रे और क्यदा-क्यदा क ंदा थदा, कछ ंगोरदी कगो यदाद न थदा। उस सदारप्रे

ंक
कथन कदा ख़लदासदाक-मदात उसकप्रे स्मरण मभ धिचपकदा आ र गयदा थदा।
ंक
गगोबर नप्रे व्यंग्य ककयदा-- तगो ककर अपनदा इलदाक़दा मभ क्ययों न ंनीं दप्रे दप्रे तप्रे! म अपन
खप्रेत,ब ैल, ल, कददाल सब उन म ंभदप्रेनप्रेकगो त ैयदार ं ैं। करभ ग बदलदा? सब संतदतदा ं ै,

ंक ंड
नरदी मगोटमरददी। श्जसप्रेदछःखक ंगोतदा दरजनयों मगोटरभ न ंनीं रखतदा,म लयों मभ न ंनीं
ं ै,व
र तदा, लवदा-परदीड न ंनींखदातदा और न नदाच-रं ग मभ सलप्त र तदा ं ै। मज़प्रेरदाज सप्रेकदा
सखक भगोग र ंप्रे ं ैं,उस पर ं ैं!
दखनीक
ंगोरदी नप्रेझ।ँ झ
ड लदाकरु क ंदा -- अब तमसप्रेकब स कसौन करप्रे भदाई! ज ैजदात ककसनी सप्रे

छगोड़नी जदातनी ं ै कक व ंनी छगोड़ दभ गप्रे। मनीं कगो खप्रेतनी सप्रे क्यदा ?समलतदाएकआनप्रे ै
नफ़रदी ककी मजरदीड भनी तगो न ंनींपड़तनी। जगो दस ंकपए म ंनीनप्रेकदा भनी नसौकर ं ै,व
भनी मसप्रेअच्छदा खदातदा-प नतदा ं ै,लप्रेककन खप्रेतयों कगो छगोड़दा तगो न ंनीं जदातदा। खप्रेतनी
छगोड़ दभ ,तगो और करभ क्यदा?नसौकरदी क ंनीं समलतनी ? ं ैककर मरजदाद भनी तगो ंनी
पदालनदा
पड़तदा ं ै। खप्रेतनी मभ जगो मरजदाद ं ै व नसौकरदी मभ तगो न ंनीं ं ै। इसनी तर ज़मनीं
कदा ंदाल भनी समझ लगो! उनककी जदान कगो भनी तगो स ैकड़यों रगोग लगप्रेए ं ैं,ंदाककमयों
ंक
कगो रसद प ंड।ँचदाओ, उनककी सलदामनी करगो, अमलयों कगो ख़शक करगो। तदारदीख़
पर
ंक
मदालगज़दारदी न चकदा दभ ,तगो वदालदात ंगो जदाय , कड़ककी आ मभ तगो कगोई
जदाय।
ंक ंक ंक
वदालदात न ंनीं लप्रे जदातदा। -दगोचदार गसलयदाड।ँ-घड़ककयदाड।ँंकनी तगो जदातनी ं ैं।
समलकर र

गगोबर नप्रे प तवदाद ककयदा-- य सब क नप्रे ककी बदातभ ं ैं। म लगोग-ददानप्रेददानप्रेकगो


मत
क दाज ं ैं,दप्रे पर सदाबबत कपड़प्रे न ंनीं,चगोटदी ैंकदा पसनीनदा एड़नी तक आतदा ं ै, तब
भनी गज़रु न ंनीं ंगोतदा। उन म ंभक्यदा, मज़प्रे सप्रे गदनी-मसनद लगदायप्रे ब ैठप्रे,स ैकड़योंं ैं नसौकर-
चदाकर ं ैं,ज़दारयों आदसमययों पर ंककडमत ं ै। ंकपए न जमदा ंगोतप्रे ंयों; पर सखक
तगो सभनी तर कदा भगोगतप्रे ं ैं। संन लप्रेकर आदमनी और क्यदा करतदा? ं ै

'तम मंक ंदारदी समझ मभ म और बरदाबर ं ैं?'


'भगवदान णनप्रेतगो सबकगो ंनी ं ै।'


बरदाबर बनदायदा

'य बदात न ंनीं ं ै बप्रेटदा,छगोटप्रे -बड़प्रे भजवदान कप्रे घर सप्रे बनकर आतप्रे ं ैं। संपश्त्त बड़नी
तपस्यदा सप्रेसमलतनी ं ै। उन म ंयोंनप्रेपवदजन्मड मभ ज ैसप्रे कमद ,ककयप्रेउनकदा आनंद ैं भगोग
र ंप्रे ं ैं। मनप्रेककछ न ंनींसंचदा, तगो भगोगभ क्यदा?

'य सब मन कगो समझदानप्रेककी बदातभ ं। ैं भगवदान णसबकगो बरदाबर बनदातप्रे ं ैं। य ंदाड।ँ
श्जसकप्रे ंदाथ मभ लदाठठी,व ं ैग़रदीबयों कगो ककचलकर बड़दा आदमनी बन जदातदा ं ै।'

'य तम मंक ंदारदा ं ै। मदासलक आज भनी चदार घंटप्रेरगोज़ भगवदान णकदा भजन करतप्रे
भरम
ं ैं।'

'ककस बल पर य भजन-भदाव और ददान-सं ंगोतदा ?'ं ै


कप्रे मद

'अपनप्रे बल पर।'

'न ंनीं ,ककसदानयों कप्रे बल पर और मज़दरयोंंड कप्रे बल पर। य पदाप कदा सं न


पचप्रेक ैसप्रे? इसनीसलए ददान-संमद करनदा पड़तदा , भगवदान ै णकदा भजन भनी इसनीसलए
ंगोतदा ं ै ,भखप्रेड-नंगप्रेर कर भगवदान णकदा भजन करभ ,तगो म भनी दप्रे खभ। मभ कगोई दगोनयों
जनड खदानप्रे कगो दप्रे तगो म आठयों प र भगवदान णकदा जदाप ंनी करतप्रेर ंभ। एक हदन
खप्रेत मभ ऊख गगोड़नदा पड़प्रेतगो सदारदी भश्क्त भलड जदाय।'

ंगोरदी नप्रे ंदार कर क ंदा-- अब तम मंक ंदारप्रे म।ँं


ड ककसौन लगप्रेभदाई, तकम तगो भगवदान
णककी लदीलदा मभ भनी टदाडग
।ँ अड़दातप्रे ंगो।
तनीसरप्रे प र गगोबर ककददाल लप्रेकर चलदा, तगो म भनी
चलतप्रे ं ैं। तब तक थगोड़दा-स भसदाड
नकदालकर रख दगो। म ैंनप्रेभगोलदा कगो दप्रे नप्रे
ंगोरदी नप्रे क ंदा-- ज़रदा ठ र जदाओ बप्रेटदा,
कगो क ंदा ं ै। बप्रेचदारदा आजकल ब ंकत ं ै।
तंग
गगोबर नप्रे अवजदा-भरदी आड।ँखयोंसप्रे दप्रे खकर क --ंदा मदारप्रे पदास बप्रेचनप्रेकगो भसदाड न ंनीं ं ै।

'बप्रेचतदा न ंनीं ंडभदाई, ययों ंनी दप्रे र ंदा ंड।ं।ँव संकट मभ ं ै,उसककी मदद तगो करननी ंनी
पड़प्रेगनी।'

23 मभ तगो उन म ंयोंनप्रे कभनी एक गदाय न ंनीं दप्रे ' ददी।

'दप्रे तगो र ंदा थदा;पर मनप्रे लदी ंनी न ंनीं।'

23 नयदा मटक्कर बगोलदी -- गदाय न ंनीं व दप्रे र ंदा थदा। इन म ंभ गदाय दप्रे दप्रे गदा! आड।ँख म
अंजन लगदानप्रेकगो कभनी धिचल्लड-भर दद ड तगो भप्रेजदा न ंनीं,गदाय दप्रे गदा!

ंगोरदी नप्रे क़सम खदायनी-- न ंनीं,जवदाननी क़सम, अपननी पछदाई गदाय दप्रे र ंप्रे थप्रे। ंदाथ
तंग , भ ैसदाड-चदारदा न ंनींरख सकप्रे। अब एक गदाय बप्रेचकर भसदाड लप्रेनदा चदा तप्रे ं ैं। म ैंनप्रे
सगोचदा, संकट मभ पड़प्रेआदमनी ककी गदाय क्यदा लंडगदा।ं।ँ थगोड़दा-सदा भसदाड हदयप्रेदप्रेतदा
ंड,क।ँंकछ ंकपए ंदाथ आ जदायगप्रे।ँडतगो गदाय लप्रेलंडगदा।ं।ँ थगोड़दा-थगोड़दा करकप्रे चक
क दा
दंडगदा।ं।ँ अस्सनी ंकपए ककी ं ै; मगर ऐसनी कक आदमनी दप्रे खतदा र ंप्रे।

गगोबर नप्रे आड़प्रे ंदाथयों सलयदा-- तम मंक ंदारदा य ंनी संमदात्मदादपन तगो तकम म ंदारदी दगदतक कर
र ंदा
ं ै। सदाफ़-सदाफ़ तगो बदात ं ै। अस्सनी ंकपए ककी गदाय , ं ैमसप्रेबनीस ंकपए कदा भसदाड लप्रे

लभओर गदाय मभ दप्रेदभ। सदाठ ंकपए र जदायगप्रे।ँड,व म संनीरप्रे -संनीरप्रे दप्रे दभ गप्रे।

ंगोरदी र स्यमय ढं ग सप्रेमस्ककरदायदा -- म ैंनप्रे ऐसनी चदाल सगोचनी ं ै कक गदाय-मभ तसभत


मभ ंदाथ आ जदाय। क ंनीं भगोलदा ककी सगदाई ठठीक करननी , ं ैबस। दगो-चदार मन भसदाड
तगो ख़दालदी अपनदा रं ग जमदानप्रेकगो दप्रे तदा ंड।ं।ँ

गगोबर नप्रे तरस्कदार ककयदा-- तगो तमक अब सब ककी सगदाई ठठीक करतप्रेककरगोगप्रे?

5888 नयदा नप्रे तनीखनी आड।ँखयों सप्रे --दप्रे खदाअब य ंनी एक उद्यम तगो र गयदा ं ै। न
ंनीं दप्रे नदा ं ै मभभसदाड ककसनी कगो। य ंदाड।ँ भगोलदी-भदालदी ककसनी कदा करज़ न ंनीं खदायदा
ं ै।
ंगोरदी नप्रे अपननी सफ़दाई ददी-- अगर मप्रेरप्रे जतन सप्रे ककसनी कदा घर बस
जदाय,तगो इसमभ कसौन-सनी बरदाईक ं ै?
गगोबर नप्रेधिचलम उठदाई और आग लप्रेनप्रेचलदा गयदा। उसप्रेय झमप्रेलदा बबल्ककल न ंनीं
भदातदा थदा।

23 नयदा नप्रेससर ह लदा कर क ंदा -- जगो उनकदा घर बसदायप्रेगदा,व अस्सनी


ंकपए ककी गदाय लप्रेकर चपक न ंगोगदा। एक थ ैलदी धिगनवदायप्रेगदा।

ंगोरदी नप्रेपचदारदाक हदयदा -- य म ैंजदानतदा ंड;लप्रेककन।ँ उनककी भलमनसनी कगो भनी तगो
दप्रे खगो। मझसप्रेकजब समलतदा ं ै,तप्रेरदा बखदान ंनी --ं ै ऐसनी लक्ष्मनी ं ै,ऐसनी
करतदा
सलदीकप्रे-ददार ं ै।
सं नयदा कप्रे पर श्स्नग मसंतदा झलक पड़नी। मनभदाय मडड़यदाक ह लदायप्रेवदालप्रेभदाव सप्रे
मखक
बगोलदी -- म ैंउनकप्रे बखदान ककी भखनीड न ंनीं ंड,अपनदा।ँ बखदान संरप्रे र ंभ।
ंगोरदी नप्रे स्नप्रे-भरदी मस्कदानक कप्रे सदाथ क ंदा म ैंनप्रे तगो क हदयदा,भ ैयदा,व नदाक पर
--
मक्खनी भनी न ंनीं ब ैठनप्रे ,दप्रे तनीगदासलययों सप्रेबदात करतनी ं ै; लप्रेककन व य ंनी क ंप्रे
जदाय
कक व औरत न ंनीं लक्षमनी ं ै। बदात य ं ै कक उसककी घरवदालदी ज़बदान ककी बड़नी
तप्रेज़ थनी। बप्रेचदारदा उसकप्रे डर कप्रे मदारप्रे -भदागदाककरतदा थदा। क तदा थदा, श्जस हदन
तम मंक ंदारदी घरवदालदी कदा म।ँं
ड कसबप्रेरप्रेदप्रेख ंड,उस।ँ हदन ककछ-न-ककछ ज़डर ंदाथ
लप्रेतदा
लगतदा ं ै। म ैंनप्रे --क तदाम मंक ंदारप्रे ंदाथ ंगोगदा, य ंदाड।ँ तगो रगोज़ दप्रे खतप्रे,कभनी ैंप ैसप्रे
लगतदा
सप्रे भभ ट न ंनीं ंगोतनी।
'तम मंक ंदारप्रे भदाग ंनी खगोटप्रे ं ैं,तगो म ैंक्यदा क।ँड ।'

'लगदा अपननी घरवदालदी ककी बरदाईक करनप्रे -- सभखदारदी कगो भनीख तक न ंनीं दप्रे तनी ,थनी
झदाड़ड लप्रेकर मदारनप्रेदसौड़तनी थनी, लदालधिचन ऐसनी थनी कक नमक तक दसरयोंंड कप्रे घर
सप्रे मदाड।ँग लदातनी थनी!'

'मरनप्रेपर ककसनी ककी क्यदा बरदाईक क।ँड ।मझप्रेकदप्रेखकर जल उठतनी थनी।'


'भगोलदा बड़दा ग़मख़गोर थदा कक उसकप्रे सदाथ नबदा कर हदयदा। दसरदाड ंगोतदा तगो ज़ र
खदाकप्रे मर जदातदा। मझसप्रेकदस सदाल बड़प्रे ंयोंगप्रेभगोलदा; पर रदाम-रदाम प लप्रे ंनी करतप्रे ं ैं।'
'तगो क्यदा क तप्रेथप्रेकक श्जस हदन तम मंक ंदारदी घरवदालदी कदा म।ँं
ड कदप्रेख लप्रेतदा ंड,ततोँ
क्यदा ंगोतदा ं ै?'

'उस हदन भगवदान णक ंनीं-न-क ंनींसप्रेककछ भप्रेज दप्रे तप्रे ं ैं।'

'ब ंकए।ँभ
ड नी तगो व ैसनी ंनी चटगोररन आयनी ं ैं। अबककी सबयों नप्रेदगो ंकपए कप्रे ख़रबज़प्रेड
सउदार खदा डदालप्रे। सउदार समल जदाय,ककर उन म ंभधिचन्तदा न ंनीं ंगोतनी कक दप्रे नदा पड़प्रेगदा यदा
न ंनीं।'

'और भगोलदा रगोतप्रे कदा ंप्रे कगो? ं ैं

गगोबर आकर बगोलदा -- भगोलदा ददाददा आ प ंकच


ड।ँ प्रे। मन दगो मन भसदाड ैक व उन म ंभदप्रे
दगो, ककर उनककी सगदाई ढंडढ़नड़ नकलगो।

5888 नयदा नप्रे समझदायदा-- आदमनी द्वदार पर ब ैठदा ं ै उसकप्रे सलए -खवदाट तगो
डदाल न ंनीं ददी,ऊपर सप्रेलगप्रेभनभन
क दानप्रे।ंक ककछ तगो भलमंसनी सनीखगो। कलसदा लप्रेजदाओ,
पदाननी भरकर रख दगो, ंदाथ-म।ँसड ंकगोयभ,ककछ रस-पदाननी वपलदा दगो। मसनीबतक मभ ंनी आदमनी
दसरयोंंड कप्रे सदामनप्रे ंदाथ सं ैलदातदा ं ै।

ंगोरदी बगोलदा -- रस-वस कदा कदाम न ंनीं , कसौन ै कगोई पदा ंकनप्रे ं ैं।

सं नयदा बबगड़नी -- पदा ंकनप्रेऔर क ैसप्रे ंगोतप्रे ं ैं! रगोज़-रगोज़ तगो तम मंक ंदारप्रे द्वदार पर न ंनीं
आतप्रे? इतननी दरू ससप्रेपड-घदाम मभ आयप्रे,प्यदास ैं लगनी ंनी ंगोगनी। ंकवपयदा, दप्रे ख डब्बप्रे
मभ तमदाखड ं ैकक न ंनीं,गगोबर कप्रे मदारप्रे कदा ंप्रे कगो बचनी ंगोगनी। दसौड़कर एक प ैसप्रे कदा
तमदाखडस ंकआइन ककी दकदानक सप्रेलप्रेलप्रे।

भगोलदा ककी आज श्जतननी ख़दा तर ंक ई , और कभनी न ंक ई ंगोगनी। गगोबर नप्रेखदाट


डदाल ददी, सगोनदा रस घगोल लदायनी, ंड पदा तमदाखडभर लदायनी। सं नयदा द्वदार पर
ककवदाड़ ककी आड़ मभ खड़नी अपनप्रेकदानयों सप्रेअपनदा बखदान सननप्रेककप्रे सलए सअनीर ंगो र
ंनी थनी।

भगोलदा नप्रे धिचलम ंदाथ मभ लप्रेकर --क अच्छठीदा घरननी घर मभ आजदाय, तगो समझ
लगो लक्ष्मनी आ गयनी। व ंनी जदानतनी ं ै छगोटप्रे -बड़प्रे कदा आदर-सत्कदार क ै सप्रे करनदा
चदाह ए।
23 नयदा कप्रे हृदय मभ उल्लदास कदा कम्पन ंगो र ंदा थदा। धिचन्तदा और नरदाशदा
और अभदाव सप्रेआ त आत्मदा इन शब्दयों मभ एक कगोमल शनीतल स्पशदकदा अनभवक
कर र ंनी थनी।

ंगोरदी जब भगोलदा कदा खदाड।ँचदा उठदाकर भसदाड लदानप्रेअन्दर चलदा, तगो सं नयदा भनी पनीछप्रे -
पनीछप्रे चलदी। ंगोरदी नप्रे क --ंदा जदानप्रे क ंदाड।ँ सप्रे इतनदा बड़दा खदाड।ँचदा समल गयदा। ककसनी
भड़भजप्रेडसप्रेमदाड।ँग सलयदा ंगोगदा। मन-भर सप्रे कम मभ न भरप्रे गदा। दगो खदाड।ँचप्रे, तगोभनी हदयप्रे दगो मन
नकल जदायगप्रे।ंड।ँ

नयदा संड लदी ंक ई थनी। मलदामत ककी आड।ँखयों सप्रेदप्रेखतनी ंक ई बगोलदी -- यदा तगो ककसनी कगो
नप्रेवतदा न दगो,और दगो तगो भरपप्रेट णखलदाओ। तम मंक ंदारप्रे पदास संड ल -पत लप्रेनप्रे थगोड़प्रे ंनी
आयप्रे ं ैं कक च।ँ ग
ड प्रेरदी लप्रेकर चलतप्रे। दप्रे तप्रे ंनी ंगो , तगो तनीन खदाड।ँचप्रे दप्रे दगो। भलदा आदमनी
लड़कयों कगो क्ययों न ंनीं लदायदा। अकप्रे लप्रे क ंदाड।ँ तक ढगोयप्रेगदा। जदान नकल जदायगनी।

'तनीन खदाड।ँचप्रे मप्रेरप्रेतगोहदयप्रेन हदयप्रेजदायगप्रे।ँड!'

'तब क्यदा एक खदाड।ँचदा दप्रे कर टदालगोगप्रे?गगोबर सप्रे क दगो,अपनदा खदाड।ँचदा भरकर उनकप्रे सदाथ
चलदा जदाय।'

'गगोबर ऊख गगोड़नप्रे जदा र ंदा 'ं ै।

'एक हदन न गगोड़नप्रेसप्रेऊख न सखड जदायगनी।'

'य तगो उनकदा कदाम थदा कक ककसनी कगो अपनप्रे सदाथ लप्रे लप्रेतप्रे।भगवदान णकप्रे
हदयप्रेदगो-दगो बप्रेटप्रे ' ं ैं।

' ंयोंगप्रेघर पर। दद ड लप्रेकर बदाज़दार गयप्रे ंयोंगप्रे।'


'य तगो अच्छठी हदल्लगनी ं ैकक अपनदा मदाल भनी दगो और उसप्रेघर तक प ंकड।ँचदा भनी
दगो। लदाद दप्रे , लददा दप्रे ,लदादनप्रेवदालदा सदाथ कर दप्रे ।'

'अच्छदा भदाई, कगोई मत जदाय। म ैंप ंकड।ँचदा दंडगनी।ं।ँ बड़यों ककी सप्रेवदा करनप्रे मभ लदाज न ंनीं
ं ै।'
'और तनीन खदाड।ँचप्रेउन म ंभदप्रेदंड,ं।ँतगो अपनप्रे ब ैल क्यदा खदायभगप्रे?'

'य सब तगो नप्रेवतदा दप्रे नप्रे कप्रे प लप्रे ंनी सगोच लप्रेनदा थदा। ,तकमन औरगो गगोबर दगोनयों जनप्रे
चलप्रे जदाओ।'

'मरसौवतक मरसौवतक ककी तर ककी जदातनी ं ै,अपनदा घर उठदाकर न ंनीं दप्रे यदाहद जदातदा!'

'अभनी ज़मनींददार कदा प्यदाददा आ जदाय,तगो अपनप्रेससर पर भसदाड लदादकर प ंकड।ँचदाओगप्रे


तमक, तम मंक ंदारदा लड़कदा, लड़ककी सब। और व ंदाड।ँ सदाइत मन-दगो-मन लकड़नी भनी
संदाड़ननी पड़प्रे।'

'ज़मनींददार ककी बदात और 'ं ै।

ंदाड।ँ,व डंडप्रे कप्रे ज़गोर सप्रे कदाम लप्रेतदा' ं ै न।

'उसकप्रे खप्रेतन ंनीं जगोततप्रे?'

'खप्रेत जगोततप्रे, तगो ैंलगदान न ंनीं दप्रे तप्रे?'

'अच्छदा भदाई, जदान न खदा, म दगोनयों चलप्रेजदायगप्रे।ंड।ँ क ंदाड।ँ-सप्रे-क ंदाडम


।ँ न
ैं प्रेइन म ंभभसदाड दप्रे नप्रे
कगो क हदयदा। यदा तगो चलप्रेगनी न , ंनींयदा चलप्रेगनी तगो दसौड़नप्रे लगप्रेगनी।'

तनीनयों खदाड।ँचप्रेभसप्रेस
ड प्रेभर हदयप्रेगयप्रे। गगोबर ककढ़ र ंदा थदा। उसप्रे अपनप्रे बदाप कप्रे व्यव
ंदारयों मभ ज़रदा भनी ववकवदास न थदा। व समझतदा ,थदाय ज ंदाड।ँ जदातप्रे,व ंनींं ैं ककछ-
न-ककछ घर सप्रेखगो आतप्रे ं ैं। सं नयदा पसन्न थनी। र ंदा ंगोरदी, व संमद और
स्वदाथदकप्रे बनीच मभ डडब-उतरदा र ंदा थदा।

ंगोरदी और गगोबर समलकर एक खदाड।ँचदा बदा र लदायप्रे। भगोलदा नप्रेतरन्तक अपनप्रे अड।ँगगोछप्रे कदा
बनीड़दा बनदाकर ससर पर रखतप्रे ंक ए क ंदा -- म ैंइसप्रेरखकर अभनी भदागदा आतदा ंड।ं।ँ
एक खदाड।ँचदा और लंडगदा।ं।ँ

ंगोरदी बगोलदा -- एक न ंनीं,अभनी दगो और भररप्रे रप्रे ं ैं। और तम मंक ंभआनदा न


ंनींपड़प्रेगदा। म ैं और गगोबर एक-क खदाड।ँचदा लप्रेकर तम मंक ंदारप्रे सदाथ ंनी चलतप्रे ं ैं।
भगोलदा स्तश्म्भत ंगो गयदा। ंगोरदी उसप्रे अपनदा भदाई बश्ल्क उससप्रे भनी नकट जदान
पड़दा। उसप्रेअपनप्रेभनीतर एक ऐसनी तश्प्त ृ कदा अनभवक ंक आ, श्जसनप्रे मदानगो उसकप्रे
सम्पणदज
ड नीवन कगो रदा कर हदयदा।

तनीनयों भसदाड लप्रेकर चलप्रे,तगो रदा मभ बदातभ ंगोनप्रे लगनीं।

भगोलदा नप्रेपछदाड -- दश रदा आ र ंदा ं ै,मदासलकयों कप्रे द्वदार पर तगो बड़नी संसमदामड
ंगोगनी?

ंदाड।ँ,तम्बडसदासमयदानदा गड़ गयदा ं ै। अब ककी लदीलदा मभ मभ


ैं नी कदाम क।ँड गदा। रदाय सदा
ब नप्रे क ंदा , ं ैतम मंक ंभरदाजदा जनक कदा मदालदी बननदा पड़प्रेगदा।'

'मदासलक तमसप्रेकब ंकत ख़शक ं ैं।'

'उनककी दयदा ं ै।'

एक क्षण कप्रे बदाद भगोलदा नप्रेककर पछदाड -- सगनक करनप्रेकप्रे ंकपए कदा ककछ जगदाड़क
कर सलयदा ं ै? मदालदी बन जदानप्रेसप्रेतगो गलदा न छडटप्रे गदा।

ंगोरदी नप्रेम।ँं
ड ककदा पसनीनदा पयोंछकर क ंदा -- उसनी ककी धिचन्तदा तगो मदारप्रे डदालतनी ं ै ददाददा
अनदाज तगो सब-कदा-सब खसल ंदान मभ ंनी तलक गयदा। ज़मनींददार नप्रेअपनदा सलयदा,
म ंदाजन नप्रे अपनदा सलयदा। मप्रेरप्रेसलए पदाड।ँच सप्रेर अनदाज बच र ंदा। य भसदाड तगो
म ैंनप्रे रदातयोंरदात ढगोकर छपदा हदयदा थदा, न ंनीं तनकदा भनी न बचतदा। ज़मनींददार तगो एक
ंनी ं ैं;मगर म ंदाजन तनीनतनीन ं ैं,स ंकआइन अलग, म।ँग
ड अलग और ददातदाददीन
पश्डडत अलग। ककसनी कदा ब्यदाज भनी परदाड न चकदा।ंक ज़मनींददार कप्रे भनी सआप्रेकपए
बदाक़की पड़ गयप्रे। स ंकआइन सप्रेककर ंकपए सउदार सलयप्रेतगो कदाम चलदा। सब तर
ककफ़दायत कर कप्रे दप्रे ख सलयदा भ ैयदा,ककछ न ंनीं ंगोतदा। मदारदा जनम इसनी सलए
ंकआ ं ैकक अपनदा रक्त ब ंदायभऔर बड़यों कदा घर भरभ । मलकदाड दगनदाक सद ड भर
चकदाक; पर मलड ज्ययों-कदा-त्ययों ससर पर सवदार ं ै। लगोग क तप्रे, सददी ैं-गमनी मभ ,तनीरथ-
बरत मभ ंदाथ बदाड।ँसंकर ख़रच करगो। मददाक रदास्तदा कगोई न ंनींहदखदातदा। रदाय सदा ब
नप्रेबप्रेटप्रेकप्रे ब्यदा मभ बनीस ज़दार लटदाक हदयप्रे। उनसप्रेकगोई ककछ न ंनींक तदा। म।ँग
ड नप्रेअपनप्रेबदाप
कप्रे कक्रयदा-करम मभ पदाड।ँच ज़दार लगदायप्रे। उनसप्रेकगोई ककछ न ंनींपछतदा।ंड व ैसदा ंनी
मरजदाद तगो सबकदा ं ै।
भगोलदा नप्रे ककण भदाव सप्रे क ंदा-- बड़प्रेआदसमययों ककी बरदाबरदी तमक क ैसप्रेकर सकतप्रे ंगो
भदाई?

'आदमनी तगो म भनी ं ैं।

'कसौन क तदा ं ैकक म तमक आदमनी ं ैं। ममभ आदसमयत क ंदाड।ँ?आदमनी व ं ैं,
श्जनकप्रे पदास संन , ं ैअश्ख़्तयदार ं ै,इलम ं ै, म लगोग तगो ब ैल ं ैंऔर जतनप्रेककप्रे
सलए प ैददा ंकए ं ैं। उसपर एक दसरप्रेड कगो दप्रे ख न ंनींसकतदा। एकदा कदा नदाम न ंनीं।
एक ककसदान दसरप्रेड कप्रे खप्रेत पर न चढ़प्रे तगो कगोई जदाफ़दा क ैसप्रेकरप्रे , पप्रेम तगो संसदार सप्रे उठ
गयदा।'

बढ़योंंड कप्रे सलए अतनीत कप्रे सखयोंंक और वतदमदान कप्रे दछःखयोंक और भववष्य कप्रे
सवदनदाश सप्रे ज़्यदाददा मनगोरं जक और कगोई पसंग न ंनीं ंगोतदा। दगोनयोंत समअपनप्रे -
अपनप्रेदखड़प्रेकरगोतप्रे र ंप्रे । भगोलदा नप्रेअपनप्रेबप्रेटयों कप्रे करततड सनदायप्रेक , ंगो रदी नप्रे अपनप्रे भदाइययों
कदा रगोनदा रगोयदा और तब एक ककएड।ँपर बगोझ रखकर पदाननी पनीनप्रेकप्रे सलए ब ैठ गयप्रे।
गगोबर नप्रेब नयप्रे सप्रे लगोटदा मदाड।ँगदा और पदाननी खनींचनप्रे लगदा।

भगोलदा नप्रेसहृदयतदा सप्रेपछदाड -- अलगसौझप्रेकप्रे समय तगो तकम म ंभबड़दा रं ज ंक ंगोगदा।



भदाइययों कगो तगो तमनप्रेकबप्रेटयों ककी तर पदालदा थदा।

ंगोरदी आदद कं ठ सप्रे बगोलदा--ककछ न पछगोड ददाददा, य ंनी जनी चदा तदा थदा कक क नीं
जदाकप्रे डडब म।ँ।ड मप्रेरप्रेजनीतप्रेजनी सब ककछ ंगो गयदा। श्जनकप्रे पनीछप्रे अपननी जवदाननी संलड मभ
समलदा ददी, व ंनी मप्रेरप्रेमदईक ंगो गयप्रेऔर झगड़प्रेककी जड़ क्यदा थनी? य ंनी कक मप्रेरदी
घरवदालदी ंदार मभ कदाम करनप्रेक्ययों न ंनींजदातनी। पछगोड, घर दप्रे खनप्रेवदालदा भनी कगोई चदाह
ए कक न ंनीं। लप्रेनदा-दप्रे नदा,संरनदा उठदानदा, स।ँडभदालनदा-स ंप्रेजनदा,य कसौन करप्रे । ककर
घर ब ैठठी तगो न ंनीं र तनी ,थनीझदाड़ड-बदाक ड, रसगोई, चसौकदा-बरतन, लड़कयों ककी दप्रे ख-भदाल य
कगोई थगोड़दा कदाम ं ै। सगोभदा ककी औरत घर स।ँभ ड दाल लप्रेतनी कक ंनीरदा ककी औरत मभ य
सलदीकदा ?थदाजब सप्रेअलगसौझदा ंकआ ं ै,दगोनयों घरयों मभ एक जनड रगोटदी पकतनी ं ै। न
ंनींसब कगो हदन मभ चदार बदार भखड लगतनी थनी। अब खदाय ंडच ।ँ दार दफ़प्रे, तगो दप्रे ख।ंडं।ँइस
मदासलकपन मभ गगोबर ककी मदाड।ँककी जगो दगदतनीक ंकई ं ै,व म ैंंनी जदानतदा ंड।ं।ँ बप्रेचदारदी
अपननी दप्रे वरदा नययों कप्रे संटप्रे -परदानप्रेककपड़प्रेप नकर हदन कदाटतनी थनी, ख़द क भखनीड सगो र ंनी
ंगोगनी; लप्रेककन ब ंकओंकप्रे सलए जलपदान तक कदा ध्यदान रखतनी थनी। अपननी
दप्रे पर ग नप्रे कप्रे नदाम कच्चदा संदागदा भनी न, दप्रे वरदाथदा नययों कप्रे सलए -दगो चदार-चदार
नप्रे बनवदा हदयप्रे। सगोनप्रे कप्रे न स ंनी चदाड।ँददी कप्रे तगो य ैं।ंनीथनीजलनकक य मदासलक
क्ययों ं ै। ब ंकत अच्छदा ंकआ कक अलग ंगो गयप्रे। मप्रेरप्रेससर सप्रेबलदा टलदी।

भगोलदा नप्रे एक लगोटदा पदाननी चढ़दाकर क ंदा-- य ंदाल घर- ं ै भ ैयदा! भदाइययों ककी
ंनी घर
बदात ंनी क्यदा, य ंदाड।ँ तगो लड़कयों सप्रे भनी न ंनीं पटतनी और पटतनी इससलए न ंनीं कक म ैं
ककसनी ककी ककचदाल दप्रे खकर म।ँं
ड कन ंनींबन्द कर सकतदा। तमक जआक खप्रेलगोगप्रे,चरस
पनीओगप्रे,गदाड।ँजप्रे कप्रे दम लगदाओगप्रे,मगर आयप्रे ककसकप्रे घर ?सप्रेख़रचदा करनदा चदा तप्रे ंगो
तगो कमदाओ; मगर कमदाई तगो ककसनी सप्रे न ंगोगनी। ख़रच हदल खगोलकर करभ गप्रे। जप्रेठदा
कदामतदा ससौददा लप्रेकर बदाज़दार जदायगदा,तगो सआप्रेप ैसप्रेग़दायब। पछगोड तगो कगोई जवदाब
न ंनीं। छगोटदा जंगनी, व ै संगत कप्रे पनीछप्रे मतवदालदा र तदा ं ै। सदाड।ँझ ई और ढगोल-
ंक
मजनीरदा लप्रेकर ब ैठ गयप्रे। संगत कगो म ैंबरदाक न ंनींक तदा। गदानदा-बजदानदा ऐब न ंनीं;
लप्रेककन य सब कदाम फ़करसत कप्रे ं ैं। य न ंनींकक घर कदा तगो कगोई कदाम न
करगो,
आठयों प र उसनी संनक मभ पड़प्रेर ंगो। जदातनी ं ैमप्रेरप्रेससर; सदाननी-पदाननी म ैंक।ँड ,गदाय-भ ैंस
म ैंद , द।ँ सं लप्रेकर बदाज़दार म ैंजदाऊड।ँ। य ग स्थनी जनी कदा जंजदाल ं ै,सगोनप्रे ककी
ंकंड ंड ं ृ
ंड।ँससयदा, श्जसप्रे न उगलतप्रे बनतदा, न ै नगलतप्रे। लड़ककी , ं ैझकनयदा, व भनी नसनीब
ककी खगोटदी। तमक तगो उसककी सगदाई मभ आयप्रेथप्रे। ककतनदा अच्छदा घर-बर थदा। उसकदा
आदमनी बम्बई मभ दद ड ककी दकदानड करतदा थदा। उन हदनयों व ंदाडह
।ँ न्द-ंड मभ
मसलमदानयोंंक
दं गदा आ, तगो ककसनी नप्रेउसकप्रे पप्रेट मभ छडरदा भयोंक हदयदा। घर ंनी चसौपट ंगो गयदा।
ंक
व ंदाड।ँअब उसकदा नबदा न ंनीं। जदाकर सलवदा लदायदा कक सगदाई कर दंडगदा।ँ; मगर
दसरदीड
व रदाज़नी ंनी न ंनीं ंगोतनी। और दगोनयों भदावजभ ं ैं कक-हदनरदातउसप्रे जलदातनी र ं ैं।
तनी
घर मभ म ंदाभदारत मचदा र तदा ं ै।पतवव ककी मदारदी य ंदाड।ँ आई,य ंदाड।ँ भनी च ैन न
ंनीं।
इन म ंनींदखड़योंंक मभ रदास्तदा कट गयदा। भगोलदा कदा परवदाक थदा तगो छगोटदा; मगर ब त
ंक
गलज़दार अधधिकतर अ ंनीर ंनी बसतप्रेथप्रे। और ककसदानयों कप्रे दप्रे खतप्रेइनककी दशदा ब त
।ंक
ंक
बरदीक न थनी। भगोलदा गदाड।ँव कदा मणखयदाक थदा। द्वदार पर बड़नी-सनी चरननी थनी श्जस पर
दस-बदार गदायभ-भ ैंसभ खड़नी सदाननी खदा र ंनी थनीं। ओसदारप्रे मभ -सदाएकतख़्तबड़दापड़दा
थदा जगो शदायद दस आदसमययों सप्रेभनी न उठतदा। ककसनी खटदींडं।ँ पर ढगोलक लटक
र ंनी
थनी ककसनी पर मजनीरदा। एक तदाख पर कगोई बस्तप्रेमभब।ँसड ंनी रखनी ई थनी, जगो
पस्तकक
ंक
शदायद रदामदायण ंगो। दगोनयों ब एड।ँसदामनप्रेब ैठठी गगोबर पदाथ र ंनी थनींऔर झन
क यदा
ंक
चसौखट पर खड़नी थनी। उसककी आड।ँखभलदाल थनींऔर नदाक कप्रे ससरप्रे पर भनी सख़नीरु णथनी।
मदालमड ंगोतदा थदा, अभनी रगोकर ं ै। उसकप्रे मदांसल,स्वस्थ, सगहठतक अंगयों मभ मदानगो
उठठी
यसौवन ल रभ मदार र ंदा थदा। म।ँं
ड कबड़दा और गगोल थदा, कपगोल संडलप्रे ंकए, आड।ँखभ छगोटदी
और भनीतर संसनीड ।ँ ंकई, मदाथदा पतलदा; पर वक्ष कदा उभदार और गदात कदा व ंनी
गदगकददापनक आड।ँखयों कगो खनींचतदा थदा। उस पर छपनी ंकई गलदाबनीक सदाड़नी उसप्रेऔर भनी
शगोभदा पददान कर र ंनी थनी।

भगोलदा कगो दप्रे खतप्रे ंनी उसनप्रे लपककर उनकप्रे ससर सप्रे खदाड।ँचदा उतरवदायदा।

भगोलदा नप्रेगगोबर और ंगोरदी कप्रे खदाड।ँचप्रेउतरवदायप्रेऔर झन


क यदा सप्रेबगोलप्रे-- प लप्रे एक धिचलम
भर लदा, ककर थगोड़दा-सदा रस बनदा लप्रे। पदाननी न ंगो तगो गगरदा लदा,म ैंखनींच दंड।ं।ँ ंगोरदी
म तगो कगो प चदानतनी ं ै न?

ककर ंगोरदी सप्रे बगोलदा-- घरननी कप्रे बबनदा घर न ंनींर तदा भ ैयदा। परदाननीक क दावत ं ै--
नदाटन खप्रेतनी ब ंकररयन घर। नदाटप्रे ब ैल क्यदा खप्रेतनी करभ ग और ब ंकए।ँक्
ड यदा घर
स।ँभ
ड दालभगनी। जब सप्रेइसककी मदाड।ँमरदी ं ै,ज ैसप्रेघर ककी बरकत ंनी उठ गयनी। ब ंकए।ँड
आटदा पदाथ लप्रेतनी ं ैं। पर ग ं ृस्थनी चलदानदा क्यदा जदानभ। ंदाड।ँ,म।ँं
ड कचलदानदा ख़बड जदानतनी
ं ैं। लगौंडप्रे क ंनीं संड़ पर जमप्रे ंयोंगप्रे।-कप्रे-सबसबआलसनी ं ैं,कदामचगोर। जब तक
जनीतदा
ंड,इनकड़ पनीछप्रे मरतदा ंड।ं।ँमर जदाऊड।ँगदा, तगो आप ससर पर ंदाथ संरकर रगोयभगप्रे।
लड़ककी
भनी व ैसनी ंनी ं ै। छगोटदा-सदा अढ़सौनदा भनी करप्रे गनी,तगो भनक-भनदाकर।ंक म ैंतगो स लप्रेतदा
ंड,ं।ँ
ख़सम थगोड़प्रे ंनी स ंप्रेगदा।

झन
क यदा एक ंदाथ मभ भरदी ंकई धिचलम, दसरप्रेड मभलगोटप्रे कदा रस सलयप्रेबड़नी संकतनीर णसप्रे
प ंकड।ँ चनी। ककर रस्सनी और कलसदा लप्रेकर पदाननी भरनप्रेचलदी। गगोबर नप्रेउसकप्रे ंदाथ सप्रे
कलसदा लप्रेनप्रे सलएकप्रे ंदाथ बढ़दाकर झभपतप्रे ंकए क ंदा -- तमक र नप्रेदगो, म ैं भरप्रे लदातदा
ंड।ं।ँ

झ नयदा नप्रेकलसदा न हदयदा। कएड।ँकप्रे जगत पर जदाकर मस्करदातनी ई बगोलदी -- तम


ंक ंक ंक ंक ंक
मदारप्रे मप्रे मदान ंगो। क ंगोगप्रे एक लगोटदा पदाननी भनी ककसनी नप्रे न हदयदा।
'मप्रेमदान कदा ंप्रेसप्रे ंगो गयदा। तम मंक ंदारदा पड़गोसनी ंनी ंड।'ं।ँ
तगो
'पड़गोसनी सदाल-भर मभ एक बदार भनी सरतड न हदखदायप्रे,तगो मप्रे मदान ंनी 'ं ै।
'रगोज़-रगोज़ आनप्रे सप्रे मरजदाद भनी तगो न ंनीं र ' तनी।
झकनयदा ंड।ँसकर तरछठी नज़रयों सप्रेदप्रेखतनी ंकई बगोलदी -- व ंनी मरजदाद तगो दप्रे र ंनी
ंड।ं।ँ
ंनीनप्रे मभ एक बप्रेर आओगप्रे,ठं डदापदाननी दंडगनी।ं।ँ पंद वभ हदन आओगप्रे,धिचलम पदाओगप्रे।
सदातवभ हदन आओगप्रे,ख़दालदी ब ैठनप्रेकगो मदाचनी दंडगनी।ं।ँ रगोज़-रगोज़ आओगप्रे,ककछ न
पदाओगप्रे।

'दरसन तगो दगोगनी?'

'दरसन कप्रे सलए पजदाड करननी पड़प्रेगनी।'

य क तप्रे-क तप्रेज ैसप्रेउसप्रेकगोई भलदीड ंकई बदात यदाद आ गयनी। उसकदा म।ँं
ड कउददास
ंगो गयदा। व ववववदा ं ै। उसकप्रे नदारदीत्व कप्रेद्वदार पर प लप्रे उसकदा प त रक्षक बनदा
ब ैठदा र तदा थदा। व नश्कचंत थनी। अब उस द्वदार पर कगोई रक्षक न ,थदाइससलए व
उस द्वदार कगो सद ै व बंद रखतनी ं ै। कभनी-ंनी घर कप्रे सनप्रेपनड सप्रेउकतदाकर
द्वदार खगोलतनी ं ै; पर ककसनी कगो आतप्रे दप्रे खकर भयभनीत ंगोकर दगोनयों पट भप्रेड़ लप्रेतनी
ं ै।

गगोबर नप्रे कलसदा भरकर नकदालदा। सबयों नप्रेरस वपयदा और एक धिचलम तमदाखडऔर
पनीकर लसौटप्रे ।

भगोलदा नप्रे क ंदा-- कल तमक आकर गदाय लप्रेजदानदा गगोबर, इस बखत तगो सदाननी खदा
र ंनी ं ै।

गगोबर ककी आड।ँखभउसनी गदाय पर लगनी ंकई थनी और मन- ंनी-मन व मग मसंक ंकआ
जदातदा थदा। गदाय इतननी सन्दरु और सडसौलक ं ै,इसककी उसनप्रे कल्पनदा भनी न ककी थनी।

ंगोरदी नप्रे लगोभ कगो रगोककर क ंदा-- म।ँग


ड वदा लंडगदा।ँ, जल्ददी ं ै?
क्यदा

'तम मंक ंभजल्ददी ंगो मभ तगो जल्ददी ं ै। उसप्रेद्वदार पर दप्रे खकर तम मंक बदात यदाद
न , ंभव
र ंप्रेगनी।'

'उसककी मझप्रेकबड़नी कफ़कर ं ैददाददा!'


'तगो कल गगोबर कगो भप्रेज दप्रे नदा।'
दगोनयों नप्रे अपनप्रे-अपनप्रे खदाड।ँचप्रे ससर पर रखप्रे और आगप्रे बढ़प्रे । दगोनयों इतनप्रे पसन्न थप्रे मदानगो ब्यदा
करकप्रे लसौटप्रे ंयों। ंगोरदी कगो तगो अपननी धिचर संधिचत असभलदाषदा कप्रे परप्रेड ंगोनप्रे कदा षद ,थदाऔर
बबनदा प ैसप्रेकप्रे। गगोबर कगो इससप्रेभनी ब ंकमल्यड वस्तकसमल गयनी थनी। उसकप्रे मन मभ असभलदाषदा
जदाग उठठी थनी।

अवसर पदाकर उसनप्रेपनीछप्रे ककी तरफ़ दप्रे खदा। झन


क यदा द्वदार पर खड़नी थनी, मन आशदा
ककी भदाड।ँ त सअनीर,चंचल।

***
4

ंगोरदी कगो रदात भर ननींद न ंनीं आयनी। ननीम कप्रे - तलसपसड़ अपनड़ बयसमस कक खयट पर
पड़दा बदार-बदार तदारयों ककी ओर दप्रे खतदा थदा। गदाय कप्रे सलए एक नदाड।ँद गदाड़ननी ं ै। ब ैलयों
सप्रे अलग उसककी नदाड।ँद तगोर ंप्रेअच्छदा। अभनी तगो रदात कगो बदा र ंनी र ंप्रेगनी;लप्रेककन
चसौमदासप्रेमभउसकप्रे सलए कगोई दसरदीड जग ठठीक करननी ंगोगनी। बदा र लगोग नज़र
लगदा दप्रे तप्रे ं ैं।- कभनीनी तगो ऐसदा टगोनदा-टगोटकदा कर दप्रे तप्रे ं ैंकक गदाय कदा दद ड ंनी
सखड जदातदा ं ै। थन मभ ंदाथ ंनी न ंनींलगदानप्रेदप्रेतनी। लदात मदारतनी ं ै। न ंनीं,बदा

बदाड।ँसंनदा कठठी न ंनीं। और बदा र नदाड।ँद भनी कसौन गदाड़नप्रे दप्रे गदा। कदाररं ददा सदा ब नज़र कप्रे सलए

म।ँसड ंककलदायभग। छगोटदी छगोटदी बदात कप्रे सलए रदाय सदा ब कप्रे पदास फ़ररयदाद लप्रे

जदानदा भनी उधिचत न ंनीं। और कदाररं दप्रेकप्रे सदामनप्रेमप्रेरदी सनतदाक कसौन ं ै। उनसप्रेककछ
ंड,ततोँ कदाररं ददा दकमनक ंगो जदाय। जल मभ र कर मगर सप्रेब ैर करनदा लड़कपन ं ै।
भनीतर ंनी बबदाड।ँगदा।ं।ँ आड।ँगन ं ैतगो छगोटदा-सदा; लप्रेककन एक मड़ ैयदा डदाल दप्रे नप्रे सप्रे कदाम चल
जदायगदा। अभनी प लदा ंनी ब्यदान ं ै। पदाड।ँच सप्रेर सप्रेकम क्यदा दद ड दप्रे गनी। सप्रेर-भर तगो गगोबर
ंनी कगो चदाह ए। ंकवपयदा दद ड दप्रे खकर क ैसनी ललचदातनी र तनी ं ै। अब वपयप्रे श्जतनदा चदा
ंप्रे। कभनी-कभनी दगो-चदार सप्रेर मदासलकयों कगो दप्रे आयदा क।ँड गदा। कदाररं ददा सदा ब
ककी पजदाड भनी करननी ंनी ंगोगनी। और भगोलदा कप्रे ंकपए भनी दप्रे दप्रेनदा चदाह यप्रे। सगदाई कप्रे
ढकगोसलप्रेमभउसप्रेक्ययों डदालंड।ं।ँजगो आदमनी अपनप्रेऊपर इतनदा ववकवदास करप्रे ,उससप्रे
दग़दा करनदा ननीचतदा ं ै। अस्सनी ंकपए ककी गदाय मप्रेरप्रे ववकवदास पर दप्रे ददी। न ंनीं य ंदाड।ँ
तगो कगोई एक प ैसप्रे कगो न पनींतयदातदा। सन मभ क्यदा ककछ न समलप्रेगदा? अगर पच्चनीस
ंकपए भनी दप्रे दंड,ं।ँतगो भगोलदा कगो ढदाढ़स ंगो जदाय। सं नयदा सप्रेनदा क़ बतदा हदयदा। चपकप्रेक
सप्रेगदाय लप्रेकर बदाड।ँसं दप्रे तदा तगो चकरदा जदातनी। लगतनी पछनप्रेड,ककसककी गदाय ं ै? क ंदाड।ँ सप्रे
लदायप्रे?ंगो। ख़बड हदक करकप्रे तब बतदातदा; लप्रेककन जब पप्रेट मभ बदात पचप्रे भनी। कभनी
दगो-चदार प ैसप्रे ऊपर सप्रे आ जदातप्रे;उनकगो ैंभनी तगो न ंनीं छपदा सकतदा। और य
अच्छदा भनी ं ै। उसप्रे घर ककी धिचन्तदा र तनी; अगर ै उसप्रेमदालमड ंगो जदाय कक इनकप्रे
पदास भनी प ैसप्रे र तप्रे,तगो ं ैंककर नख़रप्रे बघदारनप्रे लगप्रे। गगोबर ज़रदा आलसनी,न ं ैनीं म ैं
गऊ ककी ऐसनी सप्रेवदा करतदा कक ज ैसनी चदाह ए। आलसनी-वदालसनी ककछ न ंनीं ं ै। इस
उसमर मभ कसौन आलसनी न ंनीं ंगोतदा। म ैं भनी ददाददा कप्रे सदामनप्रे मटरगस्तनी ंनी
ककयदा
करतदा थदा। बप्रेचदारप्रे प र रदात सप्रेककटदी कदाटनप्रेलगतप्रे। कभनी द्वदार पर झदाड़ड लगदातप्रे,
कभनी खप्रेत मभ खदाद संभ कतप्रे। म ैं पड़दा सगोतदा र तदा थदा। कभनी,तगोजगदाम ैंदप्रेतप्रेबबगड़
जदातदा और घर छगोड़कर भदाग जदानप्रे ककी संमककी दप्रे तदाथदा। लड़कप्रे जब अपनप्रे -मबंदांड।ँप
कप्रे सदामनप्रे भनी श्ज़ंदगनी कदा थगोड़दा-स सखक न भगोगभ ग, तत कर जब अपनस ससर पड़
गयनी तगो क्यदा भगोगभ गप्रे?ददाददा कप्रे मरतप्रे ंनी क्यदा म ैंनप्रेघर न ंनींस।ँभ
ड दाल सलयदा? सदारदा
गदाड।ँव य ंनी क तदा थदा कक ंगोरदी घर बरबदाद कर दप्रे गदा;लप्रेककन ससर पर बगोझ पड़तप्रे
ंनी
म ैंनप्रे ऐसदा चगोलदा बदलदा लगोगकक दप्रे खतप्रे र गयप्रे। सगोभदा और ंनीरदा अलग ंनी ंगो
गयप्रे,न ंनीं आज इस घर ककी और ंनी बदात ंगोतनी। तनीन ल एक सदाथ चलतप्रे। अब
तनीनयों अलग-अलग चलतप्रे ं ैं। , बससमय कदा संप्रे ं ै। सं नयदा कदा क्यदा दगोष थदा।

बप्रेचदारदी जब सप्रे घर मभ , आयनीकभ तगो आरदाम सप्रे न ब ैठठी। डगोलदी सप्रे उतरतप्रे ंनी
सदारदा
कदाम ससर पर उठदा सलयदा। अम्मदा कगो पदान ककी तर संप्रे रतनी र तनी थनी। श्जसनप्रे घर
कप्रे पनीछप्रे अपनप्रे कगो समटदा हदयदा,दप्रे वरदा नययों सप्रे कदाम करनप्रे कगो क तनी, तगोथनी क्यदा

बरदाक करतनी थनी। आणख़र उसप्रेभनी तगो ककछ आरदाम समलनदा चदाह यप्रे। लप्रेककन भदाग्य मभ
आरदाम सलखदा ंगोतदा तब तगो समलतदा। तब दप्रे वरयों कप्रे सलए मरतनी ,थनीअब अपनप्रे
बच्चयों कप्रे सलए मरतनी ं ै। व इतननी ससनीनी,ग़मख़गोर, नछदल न ंगोतनी,तगो आज
सगोभदा और ंनीरदा जगो मंडछयों।ँ पर तदाव दप्रे तप्रेककरतप्रे ं ैं,क ंनीं भनीख मदाडग
।ँ तप्रे ंगोतप्रे। आदमनी

ककतनदा स्वदाथनी ंगो जदातदा ं ै। श्जसकप्रे सलए लड़गो व ंनी जदान कदा दकमनक ंगो जदातदा
ं ै। ंगोरदी नप्रेककर पवदक
ड की ओर दप्रे खदा। सदाइत सभनसदार ंगो र ंदा ं ै। गगोबर कदा ंप्रे कगो
जगनप्रे
लगदा। न ंनीं,क कप्रे तगो य ंनी सगोयदा थदा कक म ैं अड।ँसंप्रेरप्रे ंनी चलदा जदाऊड।ँ गदा। जदाकर नदा तगो
गदाड़ दंड,ं।ँलप्रेककन न , ंनींजब तक गदाय द्वदार पर न आ जदाय, नदाड।ँद गदाड़नदा ठठीक
ंनीं। क ंनीं भगोलदा बदल गयप्रे यदा और ककसनी कदारन सप्रे गदाय , नतगोददीसदारदा गदाड।ँव
तदासलयदाड।ँ पनीटनप्रे लगप्रेगदा,चलप्रे थप्रे गदाय लप्रेनप्रे।पठनप्रेइतननी संकतनी सप्रेनदाड।ँद गदाड़ ददी, मदानगो
इसनी ककी कसर थनी। भगोलदा ं ै तगो अपनप्रे घर कदा मदासलक;लप्रेककन जब लड़कप्रे
सयदानप्रे ंगो गयप्रे,तगो बदाप ककी कसौन चलतनी ं ै। कदामतदा और जंगनी अकड़ जदायड।ँ,तगो
क्यदा भगोलदा अपनप्रेमन सप्रेगदाय मझप्रेकदप्रेदभग, कभनी न ंनीं।

स सदा गगोबर चगौंककर उठ ब ैठदा और आड।ँखभमलतदा ंकआ बगोलदा -- अरप्रे ! य तगो भगोर
ंगो गयदा। तमनप्रेकनदाड।ँद गदाड़ ददी ददाददा?
ंगोरदी गगोबर कप्रे सगहठतक शरदीर और चसौड़नी छदातनी ककी ओर गवदसप्रेदप्रेखकर और
मन मभ य सगोचतप्रे ंक ए कक क ंनीं इसप्रेगगोरस समलतदा, तगो क ै सदा पठदा ंगो
जदातदा,बगोलदा --
ंनीं,अभनी न ंनीं गदाड़नी। सगोचदा,क ंनीं न समलप्रे,तगो नदा क़ भद

ंगो। गगोबर नप्रे त्यगोरदी चढ़दाकर क ंदा-- समलप्रेगनी क्ययों न ?ंनीं

'उनकप्रे मन मभ कगोई चगोर प ैठ?'जदाय


'चगोर प ैठप्रे यदा डदाकड, गदाय तगो उन म ंभ दप्रे ननी ंनी पड़प्रेगनी।'

गगोबर नप्रेऔर ककछ न क ंदा। लदाठठी कंसंप्रेपर रखनी और चल हदयदा। ंगोरदी उसप्रेजदातप्रे
दप्रे खतदा ंकआ अपनदा कलप्रेजदा ठं ठदा करतदा र ंदा। अब लड़कप्रे ककी सगदाई मभ दप्रेर न
करननी चदाह यप्रे। सत वदाड।ँ लग ;गयदामगर करभ क ै?कसप्रेनीं प ैसप्रे कप्रे भनी दरसन ंयों।
जब सप्रे तनीनयों भदाइययों मभ अलगसौझदा ंगो ,गयदाघर ककी सदाख जदातनी र ंनी। म तगो
लड़कदा दप्रे खनप्रे आतप्रे,पर ं ैंघर ककी दशदा दप्रे खकर म।ँसड कनीकदा करकप्रे चलप्रेजदातप्रे ं ैं। दगो-
एक रदाज़नी भनी ंकए, तगो ंकपए मदाड।ँगतप्रे ं ैं।-तनीन दगोससौ लड़ककी कदा ददाम चकदायप्रेकऔर
इतनदा ंनी ऊपर सप्रे ख़चद करप्रे ,तब जदाकर ब्यदा ंगो। क ंदाड।ँ सप्रे आयप्रे इतनप्रे ंकपए। रदास
खसल ंदान मभतलक जदातनी ं ै। खदानप्रे-भर कगो भनी न ंनीं बचतदा। ब्यदा क ंदाड।ँ सप्रे?औरगो
अब तगो सगोनदा ब्यदा नप्रेयगोग्य ंगो गयनी। लड़कप्रे कदा ब्यदा न ंकआ, न स ंनी। लड़ककी
कदा ब्यदा न ंकआ, तगो सदारदी बबरदादरदी मभ ंड।ँसनी ंगोगनी। प लप्रेतगो उसनी ककी सगदाई
करननी ं ै,पनीछप्रे दप्रे खनी जदायगनी।

एक आदमनी नप्रे आकर रदाम-रदाम ककयदा और पछदाड -- तम मंक ंदारदी कगोठठी मभ ककछ
बदाड।ँस ंयोंगप्रे म तगो?

ंगोरदी नप्रे दप्रे खदा,मड़नी ब।ँस


ड दार सदामनप्रेखड़दा ं ै,नदाटदा कदालदा, ख़बड मगोटदा, चसौड़दा म।ँं
ड क,बड़नी-बड़नी
मंडछभभीँ,लदाल आड।ँखभ,कमर मभ बदाड।ँसटनप्रेकदानी कटदार खयोंसप्रे ंकए। सदाल मभ एक-दगो बदार आकर
धिचकभ,ककरससयदाड।ँ,मगोढ़प्रे , टगोकररयदाड।ँआहद बनदानप्रेकप्रे सलए ककछ बदाड।ँस कदाट लप्रे जदातदा थदा।
ंगोरदी पसन्न ंगो गयदा। मठठीक गमद ंगोनप्रेककी ककछ आशदा ब।ँडसंनी। धचसौरदी कगो लप्रे जदाकर
अपननी तनीनयों कगोहठयदाड।ँ हदखदायनीं,मगोल-भदाव ककयदा और पच्चनीस ंकपए स ैकड़प्रे मभ पचदास
बदाड।ँसयों कदा बयदानदा लप्रे सलयदा।

ककर दगोनयों लसौटप्रे । ंगोरदी नप्रे उसप्रे धिचलम वपलदायनी,जलपदान करदायदा और तब र


स्यमय भदाव सप्रे बगोलदा-- मप्रेरप्रे बदाड।ँस कभनी तनीस ंकपए सप्रे कम मभ ; नलप्रेककननींजदातप्रेमक
घर कप्रे आदमनी , ंगोतमसप्रेक्
क यदा मगोल-भदाव करतदा। तम मंक ंदारदा व लड़कदा, श्जसककी
सगदाई ंकई थनी, अभनी परदप्रे ससप्रे लसौटदा कक न ?ंनीं

धचसौरदी नप्रेधिचलम कदा दम लगदाकर खदाड।ँसतप्रे ंकए क ंदा -- उस लगौंडप्रे कप्रे पनीछप्रे तगो मर
समटदा म तगो! जवदान ब ंडघर मभ ब ैठठी थनी और व बबरदादरदी ककी एक दसरदीड औरत कप्रे
सदाथ परदप्रे स मभ मसौज करनप्रेचल हदयदा। ब ंडभनी दसरप्रेड कप्रे सदाथ नकल गयनी। बड़नी
नदाककस जदात ं ै,म तगो, ककसनी ककी न ंनीं ंगोतनी। ककतनदा समझदायदा कक तडजगो
चदा ंप्रे खदा,जगो चदा ंप्रे प न,मप्रेरदी नदाक न कटवदा,मददाक कसौन सनतदाक ं ै। औरत कगो
भगवदान णसब ककछ दप्रे ,ंडप न दप्रे , न ंनींव क़दाबडमभन ंनींर तनी। कगोहठयदाडत ।ँ गो ब।ँट

गयनी ंयोंगनी?

ंगोरदी नप्रेआकदाश ककी ओर दप्रे खदा और मदानगो उसककी म ंदानतदा मभ उड़तदा ंकआ बगोलदा --
सब ककछ ब।ँट
ड गयदा धचसौरदी! श्जनकगो लड़कयों ककी तर पदालदा-पगोसदा, व अब बरदाबर कप्रे ह
स्सप्रेददार; लप्रेककन ैं भदाई कदा ह स्सदा खदानप्रे ककी अपननी ननीयत न ंनीं ं ै। सइर तमसप्रेकपए
समलभग, सउर दगोनयों भदाइययों कगो बदाड।ँट दंडगदा।ं।ँ चदार हदन ककी श्ज़न्दगनी मभ क्ययों
ककसनी सप्रे छल-कपट क।ँड ।न ंनींक दंडकक।ँ बनीस ंकपए स ैकड़प्रेमभबप्रेचप्रे ं ैं तगो उन म ंभक्यदा
पतदा लगप्रेगदा। तमक उनसप्रेक नप्रेथगोड़प्रे ंनी जदाओगप्रे। तकम म ंभतगो म ैंनप्रेबरदाबर अपनदा भदाई
समझदा ं ै। व्यव ंदार मभ 'भदाईम' कप्रे अथदकदा ककतनदा ंनी दंकपयगोग करभ ,लप्रेककन
उसककी भदावनदा मभ जगो पववततदा,व ं ै मदारदी कदासलमदा सप्रे कभनी मसलन न ंनीं ंगोतनी।

ंगोरदी नप्रे अपत्यक्ष ंड प सप्रेय पस्तदाव करकप्रे धचसौरदी कप्रे म।ँं


ड कककी ओर दप्रे खदा कक व
स्वनीकदार करतदा ं ै यदा न ंनीं । उसकप्रे मखक पर ककछ ऐसदा समथ्यदा ववननीत भदाव
पकट ंकआ जगो सभक्षदा मदाड।ँगतप्रेसमय मगोटप्रे सभक्षककयों पर आ जदातदा ं ै।

धचसौरदी नप्रे ंगोरदी कदा आसन पदाकर चदाबकक जमदायदा -- मदारदा तम मंक ंदारदा परदानदाक भदाई
चदारदा ं ै म तगो,ऐसनी बदात ं ै भलदा;लप्रेककन बदात य ं ै कक ईमदान आदमनी बप्रेचतदा, ं ै
तगो ककसनी लदालच सप्रे। बनीस ंकपए न ंनींमप
ैं ंद ंकपए क ंडगदा।ँ; लप्रेककन जगो बनीस
ंकपए कप्रे ददाम लगो।

ंगोरदी नप्रे णखससयदाकर क दा-- तमक तगो धचसौरदी अड।ँसंप्रेर करतप्रे ंगो, बनीस ंकपए मभ क
ंनीं ऐसप्रे बदाड।ँस जदातप्रे? ं ैं

'ऐसप्रे क्यदा,इससप्रे अच्छप्रे सबदाड।ँजदातप्रे ं ैं दस ंकपए, परदाड।ँ दस कगोस और पश्च्छम चलप्रे


जदाओ। मगोल बदाड।ँस कदा न , ंनींश र ै कप्रे नगनीच ंगोनप्रे कदा ं ै। आदमनी सगोचतदा, श्जतननी ं ै
दप्रे र व ंदाड।ँ जदानप्रे मभ ,उतननीलगप्रेगनीदप्रे र मभ तगो-चदारदगो ंकपए कदा कदाम ंगो जदायगदा।'

ससौददा पट गयदा। धचसौरदी नप्रे समरज़ई उतदार कर छदान पर रख ददी और बदाड।ँस कदाटनप्रे
लगदा। ऊख ककी ससंचदाई ंगो र ंनी थनी। ंनीरदा-ब ंडकलप्रेवदा लप्रेकर ककएड।ँपर जदा र ंनी थनी।
धचसौरदी कगो बदाड।ँस कदाटतप्रेदप्रेखकर घघटंडं।ँ कप्रे अन्दर सप्रेबगोलदी -- कसौन बदाड।ँस कदाटतदा? ं ै
य ंदाड।ँ बदाड।ँस न कटभ गप्रे।

धचसौरदी नप्रे ंदाथ रगोककर क ंदा-- बदाड।ँस मगोल सलए, ंकपए स ैकड़प्रे कदा बयदानदा
पंद ैं
ंकआ ं ै। सभत मभ न ंनींकदाट र ंप्रे ं ैं।

ंनीरदा-ब ंडअपनप्रेघर ककी मदालककन थनी। उसनी कप्रे ववदगोसप्रेभदाइययों मभ अलगसौझदा ंकआ
थदा। सं नयदा कगो परदास्त करकप्रे शप्रेर ंगो गयनी थनी। ंनीरदा कभनी-कभनी उसप्रे पनीटतदा थदा।
अभनी ंदाल मभ इतनदा मदारदा थदा कक व कई हदन तक खदाट सप्रे न उठ सककी,लप्रेककन
अपननी पददाधधिकदार व ककसनी तर न छगोड़तनी थनी। ंनीरदा कक्रगो मभ उसप्रे मदारतदा; थदा
लप्रेककन चलतदा थदा उसनी कप्रे इशदारयों ,परउस घगोड़प्रे ककी भदाड।ँ त जगो कभनी- स्वदामनी
कगो लदात मदारकर भनी उसनी कप्रे आसन कप्रे ननीचप्रे चलतदा ं ै। कलप्रेवप्रे ककी टगोकरदी ससर सप्रे
उतदार कर बगोलदी -- पंद ंकपए मभ मदारप्रे बदाड।ँस न जदायगप्रे।ंड।ँ

धचसौरदी औरत जदात सप्रे इस ववषय मभ -बदातचनीत करनदा ननी त-ववद् क सं समझतप्रे थप्रे।
बगोलप्रे-- जदाकर अपनप्रेआदमनी कगो भप्रेज दप्रे । जगो ककछ क नदा ंगो, आकर क ंभ।

ंनीरदा-ब ंडकदा नदाम थदा पन्ननी।ंक बच्चप्रेदगो ंनी ंकए थप्रे। लप्रेककन ढल गयनी थनी। बनदाव-
ससंगदार सप्रे समय कप्रे आघदात कदा शमन करनदा चदा तनी, लप्रेककनथनी ग ं ृस्थनी मभ
भगोजन ंनी कदा हठकदानदा न थदा, ससंगदार कप्रे सलएसप्रेप ै क ंदाड।ँ सप्रे आतप्रे। इस अभदाव और
वववशतदा नप्रेउसककी पक ृत कदा जल सखदाकरु कठगोर और शकष्क बनदा हदयदा थदा,
श्जस पर एक बदार संदावड़दा भनी उचट जदातदा थदा। समनीप आकर धचसौरदी कदा ंदाथ
पकड़नप्रे ककी चप्रेष म टदाकरतनी ंकई बगोलदी -- आदमनी कगो क्ययों भप्रेज दंड।ं।ँजगो ककछ क नदा
ंगो, मझसप्रेकक ंगो न। म ैंनप्रेक हदयदा, मप्रेरप्रे सबदाड।ँन कटभ गप्रे।

धचसौरदी ंदाथ छकड़दातदा थदा, और पन्ननीक बदार-बदार पकड़ लप्रेतनी थनी। एक समनट तक य
ंनी ंदाथदा-पदाई ंगोतनी र ंनी। अंत मभ धचसौरदी नप्रेउसप्रेज़गोर सप्रेपनीछप्रे ढकप्रेल हदयदा। पन्ननीक
संक्कदा खदाकर धिगर पड़नी; मगर ककर स।ँभ
ड लदी और पदाड।ँव सप्रेतल्लदी नकदालकर धचसौरदी
कप्रे ससर,म।ँं
ड क,पनीठ पर अंसससंदांंक जमदानप्रेलगनी। ब।ँस
ड गोर ंगोकर उसप्रेढकप्रेल दप्रे ? उसकदा
अपमदान! मदारतनी जदातनी थनी और रगोतनी भनी जदातनी थनी। धचसौरदी उसप्रे संक्कदा दप्रे कर --
नदारदी जदा त पर बल कदा पयगोग करकप्रे -- गच्चदा खदा चकदाक थदा। खड़प्रे-खड़प्रे मदार खदानप्रेकप्रे
ससवदा इस संकट सप्रेबचनप्रेककी उसकप्रे पदास और कगोई दवदा न थनी। पन्ननीक
कदा रगोनदा सनकरु ंगोरदी भनी दसौड़दा ंकआ आयदा। पन्ननीक नप्रेउसप्रेदप्रेखकर और ज़गोर सप्रे
धिचल्लदानदा शकड ककयदा।

ंगोरदी नप्रे समझदा,धचसौरदी नप्रेपकनयदा कगो मदारदा ं ै। ख़नड नप्रेजगोश मदारदा और अलगसौझप्रे
ककी ऊड।ँचनी बदाड।ँसं कगो तगोड़तदा ंकआ, सब ककछ अपनप्रेअंदर समप्रेटनप्रेकप्रे सलए बदा र
नकल पड़दा। धचसौरदी कगो ज़गोर सप्रे एक लदात जमदाकर बगोलदा-- अब अपनदा भलदा
चदा तप्रे ंगो धचसौरदी, तगो य ंदाड।ँ सप्रे चलप्रे ,जदाओननींतम मंक ंदारदी ल ंदास उठप्रे गनी। तमनप्रेकअपनप्रे
कगो समझदा क्यदा ं ै? तम मंक ंदारदी इतननी मजदाल कक मप्रेरदी ब ंडपर ंदाथ उठदाओ।

धचसौरदी क़समभ -खदाकर अपननी सफ़दाई दप्रे नप्रे लगदा। तश्ल्लययों ककी चगोट मभ उसककी
अपररदानी आत्मदा मसौन थनी। य लदात उसप्रे नरपररदा समलदी और उसकप्रे संडलप्रे ए
ंक
गदाल आड।ँसओंंकसप्रेभनींग गयप्रे। उसनप्रेतगो ब ंडकगो छकआ भनी न ंनीं। क्यदा व इतनदा
ग।ँडवदार ं ैकक म तगो कप्रे घर ककी औरतयों पर ंदाथ उठदायप्रेगदा।
ंगोरदी नप्रे अववक वदास करकप्रे क आड।ँखयों मभ संल मत झयोंकगो धचसौरदी, तमनप्रेकछ
ंदा--
ंड ंक ंक
क ंदा न ंनीं,तगो ब ंडझठड-मठड ं ै? ंकपए ककी गमनी ं ै,तगो नकदाल ददी जदायगनी।
रगोतनी व
अलग ं ैंतगो क्यदा आ, ं ैंतगो एक ख़न।ंड कगोई तरछठी आड।ँख सप्रेदप्रेखप्रे,तगो आड।ँख
ंक
नकदाल लभ।

पन्ननीक चंडनी बननी ंकई थनी। गलदा संदाड़कर बगोलदी -- तनप्रेडमझझप्रेक्


क कदा दप्रे कर धिगरदा न ंनीं
हदयदा? खदा जदा अपनप्रे बप्रेटप्रे ककी क़सम!

ंनीरदा कगो भनी ख़बर समलदी कक धचसौरदी और पकनयदा मभ लड़दाई ंगो र ंनी ं ै। धचसौरदी नप्रे
पकनयदा कगो संक्कदा हदयदा। पकनयदा नप्रेउसप्रेतश्ल्लययों सप्रेपनीटदा। उसनप्रेपरु व ंनींछगोड़दा
और औंगनी सलए घटनदास्थल ककी ओर चलदा। गदाड।ँव मभ अपनप्रे कक्रगो कप्रे सलसए पससद्
थदा। छगोटदा डनील, गठदा आ शरदीर, आड।ँखभ कसौड़नी ककी तर नकल आयनी थनीं और गददन
ंक
ककी नसभ तन गयनी ;थनीमगर उसप्रे धचसौरदी पर कक्रगो न थदा,कक्रगो थदा पकनयदा पर। व
क्ययों धचसौरदी सप्रे लड़नी? क्ययों उसककी इज़्ज़त समटदी मभ समलदा ?ददीब।ँस
ड गोर सप्रेलड़नप्रे -
झगड़नप्रे कदा उसप्रे क्यदा पयगोजन ?थदाउसप्रे जदाकर ंनीरदा सप्रे सदारदा समदाचदार क दप्रे नदा
चदाह ए थदा। ंनीरदा ज ैसदा उधिचत समझतदा,करतदा। उससप्रे लड़नप्रे क्ययों गयनी?उसकदा

बस ंगोतदा, तगो व पकनयदा कगो पदप्रे र णमभ रखतदा। पकनयदा ककसनी बड़प्रेसप्रेम।ँं
ड कखगोलकर
बदातभ करप्रे ,य उसप्रे असह्यथदा। व ख़द क श्जतनदा उद् दं ड थदा,पकनयदा कगो उतनदा ंनी
शदांत रखनदा चदा तदा थदा। जब भ ैयदा नप्रे पंद ंकपयप्रे मभ ससौददा , करतगो सलयदाबनीच
मभ कडदनप्रेवदालदी कसौन! आतप्रे ंनी उसनप्रेपन्ननीक कदा ंदाथ पकड़ सलयदा और घसनीटतदा
ंकआ अलग लप्रे जदाकर लगदा लदातभ जमदानप्रे--रदामज़दाददी, तड मदारदी नदाक कटदानप्रेपर
लगनी ंकई ं ै! तडछगोटप्रे -छगोटप्रे आदसमययों सप्रे लड़तनी ककरतनी, ककसककी ै पगड़नी ननीचनी
ंगोतनी ं ै बतदा! । ( एक लदात और जमदाकर) म तगो व ंदाड।ँ कलप्रेऊ ककी बदाट दप्रे ख र ंप्रे
ं ैं,तय
ड ंदाड।ँलड़दाई ठदानप्रेब ैठठी ं ै। इतननी बप्रेसमनी! आड।ँख कदा पदाननी ऐसदा धिगर गयदा!
खगोदकर गदाड़ दंडगदा।ं।ँ

पन्ननीक ंदाय- ंदाय करतनी जदातनी थनी और कगोसतनी जदातनी थनी, 'तप्रेरदी समटदी उठप्रे ,तझप्रेक
ं ैज़दा ंगो जदाय, तझप्रेकमरदी आयप्रे,दप्रे वनी म ैयदा तझप्रेकलदील जदाय,ंडत
।ँ झप्रेकइन्पलएंजदाक ंगो जदाय।
भगवदान णकरप्रे , तडकगोढ़दी ंगो जदाय। ंदाथ-पदाड।ँव कट-कट धिगरभ ।'

और गदासलयदाड।ँ तगो ंनीरदा खड़दा-ड़दा सनतदाक र ंदा, लप्रेककन य वपछलदी गदालदी उसप्रे लग
गयनी। ं ैज़दा,मरदी आहद मभ ववशप्रेष कष्नटथदा। सइर बनीमदार पड़प्रे,सउर बबददा ंगो
गयप्रे,लप्रेककन कगोढ़! य घनसौननी मसौत,और उससप्रे भनी घनसौनदा जनीवन। व तलसमलदा उठदा,
ददाड।ँत पनीसतदा ंकआ ककर पन
क यदा पर झपटदा और झगोटप्रे पकड़कर ककर उसकदा ससर
ज़मनीन पर रगड़तदा ंकआ बगोलदा -- ंदाथ-पदाव कटकर धिगर जदायगप्रे।ँड,तगो म ैं तझप्रेकलप्रेकर
चदाटंडगदा!ं।ँ तड ंनी मप्रेरप्रेबदाल-बच्चयों कगो पदालप्रेगनी? ऐं! तड ंनी इतननी बड़नी धिगरस्तनी
चलदायप्रेगनी? तडतगो दसरदाड भरतदार करकप्रे ककनदारप्रे खड़नी ंगो जदायगनी।

धचसौरदी कगो पकनयदा ककी इस दगदत क पर दयदा आ गयनी। ंनीरदा कगो उददारतदापवदकड
समझदानप्रे लगदा-- ंनीरदा म तगो, अब जदानप्रे दगो,ब ंकत ंकआ। क्यदा ंकआ, ब ंडनप्रेमझप्रेक
मदारदा। म ैंतगो छगोटदा न ंनीं ंगो गयदा। संन्य भदाग कक भगवदान णनप्रेय तगो हदखदायदा।

ंनीरदा नप्रे धचसौरदी कगो डदाड।ँटदा--तमक चपक र ंगो धचसौरदी, न ंनीं मप्रेरप्रे कक्रगो मभ पड़ जदाओगप्रे तगो बरदाक
ंगोगदा। औरत जदात इसनी तर बकतनी ं ै। आज कगो तकमसप्रेलड़ गयनी, कल कगो दसरयोंंड
सप्रेलड़ जदायगनी। तमक भलप्रेमदानस ंगो, ंड।ँसकर टदाल गयप्रे,दसरदाड तगो बरददास न करप्रे गदा। क
ंनीं उसनप्रे भनी ंदाथ छगोड़ हदयदा,तगो ककतननी आबड र जदायप्रेगनी,बतदाओ।

इस ख़यदाल नप्रे उसकप्रे कक्रगो कगो ककर भड़कदायदा। लपकदा थदा कक ंगोरदी नप्रे दसौड़कर
पकड़ सलयदा और उसप्रेपनीछप्रे टदातप्रे ंकए बगोलदा -- अरप्रे ंगो तगो गयदा। दप्रे ख तगो सलयदा द
ंकनयदा नप्रेकक बड़प्रेब ंदादरु ंगो। अब क्यदा उसप्रेपनीसकर पनी जदाओगप्रे ?
ंनीरदा अब भनी बड़प्रे भदाई कदा अदब करतदा थदा। ससनीप्रे-ससनीप्रे न लड़तदा थदा। चदा तदा तगो
एक झटकप्रे मभ अपनदा ंदाथ छकड़दा लप्रेतदा; लप्रेककन इतननी बप्रेअदबनी न कर सकदा। धचसौरदी ककी
ओर दप्रे खकर बगोलदा-- अब खड़प्रे क्यदा तदाकतप्रे ंगो। जदाकर अपनप्रे बदाडस
।ँ कदाटगो। म ैंनप्रे स ंनी
कर हदयदा। पंद ंकपए स ैकड़प्रे मभ तय ं ै।

ंदाड।ँतगो पन्ननीक रगो र ंनी थनी। क ंदाड।ँझमककर उठठी और अपनदा ससर पनीटकर बगोलदी -- लगदा
दप्रे घर मभ आग,मझप्रेक्
क यदा करनदा ं ै। भदाग संडट गयदा कक तम-क ज ैसनी क़सदाई कप्रे पदालप्रे पड़नी।
लगदा दप्रे घर मभ आग! उसनप्रे कलप्रेऊ ककी टगोकरदी व ंनीं छगोड़ ददी और घर ककी ओर चलदी।

ंनीरदा गरजदा -- व ंदाड।ँ क ंदाड।ँ जदातनी,चल ं ैंककएड।ँपर, न ंनींख़नड पनी जदाऊड।ँगदा।

पकनयदा कप्रे पदाड।ँव ंकक गयप्रे। इस नदाटक कदा दसरदाड अंक न खप्रेलनदा चदा तनी थनी। चपकप्रेक
सप्रेटगोकरदी उठदाकर रगोतनी ंकई ककएड।ँककी ओर चलदी। ंनीरदा भनी पनीछप्रे -पनीछप्रे चलदा। ंगोरदी नप्रे क
ंदा -- अब ककर मदार-संदाड़ न करनदा। इससप्रेऔरत बप्रेसरम ंगो जदातनी ं ै।

नयदा नप्रे द्वदार पर आकर ंदाड।ँ क लगदायनी--तमक व ंदाड।ँ खड़प्रे-खड़प्रे क्यदा तमदाशदा दप्रे ख र ंप्रे
ंगो। कगोई तम मंक ंदारदी सनतदाक भनी ं ैकक ययों ंनी सशक्षदा दप्रे र ंप्रे ंगो। उस हदन इसनी ब
ंड नप्रेतम मंक ंभ घंडघट।ँ ककी आड़ मभ डदाढ़दीजदार क ंदा थदा, भलड गयप्रे। ब ंक ररयदा ंगोकर
परदायप्रे मरदयों सप्रे लड़प्रेगनी,तगो डदाड।ँटदी न जदायप्रेगनी।

ंगोरदी द्वदार पर आकर नटखटपन कप्रे सदाथ बगोलदा-- और जगो म ैंइसनी तर तझप्रेक
मदाडड।ँ?

'क्यदा कभनी मदारदा न ंनीं , जगो ै मदारनप्रेककी ससदा बननी ंकई ं ै?'

'इतननी बप्रेदरददी सप्रे मदारतदा,ंगो तघ


ड र छगोड़कर भदाग जदातनी! पन
क यदा बड़नी ग़मख़गोर ं ै।'

'ओ ंगो! ऐसप्रे ंनी तगो बड़प्रे दरदवदालप्रे ंगो। अभनी तकमदार कदा ददाग़ बनदा ंकआ ं ै। ंनीरदा
मदारतदा ं ैतगो दलदारतदाक भनी ं ै। तमनप्रेकख़दालदी मदारनदा सनीखदा, दलदारु करनदा सनीखदा ंनी
न ंनीं। म ैंंनी ऐसनी ंडकक।ँ तम मंक ंदारप्रे सदाथ नबदा ंकआ।'

'अच्छदा र नप्रे दप्रे ,ब ंकत अपनदा बखदान न कर! तड ंनी ंडठ-ंडठकर न ै र भदागतनी थनी।
'जब म ंनीनयों ख़शदामद क करतदा थदा, तब जदाकर आतनी थनी!'

'जब अपननी गरज सतदातनी थनी, तब मनदानप्रेजदातप्रेथप्रेलदालदा! मप्रेरप्रेदलदारु सप्रेन ंनींजदातप्रे थप्रे।'

'इसनी सप्रेतगो म ैंसबसप्रेतप्रेरदा बखदान करतदा ंड।'ं।ँ

व ैवदाह क जनीवन कप्रे पभदात मभ लदालसदा अपननी गलदाबनीक मदादकतदा कप्रे सदाथ उदय ंगोतनी
ं ैऔर हृदय कप्रे सदारप्रे आकदाश कगो अपनप्रेसमदायदक
क की सनक रदी ककरणयों सप्रेरंश्जत कर
दप्रे तनी ं ै। ककर मध्यदाह्न कदा पखर तदाप आतदा, क्षण ै-क्षण पर बगलप्रेडउठतप्रे ं ैं,और
पथ्वनी ृ कदाड।ँपनप्रेलगतनी ं ै। लदालसदा कदा सनक रदा आवरण ट जदातदा ं ैऔर
वदास्तववकतदा अपनप्रे नग्न ंडप मभ सदामनप्रे आ खड़नी ं ै। उसकप्रे बदाद ववशदाममय
सन्ध्यदा आतनी ं ै,शनीतल और शदान्त, जब म थकप्रे ंकए पधिथकयों ककी भदाड।ँ त हदन-भर
ककी यदातदा कदा वत्तदान्त ृ क तप्रेऔर सनतप्रेक ं ैंतटस्थ भदाव सप्रे,मदानगो म ककसनी ऊड।ँ चप्रे
सशखर पर जदा ब ैठप्रे ं ैंज ंदाडन
।ँ नीचप्रेकदा जनडरव म तक न ंनींप ंकड।ँचतदा।

नयदा नप्रे आड।ँखयों मभ रस भरकर-- कचलगोदा-चलगो, बड़प्रे बखदान करनप्रेवदालप्रे। -ज़रदासदा कगोई
कदाम बबगड़ जदाय, तगो गरदन पर सवदार ंगो जदातप्रे ंगो।

ंगोरदी नप्रे मनीठप्रे उलदा नप्रे कप्रे सदाथ --क लप्रेदा,अब य ंनी तप्रेरदी बप्रेइंसदाफ़की मझप्रेकअच्छठी
न ंनींलगतनी सं नयदा! भगोलदा सप्रेपछड, म ैंनप्रे उनसप्रे तप्रेरप्रे बदारप्रे मभ ?क्यदा क ंदा थदा सं नयदा

नप्रे बदात बदलकर क ंदा-- दप्रे खगो,गगोबर गदाय लप्रेकर आतदा ं ै कक ख़दालदी ंदाथ।

धचसौरदी नप्रे पसनीनप्रे मभ -पथलथआकर क ंदा -- म तगो, चलकर बदाड।ँस धिगन लगो। कल
ठप्रे लदा लदाकर उठदा लप्रे जदाऊड।ँ गदा।

ंगोरदी नप्रे बदाड।ँस धिगननप्रे ककी ज़डरत न समझनी। धचसौरदी ऐसदा आदमनी न ंनीं ं ै। ककर एककदा
बदाड।ँस बप्रेसनी ंनी कदाट ,लप्रेगदातगोक्यदा। रगोज़ ंनी तगो म।ँग
ड ननी बदाड।ँस कटतप्रेर तप्रे ं ैं।
ंदालगयों मभ तगो मंडप बनदानप्रे कप्रे सलए लगोग दरजनयों बदाड।ँस कदाट लप्रे जदानतप्रेरदी ं ैं। नप्रे सदाढ़प्रे सदात
ंकपए नकदालकर उसकप्रे ंदाथ मभ रख हदयप्रे।

ंगोरदी नप्रे धिगनकर क ंदा-- और नकदालगो। ह सदाब सप्रे ढदाई और ंगोतप्रे ं ैं।
धचसौरदी नप्रेबप्रेमरसौवतनीक सप्रेक ंदा -- पंद ंकपयप्रेमभतय ंक ं ैंकक न ंनीं?

'पंद ंकपए मभ ,नबनीसनीं ंकपयप्रे मभ ।'

' ंनीरदा म तगो नप्रेतम मंक ंकपयप्रेक ंप्रेथप्रे। क ंगो तगो बलदाक लदाऊड।ँ।'
ंदारप्रे सदामनप्रेपंद

'तय तगो बनीस ंकपयप्रेमभंनी ंकए थप्रेधचसौरदी! अब तम मंक ंदारदी जनीत ं ै,जगो चदा ंगो क ंगो।
ढदाई ंकपयप्रे नकलतप्रे, त ैंमक दगो ंनी दप्रे दगो।'

मगर धचसौरदी कच्चनी गगोसलयदाड।ँन खप्रेलदा थदा। अब उसप्रेककसकदा डर। ंगोरदी कप्रे म।ँं
ड कमभ तगो
तदालदा पड़दा ंकआ थदा। क्यदा क ंप्रे,मदाथदा ठयोंककर र गयदा। बस इतनदा बगोलदा --
अच्छठी बदात न ंनीं , ं ैधचसौरदी, दगो ंकपए दबदाकर रदाजदा न गो जदाओगप्रे।

धचसौरदी तनीक्ष्ण स्वर मभ बगोलदा-- और तमक क्यदा भदाइययों कप्रे थगोड़प्रे-सप्रे प ैसप्रे दबदाकर रदाजदा
ंगो जदाओगप्रे? ढदाई ंक पयप्रे पर अपनदा ईमदान बबगदाड़ र ंप्रे , थप्रेउस पर मझप्रेकउपदप्रे स
दप्रे तप्रे ंगो। अभनी परददा खगोल दंड,ं।ँतगो ससर ननीचदा ंगो जदाय।

ंगोरदी पर ज ैसप्रेस ैकड़यों जतप्रेडपड़ गयप्रे। धचसौरदी तगो ंकपए सदामनप्रेज़मनीन पर रखकर
चलदा गयदा; पर व ननीम कप्रे ननीचप्रे ब ैठदा बड़नी दप्रे र तक पछतदातदा र ंदा। व ककतनदा
लगोभनी और स्वदाथनी, इसकदा उसप्रे आज पतदा चलदा। धचसौरदी नप्रे ढदाई ंकपए दप्रे हदयप्रे , ंगोतप्रे
तगो व ख़शनीक सप्रेककतनदा संडल उठतदा। अपननी चदालदाककी कगो सरदा तदा कक ब ैठप्रे-ब ैठदाए
ढदाई ंकपए समल गयप्रे। ठगोकर खदाकर ंनी तगो म सदाववदाननी कप्रे सदाथ पग उठदातप्रे ं ैं।
नयदा अंदर चलदी गयनी थनी। बदा र आयनी तगो ंकपए ज़मनीन पर पड़प्रे दप्रे खप्रे,धिगनकर
बगोलदी -- और ंकपए क्यदा ंकए, दस न चदाह ए?

ंगोरदी नप्रेलंबदा म।ँं


ड कबनदाकर क ंदा -- ंनीरदा नप्रे पंद ंकपए मदंप्रेंह
ं दयप्रे ,तगो म ैं क्यदा
करतदा।

ंनीरदा पदाड।ँच ंकपए मभ दप्रे दप्रे । म न ंनीं दप्रे तप्रे' इन ददामयों।

'व ंदाड।ँ मदार-पनीट ंगो र ंनी थनी। म ैं बनीच मभ क्यदा बगोलतदा।'


ंगोरदी नप्रे अपननी परदाजय अपनप्रे मन मभ ंनी डदाल,ज ैसप्रेलदी कगोई चगोरदी सप्रे आम तगोड़नप्रे कप्रे
सलए पप्रेड़ पर चढ़प्रे और धिगर पड़नप्रेपर संलड झदाड़तदा ंकआ उठ खड़दा ंगो कक कगोई
दप्रे ख न लप्रे। जनीतकर आप अपननी संगोखप्रेबदाश्ज़ययों ककी डनींग मदार सकतप्रे;जनीत सप्रे ैं
सब-ककछ मदाफ़ ं ै। ंदार ककी लज्जदा तगो पनी जदानप्रेककी ंनी वस्तक ं ै। सं नयदा प त
कगो संटकदारनप्रेलगनी। ऐसप्रेसअवसरु उसप्रेब ंकत कम समलतप्रेथप्रे। ंगोरदी उससप्रेचतरु
थदा; पर आज बदाज़नी सं नयदा कप्रे ंदाथ थनी।

ंदाथ मटकदाकर बगोलदी -- क्ययों न ंगो, भदाई नप्रे पंद ंकपयप्रे क ,हदयप्रेतगोतमक क ैसप्रे
टगोकतप्रे। अरप्रे रदाम-रदाम! लदाड़लप्रे भदाई कदा हदल छगोटदा ंगो जदातदा कक न ंनीं। ककर
जब
इतनदा बड़दा अनथद ंगो र ंदा थदा कक लदाड़लदी ब ंडकप्रे गलप्रेपर छकरदी चल र ंनी थनी,
तगो भलदा तमक क ैसप्रेबगोलतप्रे। उस बखत कगोई तम मंक ंदारदा सरबस लटड लप्रेतदा, तगो भनी
तम मंक ंभ ससक न ंगोतनी।

ंगोरदी चपचदापक सनतदाक र ंदा। समनकदा तक न ंनीं। झ।ँ झ ड लदाक ट ंकई, कक्रगो आयदा,
ख़नस
खसौलदा, आड।ँख जलदी,ददाड।ँत वपसप्रे;लककन बगोलदा न ंनीं। चपकप्रे-सप्रेकददाल उठदायनी और
ऊख
गगोड़नप्रे चलदा। ंक ंक

सं नयदा नप्रेकददाल छठीनकर क ंदा -- क्यदा अभनी सबप्रेरदा ं ै जगो ऊख गगोड़नप्रे ?


चलप्रेसरज
ंक ंड
दप्रे वतदा मदाथप्रे पर आ गयप्रे। नप्रे-संगोनप्रेदा जदाओ। रगोटदी त ैयदार ै।
ंगोरदी नप्रेघन्नदाकरु क ंदा -- मझप्रेकभखड न ंनीं ं ै।

नयदा नप्रे जलप्रे पर नगोन छड़कदा-- ंदाड।ँकदा ंप्रेकगो भखड लगप्रेगनी। भदाई नप्रेबड़प्रे-बड़प्रे लड्डड
णखलदा हदयप्रे ं ैंन! भगवदान णऐसप्रेसपतड भदाई सबकगो दभ ।

ंगोरदी बबगड़दा। कक्रगो अब रश्स्सयदाडत


।ँ ड़दाक र ंदा थदा -- तडआज मदार खदानप्रेपर लगनी ंकई
ं ै।

नयदा नप्रे नक़लदी ववनय कदा नदाटक करकप्रे क --ंदा क्यदा क।ँड ,तमक दलदारु ंनी इतनदा
करतप्रे ंगो कक मप्रेरदा ससर ककर गयदा ं ै।

'तडघर मभ र नप्रेदप्रेगनी कक न ंनीं?'


'घर तम मंक ंदारदा, मदासलक तम,क म ैंभलदा कसौन ंगोतनी ंडत।ँम मंक ंभघर सप्रे
नकदालनप्रेवदालदी।'
ंगोरदी आज सं नयदा सप्रे ककसनी तरपप्रेश ननींपदा सकतदा। उसककी अक्ल ज ैसप्रेकंद क ंगो
गयनी ं ै। इन व्यंग्य-बदाणयों कप्रे रगोकनप्रे कप्रे सलए उसकप्रे पदास कगोई ढदाल न ंनीं ं ै। संनीरप्रे
सप्रेककददाल रख ददी और गमछदा लप्रेकर न ंदानप्रेचलदा गयदा। लसौटदा कगोई सआ घंटप्रेमभ;
मगर गगोबर अभनी तक न आयदा थदा। अकप्रे लप्रे क ै सप्रे भगोजन करप्रे । लगौंडदा व ंदाड।ँ जदा कर

सगो र ंदा। भगोलदा ककी व मदमदातनी छगोकरदी ं ैन झन क यदा। उसकप्रे सदाथ ड।ँसनी-हदल्लगनी
कर र ंदा ंगोगदा। कल भनी तगो उसकप्रे पनीछप्रे लगदा ंकआ थदा। न ंनींगदाय ददी, तगो लसौट
क्ययों न ंनीं आयदा। क्यदा व ंदाड।ँ ढई दप्रे गदा।

सं नयदा नप्रे क ंदा-- अब खड़प्रे क्यदा ?ंगो गगोबर सदाड।ँझ कगो आयप्रेगदा। ंगोरदी नप्रेऔर ककछ
न क ंदा। क ंनींसं नयदा ककर न ककछ क ब ैठप्रे।
भगोजन करकप्रे ननीम ककी छदाड।ँ मभ लप्रेट
ंदा। ंडपदा रगोतनी ंकई आई नंगप्रेबदन एक ल।ँ ग
ड गोटदी लगदायप्रे,झबरप्रे बदाल सइर-सउर
बबखरप्रे ंकए। ंगोरदी ककी छदातनी पर लगोट गयनी। उसककी बड़नी ब न सगोनदा क तनी ं ै--
गदाय आयप्रेगनी,तगो उसकदा गगोबर म ैंपदाथगनी।ंडं।ँ ंडपदा य न ंनींबरददाकत कर सकतनी।
सगोनदा ऐसनी क ंदाड।ँ ककी बड़नी रदाननी ं ै सदारदाकक गगोबर आप पदाथ डदालप्रे। ंडपदा उससप्रे
ककस बदात मभ कम ं ै। सगोनदा रगोटदी पकदातनी,तगो ं ैक्यदा ंडपदा बरतन न ंनीं मदाड।ँजतनी?

सगोनदा पदाननी लदातनी ं ै,तगो क्यदा ंडपदा ककएड।ँपर रस्सनी न ंनींलप्रेजदातनी? सगोनदा तगो कलसदा

भरकर इठलदातनी चलदी आतनी ं ै। रस्सनी समप्रेटकर ंडपदा ंनी लदातनी ं ै। गगोबर दगोनयों

सदाथ पदाथतनी ं ैं।सगोनदा खप्रेत गगोड़नप्रे जदातनी, तगो ै क्यदा ंडपदा बकरदी चरदानप्रे न ंनीं
जदातनी? ककर सगोनदा क्ययों अकप्रे लदी गगोबर पदाथप्रेगनी?य अन्यदाय ंडपदा क ै सप्रे स? ंप्रे
ंगोरदी नप्रेउसकप्रे भगोलप्रेपन पर मग मसंक ंगोकर क ंदा -- न ंनीं,गदाय कदा गगोबर
तडपदाथनदा सगोनदा गदाय कप्रे पदास जदायप्रे तगो भगदा दप्रे नदा।

ंडपदा नप्रे वपतदा कप्रे गलप्रे मभ ंदाथर डदालक -- दद ड भनी म ैंंनी द ंकंडगनी।ं।ँ

ंदाड।ँ-ंदाड।ँ,तडन द ंकप्रेगनी तगो और कसौन द

ंकप्रेगदा?' 'व मप्रेरदी गदाय ंगोगनी।'

ंदाड।ँ,सगोल ंगो आनप्रे तप्रेरदी।'

ंडपदा पसन्न ंगोकर अपननी ववजय कदा शकभ समदाचदार परदाश्जतदा सगोनदा कगो सनदानप्रेक
चलदी गयनी। गदाय मप्रेरदी ंगोगनी,उसकदा दद ड म ैंदं
क डगनीभीँ, उसकदा गगोबर म ैंपदाथगनींडं।ँ, तझप्रेक
ककछ न समलप्रेगदा। सगोनदा उम्र सप्रेककशगोरदी, दस कस गठन ममयवतड़ और बदद ध सस
बदासलकदा थनी, ज ैसप्रे उसकदा यसौवन उसप्रे आगप्रे खनींचतदा,बलपनथदा पनीछप्रे । कछ बदातयों मभ
ंक
इतननी चतर कक गप्रेजएट यव तययों कगो पढ़दायप्रे ,कछ बदातयों मभ इतननी अल म ड़ कक
ंक ंक ंक ंक
सशशकओंसप्रेभनी पनीछप्रे । लंबदा, ंडखदा, ककंतकपसन्न मखक, ठगोड़नी ननीचप्रेकगो णखंचनी ई,
ंक
आड।ँखयों मभ एक पकदार ककी तश्प्त न कप्रेशयों मभ तप्रेल, न आड।ँखयों मभ कदाजल,नदप्रे पर
ं ृ
कगोई आभषण, ज ैसप्रेग स्थनी कप्रे भदार नप्रेयसौवन कगो दबदाकर बसौनदा कर हदयदा ंगो।
ंड ं ृ
ससर कगो एक झटकदा दप्रे कर बगोलदी-- जदा तडगगोबर पदाथ। जब तडदद ड द ंककर रखप्रेगनी
तगो म ैं पनी जदाऊड।ँ गनी।
'म ैंदद ड ककी ंदाड।ँड़नी तदालप्रेमभबंद करकप्रे
रखगनी।ंडं।ँ'
'म ैंतदालदा तगोड़ कर दद ड नकदाल लदाऊड।ँगनी।'

य क तनी ई व बदाग़ ककी तरफ़ चल ददी। आम गदरदा गयप्रेथप्रे। वदा कप्रे झयोंकयों सप्रे
ंक
एककदा ज़मनीन पर धिगर पड़तप्रे थप्रे,ल कप्रे मदारप्रे चचकप्रे, पनीलप्रे;लप्रेककन बदाल-वदं उन म ंभ
ंड ंक ं ृ
टपकप्रे समझकर बदाग़ कगो घप्रेरप्रे र तप्रे थप्रे।भनीडपदाब न कप्रे पनीछप्रे ंगो लदी। जगो कदाम
सगोनदा करप्रे , व ंडपदा ज़डर करप्रे गनी। सगोनदा कप्रे वववदा ककी बदातचनीत ंगो र ंनी ,थनीडपदा
कप्रे वववदा ककी कगोई चचदाद न ंनीं करतदा;इससलए व स्वयम कप्रे सलए
णअपनप्रेवववदा
आग करतनी ं ै। उसकदा दल मंड ंदा ंगोगदा, क्यदा-क्यदा लदायप्रेगदा,उसप्रे क ै सप्रे रखप्रेगदा,उसप्रे
क ैसदा
क्यदा णखलदायप्रेगदा,क्यदा प नदायप्रेगदा,इसकदा व बड़दा ववशद वणदन करतनी,श्जसप्रेसनकरु
कददाधिचत णकगोई बदालक उससप्रेवववदा करनप्रेपर रदाज़नी न ंगोतदा। ंगो र ंनी थनी।
सदाड।ँझ
ंगोरदी ऐसदा अलसदायदा कक ऊख गगोड़नप्रे न जदा सकदा। ब ैलयों कगो नदाड।ँद मभ , सदाननीलगदायदा-
खलदी ददी और एक धिचलम भरकर पनीनप्रेलगदा। इस फ़सल मभ सब ककछ खसल ंदान मभ
तसौल दप्रे नप्रे पर भनी अभनी उस पर कगोई तनीन ससौ क़रज़ थदा,श्जस पर कगोई ससौ ंकपए
सद ड कप्रे बढ़तप्रेजदातप्रेथप्रे। म।ँग
ड सदा सप्रेआज पदाड।ँच सदाल ंकए ब ैल कप्रे सलए सदाठ
ंकपए सलए थप्रे,उसमभ सदाठ दप्रे चकदाक थदा; पर व सदाठ ंकपए ज्ययों-कप्रे-त्ययों बनप्रे ंकए थप्रे।
ददातदाददीन पंडडत सप्रेतनीस ंकपए लप्रेकर आलडबगोयप्रेथप्रे। आलडतगो चगोर खगोद लप्रे गयप्रे,
और उस तनीस कप्रे इन तनीन बरसयों मभ ससौ ंगो गयप्रेथप्रे। दलदारदीक ववववदा स ंकआइन थनी,
जगो गदाडव
।ँ मभ नगोन तप्रेल तमदाखक
ड की दकदानड रखप्रे ंकए थनी। बटवदारप्रे कप्रे समय उससप्रे
चदालदीस ंकपए लप्रेकर भदाइययों कगो दप्रे नदा पड़दा थदा। उसकप्रे भनी लगभग ससौ ंकपए ंगो गयप्रे
थप्रे,क्ययोंकक आनप्रे ंकपयप्रे कदा ब्यदाज थदा। लगदान कप्रे अभनी पच्चनीस ंकपए बदाक़की पड़प्रे
ंकए थप्रेऔर दश रप्रे कप्रे हदन शगनक कप्रे ंकपययों कदा भनी कगोई पबंसं करनदा थदा। बदाड।ँसयों
कप्रे ंकपए बड़प्रेअच्छप्रे समय पर समल गयप्रे। शगनक ककी समस्यदा ल ंगो जदायगनी;
लप्रेककन कसौन जदानप्रे। य ंदाड।ँ तगो एक संप्रेलदा भनी ंदाथ मभ , तगोआ गदाड।ँवजदाय मभ शगोर मच
जदातदा ं ै,और लप्रेनददार चदारयों तरफ़ सप्रे नगोचनप्रे लगतप्रे,यप्रेपदाड।ँच ैं ंकपयप्रेतगो व शगनक
मभ दप्रे गदा,च ंप्रेककछ ंगो जदाय; मगर अभनी श्ज़ंदगनी कप्रे दगो -बड़प्रे कदाम ससर पर
सवदार थप्रे। गगोबर और सगोनदा कदा वववदा । ब ंकत ंदाथ बदाड।ँसंनप्रेपर भनी तनीन ससौ सप्रेकम
ख़चद न ंयोंगप्रे। यप्रे तनीन ससौ ककसकप्रे घर सप्रे ?आयभगप्रेककतनदाचदा तदा ं ै कक ककसनी
सप्रे
एक प ैसदाक़रज़ न लप्रे,श्जसकदा आतदा ं ै,उसकदा पदाई-पदाई चकदाक दप्रे ; लप्रेककन र तर
कदा कष्ट उठदानप्रेपर भनी गलदा न ंनींछडटतदा। इसनी तर सद ड बढ़तदा जदायगदा और एक
हदन उसकदा घर-द्वदार सब ननीलदाम ंगो जदायगदा, उसकप्रे बदाल-बच्चप्रे नरदाशयंगोकर
भनीख मदाड।ँगतप्रे ककरभ गप्रे। ंगोरदी जब-संंसंप्रेकदामसप्रेछकटदी पदाकर धिचलम पनीनप्रेलगतदा थदा,
तगो य धिचंतदा एक कदालदी ददीवदार ककी भदाड।ँ त चदारयों ओर सप्रे घप्रेर लप्रेतनी,श्जसमभ थनी सप्रे
नकलनप्रेककी उसप्रेकगोई गलदी न सझतनीड थनी। अगर संतगोष थदा तगो य ंनी कक य
वववपत्त अकप्रे लप्रे उसनी कप्रे ससर न थनी। पदायछःसभनी ककसदानयों कदा य ंनी ंदाल थदा।
अधधिकदांश ककी दशदा तगो इससप्रे भनी बदतर थनी। शगोभदा और ंनीरदा कगो ए
उससप्रेअलग
अभनी कल तनीन सदाल ए थप्रे;मगर दगोनयों पर चदार-चदार ससौ कदा बगोझ लद गयदा। ंक
ंक ंक
झनींगर दगो ल ककी खप्रेतनी करतदा ं ै। उस पर एक ज़दार सप्रेकछ बप्रेसनी ंनी दप्रे नदा ं ै।
ंक ंक
श्जयदावन म तगो कप्रे घर-सभखदारदी भनीख भनी न ंनीं पदातदा;लप्रेककन करजप्रे कदा
कगोई
हठकदानदा न ंनीं। य ंदाड।ँ कसौन बचदा ं ै।

सदा सगोनदा और ंडपदा दगोनयों दसौड़नी ंकई आयनींऔर एक सदाथ बगोलदीं-- भ ैयदा गदाय
लदा र ंप्रे ं ैं। आगप्रे- गदाय,पनीछप्रे -पछप्रे भनीयदा ं ैं।

ंडपदा नप्रेप लप्रेगगोबर कगो आतप्रेदप्रेखदा थदा। य ख़बर सनदानप्रेकककी सख़दईड क उसप्रेसमलननी चदाह ए
थनी। सगोनदा बरदाबर ककी ह स्सप्रेददार ंकई जदातनी ं ै, य उससप्रे क ै सप्रे स ंदा जदातदा। उसनप्रे
आगप्रे बढ़कर क --ंदा प लप्रेमन
ैं प्रे दप्रे खदा थदा।

तभनी दसौड़नी। ब न नप्रे तगो पनीछप्रे सप्रे दप्रे खदा। सगोनदा इस ददावप्रे कगो स्वनीकदार न कर सककी। बगोलदी
-- तनप्रेडभय
ै दा कगो क ंदाड।ँप चदानदा। तडतगो क तनी थनी, कगोई गदाय भदागनी आ र ंनी ं ै। म ैंनप्रे ंनी,
भ ैयदाक ं ैं।
दगोनयों ककर बदाग़ ककी तरफ़ दसौड़नीं,गदाय कदा स्वदागत करनप्रे कप्रे सलए। सं नयदा और
ंगोरदी दगोनयों गदाय बदाड।ँसंनप्रे कदा पबंसं करनप्रे लगप्रे।
ंगोरदी बगोलदा -- चलगो, जल्ददी सप्रे नदाडद
।ँ गदाड़ दभ ।

नयदा कप्रे मखक पर जवदाननी चमक उठठी थनी -- न ंनीं,प लप्रे थदालदी मभ थगोड़दा-सदा आटदा
और गड़क घगोलकर रख दभ । बप्रेचदारदी संपड मभ चलदी ंगोगनी। प्यदासनी ंगोगनी। तमक जदाकर
नदाड।ँद गदाड़गो,म ैंघगोलतनी ंड।ं।ँ

'क ंनीं एक घंटदीपड़नी थनी। उसप्रेढंडढ़।ँ लप्रे। उसकप्रे गलप्रेमभबदाड।ँसंभग।'

'सगोनदा क ंदाड।ँगयनी। स ंकआइन ककी दकदानक सप्रेथगोड़दा-सदा कदालदा डगोरदा म।ँग


ड वदा लगो,
गदाय कगो नज़र ब ंकत लगतनी ं ै।'

'आज मप्रेरप्रेमन ककी बड़नी भदारदी लदालसदा परदीड ंगो गयनी।'

नयदा अपनप्रे ंदाहददक उल्लदास कगो दबदायप्रे रखनदा चदा तनी थनी। इतननी बड़नी सम्पददा
अपनप्रे सदाथकगोई नयनी बबदादा न लदायप्रे,य शंकदा उसकप्रे नरदाश हृदय मभ कम्पन डदाल र ंनी
थनी। आकदाश ककी ओर दप्रे खकर बगोलदी-- गदाय कप्रे आनप्रे कदा आनन्द तगो
जब ं ैकक उसकदा पसौरदा भनी अच्छदा ंगो। भगवदान णकप्रे मन ककी बदात ं ै।

मदानगो व भगवयन णकत भड़ तखय दसनय चय तड़ थड़। भगवयन णकत भड़ हदखयनय चय तड़


थनी कक इस गदाय कप्रे आनप्रेसप्रेउसप्रेइतनदा आनंद न ंनीं आ कक ईष्यदादलभ क गवदान ण
ंक
सखक कदा पलड़दा ऊड।ँचदा करनप्रेकप्रे सलए कगोई नयनी ववपश्त्त भप्रेज दभ । व अभनी आटदा
घगोल ंनी र ंनी थनी कक गगोबर गदाय कगो सलयप्रेबदालकयों कप्रे एक जलकडस कप्रे सदाथ
द्वदार
पर प ंड।ँचदा। ंगोरदी दसौड़कर गदाय कप्रे गलप्रेसप्रेसलपट गयदा। सं नयदा नप्रेआटदा छगोड़
हदयदा
ंक

और जल्ददी सप्रेएक परदाननीक सदाड़नी कदा कदालदा ककनदारदा संदाड़कर गदाय कप्रे गलप्रेमभबदाड।ँसं
हदयदा। ंगोरदी शद् संदा-ववह्वल नप्रेतयों सप्रे गदाय कगो दप्रे ख र ,ंदा मथदानगो सदाक्षदात
णदप्रे वनीजनी नप्रे घर मभ पददापदण ककयदा ंगो। आज भगवदान णनप्रेय हदन हदखदायदा कक
उसकदा घर गऊ कप्रे चरणयों सप्रे पववत ंगो गयदा। य ससौभदाग्य! न जदानप्रेसककप्रे पडयक-
पतदाप सप्रे।

सं नयदा नप्रेभयदातरु ंगोकर क ंदा -- खड़प्रे , ंगोआड।ँगन मभ नदाड।ँद गदाड़ दगो।


क्यदा
'आड।ँगन , मभ जग
क ंदाड?
।ँ ' ं ै

'ब ंकत ं ै।'


जग
'म ैंतगो बदा र ंनी गदाड़तदा ंड।'ं।ँ

'पदागल न बनगो। गदाड।ँव कदा ंदाल जदानकर भनी अनजदान बनतप्रे' ंगो।

'अरप्रे बबत्तप्रे-भर कप्रे आड।ँगन मभ गदाय क ंदाड।ँब।ँसड ंप्रेगनी भदाई?'

'जगो बदात न ंनीं जदानतप्रे,उसमभ टदाड।ँग मत अड़दायदा करगो। -संसदारभककी बबद्यदा तम मंक
ंनीं न ंनीं पढ़प्रे ' ंगो।

ंगोरदी सचमचक आपप्रेमभन थदा। गऊ उसकप्रे सलए कप्रेवल भश्क्त और शद् संदा ककी वस्तक
ंनीं,सजनीव सपश्त्त भनी थनी। व उससप्रे अपनप्रे द्वदार ककी शगोभदा और अपनप्रे घर कदा गसौरव
बढ़दानदा चदा तदा थदा। व चदा तदा थदा, लगोग गदाय कगो द्वदार पर ब।ँसड ंप्रेदप्रेखकर पछभ ंड-- य
ककसकदा घर ं ै? लगोग क ंभ-- ंगोरदी म तगो कदा। तभनी लड़ककीवदालप्रे भनी
उसककी ववभडत सप्रेपभदाववत ंयोंगप्रे। आड।ँगन मभ ब।ँसड ंनी, तगो कसौन दप्रे खप्रेगदा? नयय इसकस
ववपरदीत सशंक थनी। व गदाय कगो सदात परदयों कप्रे अंदर छपदाकर रखनदा चदा तनी थनी।
अगर गदाय आठयों प र कगोठरदी मभ र सकतनी,तगो शदायद व उसप्रे बदा र न नकदालनप्रे
दप्रे तनी। ययों र बदात मभ ंगोरदी ककी ंगोतनी थनी। व अपनप्रे पक्ष पर अड़ जदातदा थदा
जनीत
और सं नयदा कगो दबनदा पड़तदा थदा, लप्रेककन आज सं नयदा सदामनप्रे ंगोरदी ककी एक न
कप्रे
चलदी। सं नयदा लड़नप्रे पर त ैयदार ंगो गयनी। गगोबर,सगोनदा और ंडपदा, सदारदा ंगोरदी कप्रे
घर
पक्ष मभ ;थदापर सं नयदा नप्रे अकप्रे लप्रे सब कगो परदास्त कर हदयदा। आज उसमभ एक
ववधिचत आत्म-ववकवदास और ंगोरदी मभ एक
ववधिचत ववनय कदा उदय ंगो गयदा थदा।
मगर तमदाशदा क ै सप्रे ंकक सकतदा थदा। गदाय डगोलदी मभ ब ैठकर तगो आई न थनी। क ै सप्रे
संभव थदा कक गदाड।ँव मभ इतननी बड़नी बदात त जयय और तमयशय न लगस। शजसनस
सकनदा, सब कदाम छगोड़कर दप्रे खनप्रेदसौड़दा। य मदामलदीड दप्रे शनी गऊ न ंनीं ं ै। भगोलदा कप्रे घर
सप्रे अस्सनी ंकपयप्रे मभ आयनी ं ै। ंगोरदी अस्सनी ंकपए क्यदा,पचदासदभ गप्रे-सदाठ ंकपए
मभ
लदायप्रे ंयोंगप्रे। गदाडव
।ँ कप्रे इ त ंदास मभ -सदाठपचदासए
क ककी गदाय कदा आनदा भनी अभतपव
ड द
बदात थनी। ब ैल तगो पचदास ंकपए कप्रे भनी आयप्रे,ससौ कप्रे भनीआयप्रे,लप्रेककन गदाय कप्रे सलए
इतननी बड़नी रक़म ककसदान क्यदा खदा कप्रे ख़चद करप्रे गदा। य तगो ग्वदालयों ंनी कदा कलप्रेजदा
ं ैकक ंकपए धिगन आतप्रे ं ैं। गदाय क्यदा ं ै,सदाक्षदात णदप्रे वनी कदा ं ै।
अड।ँजसलययोंंक ंडप
दशदकयों,आलगोचकयों कदा तदाडत
।ँ दा आ थदा, और ंगोरदी दसौड़-दसौड़कर सबकदा
लगदा सत्कदार
ंक
कर र ंदा थदा। इतनदा ववनम्र, इतनदा पसन्न धिचत्त व कभनी न थदा।
सत्तर सदाल कप्रे बढ़प्रेड पंडडत ददातदाददीन लहठयदा टप्रे कतप्रे ए आयप्रेऔर पगोपलप्रेम।ँं
ड कसप्रे
ंक
बगोलप्रे-- क ंदाड।ँ ंगो ,ंगोरदीत म भनी तम मंक ंदारदी गदाय दप्रे ख लभ। बड़नी सदरं ंक
नक सनदाक ं ै।
ंगोरदी नप्रे दसौड़कर पदालदागन ककयदा और मन मभ असभमदानमय उल्लदास कदा आनंद

उठदातदा आ, बड़प्रे सम्मदान सप्रे पंडडतजनी कगो आड।ँगन मभ लप्रे गयदा। म ंदारदाज नप्रे गऊ
ंक
अपननी परदाननीक अनभवनीक आड।ँखयों सप्रेदप्रेखदा, सनींगप्रे दप्रे खनीं,थन दप्रे खदा,पठदाक दप्रे खदा और घननी
सफ़प्रेद भगौं ंयों कप्रे ननीचप्रे छपनी ई आड।ँखयों मभ जवदाननी ककी उमंग भरकर बगोलप्रे-- कगोई
ंक
दगोष न ंनीं ं ै बप्रेटदा,बदाल-भगौंरदी, सब ठठीक। भगवदान णचदा ंभग, तगो तम मंक ंदारप्रे भदाग
खलक
जदायभगप्रे,ऐसप्रे अच्छप्रे लच्छन ं ैं कक वदा ! बस रदा तब न कम ंगोनप्रे पदायप्रे।-एक एक
बदाछदा ससौ-ससौ कदा ंगोगदा।
ंगोरदी नप्रेआनंद कप्रे सदागर मभ डकबककयदाड।ँखदातप्रे ए क ंदा -- सब आपकदा असनीरबदाद ं ै,

ददाददा! ंक

ददातदाददीन नप्रेसरतनीक ककी पनीक थकतप्रेड ए क ंदा -- मप्रेरदा असनीरबदाद न ंनीं ं ै , बप्रेटदा
ंक
भगवदान णककी दयदा ं ै। य सब पभकककी दयदा ं ै। ंकपए नगद
हदयप्रे?
ंगोरदी नप्रे बप्रे-पर ककी उड़दाई। अपनप्रेम ंदाजन कप्रे सदामनप्रेभनी अपननी समवव-पदशदन कदा
ं ृ
ऐसदा अवसर पदाकर व क ै सप्रे छगोड़प्रे। टकप्रे ककी नई टगोपनी ससर पर रखकर जब म
अकड़नप्रे लगतप्रे, ज़रदा ैं दप्रे र कप्रे सलए ककसनी सवदारदी पर ब ैठकर जब म आकदाश मभ
उड़नप्रे लगतप्रे , तगो ैं इतननी बड़नी ववभडत पदाकर क्ययों न उसकदा हदमदाग़ आसमदान पर
चढ़प्रे ।
बगोलदा -- भगोलदा ऐसदा भलदामदानस न ंनीं ं ै म ंदारदाज! नगद
धिगनदायप्रे,परप्रेड चसौकस।
अपनप्रे म ंदाजन कप्रे सदामनप्रे य डनींग मदारकर ंगोरदी नप्रे नदाददाननी तगो ; ककीपर थनी

ददातदाददीन कप्रे मखक पर असंतगोष कदा कगोई धिचह् न न हदखदायनी हदयदा। इस कथन मभ
ककतनदा सत्य ं ै,य उनककी उन बझनीड आड।ँखयों सप्रे छपदा न र सकदा श्जनमभ ज्यगो त
ककी जग अनभवक छपदा ब ैठदा थदा।
पसन्न ंगोकर कगोई रज़ न ंनीं बप्रेटदा,कगोई रज़ न ंनीं। भगवदान णसब कल्यदान
बगोलप्रे--
करभ ग। पदाड।ँच सप्रेर दद ड ं ैइसमभ बच्चप्रेकप्रे सलए छगोड़कर।
सं नयदा नप्रेतरं तक टगोकदा -- अरप्रे न ंनींम ंदारदाज, इतनदा दद ड क ंदाड।।ँ तगो ंगो गयनी
बहढ़यदाक
ं ै। ककर य ंदाड।ँ रदा तब क ंदाड।ँ संरदा ं ै।
ददातदाददीन नप्रे ममद-भरदी आड।ँखयों सप्रे दप्रे खकर उसककी सतकतदाद कगो स्वनीकदार, मदानगोककयदा

क र ंप्रे , ंयों'गहृ णनी कदा य ंनी संमद ं ै,सनीटनदा मरदयों ं ै, उन म ंभ सनीटनप्रे ' दगो।
कदा कदाम
ककर र स्य-भरप्रे स्वर मभ बगोलप्रे--बदा र न बदाड।ँसंनदा,इतनदा क ंप्रे दप्रे तप्रे ं ैं।

सं नयदा नप्रे प त ककी ओर ववजयनी आड।ँखयों सप्रे , मदानगोदप्रे खदा र ंनी ंगो लगो अब तगो
क --
मदानगोगप्रे।
ददातदाददीन सप्रे बगोलदी-- न ंनीं म ंदारदाज,बदा र क्यदा बदाड।ँसंभगप्रे,भवन णदभ तगो इसनी आड।ँगन

मभ तनीन गदायभऔर ब।ँसड ं सकतनी ं ैं।


सदारदा गदाड।ँव गदाय दप्रे खनप्रे आयदा। न ंनीं आयप्रेसगोभदा तगोऔर ंनीरदा जगो अपनप्रे सगप्रे भदाई

थप्रे। ंगोरदी हृदय मभ भदाइययों कप्रे सलए अब भनी कगोमल स्थदान थदा। व दगोनयों आकर
कप्रे
दप्रे ख लप्रेतप्रेऔर पसन्न ंगो जदातप्रेतगो उसककी मनगोकदामनदा परदीड ंगो जदातनी। सदाड।ँझ ंगो
गयनी। दगोनयों पर लप्रेकर लसौट आयप्रे। इसनी द्वदार सप्रे नकलप्रे,पर पछदा कछ न ंनीं।
ंक ंड ंक
ंगोरदी नप्रे डरतप्रे-डरतप्रे सं नयदा सप्रे क न सगोभदा आयदा, न ंनीरदा। सनदाक न ंगोगदा?
ंदा--
सं नयदा बगोलदी -- तगो य ंदाड।ँकसौन उन म ंभबलदानप्रेकजदातदा ं ै।

'तडबदात तगो समझतनी न ंनीं। लड़नप्रेकप्रे सलए त ैयदार र तनी ं ै। भगवदान णनप्रेजब

हदन हदखदायदा ं ै,तगो मभ ससर झकदाकरु चलनदा चदाह ए। आदमनी कगो अपनप्रेसंगयों कप्रे
म।ँं
ड कसप्रेअपननी भलदाई-बरदाईक सननप्रेकककी श्जतननी लदालसदा ंगोतनी ं ै,बदा रवदालयों कप्रे म।ँं
ड क
सप्रेन ंनीं। ककर अपनप्रेभदाई लदाख बरप्रेक ंयों, ं ैं तगो अपनप्रे भदाई ंनी। अपनप्रे -हबखरस्सप्रे
कप्रे सलए सभनी लड़तप्रे, पर ैंइससप्रेख़नड थगोड़प्रे ंनी बट जदातदा ं ै। दगोनयों कगो बलदाकरु
हदखदा दप्रे नदा चदाह ए। न ंनीं क ंभगप्रे गदाय, मसप्रेलदायप्रे क ंदा तक न ंनीं।'
नयदा नप्रेनदाक ससकगोड़कर क ंदा -- म ैंनप्रेतमसप्रेकससौ बदार ज़दार बदार क हदयदा मप्रेरप्रे
म।ँडंकपर भदाइययों कदा बखदान न ककयदा करगो, उनकदा नदाम सनकरु मप्रेरदी दप्रे मभ आग
लग जदातनी ं ै। सदारप्रे गदाड।ँव नप्रेसनदाक, क्यदा उन म ंयोंनप्रेन सनदाक ंगोगदा? ककछ इतननी दरू भनी
तगो न ंनीं र तप्रे। सदारदा गदाड।ँव दप्रे खनप्रे,उन मआयदानीं कप्रे पदाड।ँवयोंममभ ददीलगनी ंकई थनी; मगर आयप्रे
क ै?सप्रेजलन ंगो र ंनी ंगोगनी कक इसकप्रे घर गदाय आ गयनी। छदातनी संटदी जदातनी
ंगोगनी।

हदयदा-बत्तनी कदा समय आ गयदा थदा। सं नयदा नप्रे जदाकर दप्रे खदा,तगो बगोतल मभ समटदी
कदा तप्रेल न थदा। बगोतल उठदा कर तप्रेल लदानप्रे चलदी गयनी। प ैसप्रे,तगो ंगोतप्रेडपदा कगो
भप्रेजतनी,सउदार लदानदा थदा, ककछ म।ँं
ड कदप्रेखनी क ंप्रेगनी;ककछ लल्लगो-चप्पगो करप्रे गनी,तभनी तगो
तप्रेल सउदार समलप्रेगदा।

ंगोरदी नप्रेडपदा कगो बलदाकरु प्यदार सप्रेगगोद मभ बठ


ै दायदा और क दा -- ज़रदा जदाकर दप्रे ख,
ंनीरदा कदाकदा आ गयप्रे कक न ंनीं।

सगोभदा कदाकदा कगो भनी दप्रे खतनी आनदा। क नदा,ददाददा नप्रेतम मंक ंभबलदायदाक ं ै। न आयप्रे,
ंदाथ पकड़कर खनींच लदानदा। ंडपदा ठकनककर बगोलदी -- छगोटदी कदाककी मझप्रेकडदाड।ँटतनी ं ै।

'कदाककी कप्रे पदास क्यदा करनप्रे जदायगनी। ककर सगोभदा-ब ंडतगो तझप्रेकप्यदार करतनी ं ै?'

'सगोभदा कदाकदा मझप्रेधि


क चढ़दातप्रे ं ैं,क तप्रे ं ैं... म ैंन क ंडगनी।ं।ँ'

'क्यदा क तप्रे , बतदा ैं?'

'धिचढ़दातप्रे 'ं ैं।

'क्यदा क कर धिचढ़दातप्रे ?'ं ैं

'क तप्रे , तप्रेरप्रे ैंसलए मसड पकड़ रखदा ं ै। लप्रे ,जदाभनकरू खदा लप्रे।'

ंगोरदी कप्रे अंतस्तल मभ गदगकददीक ंकई।

'तडक तनी न ंनीं,प लप्रेतमक खदा लगो, तगो म ैं खदाऊड।ँ' गनी।

'अम्मदाड।ँ मनप्रे करतनी ं ैं। क तनी ं ैं उन लगोगयों कप्रे घर न 'जदायदा करगो।

'तडअम्मदाड।ँककी बप्रेटदी ं ैकक ददाददा ककी?'


ंडपदा नप्रे उसकप्रे गलप्रे मभ ंदाथ डदालकर-- कअम्मदाड।ँ ,ककीऔर ंड।ँसनप्रेलगनी।

'तगो ककर मप्रेरदी गगोद सप्रेउतर जदा। आज म ैंतझप्रेकअपननी थदालदी मभन णखलदाऊड।ँगदा।'

घर मभ एक ंनी संडल ककी थदालदी थनी, ंगोरदी उसनी थदालदी मभ खदातदा थदा। थदालदी मभ खदानप्रे कदा
गसौरव पदानप्रे कप्रे सलए ंडपदा ंगोरदी कप्रे सदाथ खदातनी थनी। इस गसौरव कदा पररत्यदाग क ै सप्रे
करप्रे ?ंकमककर बगोलदी -- अच्छदा, तम
क म ंदारदी।

'तगो ककर मप्रेरदा क नदा मदानप्रेगनी कक अम्मदाड।ँ?' कदा

'तम मंक ंदारदा।'

'तगो जदाकर ंनीरदा और सगोभदा कगो खनींच लदा।'

'और जगो अम्मदाड।ँ बबगड़भ।'

'अम्मदाड।ँ सप्रे क नप्रे कसौन जदायगदा।'

ंडपदा कडदतनी ंकई ंनीरदा कप्रे घर चलदी। द् वप्रेष कदा मदायदाजदाल बड़नी-बड़नी मछसलययों कगो ंनी
संड।ँसदातदा ं ै। छगोटदी मछसलयदाड।ँयदा तगो उसमभ संड।ँसतनी ंनी न ंनींयदा तरं तक नकल जदातनी
ं ैं। उनकप्रे सलए व
घदातक जदाल क्रकीड़दा ककी वस्तक ं ै,भय ककी न ंनीं। भदाइययों सप्रे ंगोरदी

ककी बगोलचदाल बंद थनी;पर ंडपदा दगोनयों घरयों मभ आतनी-जदातनी थनी। बच्चयों सप्रे क्यदा ब ैर!
लप्रेककन ंडपदा घर सप्रे नकलदी ंनी थनी कक सं नयदा तप्रेल सलए समल गयनी।
उसनप्रेपछदाड
सदाड।ँझककी बप्रेलदा क ंदाड।ँ जदातनी,चल ै घर।

ंडपदा मदाड।ँ कगो पसन्न करनप्रे कप्रे पलगोभन कगो न रगोक सककी। सं नयदा नप्रे-- डदाड।ँटदाचल
घर, ककसनी कगो बलदानप्रेकन ंनींजदानदा ं ै।

ंडपदा कदा ंदाथ पकड़प्रे ंकए व घर आयनी और ंगोरदी सप्रेबगोलदी -- म ैंनप्रेतमसप्रेक ज़दार बदार
क हदयदा, मप्रेरप्रे लड़कयों कगो ककसनी कप्रे घर न भप्रेजदा करगो।सनी ककनप्रेककछ कर-करदा
हदयदा, तगो म ैंतम मंक ंभलप्रेकर चदाटंडगनीभीँ? ऐसदा ंनी बड़दा परप्रे म , तगो ै आप क्ययों न ंनीं
जदातप्रे? अभनी पप्रेट न ंनीं भरदा जदान पड़तदा ं ै।
ंगोरदी नदाड।ँद जमदा र ंदा थदा। ंदाथयों मभ समटदी लपप्रेटप्रे ंकए अजदान कदा असभनय
करकप्रे बगोलदा -- ककस बदात पर बबगड़तनी ं ै भदाई! य तगो अच्छदा न ंनीं लगतदा
ककअंसंप्रे कडकर ककी तर वदा कगो भंडकदा।ँ करप्रे ।

नयदा कगो ककप्पनी मभतप्रेल डदालनदा थदा, इस समय झगड़दा न बढ़दानदा चदा तनी थनी। ंडपदा
भनी लड़कयों मभ जदा समलदी। प र रदात सप्रेज़्यदाददा जदा चककीक थनी। नदाड।ँद गड़ चककीक थनी।
सदाननी और खलदी डदाल ददी गयनी थनी। गदाय मनमदारप्रे उददास ब ैठठी ,थनीज ैसप्रे कगोई
ववडससरदालक आयनी ंगो। नदाड।ँद मभ म।ँं
ड कतक न डदालतनी थनी। ंगोरदी और गगोबर खदाकर

सआनी-सआनी रगोहटयदाड।ँ उसकप्रे सलए ,लदायप्रेपरउसनप्रेसंडघदा।ँ तक न ंनीं। मगर य कगोई


नयनी बदात न थनी। जदानवरयों कगो भनी ब संकदा घर छडट जदानप्रेकदा दछःखक गोतदा ं ै। ंगोरदी
बदा र खदाट पर ब ैठ कर धिचलम पनीनप्रे लगदा,तगो ककर भदाइययों ककी यदाद आयनी। न ंनीं,
आज इस शकभ अवसर पर व भदाइययों ककी उपप्रेक्षदा न ंनीं कर सकतदा। उसकदा हृदय
ववभत
ड पदाकर ववशदाल ंगो गयदा थदा। भदाइययों सप्रेअलग ंगो गयदा ं ै,तगो क्यदा
ंकआ। उनकदा दकमनक तगो न ंनीं ं ै। य ंनी गदाय तनीन सदाल प लप्रेआयनी ंगोतनी, तगो
सभनी
कदा उस पर बरदाबर अधधिकदार ंगोतदा। और कल कगो य ंनी गदाय दद ड दप्रे नप्रेलगप्रेगनी, तगो
क्यदा व भदाइययों कप्रे घर दद ड न भप्रेजप्रेगदा यदा द ंनी न भप्रेजप्रेगदा? ऐसदा तगो उसकदा संरम
ंनीं ं ै। भदाई उसकदा बरदाक चप्रेतभ,व क्ययों उसकदा बरदाक चप्रेतप्रे। अपननी-अपननी करननी तगो अपनप्रे-
अपनप्रे सदाथ ं ै। उसनप्रे नदाररयल खदाट कप्रे पदायप्रे सप्रे लगदाकर रख हदयदा और ंनीरदा कप्रे घर
ककी ओर चलदा। सगोभदा कदा घर भनी सउर ंनी थदा। दगोनयों अपनप्रे-अपनप्रे द्वदार पर लप्रेटप्रे ंकए
थप्रे। कदाफ़की अड।ँसंप्रेरदा थदा। ंगोरदी पर उनमभ सप्रेककसनी ककी नगदा न ंनीं पड़नी। दगोनयों मभ ककछ बदातभ गो
र ंनी थनीं। ंगोरदी हठठक गयदा और उनककी बदातभ सननप्रेक लगदा। ऐसदा आदमनी क ंदाड।ँ, जगो ै
अपननी चचदादसनकरु टल जदाय। ंनीरदा नप्रेक ंदा -- जब तक एक मभ , थप्रेएक बकरदी भनी
न ंनीं लदी। अब पछदाई गदाय लदी जदातनी ं ै। भदाई कदा क़ मदारकर ककसनी कगो संलतप्रे-संड
लतप्रेन ंनींदप्रेखदा। सगोभदा बगोलदा -- य तमक अन्यदाय कर र ंप्रे ंगो ंनीरदा! भ ैयदा नप्रे -एक प ैसप्रे
कदा ह सदाब दप्रे हदयदा थदा। य म ैं कभनी न मदानंडगदा।ँ कक उन म ंयोंनप्रेप लप्रेककी कमदाई छपदा
रखनी थनी।

'तमक मदानगो चदा ंप्रेन मदानगो, ं ै य प लप्रे ककी कमदाई।'

'ककसनी पर झठदाड इलज़दाम न लगदानदा चदाह ए।'


'अच्छदा तगो य ंकपए क ंदाड।ँ सप्रे आ ?गयप्रेकदाड।ँसप्रे ंकन बरस पड़दा। उतनप्रे नी खप्रेत तगो
मदारप्रे पदास भनी ं ैं। उतननी ंनी उपज मदारदी भनी ं ै। ककर क्ययों मदारप्रे पदास कफ़न कगो कसौड़नी न
ंनीं और उनकप्रे घर नयनी गदाय आतनी?' ं ै

'सउदार लदायप्रे ंयोंगप्रे।'

'भगोलदा सउदार दप्रे नप्रेवदालदा आदमनीन ंनीं 'ं ै।

'कछ भनी ंगो, ं ैबड़नी सदरं , गगोबर सलयप्रे जदातदा थदा,तगो म ैंनप्रे रदास्तप्रे मभ ' दप्रे खदा।
गदाय
ंक ंक
'बप्रेईमदाननी कदा संन ज ैसप्रे आतदा,व ैसप्रे ै ंनी जदातदा ं ै। भगवदान णचदा ंभग, तगो ब त
हदन
गदाय घर मभ न र ंप्रेगनी।' ंक

ंगोरदी सप्रेऔर न सनदाक गयदा। व बनीतनी बदातयों कगो बबसदारकर अपनप्रेहृदय मभ स्नप्रे

और ससौ ंदादद भरप्रे भदाइययों कप्रे पदास आयदा थदा। इस आघदात नप्रे ज ैसप्रे उसकप्रे हृदय मभ
छप्रे द कर हदयदा और व रस-भदाव उसमभ ककसनी तर न ंनीं हटक र ंदा थदा। लत्तप्रे और
धिचथड़प्रेठंडसकर।ँ अब उस पवदा कगो न ंनींरगोक सकतदा। जनी मभ एक उबदाल आयदा कक
उसनी क्षण इस आक्षप्रेप कदा जवदाब दप्रे ;लप्रेककन बदात बढ़ जदानप्रेकप्रे भय सप्रेचपक र
गयदा। अगर उसककी ननीयत सदाफ़ ं ै, तगो कगोई ककछ न ंनींकर सकतदा। भगवदान
णकप्रे
सदामनप्रेव नदगोष ं ै। दसरयोंंड ककी उसप्रेपरवदा न ंनीं। उलटप्रे पदाड।ँव लसौट आयदा। और
व जलदा आ तम्बदाक पनीनप्रेलगदा। लप्रेककन ज ैसप्रेव ववष प तक्षण उसककी
ंक ंड
संम नययों मभ सं ै लतदा जदातदा थदा। उसनप्रे सगो जदानप्रे कदा पयदास, परककयदाननींद न
आयनी। ब ैलयों कप्रे पदास जदाकर उन म ंभ स लदानप्रे,ववषलगदाशदांत न आ। दसरदीड धिचलम
ंक
भरदी; लप्रेककन उसमभ भनी कछ रस न थदा। ववष नप्रेज ैसप्रेचप्रेतनदा कगो आक्रदान्त कर
ंक
हदयदा ंगो। ज ैसप्रे नशप्रे मभ चप्रेतनदा एकदांगनी ,ंगो ज ैसप्रेजदानतनी ैलदा ै आ पदाननी एक हदशदा
ंक
मभ ब कर वप्रेगवदान ंगो ंनी ै मनगोवश्त्त उसककी ंगो र ंनी थनी। उसनी
जदातदा,व उन्मदाद
ं ृ
ककी दशदा मभ व अंदर गयदा। अभनी द्वदार खलदाक आ थदा। आड।ँगन मभ एक ककनदारप्रे
ंक
चटदाई पर लप्रेटदी ई सं नयदा सगोनदा सप्रेदप्रे दबवदा र ंनी थनी और ंडपदा जगो रगोज़ सदाड।ँझ
ंक
ंगोतप्रे ंनी सगो जदातनी थनी,आज खड़नी गदाय कदा म।ँं ड कस लदा र ंनी ंगोरदी नप्रेजदाकर
थनी।
गदाय कगो खटप्रे ंडं।ँसप्रेखगोल सलयदा और द्वदार ककी ओर लप्रे चलदा। इसनी वक़्त गदाय

कगो भगोलदा कप्रे घर प ंड।ँचदानप्रेकदा दृढ़ नकचय कर चककदा थदा। इतनदा बड़दा कलंक
ससर
ंक
पर लप्रेकर व अब गदाय कगो घर मभ न ंनीं रख सकतदा। ककसनी तर न ंनीं।
सं नयदा नप्रेपछदाड -- क ंदाड।ँ सलयप्रे जदातप्रे ंगो रदात? कगो

ंगोरदी नप्रे एक पग बढ़दाकर क ंदा-- ंडभगोलदा।ँ कप्रे घर। लसौटदा दंडगदा।ं।ँ


लप्रेजदातदा

सं नयदा कगो ववस्मय ंकआ, उठकर सदामनप्रे आ गयनी और बगोलदी-- लसौटदा क्ययों
दगोगप्रे? लसौटदानप्रे कप्रे सलए ंनी लदायप्रे थप्रे।

' ंदाडइ।ँ सकप्रे लसौटदा दप्रे नप्रेमभंनी ककशल ं ै?'

'क्ययों बदात क्यदा ं ै? इतनप्रे अरमदान सप्रे लदायप्रे और अब लसौटदानप्रे जदा र? क्यदाप्रे ंगो
भगोलदा ंकपए मदाड।ँगतप्रे?' ं ैं

'न ंनीं,भगोलदा य ंदाड।ँकब आयदा?'

'तगो ककर क्यदा बदात ंकई?'

'क्यदा करगोगनी पछकरू?'

नयदा नप्रेलपककर पगह यदा उसकप्रे ंदाथ सप्रेछठीन लदी। उसककी चपल बद्ंक धधि नप्रे ज ैसप्रेउड़तनी ंकई
धिचडड़यदा पकड़ लदी। बगोलदी -- तम मंक ंभभदाइययों कदा डर ंगो, तगो जदाकर उसकप्रे प ैरयों पर धिगरगो।
म ैं ककसनी सप्रे न ंनीं डरतनी। अगर मदारदी बढ़तनी दप्रे खकर ककसनी ककी छदातनी संटतनी ं ै ,तगो संट
जदाय, मझप्रेप
क रवदा न ंनीं ं ै।

ंगोरदी नप्रे ववननीत स्वर मभ क-- संदानीरप्रे -संनीरप्रे बगोल म रदाननी! कगोई सनप्रेक,तगो क ंप्रे,यप्रे सब
इतननी रदात गयप्रेलड़ र ंप्रे ं ैं! म ैंअपनप्रेकदानयों सप्रेक्यदा सनक आयदा ंड,त।ँंक् ड यदा जदानप्रे!
य ंदाड।ँ चरचदा ंगो र ंनी ं ै कक म ैंनप्रे अलग ंगोतप्रे समय ंकपए दबदाथप्रे
औरसलयप्रेभदाइययों कगो संगोखदा हदयदा थदा, य ंनी ंकपए अब नकल र ंप्रे 'ं ैं।

ंनीरदा क तदा ंगोगदा?'

'सदारदा गदाड।ँव क र ंदा ंनीरदा कगो बदनदाम क।ँड ।'


ं ै! क्ययों
'सदारदा गदाड।ँव न ंनीं क र , ंनीरदा क र ंदा ं ै। म ैंअभनी जदाकर पछतनीड ंड
ंदाअकप्रेलदा ै न।ँ
कक तम मंक ंदारप्रे बदाप ककतनप्रेकपए मरप्रे थप्रे। डदाढ़दीजदारयों कप्रे पनीछप्रे म बरबदाद त
छगोड़कर
गयप्रे,सदारदी श्ज़ंदगनी समटदी मभ समलदा, पदालददी-पगोसकर संडदा ककयदा,और अब म
बप्रेईमदान ं ैं! म ैंक ंप्रेदप्रेतनी ंड,अगर।ँ गदाय घर कप्रे बदा र नकलदी,तगो अनथद ंगो
जदायगदा। रख सलयप्रे मनप्रे ंकपए,दबदा सलयप्रे,बनीच खप्रेत दबदा सलयप्रे। डंकप्रे ककी चगोट
क तनी ंड,म ैंनड़ ंंडप्रे भर अशकफ़द यदाड।ँलदीं। छपदानीरदा और सगोभदा और संसदार कगो
जगो
करनदा ंगो, कर लप्रे। क्ययों न ंकपए रख लभ ?दगो-दगो संडयों कदा ब्यदा न ंनीं ककयदा,गसौनदा
न ंनीं ककयदा?'
ंगोरदी ससटवपटदा गयदा। सं नयदा नप्रे उसकप्रे ंदाथ सप्रे पगह यदा छठीन, औरलदी गदाय
कगो
खटप्रे ंडं।ँसप्रेबदाड।ँसंकर द् वदार ककी ओर चलदी। ंगोरदी नप्रे उसप्रे पकड़नदा चदा; परदा बदा र जदा

चककीक थनी। व ंनींससर थदामकर ब ैठ गयदा। बदा र उसप्रेपकड़नप्रेककी चप्रेष्टदा करकप्रे व
कगोई नदाटक न ंनींहदखदानदा चदा तदा थदा। सं नयदा कप्रे कक्रगो कगो ख़बड जदानतदा थदा।
बबगड़तनी ं ै,तगो चंडनी बन जदातनी ं ै। मदारगो,कदाटगो, सनप्रेगनीक न ंनीं;लप्रेककन ंनीरदा भनी तगो
एक ंनी ग़स्सप्रेवरु ं ै। ंनीं ंदाथ चलदा दप्रे तगो परल ै ंनी ंगो जदाय। ंनीं ंनीरदा इतनदा
क न ,
मरखड न ंनीं ं ै। म ैंनप्रेक ंदाड।ँ-सप्रे-क ंदाड।ँ य आग लगदा ददी। उसप्रे अपनप्रे आप पर कक्रगो
आनप्रे लगदा। बदात मन मभ रख ,लप्रेतदातगोक्ययों य टं टदा खड़दा ंगोतदा। स सदा सं नयदा कदा
ककशदस्वर कदान मभ आयदा। ंनीरदा ककी गरज भनी सनक पड़नी। ककर पन्ननीक ककी प ैननी पनीक
भनी कदानयों मभ चभनी।ंक स सदा उसप्रेगगोबर ककी यदाद आयनी। बदा र लपककर उसककी खदाट
दप्रे खनी। गगोबर व ंदाडन
।ँ थदा। ग़ज़ब ंगो गयदा! गगोबर भनी व ंदाड।ँप ंकच
ड।ँ गयदा। अब
ककशल न ंनीं। उसकदा नयदा ख़नड ं ै,न जदानप्रे क्यदा कर ब ैठप्रे;लप्रेककन ंगोरदी व ंदाड।ँ क ै सप्रे
जदाय? ंनीरदा क ंप्रेगदा,आप बगोलतप्रे न , ंनींजदाकर इस डदाइन कगो लड़नप्रे कप्रे सलए भप्रेज
हदयदा। कगोलदा ल प तक्षण पचंड ंगोतदा जदातदा थदा। सदारप्रे गदाड।ँव मभ जदाग पड़ गयनी। मदालमड
ंगोतदा थदा, क ंनीं आग लग गयनी , और ै लगोग खदाट सप्रे उठ-उठ बझदानप्रेकदसौड़प्रे जदा र ंप्रे ं ैं।
इतननी दप्रे र तक तगो व ज़ब्त ककयप्रे ब ैठदा र ंदा। ककर न र गयदा।
नयदा पर कक्रगो आयदा। व क्ययों चढ़कर लड़नप्रे गयनी। अपनप्रे घर मभ आदमनी न जदानप्रे
ककसकगो क्यदा कतदा ं ै। जब तक कगोई म।ँंड कपर बदात न क ंप्रे,य ंनी समझनदा चदाह ए
कक उसनप्रेककछ न ंनींक ंदा। ंगोरदी ककी क ृषक पक ृत झगड़प्रेसप्रेभदागतनी थनी। चदार
बदातभ सनकरु ग़म खदा जदानदा इससप्रेक ंनींअच्छदा ं ैकक आपस मभ तनदाज़दा ंगो। क ंनीं
मदार-पनीट ंगो जदाय तगो थदानदा-पसलसक ंगो, ब।ँसड ंप्रे-ब।ँसड ंप्रेककरगो, सब ककी धिचरसौरदी करगो,
अददालत ककी संलड संदाड।ँकगो, खप्रेतनी-बदारदी ज न्नमक मभ समल जदाय। उसकदा ंनीरदा पर तगो

कगोई बस न थदा; मगर सं नयदा कगो तगो व ज़बरदस्तनी खनींच लदा सकतदा ं ै। ब
ंकत ंगोगदा, गदासलयदाड।ँ दप्रे ,लप्रेगनीएक-दगो हदन ंडठठी र ंप्रेगनी,थदानदा-पसलसक ककी नसौबत
तगो न आयप्रेगनी। जदाकर ंनीरदा कप्रे द्वदार पर सबसप्रेदरू ददीवदार ककी आड़ मभ खड़दा गो
गयदा।
एक सप्रेनदाप त ककी भदाड।ँ त म ैददान मभ आनप्रे कप्रे प लप्रे पररश्स्थ त कगो अच्छठी तर समझ
लप्रेनदा चदा तदा थदा। अगर अपननी जनीत ंगो र ंनी , ं ैतगो बगोलनप्रे ककी कगोई ज़डरत
ंनीं; ंदार ंगो र ंनी ं ै, तगो तरं तक कडद पड़प्रेगदा। दप्रे खदा तगो व ंदाड।ँपचदासयों आदमनी जमदा
ंगो गयप्रे ं ैं। पंडडत ददातदाददीन,लदालदा पटप्रे क वरदी, दगोनयों ठदाककर, जगो गदाडव ।ँ कप्रे करतदा-सं
रतदा थप्रे, सभनी प ंकड।ँचप्रे ंकए ं ैं।

नयदा कदा पल्लदा लकदा ंगो र ंदा थदा। उसककी उगतदा जनमत कगो उसकप्रे ववकद्सं
ककयप्रेदप्रेतनी थनी। व रणननी त मभ ककशल न थनी। कक्रगो मभ ऐसनी जलदी-कटदी सनदाक र ंनी थनी
कक लगोगयों ककी स ंदानभत कड उससप्रेदरू ंगोतनी जदातनी थनी। व गरज र ंनी थनी -- तड मभ
दप्रे खकर क्ययों जलतदा? मभ ं ै दप्रे खकर क्ययों तप्रेरदी छदातनी सटतनी?पदाल ै-पगोसकर जवदान कर
हदयदा, य उसकदा इनदाम ं ै? मनप्रे न पदालदा ंगोतदा तगो आज क ंनीं भनीख मदाड।ँगतप्रे ंगोतप्रे।
ंडख ककी छदाड।ँ भनी न समलतनी।

ंगोरदी कगो यप्रे शब्द ज़डरत सप्रे ज़्यदाददा कठगोर जदान पड़प्रे। भदाइययों कदा पदालनदा-पगोसनदा
तगो उसकदा संमद थदा। उनकप्रे ह स्सप्रे ककी जदायददाद तगो उसकप्रे ंदाथ मभ थनी। क ै सप्रे न
पदालतदा-पगोसतदा? द ंकनयदा मभ क ंनींम।ँं
ड कहदखदानप्रेलदायक़ र तदा?

ंनीरदा नप्रे जवदाब हदयदा-- म ककसनी कदा ककछ न ंनीं जदानतप्रे। तप्रेरप्रेघर मभ ककत्तयों ककी
तर एक टककड़दा खदातप्रेथप्रेऔर हदन-भर कदाम करतप्रे थप्रे। जदानदा ंनी न ंनीं कक
लड़कपन और जवदाननी क ै सनी ंगोतनी ं ै। हदन-दन भर सखदाड गगोबर बनीनदा करतप्रेथप्रे।
उस पर भनी तडबबनदा दस गदालदी हदयप्रेरगोटदी न दप्रे तनी थनी। तप्रेरदी-ज ैसनी रदाच्छससन कप्रे
ंदाथ मभ पड़कर श्ज़न्दगनी तलख़ ंगो गयनी।

नयदा और भनी तप्रेज़ ंकई -- ज़बदान स।ँभ ड दाल, न ंनींजनीभ खनींच लंडगनी।ं।ँ रदाच्छससन
तप्रेरदी औरत ंगोगनी। तड ं ैककस संप्रेर मभ मंडड़नीभीँ-कदाटप्रे , टककड़प्रे-ख़गोर, नमक- रदाम।

ददातदाददीन नप्रे टगोकदा-- इतनदा कटक-वचन क्ययों क तनी ं ै सं नयदा? नदारदी कदा संरम
ं ै कक ग़म खदाय। व तगो उजड्डदा ं ै,क्ययों उसकप्रे म।ँंड कलगतनी ं ै?

लदालदा पटप्रे कवरदी पटवदारदी नप्रे उसकदा समथदन ककयदा--बदात कदा जवदाब बदात ं ै,गदालदी
ंनीं। तनप्रेडलड़कपन मभ उसप्रेपदालदा-पगोसदा; लप्रेककन य क्ययों भलड जदातनी ं ैकक उसककी
जदायददाद तप्रेरप्रे ंदाथ मभ ? थनी
नयदा नप्रे समझदा,सब-कप्रे-सब समलकर मझप्रेन क नीचदा हदखदानदा चदा तप्रे ं ैं । चसौमखक
लड़दाई लड़नप्रे कप्रे सलए त ैयदार ंगो गयनी--अच्छदा, र नप्रे दगो लदालदा! म ैं सबकगो
प चदानतनी ंड।ं।ँइस गदाडव
।ँ मभ र तप्रेबनीस सदाल ंगो गयप्रे। एक-एक ककी नस-नस
प चदानतनी ंड।ं।ँमग
ैं दालदी दप्रे र ंनी ंड,व।ँ संडल बरसदा र ं ै,क्ययों?
ंदा
दलदारदीक स आइन नप्रेआग पर घनी डदालदा -- बदाक़की बड़नी गदाल-दरदाज़ औरत ं ै भदाई!
ंक
मरद कप्रे म।ँं
ड कलगतनी ं ै। ंगोरदी ंनी ज ैसदा ं ैकक इसकदा नबदा ंगोतदा ं ै।
मरद दसरदाड
मरद ंगोतदा तगो एक हदन न पटतनी।
अगर ंनीरदा इस समय ज़रदा ंगो जदातदा,तगो उसककी जनीत ंगो जदातनी; लप्रेककन यप्रे
नमद
गदासलयदाड।ँसनकर आपप्रेसप्रेबदा र ंगो गयदा। औरयों कगो अपनप्रेपक्ष मभ दप्रेखकर व कछ
ंक ंक
शप्रेर ंगो र ंदा थदा। गलदा संदाड़कर बगोलदा-- चलदी जदा मप्रेरप्रे द्वदार , सप्रेन सप्रेबदात
ंनींजतयोंंड
क।ँड गदा। झयोंटदा पकड़कर उखदाड़ लंडगदा।ं।ँ गदालदी ं ैडदाइन! बप्रेटप्रेकदा घमंड ंगो गयदा
दप्रे तनी
ं ै। ख़नड ...।
पदाड।ँसदालट गयदा। ंगोरदी कदा खसौल उठदा। बदाडद मभ ज ैसप्रेधिचनगदारदी पड़ गयनी ंगो।
ख़नड
आगप्रे आकर बगोलदा-- अच्छदा बस, अब चपक ंगो जदाओ ंनीरदा, अब न जदातदा।
ंनींसनदाक
म ैंइस औरत कगो क्यदा क ंड।ं।ँजब मप्रेरदी पनीठ मभ संलड लगतनी ं ै,तगो इसनी कप्रे कदारन।
न जदानप्रेक्ययों इससप्रेचपक न ंनींर ंदा जदातदा।
चदारयों ओर सप्रे ंनीरदा पर बसौछदार पड़नप्रे लगनी। ददातदाददीन नप्रे नलदज्ज ,कपटप्रे कदा वरदी नप्रे

गडदांंक बनदायदा, नप्रेश ैतदान ककी उपदाधधि ददी। दलदारदीक स आइन नप्रेकपतड
णझंगरदीससंंक
ंक
क ंदा। एक उद् दं ड शब्द ननप्रे नयदा कदा ल्कदा कर हदयदा थदा। दसरप्रेड उग शब्द
पल्लदा
नप्रे ंनीरदा कगो गच्चप्रे मभ डदाल हदयदा। उस पर ंगोरदी कप्रे संयत वदाक्यरदी-सनप्रेनी कसर
भनी परदीड कर ददी। ंनीरदा सभ
।ँड ल गयदा। सदारदा गदाडव
।ँ उसकप्रे ंगो गयदा। अब चपक
ववकददण
र नप्रेमभंनी उसककी कशल ं ै। कक्रगो कप्रे नशप्रेमभभनी इतनदा ंगोश उसप्रेबदाक़की थदा।
ंक
नयदा कदा कलप्रेजदा दनदाड ंगो गयदा। ंगोरदी सप्रेबगोलदी -- सनक लगो कदान खगोल कप्रे। भदाइययों
कप्रे सलए मरतप्रे र तप्रे ंगो। यप्रे भदाई,ऐसप्रेभदाई ैं कदा म।ँडंन
क दप्रे खप्रे। य मझप्रेक जतयोंंड
सप्रेमदारप्रे गदा। णखलदा-वपलदा...।

ंगोरदी नप्रे डदाड।ँटदा--ककर क्ययों बक-बक करनप्रेलगनी त!ंड घर क्ययों न ंनींजदातनी?


सं नयदा ज़मनीन पर ब ैठ गयनी और आतद स्वर मभ बगोलदी--अब तत इसकस जतसख
स य
कप्रे जदाऊड।ँगनी। ज़रदा इसककी मरदमनीड दप्रे ख लंड,ं।ँक ंदाड।ँ ं ै गगोबर?अब ककस हदन कदाम
आयप्रेगदा? तडदप्रेख र ंदा ं ैबप्रेटदा, तप्रेरदी मदाड।ँकगो जतप्रेडमदारप्रे जदा र ंप्रे ं ैं!
ययों ववलदाप करकप्रे उसनप्रे अपनप्रे कक्रगो कप्रे सदाथ ंगोरदी कक्रगो कगो भनी कक्रयदाशनील बनदा
कप्रे
डदालदा। आग कगो संंडक।ँ-सं कर उसमभ ज्वदालदा प ैददा कर ददी। ंनीरदा परदाश्जत-सदा पनीछप्रे
ंडक।ँ
ट गयदा। पन्ननीक उसकदा ंदाथ पकड़कर घर ककी ओर खनींच र ंनी थनी। स सदा सं नयदा
नप्रे ससं ननी ककी भदाड।ँ त झपटकर ंनीरदा कगो इतनप्रे ज़गोर सप्रे संक्कदा हदयदा कक व संम स
धिगर पड़दा और बगोलदी -- क ंदाड।ँ जदातदा, ज ैतप्रेडमदार, मदार जतप्रेड,दप्रे खंडतप्रेरदीभीँ मरदमनी!ंड

ंगोरदी नप्रेदसौड़कर उसकदा ंदाथ पकड़ सलयदा और घसनीटतदा ंकआ घर

लप्रेचलदा। ***
5

सउर गगोबर खदानदा खदाकर अह रदानप्रे मभ प।ँच


कड दा। आज झकनयदा सप्रेउसककी ब ंकत-सनी
बदातभ ंई
क थनीं। जब व गदाय लप्रेकर चलदा थदा, तगो झकनयदा सआप्रेरदास्तप्रेतक उसकप्रे सदाथ
आयनी थनी। गगोबर अकप्रे लदा गदाय कगो क ै सप्रे लप्रे जदातदा। अपररधिचत व्यश्कप्रेमत सदाथ
जदानप्रेमभउसप्रेआपश्त्त ंगोनदा स्वदाभदाववक थदा। ककछ दरू चलनप्रेकप्रे बदाद झकनयदा नप्रे गगोबर
कगो ममदभरदीआड।ँखयों सप्रे दप्रे खकर --क अबदा तमक कदा ंप्रेकगो य ंदाड।ँकभनी आओगप्रे।

एक हदन प लप्रेतक गगोबर ककमदार थदा। गदाडव


।ँ मभ श्जतननी यवक तयदाड।ँथनीं,व यदा तगो
उसककी ब नभ थनीं यदा भदासभयदाड।ँ। ब नयों सप्रे तगो कगोई छप्रे ड़छदाड़ ंगो ंनी क्यदा ,सकतनी
थनी
भदासभयदाड।ँ अलबत्तदा कभनी-कभनी उससप्रे ठठगोलदी ककयदा करतनी थनीं,लप्रेककन व कप्रे वल
सरल ववनगोद ंगोतदा थदा। उनककी दृश्ष्ट मभ अभनी उसकप्रे यसौवन मभ कप्रेवल सडल लगप्रेथप्रे। जब
तक संल न लग जदाय,ंड।ँउस पर ढप्रे लप्रे संभ कनदा व्यथद ककी बदात थनी। और ककसनी ओर
सप्रेपगोत्सदा न न पदाकर उसकदा कसौमदायदउसकप्रे गलप्रेसप्रेधिचपटदा ंकआ थदा। झन
क यदा कदा वंधिचत
मन, श्जसप्रे भदासभययों कप्रे व्यंग और -ववलदास नप्रेऔर भनी लगोलपक बनदा हदयदा थदा, उसकप्रे
कसौमदायद ंनी पर ललचदा उठदा। और उस ककमदार मभ भनी पत्तदा खड़कतप्रे ंनी ककसनी सगोयप्रे
ंकए सशकदारदी जदानवर ककी तर यसौवन जदाग उठदा।

गगोबर नप्रे आवरण- ंनीन रससकतदा कप्रे सदाथ क ंदा-- अगर सभक्षकक कगो भनीख
समलनप्रे ककी आसदा ंगो, तगो व हदन-भर और रदात-भर ददातदा कप्रे द्वदार पर खड़दार ंप्रे।

झन
क यदा नप्रेकटदाक्ष करकप्रे क ंदा -- तगो य क ंगो तमक भनी मतलब कप्रे यदार ंगो।

गगोबर ककी संम नययों कदा रकम त पबल ंगो उठदा। बगोलदा -- भखदाड आदमनी ंदाथ
अगर सं ै लदायप्रे तगो उसप्रे क्षमदा कर दप्रे नदा चदाह ए।

झन क यदा और ग रप्रे पदाननी मभ उतरदी -- सभक्षकक जब तक दस द्वदारप्रे न जदाय,उसकदा पप्रेट


क ै सप्रे भरप्रे गदा। म ैंऐसप्रेसभक्षककयों कगो म।ँं
ड कन ंनींलगदातनी। ऐसप्रेतगो गलदी-गलदी समलतप्रे ं ैं।
ककर सभक्षकक दप्रे तदा क्यदा,असनीस!ं ै असनीसयों सप्रे तगो ककसनी कदा पप्रेट न ंनीं भरतदा।

मंद-बद्ंकधधि गगोबर झकनयदा कदा आशय न समझ सकदा। झकनयदा छगोटदी-सनी थनी तभनी
सप्रेगदा कयों कप्रे घर दद ड लप्रेकर जदायदा करतनी थनी। ससरदालक मभ उसप्रेगदा कयों कप्रे घर दद ड
प ंकड।ँचदानदा पड़तदा थदा। आजकल भनी द ंनी बप्रेचनप्रेकदा भदार उसनी पर थदा। उसप्रेतर -तर
कप्रे मनष्ययोंंक सप्रेसदाबबक़दा पड़ चकदाक थदा। दगो-चदार ंकपए उसकप्रे ंदाथ लग जदातप्रे ,
थप्रेघड़नी-
भर कप्रे सलए मनगोरं जन भनी ंगो जदातदा ;थदामगर य आनंद ज ैसप्रेम।ँग
ड ननी ककी चनीज़
ंगो। उसमभ हटकदाव न ,थदासमपदण न थदा,अधधिकदार न थदा। वऐसदा पप्रेम चदा तनी व
थनी, श्जसकप्रे सलए व श्जए और मरप्रे ,श्जस पर व अपनप्रे कगो समवपदत कर दप्रे ।
कप्रेवल जगनकडककी चमक न ंनीं,ददीपक कदा स्थदायनी पकदाश चदा तनी थनी। व एक ग
ं ृस्थ ककी बदासलकदा थनी, श्जसकप्रे गहृ णनीत्व कगो रससकयों ककी लगदावटबदाश्ज़ययों
नप्रे ककचल न ंनींपदायदा थदा।

गगोबर नप्रे कदामनदासप्रे उदनीप म त मखक सप्रेक ंदा -- सभक्षकक कगो एक ंनी द्वदार
पर भरपप्रेट समल जदाय,तगो क्ययों द् वदार-द्वदार घमप्रेड?

झन
क यदा नप्रेसदय भदाव सप्रेउसककी ओर तदाकदा। ककतनदा भगोलदा ं ै,ककछ समझतदा ंनी
न ंनीं।

'सभक्षकक कगो एक द्वदार पर भरपप्रेट क ंदाड।ँसमलतदा ं ै। उसप्रेतगो चटककीक ंनी


समलप्रेगनी। सबदस तगो तभनीपदाओगप्रे,जब अपनदा सबदस दगोगप्रे।'

'मप्रेरप्रेपदास क्यदा ं ैझकनयदा?'

'तम मंक ंदारप्रे पदास ककछ न ंनीं ं ै? म ैंतगो समझतनी ंड,मप्रेरड़सलए


तम मंक ंदारप्रे पदास जगो ककछ ं ै,
बड़प्रे-बड़प्रेलखप तययों कप्रे पदास न ंनीं ं ै। तमक मझसप्रेकभनीख न मदाड।ँगकर मझप्रेकमगोल लप्रे
सकतप्रे ' ंगो।

गगोबर उसप्रे चककत नप्रेतयों सप्रे दप्रे खनप्रे लगदा।

झन
क यदा नप्रेककर क ंदा -- और जदानतप्रे , ंगोददाम क्यदा दप्रे नदा ंगोगदा? मप्रेरदा ंगोकर र नदा
पड़प्रेगदा। ककर ककसनी कप्रे सदामनप्रे ंदाथ सं ैलदायप्रेदप्रेखगनींडं।ँ, तगो घर सप्रे नकदाल
दंडगनी।ं।ँ

गगोबर कगो ज ैसप्रेअड।ँसंप्रेरप्रेमभटटगोलतप्रे ंकए इश्च्छत वस्तकसमल गयनी। एक ववधिचत भय-


समधिशत आनंद सप्रे उसकदा रगोम-म पलककतक ंगो उठदा। लप्रेककन य क ै सप्रे ंगोगदा?
झन
क यदा कगो रख लप्रे,तगो रखप्रेलदी कगो लप्रेकर घर मभ र ंप्रेगदा क ै सप्रे। बबरदादरदी कदा झंझट
जगो ं ै। सदारदा गदाड।ँव -कदाड।ँवकरनप्रेलगप्रेगदा। सभनी दसमनक ंगो जदायगप्रे।ंड।ँ अम्मदाड।ँतगो
इसप्रेघर मभ घसनप्रेकभनी न दप्रे गनी। लप्रेककन जब स्तनी ंगोकर य न ंनीं डरतनी,तगो पंकष
ंगोकर व क्ययों डरप्रे । ब ंकत ंगोगदा, लगोग उसप्रे अलग कर दभ गप्रे। व अलग ंनी र ंप्रेगदा।
झकनयदा ज ैसनी औरत गदाड।ँव मभ दसरदीड कसौन ं ै? ककतननी समझददारदी ककी बदातभ करतनी ं ै।
क्यदा जदानतनी न ंनींकक म ैंउसकप्रे जगोग न ंनीं ंड।ं।ँककर भनी मझसप्रेकपप्रेम करतनी ं ै। मप्रेरदी
ंगोनप्रे कगो रदाज़नी ं ै। गदाड।ँववदालप्रे नकदाल,तगो दभ गप्रेक्यदासंसदार मभ दसरदाड गदाड।ँव ंनी न ंनीं ? ं ै
और गदाड।ँव क्ययों छगोड़प्रे?मदातदाददीन नप्रे चमदाररन ब ैठदा ,लदीतगो ककसनी नप्रे क्यदा कर सलयदा।
ददातदाददीन ददाड।ँत कटकटदाकर र गयप्रे। मदातदाददीन नप्रे इतनदा ज़रड ककयदा कक अपनदा
संरम बचदा सलयदा। अब भनी बबनदा असनदान-पजदाड ककयप्रेम।ँं
ड कमभपदाननी न ंनींडदालतप्रे।
दगोनयों जनड अपनदा भगोजन आप पकदातप्रे ं ैंऔर अब तगो अलग भगोजन न ंनीं पकदातप्रे।
ददातदाददीन और व सदाथ ब ैठकर खदातप्रे ं ैं। णझंगरदीससंंक नप्रेबदाम म ननी रख लदी, उनकदा
ककसनी नप्रे क्यदा कर सलयदा? उनकदा श्जतनदा आदर-मदान तब थदा, उतनदा ंनी आज भनी
ं ै; बश्ल्क और बढ़ गयदा। प लप्रे नसौकरदी खगोजतप्रे ककरतप्रे थप्रे। अब उसकप्रे ंकपए सप्रे
ंदाजन बन ब ैठप्रे। ठककरदाई कदा रगोब तगो थदा ंनी, म ंदाजननी कदा रगोब भनी जम गयदा।
मगर ककर ख़्यदाल आयदा, क ंनींझन क यदा हदल्लगनी न कर र ंनी ंगो। प लप्रेइसककी
ओर सप्रे नश्क चंत ंगो जदानदा आवकयक थदा।

उसनप्रेपछदाड -- मन सप्रेक तनी ंगो झनदाड कक ख़दालदी लदालच दप्रे र ंनी ंगो? म ैंतगो
तम मंक ंदारदा
चकदाक; लप्रेककन तमक भनी ंगो जदाओगनी?

'तमक मप्रेरप्रे ंगो चकप्रेक, क ै सप्रे नजदांड?'ं।ँ

'तमक जदान भनी चदा ंगो, तगो दप्रे दंड।'ं।ँ

'जदान दप्रे नप्रे कदा अरथ भनी समझतप्रे?' ंगो

'तमक समझदा दगो न।'

'जदान दप्रे नप्रे कदा अरथ, सदाथ ै र कर नबदा करनदा। एक बदार ंदाथ पकड़कर उसमर भर
नबदा करतप्रे र नदा,चदा ंप्रेद ंकनयदा ककछ क ंप्रे,चदा ंप्रे मदाड।ँ-बदाप, भदाई-बंद,घर-द्वदार सब
ककछ छगोड़नदा पड़प्रे। म।ँं
ड कसप्रेजदान दप्रे नप्रेवदालप्रेब ंकतयों कगो दप्रे ख चककी।ंक भसौरयों ककी भदाड।ँत संडल
कदा रस लप्रेकर उड़ जदातप्रे ं ैं। तमक भनी व ैसप्रे ंनी न उड़ जदाओगप्रे?'
गगोबर कप्रे एक ंदाथ मभ गदाय ककी पगह यदा थनी। दसरप्रेड ंदाथ सप्रेउसनप्रेझन
क यदा कदा
ंदाथ पकड़ सलयदा। ज ैसप्रे बबजलदी कप्रे तदार पर ंदाथ गयदा ंगो। सदारदी दप्रे यसौवन कप्रे
लप्रे स्पशद सप्रे कदाड।ँप उठठी।तननी ककमलदायमक, गदगकददीक, कगोमल कलदाई! झकनयदा नप्रे
उसकदा ंदाथ टदायदा न ंनीं,मदानगो इस स्पशद कदा उसकप्रे सलए कगोई म त्व ंनी न ंगो।

ककर एक क्षण कप्रे बदाद गंभनीर भदाव सप्रे बगोलदी--आज तमनप्रेकमप्रेरदा ंदाथ पकड़दा ं ै,
यदाद रखनदा।

'ख़बड यदाद रखगदांडं।ँ झनदाड और मरतप्रेदम तक नबदा ंडगदा।ं।ँ'

झकनयदा अववकवदास-भरदी मस्कदानक सप्रेबगोलदी -- इसनी तर तगो सब क तप्रे ं ैं गगोबर! बश्ल्क


इससप्रे भनी मनीठप्रे ,धिचकनप्रे शब्दयों मभ । अगर मन मभ कपट,मझप्रेबतदाकगो दगो। सचप्रेत ंगो जदाऊड।ँ।
ऐसयों कगो मन न ंनींदप्रेतनी। उनसप्रेतगो ख़दालदी ंड।ँस-बगोल लप्रेनप्रे कदा नदातदा रखतनी ंड।ं।ँबरसयों
सप्रेदद ड लप्रेकर बदाज़दार जदातनी ंड।ं।ँएक-सप्रे-एक बदाब,ड म ंदाजन, ठदाककर, वककील, अमलप्रे,अफ़सर
अपनय रससययपन हदखयकर म झससमसय लसनय चय तस । कतई
छदातनी पर ंदाथ रखकर क तदा ं ै,झकनयदा, तरसदा मत; कगोई मझप्रेकरसनीलदी,
नसनीलदी
धिचतवन सप्रेघरतदाड ं ै,मदानगो मदारप्रे पप्रेम कप्रे बप्रे ंगोश ंगो गयदा,कगोई ं ैकपए हदखदातदा
ं ै,
कगोई ग नप्रे। सब मप्रेरदी ग़लदामनीक करनप्रेकगो त ैयदार र तप्रे , उसमर ैं भर, बश्ल्क उस
जनम मभ ,भनीलप्रेककन म ैंउन सबयों ककी नस प चदानतनी ंड।ं।ँसब-कप्रे-सब भगौंरप्रे रस
लप्रेकर उड़ जदानप्रेवदालप्रे। म ैंभनी उन म ंभललचदातनी ंड,ं।ँतरछठी नज़रयों सप्रेदप्रेखतनी ंड,ं।ँ
मसकरदातनीक ंड।ं।ँ मझप्रेकधगनी बनदातप्रे ं ैं,म ैंउन म ंभउल्लडबनदातनी ंड।ं।ँमम
ैं र जदाऊड।ँ,तगो

उनककी आड।ँखयोंमभआस।ँन
ड आयप्रेगदा। व मर जदाय,ंडत ।ँ गो म ैंक ंडगनीभीँ, अच्छदा आ,
ंक
नगगोड़दा मर गयदा। म ैं तगो श्जसककी ंगो जदाऊड।ँ,उसककीगनी जनम-भर कप्रे सलए
ंगो
जदाऊड।ँ,गनीसखक मभ ,दछःखक मभ ,संपत मभ ,बबपत मभ ,उसकप्रे सदाथ र ंडगनी।ं।ँ रजदाई न ंनीं ंडं।ँ
सबसप्रे ंड।ँसतनी-बगोलतनी कक।ँड ।न ंकपए ककी भखनीड ंड,न।ँ ग नप्रे-कपड़प्रे ककी। बस भलप्रे आदमनी
कदा संग चदा तनी ंड,जतोँ मझप्रेअ क पनदा समझप्रेऔर श्जसप्रेमभ
ैं नी अपनदा समझंड।ं।ँएक
पंडडत जनी ब ंकत तलक-मददाक लगदातप्रे ं ैं। सआ सप्रेर दद ड लप्रेतप्रे ं ैं। एक
हदन उनककी घरवदालदी क ंनींनप्रेवतप्रेमभगयनी थनी। मझप्रेकक्यदा मदालम।ंड और हदनयों ककी
तर दद ड सलयप्रेभनीतर चलदी गयनी। व ंदाड।ँपकदारतनीक ंड,ब।ँ ंडजनी, ब ंडजनी! कगोई बगोलतदा
ंनी न ंनीं। इतनप्रेमभदप्रेखतनी ंडततोँ पंडडतजनी बदा र कप्रे ककवदाड़ बंद ककयप्रेचलप्रेआ र ंप्रे
ं ैं। म ैंसमझ गयनी इसककी ननीयत ख़रदाब ं ै। म ैंनप्रेडदाड।ँटकर पछदाड -- तमनप्रेकककवदाड़
क्ययों बंद कर सलयप्रे?क्यदा ब ंडजनी क ंनींगयनी ं ैं?घर मभ सन्नदाटदा क्ययों? उसनप्रे ै क
ंदा--
एक नप्रेवतप्रेमभ गयनी; और ैं मप्रेरदी ओर दगो पग और बढ़ आयदा। म ैंनप्रे --क ंदा तम मंक
ंभदद ड लप्रेनदा ंगो तगो लगो, न ंनींमज ैं दातनी ंड।ं।ँबगोलदा -- आज तगो तमक य ंदाड।ँसप्रेन
जदानप्रेपदाओगनी झननीड रदाननी, रगोज़-रगोज़ कलप्रेजप्रेपर छकरदी चलदाकर भदाग जदातनी ंगो, आज
मप्रेरप्रे ंदाथ सप्रेन बचगोगनी। तमसप्रेकसच क तनी ंड,गगोबर।ँ , मप्रेरप्रे रगोएड।ँ खड़प्रेगयप्रे।ंगो

गगोबर आवप्रेश मभ बगोलदा--म ैं बच्चदा कगो दप्रे ख ,पदाऊड।ँतगोखगोदकर ज़मनीन मभ गदाड़ दंड।ं।ँ
ख़नड चसड लंड।ं।ँतमक मझप्रेकहदखदा तगो दप्रे नदा।

'सनगोक तगो, ऐसयों कदा म।ँं


ड त
क गोड़नप्रेकप्रे सलए म ैंंनी कदाफ़की ंड।ं।ँमप्रेरदी छदातनी संक-संक करनप्रे
लगनी। य ककछ बदमदासनी कर ब ैठप्रे, तगो क्यदा क।ँड गनी। कगोई धिचल्लदानदा भनी तगो न
सनप्रेगदाक; लप्रेककन मन मभ य नकय चकर सलयदा थदा कक मप्रेरदी दप्रे छकई, तगो दद ड ककी
भरदी ंदाड।ँड़नी उसकप्रे म।ँं
ड कपर पटक दंडगनी।ं।ँ बलदा सप्रेचदार-पदाड।ँच सप्रेर जदायगदा, बचदा कगो
दद ड
यदाद तगो ंगो जदायगनी। कलप्रेजदा मज़बतड करकप्रे बगोलदी इस संप्रे र मभ न र नदा
--
पंडडतजनी! म ैंअ ंनीर ककी लड़ककी ंड।ं।ँमंडछ।ँ कदा एक-एक बदाल लंडगनी।ं।ँ य ंनी
चनवदाक सलखदा
ं ैत ंदारप्रे पगोथनी-पतप्रेमभकक दसरयोंंड ककी ब -बप्रेटदी कगो अपनप्रे घर मभ बंद करकप्रे
म मंक
ंड
बप्रेईज़्ज़त करगो। इसनीसलए तलक-मददाक कदा जदाल बबछदायप्रेब ैठप्रे ंगो? ंदाथ जगोड़नप्रे,
लगदा
प ैरयों पड़नप्रे-- एक पप्रेमनी कदा मन रख दगोगनी,तगो तम मंक ंदारदा क्यदा बबगड़ जदायगदा, झनदाड
रदाननी! कभनी-कभनी ग़रदीबयों पर दयदा ककयदा करगो, न ंनींभगवदान णपछभ गप्रेड,म ैंनप्रेतम मंक
ंभइतनदा
ंडवपन हदयदा थदा, तमनप्रेकउससप्रेएक बदाह्मण कदा उपकदार भनी न ंनींककयदा, तगो क्यदा
जवदाब दगोगनी? बगोलप्रे,म ैंववप ंड,ंकपए।ँ-प ैसप्रेकदा ददान तगो रगोज़ ंनी पदातदा ंड,आज।ँ ंडप
कदा ददान दप्रे दगो। म ैंनप्रे ययों ंनी उसकदा मन परखनप्रे कगो क, म ैंहदयदापचदास
ंकपए
लंडगनी।ं।ँ सच क ंडगगोबर।ँ , तरं तक कगोठरदी मभ गयदा और दस-दस कप्रे पदाड।ँच नगोट
तनी
नकदालकर मप्रेरप्रे ंदाथयों मभ दप्रे नप्रे लगदा और जब म ैंनप्रे नगोट ज़मनीन पर धिगरदा हदयप्रे
द्वदार ककी ओर चलदी, तगो उसनप्रे मप्रेरदा ंदाथ पकड़ सलयदा। म ैं तगो प लप्रे ंनी सप्रे त ैयदार
थनी। ंदाड।ँड़नी उसकप्रे म।ँं
ड कपर दप्रे मदारदी। ससर सप्रेपदाड।ँव तक सरदाबगोर ंगो गयदा। चगोट भनी
ख़बड लगनी। ससर पकड़कर ब ैठ गयदा और लगदा ंदाय ंदाय करनप्रे। म ैंनप्रे, अबदप्रे खदाय
-
ककछ न ंनींकर सकतदा, तगो पनीठ मभ दगो लदातभ जमदा ददीं और ककवदाड़ खगोलकर ' भदागनी।

गगोबर ठठदा मदारकर बगोलदा -- ब ंकत अच्छदा ककयदा तमनप्रे।ंक दद ड सप्रेन ंदा गयदा
ंगोगदा। तलक-मददाक भनी संलक गयनी ंगोगनी। मंडछभभीँभनी क्ययों न उखदाड़ लदीं?'
दसरप्रेड हदन म ैंककर उसकप्रे घर गयनी। उसककी घरवदालदी आ गयनी थनी। अपनप्रेब ैठक मभ ससर
मभ पटदी बदाड।ँसंप्रे पड़दा थदा। म ैंनप्रे--क ंगोकतगोदा कल ककी तम मंक ंदारदी करततड खगोल दंडपंडडत।ँ
! लगदा ंदाथ जगोड़नप्रे। म ैंनप्रेक ंदा -- अच्छदा थककरू चदाटगो, तगो छगोड़ दंड।ं।ँ ससर
ज़मनीन पर रगड़कर क नप्रे लगदा-- अब मप्रेरदी इज़्ज़त तम मंक ंदारप्रे ंदाथ ं ैझनदाड,
ंनी समझ लगो कक पंडडतदाइन मझप्रेकजनीतदा न छगोड़भगनी। मझप्रेकभनी उस पर दयदा आ
गयनी।'

गगोबर कगो उसककी दयदा बरदीक लगनी -- य तमनप्रेक्


क यदा ककयदा? उसककी औरत सप्रे जदाकर
क्ययों न ंनीं हदयदा? जतयोंंड सप्रेपनीटतनी। ऐसप्रेपदाखंडडययों पर दयदा न करननी चदाह ए।
तमक मझप्रेक
क ल उनककी सरतड हदखदा दगो, ककर दप्रे खनदा क ैसनी मरम्मत करतदा ंड।ं।ँ

झन
क यदा नप्रेउसकप्रे सअद-ववकससत यसौवन कगो दप्रे खकर क ंदा-- तमक उसप्रेन पदाओगप्रे।
ख़दासदा दप्रे व ं ै। मफ़्तक कदा मदाल उड़दातदा ैकक न ंनीं।

गगोबर अपनप्रे यसौवन कदा य तरस्कदार क ै सप्रे स तदा। डनींग मदारकर बगोलदा--मगोटप्रे ंगोनप्रे
सप्रेक्यदा ंगोतदा ं ै। य ंदाडफ़
।ँ सौलदाद ककी ड्डडयदाड।ँं। ैं तनीन ससौ डंड रगोज़ मदारतदा ंड।ं।ँ दद-ड घनी
न ंनीं समलतदा,न ंनीं अब तक सनीनदा ययों नकल आयदा ंगोतदा।

क कर उसनप्रे छदातनी सं ै लदा कर हदखदायनी।

झन क यदा नप्रेआकवस्त आड।ँखयों सप्रे दप्रे खदा--अच्छदा, कभनी हदखदा दंडगनी।ं।ँ लप्रेककन य
ंदाड।ँतगो सभनी एक-सप्रे , त ैंमक ककस-ककस कक मरममत करतगस। न जयनस मरदद कक कयय
आदत ं ै कक ज ंदाड।ँ कगोई औरत दप्रे खनी और बस लगप्रेघरनप्रेड,छदातनी
जवदान,सदरं ंक
पनीटनप्रे। और य जगो बड़प्रे आदमनी क लदातप्रे,यप्रेत
ैं गो नरप्रे लंपट ंगोतप्रे ं ैं। ककर म ैं
कगोई सदरदींंक न ंनीं ंड...ं।ँ ।
गगोबर नप्रे आपश्त्त ककी-- तम!ंक तम मंक ंभदप्रेखकर तगो य ंनी जनी चदा ं ै कक कलप्रेजप्रे मभ
तदा
बबठदा लभ।
झकनयदा नप्रेउसककी पनीठ मभ लकदा-सदा घसदांडं।ँ जमदायदा -- लगप्रेऔरयों ककी तर तमक भनी

चदापलसनीड करनप्रे।
म ैंज ैसनी ककछ ंड,व।ँ म ैंजदानतनी ंड।ं।ँमगर इन लगोगयों कगो तगो
जवदान समल जदाय। घड़नी-भर मन ब लदानप्रेकगो और क्यदा चदाह यप्रे। गनक तगो आदमनी
उसमभ दप्रे खतदा,श्जस ैकप्रे सदाथ जनम-भर नबदा करनदा ंगो। भनी ंडऔर।ँ
सनतनीक
दप्रे खतनी भनी ंड,आजकल।ँ बड़प्रे घरयों ककी ववधिचत लदीलदा ं ै। श्जस म ल्लप्रे मभ मप्रेरदी
ससरदालक ं ै,उसनी मभ गपडड-गपडड नदाम कप्रे कदासमनीरदी र तप्रेथप्रे। बड़प्रेभदारदी आदमनी थप्रे।
उनकप्रे य ंदाड।ँपदाड।ँच सप्रेर दद ड लगतदा थदा। उनककी तनीन लड़ककयदाड।ँथनीं। कगोई बनीस-बनीस,
पच्चनीस-पच्चनीस ककी ंयोंगनी। एक-सप्रे-एक सदर।ंंंक तनीनयों बड़प्रेकदासलज मभ पढ़नप्रेजदातनी
थनीं। एक सदाइत कदासलज मभ पढ़दातनी भनी थनी। तनीन ससौ कदा म ंनीनदा पदातनी थनी। ससतदार
सब बजदावभ ,रमकनयदाड।ँव सब बजदावभ ,नदाचभ ,वगदावभ ;वलप्रेककन ब्यदा कगोई
करतनी थनी। रदाम जदानप्रे,व ककसनी मरद कगो पसंद न ंनीं करतनीथनीं कक मरद उन म ंनीं
कगो पसंद न ंनींकरतदा थदा। एक बदार म ैंनप्रेबड़नी बनीबनी सप्रेपछदाड, तगो ंड।ँसकर बगोलदीं--
लगोग य रगोग न ंनीं पदालतप्रे;मगर भनीतर- ंनी-भनीतर ख़बड गलछरुप्रे उड़दातनी थनीं। जब
दप्रे खंड,दतोँ-चदार लगौंडप्रेउनकगो घप्रेरप्रे ंकए ं ैं। जगो सबसप्रेबड़नी थनी, व तगो कगोट-पतलनड
नकर घगोड़प्रे पर सवदार ंगोकर मदगो कप्रे सदाथ स ैर करनप्रे जदातनी थनी। सदारप्रे स र मभ उनककी
लदीलदा मश ंडर थनी। गपडड बदाबडससर ननीचदा ककयप्रे,ज ैसप्रेम।ँं
ड कमभकदासलख-सनी लगदायप्रे र तप्रे थप्रे।
लड़ककययों कगो डदाड।ँटतप्रे,समझदातप्रेथप्रे थप्रे;पर सब-ककी-सब खल्लमक-खल्लदाक क तनी थनीं-- तमकगोक
मदारप्रे बनीच मभ बगोलनप्रेकदा ककछ मजदाल न ंनीं ं ै। म
अपनप्रे मन ककीरदाननी ं ैं,जगो मदारदी इच्छदा ंगोगनी, व म करभ गप्रे। बप्रेचदारदा बदाप जवदान-
जवदान लड़ककययों सप्रे क्यदा बगोलप्रे। मदारनप्रे-बदाड।ँसंनप्रे सप्रे, डदाड।ँटनप्रेर-डपटनप्रे सप्रे र; लप्रेककनदा
भदाई बड़प्रेआदसमययों ककी बदातभ कसौन चलदायप्रे। व जगो कछ करभ ,सब ठठीक ं ै। उन म ंभ
ंक
तगो बबरदादरदी और पंचदायत कदा भनी डर न ंनीं। मप्रेरदी समझ तगोमभ य ंनी न ंनीं आतदा कक
ककसनी कदा रगोज़-रगोज़ मन क ै सप्रे बदल जदातदा ं ै। क्यदा आदमनी -गदायबकरदी सप्रे भनी
गयदा-बनीतदा ंगो गयदा ं ै? लप्रेककन ककसनी कगो न ंनींक तनी भदाई! मन कगो ज ैसदा
बरदाक
बनदाओ, व ैसदा बनतदा ं ै। ऐसयों कगो भनी दप्रे खतनी ंड,श्जन म।ँ ंभ रगोज़-रगोज़ ककी ददाल-रगोटदी
कप्रे
बदाद कभनी-कभनी म।ँं
ड ककदा सवदाद बदलनप्रेकप्रे सलए लवदा-परदीड भनी चदाह ए। और ऐसयों
कगो भनी दप्रे खतनी ंड,श्जन म।ँ ंभ घर ककी रगोटदी-ददाल दप्रे खकर ज्वर आतदा ं ै। ककछ बप्रेचदाररयदाड।ँ
ऐसनी भनी ं ैं,जगो अपननी रगोटदी-ददाल मभ ंनी मगन र तनी ं ैं। -पलवदारदीडसप्रेउन म
ंभकगोई
मतलब न ंनीं। मप्रेरदी दगोनयों भदावजयों ंनी कगो दप्रे खगो। मदारप्रे भदाई- कबड़दानप्रेन ंनीं ं ैं,दस
ंक
जवदानयों मभ एक जवदान; लप्रेककन ैं भदावजयों कगो न ंनीं भदातप्रे। उन म ंभ तगो व , चदाहजगो ए
सगोनप्रे ककी बदासलयदाड।ँ बनवदायप्रे,मनीन सदाडड़यदाड।ँ लदायप्रे,रगोज़ चदाट णखलदायप्रे। बदासलयदाड।ँ और
समठदाइयदाड।ँमझप्रेभ
क नी कम अच्छठी न ंनींलगतनीं;लप्रेककन जगो क ंगो कक इसकप्रे सलए
अपननी लदाज बप्रेचतनी कक।ँड तगो भगवदान णइससप्रेबचदाय।ंड।ँएक कप्रे सदाथ मगोटदा-झगोटदा खदा-
प नकर उसमर कदाट दप्रे नदा,बस अपनदा तगो य ंनी रदाग ं ै। ब त करकप्रे तगो मदद ंनी
ंक
औरतयों कगो बबगदाड़तप्रे ं ैं। जब मदद- सउरइर तदाक-झदाड।ँक करप्रे गदा तगो औरत भनी आड।ँख
लड़दायप्रेगनी। मदददसरदीड औरतयों कप्रे पनीछप्रे दसौड़प्रेगदा, तत औरत भड़ ज़सर मदत कस पड़छस
दसौड़प्रेगनी। मदद कदा रजदाईपन औरत कगो भनी उतनदा बनीरदाक लगतदा ं ै,श्जतनदा औरत
कदा मदद कगो। य ंनी समझ लगो। म ैंनप्रे तगो अपनप्रे आदमनी सप्रे-सदाफ़सदाफ़क हदयदा थदा,
अगर तमक सइर-सउर लपकप्रे, तगो मप्रेरदी भनी जगो इच्छदा ंगोगनी क।ँड गनी। य चदा ंगो

कक तमक तगो अपनप्रेमन ककी करगो और औरत कगो मदार कप्रे डर सप्रेअपनप्रेक़दाबडमभ
रखगो, तगो य न ंगोगदा। तमक खकलप्रे-ख़ज़दानप्रे करतप्रे , छपकर करप्रे गनी। तमक उसप्रे
ंगोव
जलदाकर सखनीक न सकतप्रे।
ंनींर
गगोबर कप्रे सलए य एक नई द ंकनयदा ककी बदातभ थनीं। तन्मय ंगोकर सनक र ंदा
थदा।
कभनी-कभनी तगो आप- ंनी-आप उसकप्रे पदाड।ँव ंकक ,जदातप्रेककर सचप्रेत ंगोकर चलनप्रे लगतदा।
झकनयदा नप्रेप लप्रेअपनप्रेडप सप्रेमगोह त ककयदा थदा। आज उसनप्रेअपनप्रेजदान और
अनभवक सप्रेभरदी बदातयों और अपनप्रेसतनीत्व कप्रे बखदान सप्रेमग मसंक कर सलयदा। ऐसनी
ंडप, गण,क जदान ककी आगरदी उसप्रे समल जदाय,तगो संन्य भदाग। ककर वक्ययों पंचदायत
और बबरदादरदी सप्रे डरप्रे ?

झन
क यदा नप्रेजब दप्रे ख सलयदा कक उसकदा ग रदा रं ग जम गयदा, तगो छदातनी पर ंदाथ
रखकर जनीभ ददाडत ।ँ सप्रेकदाटतनी ंकई बगोलदी -- अरप्रे ,य तगो तम मंक ंदारदा गदाड।ँव आ गयदा!
तमक भनी बड़प्रेमरु ंप्रे ंगो, मझसप्रेकक ंदा भनी न ंनींकक लसौट जदाओ। य क कर व लसौट
पड़नी।

गगोबर नप्रे आग करकप्रे क --ंदा एक छन कप्रे सलए मप्रेरप्रे घर क्ययों न ंनीं चलदी चलतनी?
अम्मदाड।ँ भनी तगो दप्रे ख लभ।

झकनयदा नप्रेलज्जदा सप्रेआ।ँख


ड भचरदाकरु क ंदा -- तम मंक ंदारप्रे घर ययों न जदाऊड।ँगनी। मकझप्रे तगो
ंनी अचरज ंगोतदा ं ैकक म ैंइतननी दरू क ैसप्रेआ गयनी। अच्छदा, बतदाओ अब कब आओगप्रे?
रदात कगो मप्रेरप्रे द्वदार पर अच्छठी संगत ंगोगनी। चलप्रे , आनदाम ैं अपनप्रे वपछवदाड़प्रे
समलंडगनी।ं।ँ

'और जगो न समलदी?'

'तगो लसौट जदानदा।'


'तगो ककर म ैं न आऊड।ँ' गदा।

'आनदा पड़प्रेगदा,न ंनींक ंप्रेदप्रेतनी ंड।'ं।ँ


'तमक भनी वचन दगो कक समलगोगनी?'

'म ैं वचन न ंनीं दप्रे तनी।'

'तगो म ैं भनी न ंनीं आतदा।'

'मप्रेरदी बलदा सप्रे!'

झन
क यदा अगठदाड।ँ हदखदाकर चल ददी। पथम-समलन मभ ंनी दगोनयों एक दसरप्रेड पर अपनदा-
अपनदा अधधिकदार जमदा चकप्रेक थप्रे। झकनयदा जदानतनी थनी, व आयप्रेगदा,क ै सप्रे न आयप्रेगदा?
गगोबर जदानतदा थदा, व समलप्रेगनी,क ै सप्रे न समलप्रे?गंगोबरदी जब अकप्रे लदा गदाय कगो
ंदाड।ँकतदा ंकआ चलदा, तगो ऐसदा लगतदा थदा, मदानगो स्वगद सप्रे धिगर पड़दा ं ै।

***
6

जप्रेठ ककी उददास और गमद संध्यदा सप्रेमरदी ककी सड़कयों और गसलययों मभ पदाननी कप्रे
छड़कदाव सप्रेशनीतल और पसन्न ंगो र ंनी थनी। मंडप कप्रे चदारयों तरफ़ संडलयों और वपसौयों
कप्रे गमलप्रे सजदा हदयप्रे गयप्रे थप्रे और बबजलदी कप्रेचल पंखप्रेरथप्रे। रदाय सदा ब अपनप्रे
कदारख़दानप्रे मभ बबजलदी बनवदा लप्रेतप्रे थप्रे। उनकप्रे ससपदा ंनी पनीलदी वहददयदाड।ँ,ननीलप्रेसदाफ़प्रेडदाटप्रे
बदाड।ँसंप्रे,जनतदा पर रगोब जमदातप्रेककरतप्रेथप्रे। नसौकर उजलप्रेककरतप्रेप नप्रेऔर कप्रेसररयदा
पदाग बदाड।ँसंप्रे,ममदानयों और मणखययोंंक कदा आदर-सत्कदार कर र ंप्रे थप्रे। उसनी वक़्त एक
मगोटर ससं-द्वदार कप्रे सदामनप्रेआकर ंकककी और उसमभ सप्रेतनीन म दानभदावक उतरप्रे । व
जगो खदर कदा ककरतदा और चप्पल प नप्रे ंकए ं ैंउनकदा नदाम पंडडत ओंकदारनदाथ ं ै।
आप द ै नक-पत 'बबजलदी' कप्रे यशस्वनी संपदादक, श्जन मं ैं ंभ दप्रे श-धिचंतदा नप्रेघलदाक डदालदा
ं ै। दसरप्रेड म ंदाशय जगो कगोट-प ैंट मभ ,व ं ैं तगो वककील,पर वकदालत न चलनप्रे कप्रे
कदारण एक बनीमदा-कंपननी ककी दलदालदी करतप्रे ं ैंऔर तदाल्लक़प्रेददारयोंंक कगो म ंदाजनयों और
ब ैंकयों सप्रे करज़ हदलदानप्रे मभ वकदालत सप्रे क ंनीं ज़्यदाददा कमदाई करतप्रे ं ैं। इनकदा
कयदामबब ंदारदी तंखदा और तनीसरप्रे सज्जन जगो रप्रे शमनी अचकन और तंग पदाजदामदा प नप्रे

ंकए ं ैं,समस्टर बनी. मप्रे तदा,यकनवससदटदी मभ दशदनशदास्तकप्रे अध्यदापक ं ैं। यप्रे तनीनयों
सज्जन रदाय सदा ब कप्रे स पदाहठययों मभ ं ैंऔर शगनक कप्रे उत्सव मभ नमंबतत ंकए ं ैं।
आज सदारप्रे इलदाक़प्रे कप्रे असदामनी आयभग और शगनक कप्रे ंकपए भभ ट करभ ग। रदात कगो संनषक-
यज ंगोगदा और मप्रेमदानयों ककी ददावत ंगोगनी। ंगोरदी नप्रेपदाड।ँच ंकपए शगनक कप्रे दप्रे हदयप्रे
ं ैंऔर एक गलदाबनीक समरज़ई प नप्रे,गलदाबनीक पगड़नी बदाड।ँसंप्रे,घटनप्रेकतक कछननी कदाछप्रे , ंदाथ
मभ एक खरपनीक सलयप्रेऔर मखक पर पदाउडर लगवदायप्रेरदाजदा जनक कदा मदालदी बन गयदा
ं ैऔर गडर सप्रेइतनदा संडल उठदा ं ैमदानगो य सदारदा उत्सव उसनी कप्रे पंकषदाथदसप्रे ंगो र ंदा
ं ै।

रदाय सदा ब नप्रे मप्रे मदानयों कदा स्वदागत ककयदा।दगो रप्रे बदन कप्रे ऊड।ँ चप्रे आदमनी,गठदा थप्रे
ंकआ शरदीर, तप्रेजस्वनी चप्रे , रदाऊड।ँ चदा मदाथदा,गगोरदा रं ग,श्जस पर शबदतनी रप्रे शमनी चदादर
ख़बड णखल र ंनी थनी।
पंडडत ओंकदारनदाथ नप्रेपछदाड -- अबककी कसौन-सदा नदाटक खप्रेलनप्रे कदा ववचदार? मप्रेरप्रे ै रस
ककी तगो य ंदाड।ँव ंनी वस्तक ं ै।
रदाय सदा ब नप्रे तनीनयों सज्जनयों कगो अपननी रदावटदीकप्रे सदामनप्रेककससययों पर ब ैठदातप्रे ंकए
ंदा -- प लप्रेतगो संनषक-यज ंगोगदा, उसकप्रे बदाद एक प सन। नदाटक कगोई अच्छदा न
समलदा। कगोई तगो इतनदा लम्बदा कक शदायद पदाड।ँच घंटयों मभ भनी ख़तम न ंगो और कगोई
इतनदा श्क्लष्ट कक शदायद य ंदाड।ँ एक व्यश्क्तभनी उसकदा अथद न समझप्रे। आणख़र

म ैंनप्रेस्वयम णएक प सन सलख डदालदा, जगो दगो घंटयों मभ परदाड ंगो जदायगदा।

ओंकदारनदाथ कगो रदाय सदा ब ककी रचनदा-शश्कम त मभ ब ंकत संदप्रे थदा। उनकदा ख़्यदाल थदा
कक प तभदा तगो ग़रदीबनी ंनी मभ चमकतनी ं ै ददीपक ककी भदाड।ँ,जगो अड।ँसंप्रेरप्रेत ंनी मभ अपनदा
पकदाश हदखदातदा ं ै। उपप्रेक्षदा कप्रे ,सदाथश्जसप्रे छपदानप्रे ककी भनी उन म ंयोंनप्रे चप्रेष्न टदानीं ककी,
पंडडत ओंकदारनदाथ नप्रेम।ँसड ंकप्रेर सलयदा।

समस्टर तंखदा इन बप्रेमतलब ककी बदातयों मभ न पड़नदा चदा , तप्रेककर थप्रेभनी रदाय सदा
ब कगो हदखदा दप्रे नदा चदा तप्रेथप्रेकक इस ववषय मभ उन म ंभककछ बगोलनप्रेकदा अधधिकदार ं ै।

बगोलप्रे-- नदाटक कगोई भनी अच्छदा ंगो सकतदा ं ै, अगर उसकप्रे असभनप्रेतदा अच्छप्रे ंयों।
अच्छदा-सप्रे-अच्छदा नदाटक बरप्रेक असभनप्रेतदाओंकप्रे ंदाथ मभ पड़कर बरदाक ंगो सकतदा ं ै। जब
तक स्टप्रे ज पर सशक्षक्षत असभनप्रेबतयदाड।ँ न ंनीं, आतमदारदी ंंनदाट्य-कलदा कदा उद् संदार न ंनीं
सकतदा। अबककी तगो आपनप्रे कगौंससल मभ पकककीनयों संमड मचदा ददी। म ैंतगो ददावप्रेकप्रे
सदाथ क सकतदा ंडकक।ँ ककसनी मभ बर कदा ररकदाडदइतनदा शदानददार न ंनीं ं ै।

दशदन कस अधययपक समसटर मस तय इस पशशसय कत स न न कर सकतस थस। ववररत


तगो करनदा चदा तप्रे थप्रे पर ससद्संदांत ककी आड़ मभ । ंयोंनप्रे ंदाल ंनी मभ एक पस्तकक
उन म
कई सदाल कप्रे पररशम सप्रेसलखनी थनी। उसककी श्जतननी संमड ंगोननी चदाह ए थनी, उसककी
शतदांश भनी न ंनीं ई थनी। इससप्रेब त दखनीक थप्रे।
ंक ंक
बगोलप्रे-- भदाई, म ैं पक नयोंकदा कदायल न ंनीं। म ैंचदा तदा ंडं।ँमदारदा जनीवन मदारप्रे
ससद् संदांतयों कप्रे अनकल ंगो। आप कषकयों कप्रे ं ैं,उन म ंभ तर-तर ककी ररयदायत
शभप्रेच्छ
ंकड ं ृ ंक ंक
दप्रे नदा चदा तप्रे, ज़मनींददारयोंं ैं कप्रे अधधिकदार छठीन लप्रेनदा चदा तप्रे,बश्ल्क ैं उन म ंभ आप समदाज
कदा शदाप क तप्रे , ककर ैं भनी आप ज़मनींददार , व ैसप्रे ैं ंनी ज़मनींददार ज ैसप्रे ज़दारयों और
ज़मनींददार ं ैं। अगर आपककी ं ैकक कषकयों कप्रे सदाथ ररयदायत ंगोननी चदाह
संदारणदा ए,
ं ृ
तगो प लप्रेआप ख़द क शकड करभ -- कदाकतकदारयों कगो बग़ ैर नज़रदानप्रे सलए पटप्रे सलख, दभ बप्रेगदार
बंद कर, इज़दाफ़दादभ लगदान कगो तलदांजसल दप्रे , चरदावरदभ ज़मनीन छगोड़ दभ । मझप्रेक
उन लगोगयों सप्रे ज़रदा भनी मदददी न ंनीं, जगो ै बदातभ तगो करतप्रे ं ैंकम्यकनस्टयों ककी-सनी, मगर
जनीवन ं ै रईसयों कदा-सदा, उतनदा ंनी ववलदासमय, उतनदा ंनी स्वदाथदसप्रेभरदा ंकआ।

रदाय सदा ब कगो आघदात प ंकड।ँचदा। वककील सदा ब कप्रे मदाथप्रेपर बल पड़ गयप्रेऔर
संपदादकजनी कप्रे म।ँं
ड कमभज ैसप्रेकदासलख लग गयनी। व ख़द क ससमष्टवदाद कप्रे पजदारदीक थप्रे,
पर ससनीप्रे घर मभ आग न लगदानदा चदा तप्रे थप्रे।

तंखदा नप्रे रदाय सदा ब ककी वकदालत ककी-- म ैंसमझतदा ंड,रदाय।ँ सदा ब कदा अपनप्रे
असदासमययों कप्रे सदाथ श्जतनदा अच्छदा व्यव ंदार , ं ैअगर सभनी ज़मनींददार व ैसप्रे ंनी ंगो
जदाय,ंडत
।ँ गो य पकन ंनी न र ंप्रे।

मप्रेतदा नप्रे थसौड़प्रेककी दसरदीड चगोट जमदायनी -- मदानतदा ंड,आपकदा।ँ अपनप्रे असदासमययों कप्रे सदाथ
ब ंकत अच्छदा बतदादव ं ै,मगर पकन य ं ै कक उसमभ स्वदाथद ं ै यदा न ंनीं। इसकदा
एक कदारण क्यदा य न ंनीं ंगो सकतदा कक मवद्धिम आड।ँच मभ भगोजन स्वदाहदष म ट
पकतदा ं ै? गड़क सप्रेमदारनप्रेवदालदा ज़ र सप्रेमदारनप्रेवदालप्रेककी अपप्रेक्षदा क ंनींससल
सकतदा ं ै। म ैंतगो कप्रेवल इतनदा जदानतदा ंड,ं।ँम यदा तगो सदाम्यवदाददी ं ैं यदा न ंनीं ं ैं। ं ैं तगो
उसकदा व्यव ंदार करभ ,ननीं , तगो ैं बकनदा छगोड़ दभ । म ैं नक़लदी श्ज़ंदगनी कदा
ववररगोनी ंड।ं।ँअगर मदांस खदानदा अच्छदा समझतप्रे ंगो तगो खलकरु खदाओ। बरदाक समझतप्रे
ंगो, तगो मत खदाओ, य तगो मप्रेरदी समझ मभ आतदा;लप्रेककन ै अच्छदा समझनदा और
छपकर खदानदा, य मप्रेरदी समझ मभ न ंनींआतदा। म ैंतगो इसप्रेकदायरतदा भनी क तदा ंडं।ँ और
संतदतदाड भनी, जगो वदास्तव मभ एक ं ैं।

रदाय सदा ब सभदा-चतरु आदमनी थप्रे। अपमदान और आघदात कगो सं ैयदऔर उददारतदा सप्रे
स नप्रे कदा उन म ंभ अभ्यदास थदा।

ककछ असमंजस मभ पड़प्रे ंकए बगोलप्रे-- आपकदा ववचदार बबल्ककल ठठीक ं ैमप्रेतदाजनी।
आप जदानतप्रे , म ैंं ैंआपककी सदाफ़गगोई कदा ककतनदा आदर करतदा ंड,लप्रेककन।ँ आप य
भलड जदातप्रे ं ैंकक अन्य यदातदाओंककी भदाड।ँत ववचदारयों ककी यदातदा मभ भनी पड़दाव ंगोतप्रे ं ैं,
और आप एक पड़दाव कगो छगोड़कर दसरप्रेड पड़दाव तक न ंनींजदा सकतप्रे। मदानव-जनीवन
कदा इ त ंदास इसकदा पत्यक्ष पमदाण ं ै। म ैंउस वदातदावरण मभ पलदा ंड,ज।ँ ंदाड।ँ रदाजदा
ईकवर ं ै और ज़मनींददार ईकर वकदा मंतनी। मप्रेरप्रे स्वगदवदासनी वपतदा असदासमययों पर इतननी
दयदा करतप्रेथप्रेकक पदालप्रेयदा सखप्रेडमभकभनी सआदा और कभनी परदाड लगदान मदाफ़ कर
दप्रे तप्रे थप्रे। अपनप्रे बखदार सप्रे अनदाज नकदालकर असदासमययों कगो णखलदा दप्रे तप्रे थप्रे। घर क
नप्रे बप्रेचकर कन्यदाओं कप्रे वववदा मभ मदद; मगरदप्रे तप्रेउसनीथप्रेवक़्त तक, जब तक पजदा
उनकगो सरकदार और संमदावदतदार क तनी र, ंप्रेउन म ंभ अपनदा दप्रे वतदा समझकर उनककी
पजदाड करतनी र ंप्रे। पजदा कदा पदालन उनकदा सनदातन-संमद थदा,लप्रेककन अधधिकदार कप्रे
नदाम पर व कसौड़नी कदा एक ददाड।ँत भनी संगोड़कर दप्रे नदा न चदा तप्रे थप्रे।उसनी म ैं वदातदावरण
मभ पलदा ंडऔर।ँ मझप्रेकगवद ं ैकक म ैंव्यव ंदार मभ चदा ंप्रेजगो ककछ क।ँड , ववचदारयों
मभ उनसप्रेआगप्रेबढ़ गयदा ंडऔर।ँ य मदाननप्रेलग गयदा ंडकक।ँ जब तक ककसदानयों कगो यप्रे
ररयदायतभ अधधिकदार कप्रे ंडप मभ न, कप्रेसमलभगनीवलसददावनदा कप्रे सआदार पर उनककी दशदा
ससरु न ंनींसकतनी। स्वप्रेच्छदा अगर अपनदा स्वदाथद छगोड़ दप्रे , तगो अपवदाद ं ै। म ैंख़द क
सददावनदा करतप्रे ंकए भनी स्वदाथदन ंनींछगोड़ सकतदा और
चदा तदा ंडकक।ँ मदारप्रे वगदकगो शदासन और ननी त कप्रे बल सप्रेअपनदा स्वदाथदछगोड़नप्रेकप्रे
सलए मज़बरू कर हदयदा जदाय। इसप्रेआप कदायरतदा क ंभग, म ैं इसप्रे वववशतदा क तदा
ंड।ं।ँमइ
ैं सप्रेस्वनीकदार करतदा ंडकक।ँ ककसनी कगो भनी दसरप्रेड कप्रे शम पर मगोटप्रे ंगोनप्रेकदा
अधधिकदार न ंनीं ं ै। उपजनीवनी ंगोनदा घगोर लज्जदा ककी बदात ै। कमद करनदा पदाणनीमदात
कदा ं ै। समदाज ककी ऐसनी व्यवस्थदा,श्जसमभ कछ लगोग मसौज करभ और अधधिक
संमद
ंक
लगोग पनीसभ और खपभ ,कभनी सखद क न ंनीं ंगो सकतनी। पंडजनीभीँ और सशक्षदा,
श्जसप्रेमप
ैं ंडजनीभीँ
ंनी कदा एक ंडप ंड,इनकदा।ँ कक़लदा श्जतननी जल्द टडट जदाय, उतनदांनी
समझतदा
अच्छदा ं ै। श्जन म ंभ पप्रेट ककी रगोटदी मयस्सर, उनकप्रेनीं अफ़सर और नयगोजक दस-
दस पदाड।ँच-पदाड।ँच ज़दार संटकदारभ ,य ंदास्यदास्पद ं ै और लज्जदास्पद भनी। इस
व्यवस्थदा नप्रे म ज़मनींददारयों मभ ककतननी ववलदाससतदा,ककनदा दरदाचदारु, ककतननी
पररदानीनतदा और ककतननी नलदज्जतदा भर ददी , य ै म ैंख़बड जदानतदा ंड;ं।ँलप्रेककन म ैं
इन कदारणयों सप्रे इस व्यवस्थदा कदा ववररगो न ंनीं करतदा। मप्रेरदा तगो य क नदा ं ै कक
अपनप्रे स्वदाथद ककी दृश्ष्सप्रेटभनी इसकदा अनमगोदनक न ंनींककयदा जदा सकतदा। इस शदान
कगो नभदानप्रे कप्रे सलए मभ अपननी आत्मदा ककी इतननी करननीत्यदा पड़तनी ं ै कक ममभ
आत्मदासभमदान कदा नदाम भनी न ंनींर ंदा। म अपनप्रेअसदासमययों कगो लटनप्रेडकप्रे
सलए
मज़बरू ं ैं। अगर अफ़सरयों कगो क़कीमतनी-क़कीमतनी डदासलयदाड।ँ न, तगोदभ बदागनी समझप्रे
जदाय,ंड।ँशदान सप्रे न र, ंभतगो कंजसड क लदायभ। पग त ककी ज़रदा-सनी आ ट पदातप्रे ंनी म
कदाड।ँप उठतप्रे,और ैंअफ़सरयों कप्रे पदासफ़ररयदाद लप्रेकर दसौड़तप्रे ं ैं कक मदारदी रक्षदा
ककीश्जए। मभ अपनप्रे ऊपर ववकवदास न ंनीं, नर पदांकषदाथद ंनी गयदा। बस, मदारदी

दशदा उन बच्चयों ककी-सनी ं ै,श्जन म ंभचम्मच सप्रेदद ड वपलदाकर पदालदा जदातदा ं ै,बदा र सप्रे
मगोटप्रे , अन्दर सप्रेदबदलक, सत्व ंनीन और मत
क दाज।
मप्रे तदा नप्रे तदालदी बजदाकर क --ंदा ह यर, ह यर! आपककी ज़बदान मभश्जतननी बद्ंक ं ै,
धधि
कदाश उसककी सआनी भनी मश्स्तष्क मभ ंगोतनी! खप्रेद य ंनी ं ैकक सब कछ समझतप्रे ए
ंक ंक
भनी आप अपनप्रे ववचदारयों कगो व्यव ंदार मभ न ंनीं लदातप्रे।
ओंकदारनदाथ बगोलप्रे-- अकप्रे लदा चनदा भदाड़ न ंनीं संगोड़ सकतदा,समस्टर मप्रे तदा! मभ समय

कप्रे सदाथ चलनदा भनी ं ै और उसप्रे अपनप्रे चलसदाथनदा भनी। बरप्रेक कदामयों मभ ंनी स यगोग
ककी ज़डरत न ंनीं ंगोतनी। अच्छप्रे कदामयों कप्रे सलए भनी स यगोग उतनदा ंनी ज़डरदी ं ै।
आप ंनी क्ययों आठ ससौ ंकपए म ंनीनप्रे ड़पतप्रे, जब ैं आपकप्रे करगोड़यों भदाई कप्रे वल आठ
ंकपए मभ अपनदा नवदाद कर र? ंप्रे ं ैं

रदाय सदा ब नप्रे ऊपरदी खप्रेद,लप्रेककन भनीतरदी संतगोष सप्रे संपदादकजनीगोदप्रे खदा और बगोलप्रे
व्यश्क्तगत बदातयों पर आलगोचनदा न ककीश्जए संपदादक जनी! म य ंदाड।ँ समदाज ककी
व्यवस्थदा पर ववचदार कर र ंप्रे ं ैं।

समस्टर मप्रे तदा उसनी ठं ठप्रे मन सप्रे --बगोलप्रेन ंनीं-न ंनीं,म ैंइसप्रेबरदाक न ंनींसमझतदा।
समदाज व्यश्क्त ंनी सप्रेबनतदा ं ै। और व्यश्क्त कगो भलकरू म ककसनी व्यवस्थदा
पर ववचदार न ंनींकर सकतप्रे। म ैंइससलयप्रेइतनदा वप्रेतन लप्रेतदा ंडकक।ँ मप्रेरदा इस
व्यवस्थदा पर ववकवदास न ंनीं ं ै।

सम्पदादकजनी कगो अचंभदा ंकआ -- अच्छदा, तगो आप वतदमदान व्यवस्थदा कप्रे समथदक?
ं ैं

'म ैंइस सससदान्त कदा समथदक ंडकक।ँ संसदार मभ छगोटप्रे -बड़प्रे मप्रेशदा र , ंभगप्रेऔरउन म ंभ मप्रेशदा
र नदा चदाहए। इसप्रे समटदानप्रे ककी चप्रेष्टदा करनदा मदानव-जदात कप्रे सवदनदाश कदा कदारण
ंगोगदा।'

कककतनी कदा जगोड़ बदल गयदा। रदाय सदा ब ककनदारप्रे खड़प्रे ंगो गयप्रे। सम्पदादक जनी
म ैददान मभ उतरप्रे -- आप इस बनीसवनीं शतदाब्ददी मभ भनी -ऊड।ँननीच चकदा भप्रेद मदानतप्रे ं ैं।

'जनी ंदाड।ँ,मदानतदा ंडऔर।ँ बड़प्रेज़गोरयों सप्रेमदानतदा ंड।ं।ँश्जस मत कप्रे आप समथदक , व ैं


भनी तगो कगोई नयनी चनीज़ न ंनीं। जब सप्रेमनष्यक मभ ममत्व कदा ववकदास ंकआ, तभनी
उस मत कदा जन्म ंकआ। बद्संक और प्लप्रेटगो और ईसदा सभनी समदाज मभ समतदा कप्रे
पवतदक थप्रे। यनदाननीड और रगोमन और सनीररयदाई, सभनी सभ्यतदाओं नप्रे उसककी परदीक्षदा
ककी पर अपदाक ृतक ंगोनप्रेकप्रे कदारण कभनी व स्थदायनी न बन सककी।'
'आपककी बदातभ सनकरु मझप्रेकआक चयद ंगो र ंदा 'ं ै।

'आकचयदअजदान कदा दसरदाड नदाम ं ै।'

'म ैंआपकदा क ृतज ंड!ं।ँअगर आप इस ववषय पर कगोई लप्रेखमदालदा शकड कर दभ ।'

'जनी, म ैंइतनदा अ मक न ंनीं ंड,अच्छठीभीँ रक़म हदलवदाइए, तगो अलबत्तदा।'

'आपनप्रे ससद्संदांत ंनी ऐसदा सलयदा ं ैकक खलप्रेकख़ज़दानप्रेपश्ब्लक कगो लटड सकतप्रे ं ैं।'

'मझमभ ंकऔर आपमभ अंतर इतनदा नी ं ैकक म ैंजगो ककछ मदानतदा ंडउस।ँ पर चलतदा ंड।ं।ँआप
लगोग मदानतप्रेककछ ं ैं,करतप्रेककछ ं ैं। संन कगो आप ककसनी अन्यदाय सप्रे बरदाबर सं ैलदा सकतप्रे
ं ैं। लप्रेककन बद्ंक धधि कगो, चररत कगो, और ंडप कगो, प तभदा कगो और बल कगो बरदाबर
सं ै लदानदा तगो आपककी शश्क्त कप्रे बदा र ं ै। -छगोटप्रे बड़प्रे कदा भप्रेद कप्रे वल संन सप्रे ंनी तगो न
ंनीं ंगोतदा। म ैंनप्रे-बड़प्रेबड़ड़प्रेन-ककबप्रेरयों कगो सभक्षककयों कप्रे सदामनप्रेघटनप्रेक टप्रे कतप्रे दप्रे खदा,और ै आपनप्रे भनी
दप्रे खदा ंगोगदा। ंडप कप्रे चसौखट पर- बड़प्रे म ंनीप नदाक रगड़तप्रे ं ैं। क्यदा य सदामदाश्जक
ववषमतदा न ?ंनींआप ै ंडप ककी समसदाल दभ गप्रे। व ंदाड।ँ इसकप्रे ससवदाय और क्यदा ं ै कक
समल कप्रे मदासलक नप्रे रदाज कमदचदारदी कदा ंडप लप्रे सलयदा ं ै। बद्ंकधधि तब भनी रदाज
करतनी थनी, अब भनी करतनी ं ै और मप्रेशदा करप्रे गनी।

तकतरदी मभ पदान आ गयप्रे थप्रे। रदाय सदा ब नप्रे मप्रे मदानयों कगो पदान और इलदायचनी दप्रे तप्रे
ंकए क ंदा -- बद्ंकधधि अगर स्वदाथदसप्रेमककम त ंगो, तगो मभ उसककी पभतदाक
मदाननप्रेमभकगोई
आपश्त्त न ंनीं। समदाजवदाद कदा य ंनी आदशद ं ै। म ससदाक-म ंदात्मदाओं कप्रे सदामनप्रे
इसनीसलए ससर झकदातप्रेक ं ैंकक उनमभ त्यदाग कदा बल ं ै। इसनी तर म बद्ंक धधि कप्रे
ंदाथ मभ अधधिकदार भनी दप्रे नदा चदा ,तप्रेसम्मदान ैं भनी, नप्रेतत्व ृ भनी; लप्रेककन संपश्त्त ककसनी
तर न ंनीं। बद्ंकधधि कदा अधधिकदार और सम्मदान व्यश्क्त कप्रे सदाथ चलदा जदातदा , ं ै
लप्रेककन उसककी संपश्त्त ववष बगोनप्रे कप्रे, उसकप्रेसलए बदाद और भनी पबल ंगो जदातनी
ं ै।
बद्ंकधधि कप्रे बग़ ैर ककसनी समदाज कदा संचदालन न ंनीं ंगो सकतदा। म कप्रेवल इस बबच्छड
कदा डंक तगोड़ दप्रे नदा चदा तप्रे ं ैं।
दसरदीड मगोटर आ प ंकड।ँचनी और समस्टर खन्नदा उतरप्रे , जगो एक ब ैंक कप्रे म ैनप्रेजर और
शक्करसमल कप्रे म ैनप्रेश्जंग डदाइरप्रे क्टर ं ैं। दगो दप्रे ववयदाड।ँ भनी उनकप्रे सदाथ थनीं। रदाय
नप्रे दगोनयों दप्रे ववययों कगो उतदारदा। व जगो खद ककी सदाड़नी प नप्रेब ंकत गंभनीर और
ववचदारशनील-सनी ं ैं,समस्टर खन्नदा ककी पत्ननी, कदासमननी खन्नदा ं ैं।

दसरदीड मह लदा जगो ऊड।ँचनी एड़नी कदा जतदाड प नप्रे ए ं ैंऔर श्जनककी मखक-छवव पर
ंक
ंड।ँसनी संडटदी ं ै,समस मदालतनी ं ैं। आप इंगल ैंड सप्रे डदाक्टरदी पढ़ आयनी ं ैं और
पड़तनी
अब प ैककटस करतनी ं ैं। कप्रे म लयों मभ उनकदा ब त पवप्रेश ं ै। आप
तदाल्लक़प्रेददारयोंंक
ंक
नवयग ककी सदाक्षदात णप तमदा ं ैं। गदात कगोमल, पर चपलतदा कट-कट कर भरदी ई।
ंक ंड ंड ंक
णझझक यदा संकगोच कदा क ंनीं नदाम न, मप्रेककीं-अप मभ पवनीण,बलदा ककी ंदाश्ज़र-जवदाब,
पंकष-मनगोववजदान ककी अच्छठी जदानकदार, आमगोद-पमगोद कगो जनीवन कदा तत्व
समझनप्रेवदालदी,लभदानप्रेकऔर ररझदानप्रेककी कलदा मभ नपण।ंक ज ंदाड।ँआत्मदा कदा स्थदान ं ै,
व ंदाड।ँ ंदाड।ँ हृदय कदा स्थदान, व ैदाड।ँ व-भदाव; मनगोद्गदारयों पर कठगोर नग ,
पदशदन;ज
श्जसमभ इच्छदा यदा असभलदाषदा कदा लगोप-सदा ंगो
गयदा।
आपनप्रेसमस्टर मप्रेतदा सप्रे ंदाथ समलदातप्रे ए क ंदा -- सच क तनी ंड,आप।ँ सरतड सप्रे ंनी
ंक
कफ़लदासफ़र मदालमड ंगोतप्रे ं ैं। इस नयनी रचनदा मभतगो आपनप्रेआत्मवदाहदययों कगो
सउप्रे ड़कर रख हदयदा। पढ़तप्रे-पढ़तप्रे कई बदार मप्रेरप्रे जनी ऐसदामभ आयदा कक आपसप्रे लड़
जदाऊड।ँ । कफ़लदासफ़रयों मभ सहृदयतदा क्ययों ग़दायब ंगो ं ै
जदातनी?

मप्रे तदा झभप गयप्रे। -ब्यबबनदाप्रेथप्रेऔर नवयगक ककी रसमणययों सप्रेपनदा मदाड।ँगतप्रेथप्रे। पंकषयों
ककी मंडलदी मभ ख़बड च कतप्रेथप्रे;मगर ज्ययों ंनी कगोई मह लदा आई और आपककी ज़बदान
बंद ंकई। ज ैसप्रेबद्ंक धधि पर तदालदा लग जदातदा थदा। श्स्तययों सप्रे सशष म टव्यव ंदार
तक करनप्रेककी सधधिक न र तनी थनी।

समस्टर खन्नदा नप्रेपछदाड -- कफ़लदासफ़रयों ककी सरतड मभ क्यदा ख़दास बदात ंगोतनी ं ै
दप्रे वनीजनी?
मदालतनी नप्रे मप्रे तदा ककी ओर दयदा-भदाव सप्रे दप्रे खकर क --ंदा समस्टर मप्रेतदा बरदाक न
मदानभ,तगो बतलदा दंड।ं।ँखन्नदा समस मदालतनी कप्रे उपदासकयों मभ थप्रे। ज ंदाड।ँ समस मदालतनी
जदाय, व ंदाड।ँखन्नदा कदा प ंकड।ँचनदा लदाश्ज़म थदा। उनकप्रे आस-पदास भगौंरप्रेककी तर म।ँड
ड रदातप्रे
तप्रे थप्रे। र समय उनककी य ंनी इच्छदा र तनी थनी कक मदालतनी सप्रे अधधिक-सप्रे-अधधिक
व ंनी बगोलभ ,उनककी नगदा अधधिक-सप्रे-अधधिक उन म ंनीं पर र ंप्रे।
खन्नदा नप्रे आड।ँख मदारकर क-- ंदाकफ़लदासफ़र ककसनी ककी बदात कदा बरदाक न ंनीं मदानतप्रे।
उनककी य ंनी ससफ़त ं ै।

'तगो सकनए, कफ़लदासफ़र मप्रेशदा मददाद-क हदल ंगोतप्रे , जब ैं दप्रे णखए,अपनप्रे ववचदारयों मभ
मगन ब ैठप्रे ं ैं। आपककी तरफ़ तदाकभ,मगर गप्रेआपकगो दप्रे खभगप्रे; आपननींउनसप्रे बदातभ
ककयप्रेजदायड।ँ,ककछ सनभगक न ंनीं। ज ैसप्रेशडन्य मभ उड़ र ंप्रे ंयों।'

सब लगोगयों नप्रे क़ क़ ंदा मदारदा। समस्टर मप्रे तदा ज ैसप्रे ज़मनीन मभ गड़ गयप्रे।

'आक्सफ़गोडद मभ मप्रेरप्रे कफ़लदासफ़की कप्रे पगोफ़प्रे सर समस्टर सबभड' थप्रे ...।

खन्नदा नप्रे टगोकदा-- नदाम तगो नरदालदा ं ै।

'जनी ंदाड।ँ,और थप्रे क्वदाड।ँरप्रे' ...।

'समस्टर मप्रे तदा भनी तगो क्वदाड।ँरप्रे ' ं ैं ...

'य रगोग सभनी कफ़लदासफ़रयों कगो ंगोतदा ं ै।'

अब मप्रे तदा कगो अवसरसमलदा। बगोलप्रे-- आप भनी तगो इसनी मरज़ मभ धिगरफ़्तदार? ं ैं

'म ैंनप्रेप तजदा ककी ं ैककसनी कफ़लदासफ़र सप्रेशदाददी क।ँड गनी और य वगदशदाददी कप्रे नदाम
सप्रे घबरदातदा ं ै। सबभ ड सदा ब तगो स्तनी कगो दप्रे खकर घर मभ छप जदातप्रे थप्रे। उनकप्रे
सशष्ययों मभ कई लड़ककयदाड।ँथनीं। अगर उनमभ सप्रेकगोई कभनी ककछ पछनप्रेडकप्रे सलए उनकप्रे
आकफ़स मभ चलदी जदातनी थनी तगो आप ऐसप्रे घबड़दा जदातप्रे ज ैसप्रे कगोई शप्रेर आ गयदा
ंगो

लगोग उन म ंभ ख़बड छप्रे ड़दा करतप्रेथप्रे,मगर थप्रे बप्रेचदारप्रे सरल-हृदय। कई ज़दार ककी
आमदननी थनी, पर म ैंनप्रेउन म ंभमप्रेशदा एक ंनी सटड प नप्रेदप्रेखदा। उनककी एक ववववदा
न थनी। व ंनी उनकप्रे घर कदा सदारदा पबंसं करतनी थनीं।स्टरसम सबभड कगो तगो खदानप्रे ककी
कफ़क्र ंनी न र तनी थनी। समलनप्रे-वदालयों कप्रे डर सप्रे अपनप्रे कमरप्रे वदारकदा द्बंद करकप्रे
सलखदा-पढ़दी करतप्रे थप्रे। भगोजन कदा समय आ जदातदा,तगो उनककी ब न आह स्तदा सप्रे
भनीतर कप्रे द्वदार सप्रे उनकप्रे पदास जदाकर ककतदाब बंद कर दप्रे तनी,तब उन्थनींंभ मदालमड ंगोतदा
कक खदानप्रेकदा समय ंगो गयदा। रदात कगो भनी भगोजन कदा समय ब।ँसड ंदा ंकआ थदा। उनककी
ब न कमरप्रे ककी बत्तनी बझदाक हदयदा करतनी थनीं। एक हदन ब न नप्रे
ककतदाब बंद करनदा चदा , ंदातगो आपनप्रेपस्तकक कगो दगोनयों ंदाथयों सप्रेदबदा सलयदा और
न-भदाई मभ ज़गोर-आज़मदाई ंगोनप्रेलगनी। आणख़र ब न उनककी पह यप्रेददार ककसनी कगो
खनींच कर भगोजन कप्रे कमरप्रे मभ ' लदायनी।

रदाय सदा ब बगोलप्रे-- मगर मप्रेतदा सदा ब तगो बड़प्रेख़शसमज़दाजक और समलनसदार ं ैं, न
ंनीं इस ंंगदामप्रे मभ क्ययों आतप्रे।

'तगो आप कफ़लदासफ़र न ंयोंगप्रे। जब अपननी धिचंतदाओं सप्रे मदारप्रे ससर मभ ददद ंगोनप्रे
लगतदा ं ै,तगो ववकव ककी धिचंतदा ससर पर लदादकर कगोई क ै सप्रे पसन्न र सकतदा' ं ै!
सउर संपदादकजनी शनीमतनी खन्नदा सप्रे अपननी आधिथदक कहठनदाइययों ककी कथदा क र ंप्रे

थप्रे-- बस ययों समणझए शनीमतनीजनी, कक संपदादक कदा जनीवन एक दददीद ववलदाप, ं ै


श्जसप्रेसनकरु लगोग दयदा करनप्रेकप्रे बदलप्रेकदानयों पर ंदाथ रख लप्रेतप्रे ं ैं। बप्रेचदारदा न
अपनदा उपकदार कर सकप्रे न औरयों कदा। पश्ब्लक उससप्रे आशदा तगो य रखतनी ं ै कक
र-एक आंदगोलन मभ व सबसप्रे आगप्रे र ंप्रे ,जप्रेलजदाय, मदार खदाय, घर मदाल-
कप्रे
असबदाब ककी क़कक़की करदायप्रे,य उसकदा संमद समझदा जदातदा , लप्रेककन ै उसककी
कहठनदाइययों ककी ओर ककसनी कदा ध्यदान न ंनीं। ंगो सब कछ। उसप्रे र-एक
तगो व
ंक
ववद् यदा, र-एक कलदा मभ पदारं गत ंगोनदा उसप्रे जनीववत र नप्रे कदा
चदाह;लप्रेककनए
अधधिकदार न ंनीं। आप तगो आजकल कछ ंनी न ंनीं। आपककी सप्रेवदा
सलखतनी करनप्रेकदा
ंक
जगो थगोड़दा-सदा ससौभदाग्य मझप्रेकसमल सकतदा ं ै,उससप्रेक्ययों मझप्रेकवंधिचत रखतनी ं ैं?
समसप्रेज़ खन्नदा कगो कववतदा सलखनप्रे कदा शसौक़ थदा। इस नदातप्रे सप्रे संपदादकजनी- कभनी
कभनी उनसप्रे समल आयदा करतप्रे ; थप्रेलककन घर कप्रे कदाम-संंसंयों मभ व्यस्त र नप्रे कप्रे
कदारण सइर ब त हदनयों सप्रेकछ सलख न ंनींसककी थनी। सच बदात तगो य ं ैक

ंक ंक
संपदादकजनी नप्रे ंनी उन म ंभ पगोत्सदाह त करकप्रे कवव बनदायदा थदा। सच्चनी प तभदा उनमभ
ब त कम थनी।
ंक
'क्यदा सलखंडक।ँंकछ ंनी न ंनीं। आपनप्रेकभनी समस मदालतनी सप्रेककछ सलखनप्रेकगो
सझतदाड
न ंनीं क ?'ंदा
संपदादकजनी उपप्रेक्षदा भदाव सप्रे बगोलप्रे--उनकदा समय मल्यवदानड ं ै कदासमननी दप्रे वनी!
सलखतप्रे तगो व लगोग , श्जनकप्रे ैं अंदर ककछ ददद ं ै,अनरदागक ं ै,लगन ं ै,ववचदार ं ै,
श्जन म ंयोंनप्रे संन और भगोग-ववलदास कगो जनीवन कदा लक्ष्य बनदा सलयदा, व क्यदा सलखभ गप्रे।
कदासमननी नप्रे ईष्यदाद-समधिशत ववनगोद सप्रे क ंदा-- अगर आप उनसप्रेककछ सलखदा
सकभ,तगो आपकदा पचदार दगनदाक ंगो जदाय। लखनऊ मभ तगो ऐसदा कगोई रससक न
ंनीं,जगो ै आपकदा गदा क न बन जदाय।

'अगर संन मप्रेरप्रे जनीवन कदा आदशद , ंगोतदा आज म ैंइस दशदा मभ न ंगोतदा। मझप्रेक भनी
संन कमदानप्रेककी कलदा आतनी ं ै। आज चदा ंड,ततोँ लदाखयों कमदा सकतदा ंड;लप्रेककन।ँ
ंदाड।ँतगो संन कगो कभनी ककछ समझदा नी न ंनीं। सदाह त्य ककी सप्रेवदा अपनप्रे जनीवन कदा
ध्यप्रेय ं ै और र ंप्रेगदा।'

'कम-सप्रे-कम मप्रेरदा नदाम तगो गदा कयों मभ सलखवदा ददीश्जए।'

'आपकदा नदाम गदा कयों मभ न, सरक्षकयोंंनीं मभ सलखगदा।ंडं।ँ'

'संरक्षकयों मभ रदा -नययोंमदारदा नययों कगो रणखए, श्जनककी थगोड़नी-सनी ख़शदामद क करकप्रे
आप अपनप्रे पत कगो लदाभ ककी चनीज़ बनदा सकतप्रे ' ं ैं।

'मप्रेरदीरदाननी-म ंदारदाननी आप ं ैं । म ैं तगो आपकप्रे सदामनप्रे ककसनी -म ंदारंदादानंनीनी ककी


क़कीक़त न ंनीं समझतदा। श्जसमभ दयदा और वववप्रेक, ंनी ं ैमप्रेरदी रदाननी ं ै। ख़शदामद क
सप्रेमझप्रेकघणदा ृ ं ै।'

कदासमननी नप्रेचटककीक लदी -- लप्रेककन मप्रेरदी ख़शदामद क तगो आप कर र ंप्रे ं ैंसंपदादकजनी!

सम्पदादकजनी नप्रे गंभनीर ंगोकर धशदा-पणदस् ड वर मभ क --ंदा य ख़शदामद क न ंनीं ं ै


दप्रे वनीजनी,हृदय कप्रे सच्चप्रे उद्गदार ं ैं।

रदाय सदा ब नप्रेपकदारदाक -- संपदादकजनी,ज़रदा सइर आइएगदा। समस मदालतनी आपसप्रे


ककछ क नदा चदा तनी ं ैं।

संपदादकजनी ककी व सदारदी अकड़ ग़दायब ंगो गयनी। नम्रतदा और ववनय ककी मश्त्तदब
ड नप्रे
ंकए आकर खड़प्रे ंगो गयप्रे।

मदालतनी नप्रे उन म सदयभ नप्रेतयों सप्रे दप्रे खकर क-- ंदाम ैंअभनी क र ंनी थनी कक द ंकनयदा
मभ मझप्रेस
क बसप्रेज़्यदाददा डर संपदादकयों सप्रेलगतदा ं ै। आप लगोग श्जसप्रेचदा ंभ,एक क्षण
मभ बबगदाड़ दभ । मझनीक सप्रेचनीफ़ सप्रेक्रप्रेटरदी सदा ब नप्रेएक बदार क ंदा -- अगर म ैं इस
ब्लडनी ओंकदारनदाथ कगो जप्रेल मभ बंद कर सकंड,ं।ँतगो अपनप्रे कगो भदाग्यवदान समझंड।ं।ँ

ओंकदारनदाथ ककी बड़नी-बड़नी मंडछभभीँखड़नी त गयय। आसमखद ममगवदकक जयत त चमक


उठठी। ययों व ब त ंनी शदांत पक त कप्रे आदमनी थप्रे;लप्रेककन ललकदार सनकरु उनकदा
ंक ं ृ
पंकषत्व उत्तप्रेश्जत ंगो जदातदा थदा।
दृढ़तदा भरप्रे स्वर मभ बगोलप्रे--इस कपदा कप्रे सलए आपकदा कतज । ं।ँउस बज़्म मभ
ं ृ ं ृ ंड
अपनदा श्ज़क्र तगो आतदा ं ै,चदा ंप्रे ककसनी आयप्रे। आप सप्रेक्रप्रे टरदी म ंगोदय सप्रे क
तर
ददीश्जयप्रेगदा कक ओंकदारनदाथ उन आदसमययों मभ न ंनीं ं ै जगो इन संमककययों सप्रे डर
जदाय। उसककी क़लम उसनी वक़्त ववशदाम लप्रेगनी,जब उसककी जनीवन-यदातदा समदाप्त ंगो
जदायगनी। उसनप्रे अननी त और स्वप्रेच्छदाचदार कगो जड़ सप्रे खगोदकर संभ क दप्रे नप्रेम्मदाकदा श्ज़
सलयदा ं ै।

समस मदालतनी नप्रे और उकसदायदा-- मगर मप्रेरदी समझ मभ आपककी य ननी त न ंनीं
आतनी कक जब आप मदामलदीड सशष्टदाचदार सप्रे अधधिकदाररययों कदा स यगोग पदाप म तकर
सकतप्रे , तगो ैं क्ययों उनसप्रे कन्ननी कदाटतप्रे? अगर ैं आप अपननी आलगोचनदाओं मभ आग
और ववष ज़रदा कम दभ ,तगो म ैंवदाददा करतनी ंडकक।ँ आपकगो गवनदमभ ट सप्रे कदाफ़की मदद
हदलदा सकतनी ंड।ं।ँजनतदा कगो तगो आपनप्रेदप्रेख सलयदा। उससप्रेअपनील ककी, उसककी
ख़शदामद क ककी, अपननी कहठनदाइययों ककी कथदा क ंनी, मगर कगोई नतनीजदा न नकलदा।
अब ज़रदा अधधिकदाररययों कगो भनी आज़मदा दप्रे णखए। तनीसरप्रे म ंनीनप्रे आप मगोटर पर न
नकलनप्रे लगभ ,और सरकदारदी ददावतयों मभ नमंबतत ननप्रेलगभ ंगोतगो मझप्रेकश्जतनदा चदा ंभ
कगोससएगदा। तब य ंनी रईस और नप्रेशनसलस्ट जगो आपककी परवदा न ंनीं करतप्रे ,आपकप्रे
द्वदार कप्रे चक्कर लगदायभगप्रे।

ओंकदारनदाथ असभमदान कप्रे सदाथ बगोलप्रे--य ंनी तगो म ैं न ंनीं कर सकतदा दप्रे वनीजनी! म ैंनप्रे अपनप्रे
ससद्संदांतयों कगो सद ै व ऊड।ँ चदा और पववत रखदा,और ं ैजनीतप्रे-जनी उनककी रक्षदा
क।ँड गदा। दसौलत कप्रे पजदारदीक तगो गलदी-गलदी समलभगप्रे,म ैं ससद्संदांत कप्रे पजदाररययोंंक मभ ंड।ं।ँ

'म ैंइसप्रेदंभ क तनी ंड।'ं।ँ

'आपककी इच्छदा।'
'संन ककी आपकगो परवदा न नीं ?'ं ै

'ससद् संदांतयों कदा ख़नड करकप्रे न ंनीं।'

'तगो आपकप्रे पत मभ ववदप्रे शनी वस्तओंंककप्रे ववजदापन क्ययों ंगोतप्रे ं ैं?म ैंनप्रे ककसनीभ दसरप्रेड
पत मभ इतनप्रे ववदप्रे शनी ववजदापन न ंनीं दप्रे खप्रे। आप बनतप्रे तगो ैं आदशदवदाददी और ससद्
संदांतवदाददी,पर अपनप्रेफ़दायदप्रे कप्रे सलए दप्रे श कदा संन ववदप्रे श भप्रेजतप्रे ंकए आपकगो ज़रदा भनी खप्रेद न
ंनीं ंगोतदा?आप ककसनी तकद सप्रे इस ननी त कदा समथदन न ंनीं कर सकतप्रे।'

ओंकदारनदाथ कप्रे पदास सचमचक कगोई जवदाब न थदा।

उन म ंभ बग़लभ झदाड।ँकतप्रे दप्रे खकर रदाय सदा ब नप्रे उनककी ह-- मदायततगोआणख़रककी आप
क्यदा चदा तनी ं ैं?सइर सप्रेभनी मदारप्रे जदाय,ंड।ँसउर सप्रेभनी मदारप्रे जदाय,ंड।ँतगो पत क ै सप्रे चलप्रे?

समस मदालतनी नप्रे दयदा करनदा न सनीखदा थदा।

'पत न ंनीं चलतदा,तगो बंद ककीश्जए। अपनदा पत चलदानप्रे कप्रे सलए आपकगो ववदप्रे शनी
वस्तओंंककप्रे पचदार कदा कगोई अधधिकदार न ंनीं। अगर आप मज़बडर ैं,तगो ससद् संदांत कदा
ढयोंग छगोडड़ए। म ैं तगो ससद्संदांतवदाददी पतयों कगो दप्रे खकर जल उठतनी ंड।ं।ँजनी चदा तदा ं ै,
हदयदासलदाई हदखदा दंड।ं।ँजगो व्यश्क्त कमद और वचन मभ सदामंजस्य न ंनीं रख ,
सकतदा
और चदा ंप्रेजगो ककछ ंगो ससद् संदांतवदाददी न ंनीं ' ं ै।

मप्रे तदाणखल उठप्रे । थगोड़नी दप्रे र प लप्रेउन म ंयोंनप्रेख़द क इसनी ववचदार कदा प तपदादन ककयदा
थदा। उन म ंभमदालमड ंकआ कक इस रमणनी मभ ववचदार ककी शश्क्त भनीं ै,कप्रे वल ततलदी
न ंनीं। संकगोच जदातदा र ंदा।

'य ंनी बदात अभनी म ैं क र ंदा थदा। ववचदार और व्यव ंदार मभ सदामंजस्य कदा न ंगोनदा ंनी
संतदतदाड ं ै,मक्कदारदी ं ै।'

समस मदालतनी पसन्न मखक सप्रेबगोलदी -- तगो इस ववषय मभ आप और म ैं एक,और ं ैं


म ैंभनी कफ़लदासफ़र ंगोनप्रेकदा ददावदा कर सकतनी ंड।ं।ँ
खन्नदा ककी जनीभ मभ खजलदीक ंगो र ंनी थनी। बगोलप्रे-- आपकदा एक-एक अंग कफ़लदासफ़की
मभ डडबदा ंकआ ं ै।

मदालतनी नप्रे उनककी लगदाम खनींचनी-- अच्छदा, आपकगो भनी कफ़लदासफ़की मभ दख़ल। म ैं तगो
समझतनी थनी, आप ब ंकत प लप्रेअपननी कफ़लदासफ़की कगो गंगदा मभ डकबगो ब ैठप्रे। न ंनीं, आप
इतनप्रे ब ैंकयों और कं प नययों कप्रे डदाइरप्रे क्टर न ंगोतप्रे।

रदाय सदा ब नप्रेखन्नदा कगो स।ँभ


ड दालदा -- तगो क्यदा आप समझतनी ं ैं कक कफ़लदासफ़रयों कगो
मप्रेशदा फ़दाकप्रे मस्त र नदा चदाह ए।

'जनी ंदाड।ँ। कफ़लदासफ़र अगर मगो पर ववजय नपदा सकप्रे, तगो कफ़लदासफ़र क ै

सदा?' 'इस सल ंदाज़ सप्रे तगो शदायद समस्टर मप्रे तदा भनी कफ़लदासफ़र न ठ ' रभ !

मप्रे तदा नप्रे ज ैसप्रे आस्तनीन चढ़दाकर --क म ैंनप्रेदा तगो कभनी य ददावदा न ंनीं ककयदा
रदाय
सदा ब! म ैंतगो इतनदा ंनी जदानतदा ंडकक।ँ श्जन औजदारयों सप्रेलगो ंदार कदाम करतदा ं ै,
उन म ंनीं औजदारयों सप्रे सगोनदार न ंनीं करतदा। क्यदाआप चदा तप्रे , आम ैं भनी उसनी दशदा मभ
संलभ -ंडलभश्जसमभ बबलड यदा तदाड़? मप्रेरप्रेसलए संन कप्रेवल उन सवववदाओंंककदा नदाम ं ै
श्जनमभ मअ
ैं पनदा जनीवन सदाथदक कर सकंड।ं।ँसंन मप्रेरप्रेसलए बढ़नप्रेऔर सलनप्रे-
संडलनप्रेवदालदी चनीज़ न ंनीं,कप्रेवल ससदान ं ै। मझझप्रेन
क ककी बबल्ककल इच्छदा न ंनीं,आप
ससदान जटदाक दभ ,श्जसमभ मअ ैं पनप्रेजनीवन कदा उपयगोग कर सकंड।ं।ँ ओंकदारनदाथ ससमष म

टवदाददी थप्रे। व्यश्क्तककी इस वपदानतदा कगो क ै सप्रे स्वनीकदार करतप्रे?

'इसनी तर र एक मज़दरू क सकतदा ं ैकक उसप्रेकदाम करनप्रेककी सवववदाओंंककप्रे


ज़दार म ंनीनप्रे ककी ज़डरत
सलए
'ं ै
एक

'अगर आप समझतप्रे ं ैंकक उस मज़दरू कप्रे बग़ ैर आपकदा कदाम न ंनींचल


सकतदा, तगो आपकगो व सवववदाएड।ँंकदप्रेननी पड़भगनी। अगर व नी कदाम दसरदाड मज़दरू
थगोड़नी-सनी
मज़दरदीड मभ कर दप्रे ,तगो कगोई वज न ंनींकक आप प लप्रेमज़दरू ककी ख़शदामद क करभ ।'
'अगर मज़दरयोंंड कप्रे ंदाथ मभ अधधिकदार ंगोतदा, तगो मज़दरयोंंड कप्रे सलए स्तनी और शरदाब
भनी उतननी ंनी ज़डरदी सवववदाक ंगो जदातनी श्जतननी कफ़लदासफ़रयों कप्रे सलए।'
'तगो आप ववकवदास मदा नए, म ैं उनसप्रे ईष्यदाद न करतदा।'

'जब आपकदा जनीवन सदाथदक करनप्रे कप्रे सलए स्तनी इतननी आवकयक,तगो ं ैआप
शदाददी क्ययों न ंनीं कर लप्रेतप्रे?'

मप्रे तदा नप्रे नस्संकगोच भदाव सप्रे --क इसनीसलएदा कक म ैंसमझतदा ंड,म।ँकमंकत
भगोग
आत्मदा कप्रे ववकदास मभ बबदाक न तदा।ंनीं वववदागो तगो आत्मदा कगो और जनीवन कगो
वपंजरप्रे मभ बंद कर दप्रे तदा ं ै।
खन्नदा नप्रे इसकदा समथदन ककयदा-- बंसंन नग परदाननीक थ्यगोररयदाड।ँं। ैं नयनी
और
थ्यगोरदी ं ैमकम ंत
क भगोग।

मदालतनी नप्रे चगोटदी पकड़नी-- तगो अब समसप्रेज़ खन्नदा कगो तलदाक़ कप्रे सलए त ैयदार र नदा
चदाह ए।

'तलदाक़ कदा बबल पदास तगो ंगो।'

'शदायद उसकदा प लदा उपयगोग आप ंनी करभ गप्रे।'

कदासमननी नप्रे मदालतनी ककी ओर ववष-भरदी आड।ँखयों सप्रेदप्रेखदा और म।ँं


ड कससकगोड़
सलयदा, मदानगो क र ंनी ं ै-- खन्नदा तकम म ंभमबदारकक र ंभ,मझप्रेकपरवदा न ंनीं।

मदालतनी नप्रे मप्रे तदा ककी तरफ़ दप्रे खकर क-- ंदाइस ववषय मभ आपकप्रे क्यदा ववचदार ं ैं
समस्टर मप्रे तदा?

मप्रे तदागम्भनीर ंगो गयप्रे। व ककसनी पकनपर अपनदा मत पकट करतप्रे थप्रे,तगो ज ैसप्रे
अपननी सदारदी आत्मदा उसमभ डदाल दप्रे तप्रे थप्रे।

'वववदा कगो म ैंसदामदाश्जक समझसौतदा समझतदा ंडऔर।ँ उसप्रेतगोड़नप्रेकदा अधधिकदार न पंकष


कगो ं ैन स्तनी कगो। समझसौतदा करनप्रे कप्रे प लप्रे आप सस्वदानीन ,समझसौतदा ैं ंगो जदानप्रे कप्रे
बदाद आपकप्रेथ कटदा जदातप्रे 'ं ैं।

'तगो आप तलदाक़ कप्रे ववररगोनी , क्ययोंं ैं?'


'पक्कदा।

''और मकम ंत
क भगोग वदालदा ससद् संदांत?'

'व उनकप्रे सलए , जगो ै वववदा न ंनीं करनदा चदा तप्रे।'

'अपननी आत्मदा कदा संपणदवड वकदास सभनी चदा तप्रे ं ैं;ककर वववदा कसौन करप्रे और क्ययों
करप्रे ?'

'इसनीसलए कक मश्कम ंकत सभनी चदा तप्रे ; पर ैं ऐसप्रेब ंकत कम ं ैं,जगो लगोभ सप्रे
अपनदा गलदा छकड़दा सकभ।'

'आप शप्रेष म ठककसप्रे समझतप्रे, वववदाह ैं त जनीवन कगो यदा अवववदाह त जनीवन कगो?'

'समदाज ककी दृश्ष्ट सप्रे वववदाह त जनीवन कगो,व्यश्क्त ककी दृश्ष्ट सप्रे अवववदाह त
जनीवन कगो।'

संनष-क यज कदा असभनय नकट थदा। दस सप्रेएक तक संनष-क यज, एक सप्रे तनीनतक प
सन, य पगोगदाम थदा। भगोजन ककी त ैयदारदी शकड ंगो गयनी। मप्रेमदानयों कप्रे सलए ब।ँग
ड लप्रे मभ र नप्रे
कदा अलग-अलग पबंसं थदा। खन्नदा-पररवदार कप्रे सलए दगो कमरप्रे रखप्रे गयप्रे थप्रे। और भनी
ककतनप्रे ंनी मप्रे मदान आ गयप्रे थप्रे। सभनी- अपनप्रे कमरयों मभ गयप्रे और कपड़प्रे बदल-बदलकर
भगोजनदालय मभ जमदा ंगो गयप्रे। यछडतदाड।ँ-छदात कदा कगोई भप्रेद न थदा। सभनी जदा तययों और
वणगो कप्रे लगोग सदाथ भगोजन करनप्रे ब ैठप्रे। कप्रे वल संपदादक ओंकदारनदाथ सबसप्रे अलग अपनप्रे
कमरप्रे मभ संलदा ंदार करनप्रे गयप्रे। और कदासमननी खन्नदा कगो ससर ददद ंगो र ंदा थदा,उन म
ंयोंनप्रे भगोजन करनप्रे सप्रे इनकदार ककयदा। भगोजनदालय मभ मप्रे मदानयों ककी संख्यदा पच्चनीस सप्रे
कम। नशरदाबथनी भनी थनी और मदांस भनी। इस उत्सव कप्रे सलए रदाय सदा ब अच्छठी कक़स्म
ककी शरदाब ख़दास तसौर पर णखंचवदातप्रे ?थप्रेखनींचनी जदातनी थनी दवदा कप्रे नदाम ; सप्रेपर ंगोतनी थनी
ख़दासलस शरदाब। मदांस भनी कई तर कप्रे पकतप्रे , थप्रेकगोफ़तप्रे,कबदाब और पलदाव।ंक मरग़,क
मधिग़यदा।ँंक,बकरदा, ह रन, तनीतर, मगोर, श्जसप्रे जगो पसंद , वगो खदायप्रे।

भगोजन शकड ंगो गयदा तगो समस मदालतनी नप्रेपछदाड -- संपदादकजनी क ंदाड।ँ र ?गयप्रेककसनी
कगो भप्रेजगो रदाय सदा ब,उन म ंभ पकड़ लदायप्रे।
रदाय सदा ब नप्रे क ंदा-- व व ैष्णव , उन मं ैं ंभय ंदाड।ँबलदाकरु क्ययों बप्रेचदारप्रे कदा
संमदनष्ट करगोगनी। बड़दा ंनी आचदार नष म ठ आदमनी ै।

'अजनी और कछ न स ंनी, तमदाशदा तगो र ंप्रेगदा।'


ंक
स सदा एक सज्जन कगो दप्रे खकर उसनप्रेपकदारदाक -- आप भनी तशरदीफ़ रखतप्रे ं ैं समरज़दा
खशकप्रेद, य कदाम आपकप्रे सपकदद। आपककी सलयदाकत ककी परदीक्षदा ंगो जदायगनी।
समरज़दा खशकप्रेद गगोरप्रे -धिचटप्रे आदमनी थप्रे,भरदीड-भरदीड मंडछभभीँ,ननीलदी आड।ँखभ,दगोरदी दप्रे , चदाड।ँद कप्रे

बदाल सफ़दाचट। छकसलयदा अचकन और चडड़नीददार पदाजदामदा प नप्रे थप्रे। ऊपर सप्रे ं ैट
लगदा लप्रेतप्रे थप्रे। वगोहटं ग कप्रे समय चगौंक पड़तप्रे थप्रे और नप्रेशनसलस्टयों ककी तरफ़ वगोट
दप्रे तप्रेथप्रे। सफ़कीड मसलमदानक थप्रे। दगो बदार ज कर आयप्रेथप्रे;मगर शरदाब ख़बड पनीतप्रेथप्रे।
क तप्रे थप्रे,जब म ख़ददाक कदा एक क्म भनी कभनी न ंनींमदानतप्रे,तगो ददीन कप्रे सलए
ंक
क्ययों जदान दभ ! बड़प्रे हदल्लगनीबदाज़, बप्रेकफ़क्रप्रे जनीव थप्रे। प लप्रे बसरप्रे मभ ठठीकप्रे कदा कदारगोब
करतप्रे थप्रे। लदाखयों कमदायप्रे,मगर शदामत आयनी कक एक मप्रेम सप्रे आशनदाई कर ब ैठप्रे।
मक़दमप्रेबदाज़नीक ई। जप्रेल जदातप्रे-जदातप्रेबचप्रे। चसौबनीस घंटप्रेकप्रे अंदर मल्कक सप्रे नकल
ंक
जदानप्रेकदा क्म आ। जगो कछ ज ंदाड।ँथदा, व ंनीं छगोड़दा,और पचदास ज़दार लप्रेकर
ससफ़द
ंक ंक ंक
भदाग खड़प्रे ए। बंबई मभ उनकप्रे एजभट थप्रे। सगोचदा थदा, उनसप्रे ह सदाब-ककतदाब कर लभ
ंक
और जगो कछ नकलप्रेगदा उसनी मभ श्ज़ंदगनी कदाट दभ ग, मगर एजभटयों नप्रे जदाल करकप्रे
ंक
उनसप्रे व पचदास ज़दार भनी ऐंठ सलयप्रे। नरदाश ंगोकर व ंदाड।ँ सप्रे लखनऊ चलप्रे। गदाड़नी
मभ एक म ंदात्मदा सप्रेसदाक्षदात ण आ। म दात्मदाजनी नप्रेउन म ंभसब्ज़ बदाग़ हदखदाकर
उनककी
ंक
घड़नी, अगहठयदाड।ँंड।ँ,ंकपए सब उड़दा सलयप्रे। बप्रेचदारप्रे लखनऊ प ंड।ँचप्रेतगो दप्रे कप्रे कपड़यों कप्रे
ंक
ससवदा और कछ न थदा। रदाय सदा ब सप्रेपरदाननी मलदाक़दात थनी। कछ उनककी मदद सप्रे
ंक ंक ंक ंक
और कछ अन्य समतयों ककी मदद सप्रेएक जतप्रेककी दकदान खगोल लदी। व अब
ंक ंड ंड
लखनऊ ककी सबसप्रेचलतनी ई जतप्रेडककी दकदानड थनी चदार-पदाड।ँच ससौ रगोज़ ककी बबक्रकी
ंक
थनी। जनतदा कगो उन पर थगोड़प्रे ंनी हदनयों मभ इतनदा ववकवदास ंगो गयदा कक एक बड़प्रे
भदारदी मश्स्लमक तदाल्लक़प्रेददारु कगो ननीचदा हदखदाकर कगौंससल मभ प ंड।ँच
गयप्रे।
ंक
अपननी जग पर ब ैठप्रे-ब ैठप्रे बगोलप्रे--जनी न ंनीं,म ैं ककसनी कदा ददीन न ंनीं बबगदाड़तदा। य
कदाम आपकगो ख़द क करनदा चदाह ए। मज़दा तगो जब ं ै कक आप उन म ंभ शरदाब वपलदाकर
छगोड़भ। य आपकप्रे स्न कप्रे जदाद ंडककी आज़मदाइश ं ै।
ंक
चदारयों तरफ़ सप्रे आवदाज़भ आयनीं--ंदाड।ँ-ंदाड।ँ,समस मदालतनी, आज अपनदा कमदाल हदखदाइए।

मदालतनी नप्रे समरज़दा कगो ललकदारदा,ककछ इनदाम दगोगप्रे?

'ससौ ंकपए ककी एक थ ैलदी!'

' ंकश! ससौ ंकपए! लदाख ंकपए कदा संमदबबगदाड़ड।ँससौ कप्रे सलए।'

'अच्छदा, आप ख़द क अपननी फ़कीस बतदाइए।'

'एक ज़दार, कसौड़नी कम न ंनीं।'

'अच्छदा मंज़र।ंड'

'जनी न ंनीं,लदाकर मप्रे तदाजनी कप्रे ंदाथ मभ रख ददीश्जए।'

समरज़दाजनी नप्रेतरं तक ससौ ंक पए कदा नगोट जप्रेब सप्रे नकदालदा और उसप्रेहदखदातप्रे ंक ए खड़प्रे
ंगोकर बगोलप्रे-- भदाइयगो! य म सब मरदयों ककी इज़्ज़त कदा मदामलदा ं ै ।अगर समस
मदालतनी ककी फ़रमदाइश न परदीड ंकई, तगो मदारप्रे सलए क ंनींम।ँं
ड कहदखदानप्रेककी जग न
ंप्रेगनी;अगर मप्रेरप्रे पदास ंकपए ंगोतप्रे तगो म ैं समस मदालतनी ककी-एकएकअददा पर एक-
एक लदाख ककरबदान कर दप्रे तदा। एक परदानप्रेकशदायर नप्रेअपनप्रेमदाशक़ड कप्रे एक कदालप्रे
तल पर समरक़ंद और बगोखदारदा कप्रे सबप्रेडककरबदान कर हदयप्रेथप्रे। आज आप सभनी
सदा बयों ककी जवदाड।ँमरददी और ंकस्नपरस्तनी कदा इम्त ंदान ं ै।
श्जसकप्रे पदास जगो ककछ ंगो,
सच्चप्रेसरमदाड ककी तर नकदालकर रख दप्रे । आपकगो इल्म ककी क़सम, मदाशडक़ ककी
अददाओं ककी क़सम,अपननी इज़्ज़त ककी क़सम, पनीछप्रे क़दम न टदाइए। मरदगो! ंकपए
ख़चद ंगो जदायगप्रे।ँड,नदाम मप्रेशदा कप्रे सलए र जदायगदा। ऐसदा तमदाशदा खयोंलदा मभ भनी
सस्तदा ं ै। दप्रे णखए,लखनऊ कप्रे सनीनयों ककी रदाननी एक जदाह द पर अपनप्रे ंकस्न
कदा मंत क ै सप्रे चलदातनी? ं ै

भदाषण समदाप म त करतप्रे ंनी समरज़दाजनी नप्रे र एक ककी जप्रेब ककी तलदाशनी शकड कर ददी।
प लप्रेसमस्टर खन्नदा ककी तलदाशनी ंकई। उनककी जप्रेब सप्रेपदाड।ँच कपए नकलप्रे।

समरज़दा नप्रेम।ँसड ंकनीकदा करकप्रे क ंदा -- वदा खन्नदा सदा ब, वदा ! ! नदाम बड़प्रे दशदन
थगोड़प्रे। इतननी कं प नययों कप्रे डदाइरप्रे क्टर,लदाखयों ककी आमदननी और आपकप्रे जप्रेब मभ पदाड।ँच
ंकपए! लदा ंसौल बबलदा कडबत! क ंदाड।ँंम
ैं प्रेतदा? आप ज़रदा जदाकर समसप्रेज़ खन्नदा सप्रे
कम-सप्रे-कम ससौ ंकपए वसलड कर लदायभ।

खन्नदा णखससयदाकर बगोलप्रे-- अजनी, उनकप्रे पदास एक प ैसदाभनी न ंगोगदा। कसौन


जदानतदा थदा कक य ंदाड।ँआप तलदाशनी लप्रेनदा शकड करभ ग?

'ख़ ैर आप ख़दामगोश रह ए। म अपननी तक़ददीर तगो आज़मदा लभ।'

'अच्छदा तगो म ैंजदाकर उनसप्रेपछतदाड ंड।'ं।ँ

'जनी न ंनीं,आप य ंदाड।ँ सप्रे ह ल न ंनीं सकतप्रे। समस्टर, आपमप्रे तदाकफ़लदासफ़र


ं ैं, मनगोववजदान कप्रे पंडडत। दप्रे णखए अपननी भप्रेद न करदाइएगदा।'

मप्रे तदा शरदाब पनीकर मस्त ंगो जदातप्रे थप्रे। उस मस्तनी मभ उनकदा दशदन उड़ जदातदा थदा और
ववनगोद सजनीव ंगो जदातदा थदा। लपककर समसप्रेज़ खन्नदा कप्रे पदास गयप्रे और पदाड।ँच समनट
ंनी मभ म।ँं
ड कलटकदायप्रेलसौट आयप्रे।

समरज़दा नप्रेपछदाड -- अरप्रे क्यदा ख़दालदी ंदाथ?

रदाय सदा ब ंड।ँसप्रे-- क़दाज़नी कप्रे घर चडप्रेभनी सयदानप्रे।

समरज़दा नप्रे क ंगो बड़प्रेख़शनसनीबक खन्नदा, ख़ददाक ककी क़सम!


ंदा--

मप्रे तदा नप्रे क़ क़ ंदा मदारदा और जप्रेब सप्रे-ससौससौकपए कप्रे पदाड।ँच नगोट नकदालप्रे। समरज़दा नप्रे
लपककर उन म ंभ गलप्रे लगदा सलयदा। चदारयों तरफ़ सप्रे आवदाज़भ आनप्रे--कमदाललगनीं
ं ै,मदानतदा ंडउस्तदाद।ँ , क्ययों न ंगो, कफ़लदासफ़र ंनी जगो ठ रप्रे !

समरज़दा नप्रे नगोटयोंकगो आड।ँखयों सप्रे लगदाकर क-- ंदाभई मप्रे तदा,आज सप्रेमत
ैं म मंक ंदारदा
शदाधिगदद ंगो गयदा। बतदाओ,क्यदा जदाद ंडमदारदा?

मप्रे तदा अकड़कर,लदाल-लदाल आड।ँखयों सप्रेतदाकतप्रे ंकए बगोलप्रे-- अजनी ककछ न ंनीं। ऐसदा कसौन-
सदा बड़दा कदाम थदा। जदाकर पछदाड, अंदर आऊड।ँ?बगोलदीं-- आप ं ैं मप्रे तदाजनी, आइए! म ैंनप्रे
अंदर जदाकर, वक ंदाड।ँलगोग बबज खप्रेल र ंप्रे ं ैं। अगठठीड ।ँ एक ज़दार सप्रे कम ककी न ंनीं
ं ै। आपनप्रे तगो दप्रे खदा ं ै। बस व ंनी। आपकप्रे पदास , ंकपएतगोपदाड।ँचयों ससौ
ंकपए दप्रे कर एक ज़दार ककी चनीज़ लप्रे लदीश्जए। ऐसदा मसौक़दा ककर न समलप्रेगदा। समस
मदालतनी नप्रे इस वक़्त ंकपए न हदयप्रे,तगो बप्रेददाग़ नकल जदायगनी।ंड।ँ पनीछप्रे सप्रेकसौन दप्रे तदा
ं ै,शदायद इसनीसलए उन म ंयोंनप्रेअगठठीड ।ँ नकदालदी ं ैकक पदाड।ँच ससौ ंकपए ककसकप्रे पदास
संरप्रे
ंयोंगप्रे। मसकरदाईंंक और चट अपनप्रेबटकवप्रेसप्रेपदाड।ँच नगोट नकदालकर दप्रे हदयप्रे,और बगोलदीं
म ैंबबनदा ककछ सलयप्रेघर सप्रेन ंनीं नकलतनी। न जदानप्रेकब क्यदा ज़डरत पड़प्रे।

खन्नदा णखससयदाकर बगोलप्रे -- जब मदारप्रे पगोफ़प्रे सरयों कदा य ंदाल, तगो ै यडनवससटदी
कदा ईक वर ंनी ं ै
मदासलक ।
खशकप्रेद नप्रेघदाव पर नमक छड़कदा -- अरप्रे तगो ऐसनी कसौन-सनी बड़नी रक़म ं ै श्जसकप्रे

सलए आपकदा हदल ब ैठदा जदातदा ं ै। ख़ददाक झठड न बलवदायप्रेकतगो य आपककी एक हदन
ककी आमदननी ं ै। समझ लदीश्जएगदा,एक हदन बनीमदार पड़ गयप्रे और जदायगदा भनी
तगो
समस मदालतनी ंनी कप्रे ंदाथ मभ ।पकप्रेआ ददद-ए-श्जगर ककी दवदा समस ंनी कप्रे
मदालतनी
पदास तगो ं ै।
मदालतनी नप्रे ठगोकर मदारदी-- दप्रे णखए समरज़दाजनी तबप्रेलप्रेमभल तआ ज अच्छठी न ंनीं।

ंक
समरज़दा नप्रेदमक ह लदायनी -- कदान पकड़तदा ंडदप्रेवनीजनी।ं।ँ

समस्टर तंखदा ककी तलदाशनी ंकई। मश्ककलक सप्रेदस ंकपए नकलप्रे,मप्रे तदा ककी जप्रेब सप्रे कप्रे
वल अठन्ननी नकलदी। कईसज्जनयों नप्रे एक-एक, दगो-दगो ंकपए ख़द क दप्रे हदयप्रे।
सदाब जगोड़दा गयदा, तगो तनीन ससौ ककी कमनी थनी। य कमनी रदाय सदा ब नप्रे उददारतदा कप्रे
सदाथ परदीड कर ददी।

संपदादकजनी नप्रे मप्रेवप्रे और संल खदायप्रे थप्रे और ज़रदा कमर ससनीनी कर र ंप्रे थप्रे कक रदाय सदा ब
नप्रे जदाकर क ंदा-- आपकगो समस मदालतनी यदाद र ंनी ं ैं।

ख़शक ंगोकर बगोलप्रे-- समस मदालतनी मझप्रेकयदाद कर र ंनी ं ैं,संन्य-भदाग!


रदाय सदा ब कप्रे सदाथ ंनी ंदाल मभ आ ववरदाजप्रे। सउर नसौकरयों नप्रे मप्रेज़भ सदाफ़ कर ददी थनीं।
मदालतनी नप्रे आगप्रे बढ़कर उनकदा स्वदागत ककयदा।
सम्पदादकजनी नप्रे नम्रतदा हदखदायनी-- ब ैहठए तकल्लफ़क न ककीश्जए। म ैंइतनदा बड़दा
आदमनी न ंनीं ंड।ं।ँ

मदालतनी नप्रे धशदा भरप्रे स्वर मभ क-- ंदाआप तकल्लफ़क समझतप्रे ंयोंगप्रे,म ैंसमझतनी ंड, म
म ैंअपनदा सम्मदान बढ़दा र ंनी ंड;ं।ँययों आप अपनप्रेकगो ककछ समझभऔर आपकगो शगोभदा
भनी न ंनीं दप्रे तदा ं ै लप्रेककन य ंदाड।ँ श्जतनप्रे सज्जन,सभनीजमदाआपककी ैं रदाष म र
और
सदाह त्य-सप्रेवदा सप्रे भलदी-भदाड।ँ त पररधिचत ं ैं। आपनप्रे इस क्षप्रेत मभ त्वप ंडणदजगोकदामम
कक ं ै,अभनी चदा ंप्रेलगोग उसकदा न समझभ;लप्रेककन व समय ब त दरू न ंनीं
यदा मल्यड
ंक
ं ै-- म ैं
त गो क तनी ंड व ।ँ समय आ गयदा ं ै-- जब र-एक नगर मभ आपकप्रे नदाम
ककी सड़कभ बनभ गनी,क्लब बनभगप्रे,टदाउन ंदालयों मभ आपकप्रे धिचत लटकदायप्रे जदायभगप्रे। इस
वक़्त जगो थगोड़नी ब त जदाग त ं ै,व आप ंनी कप्रे म ंदान णउद् यगोग कदा ं ै।
पसदाद
ंक ं ृ
आपकगो य जदानकर आनंद ंगोगदा कक दप्रे श मभ अब आपकप्रे ऐसप्रेअनयदायनीक प ैददा ंगो
गयप्रे ं ैं जगो आपकप्रे -दप्रे ससदारुदात आंदगोलन मभ आपकदा ंदाथ ब।ँट
ड दानप्रेकगो उत्सकक ं ैं,
और उन सज्जनयों ककी बड़नी इच्छदा ं ै कक य कदाम संगहठत ंडप सप्रे ककयदा जदाय
और एक दप्रे ंदात- संघ स्थदावपत ककयदा जदाय, श्जसकप्रे आप सभदाप त ंयों
ससदारु ।
ओंकदारनदाथ कप्रे जनीवन मभ य प लदा अवसर थदा कक उन म ंभ चगोटदी कप्रे आदसमययों मभ
इतनदा सम्मदान समलप्रे। ययों व कभनी-कभनी आम जलसयों मभ बगोलतप्रे थप्रे और कई
सभदाओं कप्रे मंतनी और उपमंतनी ;भनीलप्रेककनथप्रे सशक्षक्षत-समदाज मभ अब तक उनककी
उपप्रेक्षदा ंनी ककी थनी। उनलगोगयों मभ व ककसनी तर समल न पदातप्रे,इसनीसलएथप्रे आम
जलसयों मभ उनककी नश्ष्क्रयतदा और स्वदाथदांसंतदा ककी सशकदायत ककयदा करतप्रे,औरथप्रे
अपनप्रे पत मभ - एक कगो रगप्रेदतप्रे थप्रे। क़लम तप्रेज़,वदाणनीथनी कठगोर, सदाफ़गगोई ककी
जग उच्छं खलतदा कर ब ैठतप्रेथप्रे,इससलए लगोग उन म ंभ ख़दालदी ढगोल समझतप्रे थप्रे। उसनी
ं ृ
समदाज मभ आज उनकदा इतनदा सम्मदान! क ंदाड।ँ ं ैं'स्वरदाआज' और 'सस्वदानीन
भदारत' और ' ंंटर'कप्रे संपदादक,आकर दप्रे खभ और अपनदा कलप्रेजदा ठं ठदा करभ । आज
अवकय ंनी दप्रे वतदाओंककी उन पर कपदादृश्ष्ट ं ै। सदद्यगोग कभनी नष मसंल न ंनींजदातदा,
ं ृ ंक
य ऋवषययों कदा वदाक्य ं ै। व स्वयम णअपननी नज़रयों मभ उठ गयप्रे।

क ृतजतदा सप्रेपलककतक ंगोकर बगोलप्रे-- दप्रे वनीजनी,आप तगो मझप्रेककदाड।ँटयों मभ घसनीट र ंनी ं ैं। म ैंनप्रेतगो
जनतदा ककी जगो ककछ भनी सप्रेवदा ककी, अपनदा कतदव्य समझकर ककी। म ैं इस सम्मदान कगो
अपनदा न ंनीं,उस उदप्रेकय कदा सम्मदान समझ र ंदा ंड,श्जसकड़ सलए म ैंनप्रे अपनदा जनीवन
अवपतद कर हदयदा , ं ैलप्रेककन मप्रेरदा नम्र-नवप्रेदन ं ै कक वपदान कदा पद
ककसनी पभदावशदालदी पंकष कगो हदयदा जदाय, म ैं पदयों मभ ववकवदास न ंनीं रखतदा। म ैं तगो
सप्रेवक ंडऔर।ँ सप्रेवदा करनदा चदा तदा ंड।ं।ँ

समस मदालतनी इसप्रे ककसनी तर स्वनीकदार न ंनीं कर सकतनीं। सभदाप त पंडडतजनी कगो
बननदा पड़प्रेगदा। नगर मभ उसप्रेऐसदा पभदावशदालदी व्यश्क्त दसरदाड न ंनीं हदखदायनी दप्रे तदा।
श्जसककी क़लम मभ जदाद ड ं ै,श्जसककी ज़बदान मभ जदाद ड ं ै,श्जसकप्रे व्यश्क्तत्व मभ जदाद ंड
ं ै,व क ै सप्रे क तदा ं ै कक व पभदावशदालदी न नीं ं ै। व ज़मदानदा,जबगनयदान और
पभदाव मभ मप्रेल थदा। अब प तभदा और पभदाव कप्रे मप्रेल कदा यगक ं ै। संपदादकजनी कगो
पद अवकय स्वनीकदार करनदा पड़प्रेगदा। मंतनी समस मदालतनी ंयोंगनी। इस सभदा कप्रे सलए
एक ज़दार कदा चंददा भनी ंगो गयदा ं ै और अभनी तगो सदारदा श र और पदांत पड़दा ंकआ ं ै।
चदार-पदाड।ँच लदाख समल जदानदा मदामलदीड बदात ं ै। ओंकदारनदाथ पर ककछ नशदा-सदा
चढ़नप्रेलगदा। उनकप्रे मन मभ जगो एक पकदार ककी संकर रदी सनी उठ र ंनी थनी, उसनप्रे गंभनीर
उत्तरददा यत्वकदा ंडप संदारण कर सलयदा।

बगोलप्रे-- मगर य आप समझ लभ ,समस मदालतनी, कक य बड़नी श्ज़म्मप्रेददारदी कदा कदाम


ं ैऔर आपकगो अपनदा ब ंकत समय दप्रे नदा पड़प्रेगदा। म ैंअपननी तरफ़ सप्रेआपकगो
ववकवदास हदलदातदा ंडकक।ँ आप सभदा-भवन मभ मझप्रेकसबसप्रेप लप्रेमसौजद ड पदायगनी।ंड।ँ

समरज़दाजनी नप्रेपचदारदाक हदयदा -- आपकदा बड़प्रे-सप्रे-बड़दा दकमनक भनी य न ंनींक सकतदा


कक आप अपनदा फ़रज़ अददा करनप्रे मभ कभनी ककसनी सप्रे पनीछप्रे र ंप्रे।

समस मदालतनी नप्रे दप्रे खदा,शरदाब ककछ-ककछ असर करनप्रेलगनी ं ै,तगो और भनी गंभनीर
बनकर बगोलदीं-- अगर म लगोग इस कदाम ककी म ंदानतदा न समझतप्रे,तगो न य
सभदा स्थदावपत ंगोतनी और न आप इसकप्रे सभदाप त ंगोतप्रे। म ककसनी रईसयदा
तदाल्लक़प्रेददारु कगो सभदाप त बनदाकर संन ख़बड बटगोर सकतप्रे ं ैं,और सप्रेवदा ककी आड़ मभ
स्वदाथद ससद्सं कर सकतप्रे , लप्रेककन ैं य मदारदा उदप्रे कय म न ंनीं। मदारदा एकमदात उदप्रेकय
जनतदा ककी सप्रेवदा करनदा ं ै। और उसकदा सबसप्रे बड़दा ससदान आपकदा पत मनप्रे नक चय ं ै
ककयदा ं ै कक -रएक नगर और गदाड।ँव मभ उसकदा पचदार ककयदा जदाय और जल्द-सप्रे- ।
जल्द उसककी गदा क-संख्यदा कगो बनीस ज़दार तक प ंकड।ँचदा हदयदा जदाय। पदांत ककी सभनी
म्यकनससप ैसलहटययों और श्जलदा बगोडदकप्रे चप्रेयरम ैन मदारप्रे समत ं ैं। कई चप्रेयरम ैन तगो य
ंनीं ववरदाजमदान ं ैं। अगर-एक नप्रेर पदाड।ँच-पदाड।ँच ससौ प तयदाड।ँ भनी लप्रे
लदीं,तगो पचनीस ज़यर प तययसम तत आप यक़कनड़ समझम। कर रयय सय ब और
समरज़दा सदा ब ककी य सलदा ं ै कक कगौंससल मभ इस ववषय कदा एक पस्तदाव रखदा
।ँ कप्रे 'सलएबबजलदी' ककी एक प त सरकदारदी तसौर पर मड।ँगदाई
जदाय कक पत्यप्रेक गदाडव
जदाय, यदा कछ वदावषकद स ंदायतदा स्वनीकदार ककी जदाय। मभ परदा ववकवदास ं ै कक
और
ंक ंड
य पस्तदाव पदास ंगोजदायगदा।
ओंकदारनदाथ नप्रेज ैसप्रेनशप्रेमभझम
ड तप्रे ए क ंदा -- मभ गवनदर कप्रे पदास डप्रेपटप्रे शनक लप्रे

जदानदा ंगोगदा। ंक

समरज़दा खशकप्रेद बगोलप्रे-- ज़डर-ज़डर!

'उनसप्रे क नदा ंगोगदा कक ककसनी सभ्य शदासन सलए य ककतननी लज्जदा और


कप्रे
कलंक ककी बदात ं ै कक गदामगोत्थदान कदा अकप्रे लदा पत ंगोनप्रे पर'बबजलदीभनी' कदा
अश्स्तत्व तक न ंनीं स्वनीकदार ककयदा

जदातदा।' समरज़दा खशकदप्रे नप्रेक ंदा --

अवकय-अवकय!

'म ैं गवद न ंनीं करतदा। अभनी गवद करनप्रे कदा समय न; लप्रेककननींआयदामझप्रेइक सकदा
ददावदा ं ै कक गदाम्य-संगठन कप्रे सलए'बबजलदी' नप्रे श्जतनदा उद्यगोग ककयदा ं ै
' ...

समस्टर मप्रेतदा नप्रेससदारदाक -- न ंनींम ंदाशय, तपस्यदा कह ए।

'म ैंसमस्टर मप्रेतदा कगो संन्यवदाद दप्रे तदा ंड।ं।ँ ंदाड।ँ,इसप्रे तपस्यदा ंनी क नदा चदाह ए,बड़नी
कठगोर तपस्यदा। 'बबजलदी' नप्रे जगो तपस्यदा ककी , व ै इस पदांत कप्रे ंनी न, इसनीं रदाष्र
कप्रे इ त ंदास मभ अभतपडवद ड ं ै।'

समरज़दा खशकदप्रे बगोलप्रे-- ज़रड -ज़रड !

समस मदालतनी नप्रे एक पप्रेग और हदयदा -- मदारप्रे संघ नप्रे य नकय चभनी ककयदा
ं ै
कगौंससल मभ अब ककी जगो जग ख़दालदी , उसकप्रेगो सलए आपकगो उम्मप्रेदवदार खड़दा
ककयदा जदाय। आपकगो कप्रेवल अपननी स्वनीक ृत दप्रे ननी ंगोगनी। शप्रेष सदारदा कदाम म लगोग
कर लभगप्रे। आपकगो न ख़चद सप्रे ,मतलबनपगोपप्रेगभडदा,नदसौड़-संपड सप्रे।
ओंकदारनदाथ ककी आड।ँखयोंककी ज्यगो त दगकननी ंगो गयनी। गवद-पणदन
ड म्रतदा सप्रेबगोलप्रे-- म ैं
आप लगोगयों कदा सप्रेवक ंड,म।ँझसप्रेकजगो कदाम चदा ंप्रेलप्रेलदीश्जए।
' म लगोगयों कगो आपसप्रेऐसनी ंनी ं ै म अब तक झठप्रेड दप्रे वतदाओंकप्रे सदामनप्रे
आशदा ।
नदाक रगड़तप्रे-रगड़तप्रे ंदार गयप्रेऔर कछ ंदाथ न लगदा। मनप्रेआप मभ सच्चदा
अब
ंक
पथ-पदशदक,सच्चदा गंक पदायदा ं ैऔर इस शकभ हदन कप्रे आनंद मभ आज मभ
एकमन, एकपदाण ंगोकर अपनप्रे अ ंंकदार ,कगोअपनप्रे दं भ कगो तलदांजसल दप्रे दप्रे नदा
चदाह ए। ममभ आज सप्रे कगोई बदाह्मण न , ंनींकगोई ं ैशद
ड न ंनीं ं ै,कगोई ह दं ंडन ंनीं
ं ै,
कगोई मसलमदानक न ंनीं ं ै,कगोई ऊड।ँ च न ंनीं,कगोई ै ननीच न ं ै म सब एककी
ंनीं ।
मदातदा कप्रे बदालक,एक ंनी गगोद कप्रे ंनी थदालदी कप्रे खदानप्रेवदालप्रे भदाई ं ैं।
खप्रेलनप्रेवदालप्रे,एक
जगो लगोग भप्रेद-भदाव मभ ववकसवदा रखतप्रे , जगो ैं लगोग पथकतदा और कटरतदा कप्रे
ं ृ
उपदासक ं ैं,उनकप्रे सलए मदारदी सभदा मभ स्थदान न ंनीं ं ै। श्जस सभदा कप्रे सभदाप

पज्यड ओंकदारनदाथजनी ज ैसप्रेववशदाल-हृदय व्यश्क्त ंयों, उस सभदा मभ ऊड।ँ-ननीचच कदा,
खदान-पदान कदा और जदा त-पदाडत
।ँ कदा भप्रेद न ंनीं ंगो सकतदा। जगो म एकतदा मभ
ंदानभदावक
और रदाष म रदीयतदा मभ ववकसवदा न रखतप्रे , ंयोंवप्रेकपदा करकप्रे य ंदाड।ँसप्रेउठ जदाय।ंड।ँ
ं ृ
रदाय सदा ब नप्रे शंकदा ककी-- मप्रेरप्रे ववचदार मभ एकतदा कदा य आशय न ंनीं ं ै कक सब लगोग
खदान-पदान कदा ववचदार छगोड़ दभ । म ैं शरदाब न ंनीं पनीतदा,ंगो क्यदा मझप्रेकइस सभदा सप्रे अलग ंगो
जदानदा पड़प्रेगदा?

मदालतनी नप्रे नमदम स्वर मभ --क बप्रेशकदा अलग ंगो जदानदा पड़प्रेगदा। आप इस संघ मभ र
कर ककसनी तर कदा भप्रेद न ंनीं रख सकतप्रे।

मप्रे तदा जनी नप्रे घड़प्रे कगो ठगोकदा--मझप्रेकसंदप्रे पदान ं ैक मदारप्रे सभदाप तजनी स्वयम णखदान-
ककी एकतदा मभ ववकवदास न ंनीं रखतप्रे क
ं ैं।
ओंकदारनदाथ कदा चप्रे रदा जदद पड़ गयदा। इस बदमदाश नप्रे य क्यदा बप्रेवक्ककीशत नदाई
बजदा ददी। दष मंकट क ंनींगड़प्रेमदप्रे न
क उखदाड़नप्रेलगप्रे ,न ंनीं,य सदारदा ससौभदाग्य स्वप्न ककी
भदाड।ँत शडन्य मभ ववलदीन ंगो जदायगदा।

समस मदालतनी नप्रेउनकप्रे म।ँं


ड कककी ओर श्जजदासदा ककी दृश्ष्ट सप्रे दप्रे खकर दृढ़तदा सप्रे क दा
-- आपकदा संदप्रे नररदादार ं ै मप्रे तदा म ंगोदय! क्यदा आप समझतप्रे ं ैं कक रदाष्र ककी एकतदा कदा
ऐसदा अनन्य उपदासक, ऐसदा उददारचप्रेतदा पंकष, ऐसदा रससक कवव इस
नरथदक और लज्जदा-जनक भप्रेद कगो मदान्य समझप्रेगदा?ऐसनी शंकदा करनदा उसककी
रदाष म रदीयतदा कदा अपमदान करनदा ं ै।

ओंकदारनदाथकदा मखक-मंडल पददीप्त ंगो गयदा। पसन्नतदा और संतगोष ककी आभदा


झलक पड़नी।

मदालतनी नप्रे उसनी स्वर मभ क-- ंदाऔर इससप्रेभनी अधधिक उनककी पंकष-भयवनय कय।
एक रमणनी कप्रे ंदाथयों सप्रेशरदाब कदा प्यदालदा पदाकर व कसौन भद पंकष ं ैजगो इनकदार
कर दप्रे ? य तगो नदारदी-जदा त कदा अपमदान ंगोगदा, उस नदारदी-जदा त कदा श्जसकप्रे
नयन-
बदाणयों सप्रेअपनप्रेहृदय कगो बबंसंवदानप्रेककी लदालसदा पंकष-मदात मभ ंगोतनी, श्जसककी ै
अददाओं पर मर-समटनप्रे कप्रे सलए -बड़प्रे म ंनीप लदालदा यत र तप्रे ं ैं। ,लदाइएबगोतल
और प्यदालप्रे,और दसौर चलनप्रेददीश्जए। इस म ंदान णअवसर पर ककसनी तर ककी शंकदा,
ककसनी तर ककी आपश्त्त रदाष म र-दगो सप्रे कम ननीं। प लप्रे म अपनप्रे सभदाप त ककी
सप्रे त कदा जदाम पनीयभगप्रे।

बफ़द, शरदाब और सगोडदा प लप्रे ंनी सप्रे त ैयदार थदा। मदालतनी नप्रे ओंकदारनदाथ कगो अपनप्रे ंदाथयों
सप्रेलदाल ववष सप्रेभरदा ंकआ ग्लदास हदयदा, और उन म ंभककछ ऐसनी जदाद-ंडभरदी धिचतवन सप्रे
दप्रे खदा कक उनककी सदारदी नष्ठदा,सदारदी वणद-शप्रेष्ठतदा कदाफ़डर ंगो गयनी।

मन नप्रे क ंदा-- सदारदा आचदार-ववचदार पररश्स्थ तययों कप्रे सअनीन ं ै। आज तमक दररद
ंगो, ककसनी मगोटरकदार कगो संलड उड़दातप्रेदप्रेखतप्रे ंगो, तगो ऐसदा बबगड़तप्रे ंगो कक उसप्रे
पत्थरयों सप्रेचरू-चरू कर दगो; लप्रेककन क्यदा तम मंक ंदारप्रे मन मभ कदार ककी लदालसदा न ंनीं
ं ै?
पररश्स्थ त ंनी ववधधि ं ैऔर ककछ न ंनीं। बदाप-ददादयों नप्रे न ंनींपनी थनी, न पनी ंगो। उन म
ंभ ऐसदा अवसर ंनी कब समलदा थदा। उनककी जनीववकदा पगोथनी-पतयों पर थनी। शरदाब
लदातप्रे क ंदाड।ँ , सप्रेऔर पनीतप्रे भनी तगो जदातप्रे क? ककरदाड।ँ व तगो रप्रे लगदाड़नी पर न चढ़तप्रे ,
थप्रेकल
कदा पदाननी न पनीतप्रे थप्रे,अड।ँगप्रेज़नी पढ़नदा पदाप समझतप्रे थप्रे। समय ककतनदा बदल गयदा ं ै। समय

कप्रे सदाथ अगर न ंनीं चल सक,तंप्रेगो व तम मंक ंभपनीछप्रे छगोड़कर चलदा जदायगदा।
ऐसनी मह लदा कप्रे कगोमल ंदाथयों सप्रे ववष भनी समलप्रे,तगो सशररगोदायद करनदा चदाह यप्रे।
श्जस ससौभदाग्य कप्रे सलए बड़प्रे-बड़प्रे रदाजप्रे तरसतप्रे;व ं ैंआज उनकप्रे सदामनप्रे खड़दा ै। क्यदा
उसप्रेठककरदा सकतप्रे ं ैं?उन म ंयोंनप्रेग्लदास लप्रेसलयदा और ससर झकदाकरु अपननी
क ृतजतदा हदखदातप्रे ंकए एक ंनी सदाड।ँस मभ पनी गयप्रेऔर तब लगोगयों कगो गवदभरदी आड।ँखयों
सप्रे दप्रे खदा,मदानगो क र ंप्रे , ंयोंअब तगो आपकगो मझक पर ववकवदास आयदा। क्यदा
समझतप्रे
ं ैं,म ैंनरदा पयोंगदा पंडडत ंड।ं।ँअब तगो मझप्रेद
क ं भनी और पदाखंडनी क नप्रेकदा सदा स न ंनीं
कर सकतप्रे?

ंदाल मभ ऐसदा शगोर गलक मचदा कक ककछ न पछगोड, ज ैसप्रे टदारप्रे वप मभ बंद ग ग ंप्रे नकल
पड़प्रे ंयों। वदा दप्रे वनीजनी! क्यदा क नदा ं ै! कमदाल ं ै समस मदालतनी,कमदाल ं ै। तगोड़ हदयदा,
नमक कदा क़दाननड तगोड़ हदयदा, संमद कदा कक़लदा तगोड़ हदयदा,नप्रेम कदा घड़दा संगोड़ हदयदा!
ओंकदारनदाथ कप्रे कंठ कप्रे ननीचप्रेशरदाब कदा प ंकच
ड।ँ नदा थदा कक उनककी रससकतदा वदाचदाल ंगो
गयनी।

मस्करदाकरु बगोलप्रे-- म ैंनप्रे अपनप्रे संमद ककी थदातनी समस मदालतनी कप्रे कगोमल ंदाथयों मभ सगौंप ददी
और मझप्रेव
क वकवदास ं ै,व उसककी यथगोधिचत रक्षदा करभ गनी। उनकप्रे चरण-कमलयों कप्रे इस पसदाद
पर म ैंऐसप्रेएक ज़दार संमगो कगो न्यगोछदावर कर सकतदा ंड।ं।ँ

क़ ंयों सप्रे ंदाल गंडज।ँ उठदा। संपदादकजनी कदा चप्रेरदा संडल उठदा थदा, आड।ँखभझककीक पड़तनी
थनीं।

दसरदाड ग्लदास भरकर बगोलप्रे-- य समस मदालतनी ककी सप्रे त कदा जदाम ं ै। आप लगोग
वपएड।ँ और उन म ंभ आशनीवदादद दभ । लगोगयों नप्रे - अपनप्रेककरअपनप्रेग्लदास ख़दालदी कर हदयप्रे।

उसनी वक़्त समरज़दा खशकदप्रे नप्रेएक मदालदा लदाकर संपदादकजनी कप्रे गलप्रेमभडदाल ददी और ।

बगोलप्रे-- सज्जनगो, कफ़दवनी नप्रे अभनी अपनप्रेज्यड सदर सदा ब ककी शदान मभ एक
क़सनीददा क ंदा ं ै। आप लगोगयों ककी इजदाज़त ंगो तगो सनदाऊड।ँ।ंक

चदारयों तरफ़ सप्रे आवदाज़भ आयनीं--ंदाड।ँ-ंदाड।ँ,ज़डर सनदाइए।ंक

ओंकदारनदाथ भंग तगो आए हदन वपयदा करतप्रे थप्रे और उनकदा मश्स्तष्क उसकदा
अभ्यस्त ंगो गयदा थदा, मगर शरदाब पनीनप्रे कदा उन म ंभ य प लदा अवसर थदा। भंग कदा
नशदा मंथर ग त सप्रे एक स्वप्न ककी भदाड।ँ त आतदा थदा और मश्स्तष्क पर मप्रेघ कप्रे
समदान छदा जदातदा थदा। उनककी चप्रेतनदा बननी र तनी थनी। उन म ंभख़कद मदालमड ंगोतदा थदा
कक इस समय उनककी वदाणनी बड़नी लच्छप्रे ददार , ं ैऔर उनककी कल्पनदा ब ंकत पबल।
शरदाब कदा नशदा उनकप्रे ऊपर ससं ककी भदाड।ँ त झपटदा और दबगोच ब ैठदा। व क तस
ककछ ं ैं,म।ँं
ड कसप्रे नकलतदा ककछ ं ै। ककर य जदान भनी जदातदा र ंदा। क्यदा क तप्रे

ं ैं और क्यदा करतप्रे,इसककी ैं सधधिक ंनी न र ंनी। य स्वप्न कदा रगोमदाननी व ैधिचत्र्य न
थदा, जदाग त कदा व चक्कर थदा, श्जसमभ सदाकदार नरदाकदार ंगो ं ै। न जदानप्रे
जदातदा
ं ृ
क ै सप्रे उनकप्रे मश्स्तष्क मभ य कल्पनदा जदाग उठठी सनीददाकक क़पढ़नदा कगोई बड़दा
अनधिचतक कदाम ं ै।
मप्रेज़ पर ंदाथ पटककर न ंनीं,कददावप न ंनीं। य ंदाड।ँ कगोई क़सनीददा नई ओगदा,
बगोलप्रे--
नई ओगदा। म सभदाप त ं ैं। मदारदा क्म ं ै। म अबनी इस सबदा कगो तगोड़ सकतप्रे
ंक
ं ैं। अबनी तगोड़ सकतप्रे ं ैं। सभनी कगो नकदाल सकतप्रे ं ैं। मदारदा कछ न ंनींकर
कगोई
सकतदा। म सभदाप त ं ैं। ईकगोदसरदाड सभदाप त नई ं ै। ंक

समरज़दा नप्रे ंदाथ जगोड़कर क ंदा-- ंकज़रू, इस क़सनीदप्रे मभ तगो आपककी तदारदीफ़ ककी गयनी
ं ै। संपदादकजनी नप्रे ,लदालपर ज्यगो त ंनीन नप्रेतयों सप्रे दप्रे खदा--तमक मदारदी तदारदीप क्ययों ककी?
क्ययों ककी? बगोलगो, क्ययों मदारदी तदारदीप ककी? म ककसनी कदा नसौकर नई ं ै। ककसनी कप्रे बदाप
कदा नसौकर नई , ं ैककसनी सदालप्रेकदा हदयदा न नींखदातप्रे। म ख़द क संपदादक ै।
'बबजलदी' कदा संपदादक ं ै। म उसमभ सबकदा तदारदीप करप्रे गदा। , दप्रे वनीजनीमतम मंक ंदारदा
तदारदीप नई करप्रे गदा। म कगोई बड़दा आदमनी नयनी ं ै। म सबकदा ग़लदामक ं ै। म
आपकदा चरण-रज ं ै। मदालतनी दप्रे वनी मदारदी लक्ष्मनी,मदारदा सरस्वतनी, मदारदी ररदादा ...।

क तप्रे ंकए वप्रेमदालतनी कप्रे चरणयों ककी तरफ़ झकप्रेक और म।ँं


ड ककप्रे बल फ़शदपर धिगर पड़प्रे।

समरज़दा खशकदप्रे नप्रेदसौड़कर उन म ंभस।ँभ


ड दालदा और ककससदयदाड।ँटदाकर व ंनींज़मनीन पर
सलटदा हदयदा।

ककर उनकप्रे कदानयों कप्रे पदास म।ँं


ड कलप्रेजदाकर बगोलप्रे-- रदाम-रदाम सत्त ं ै! कह ए तगो
आपकदा जनदाज़दा नकदालभ।

रदाय सदा ब नप्रे क ंदा-- कल दप्रे खनदा ककतनदा बबगड़तदा ं ै। एक-एक कगो अपनप्रे पत मभ
रगप्रेदप्रेगदा। और ऐसदा-सदा रगप्रेदप्रेगदा कक आप भनी यदाद करभ ग! एक ंनी दष मंकट
ं ै,ककसनी
पर दयदा न ंनीं करतदा। सलखनप्रे मभ तगो अपनदा जगोड़ न ंनीं रखतदा। ऐसदा धगदा आदमनी
क ै सप्रे इतनदा अच्छदा सलखतदा, य ै र स्य ं ै।
कई आदसमययों नप्रे सम्पदादकजनी कगो उठदायदा और लप्रे जदाकर उनकप्रे कमरप्रे मभ सलटदा
हदयदा।

सउर पंडदाल मभ संनषक-यज ंगो र ंदा थदा। कई बदार इन लगोगयों कगो बलदानप्रेककप्रे सलए
आदमनी आ चकप्रेक थप्रे। कई ंकक्कदाम भनी पंडदाल मभ आ प कड।ँचप्रेथप्रे। लगोग सउर जदानप्रेकगो
त ैयदार ंगो र ंप्रे थप्रे कक स सदा एक अफ़गदान आकर खड़दा ंगो गयदा। गगोरदा, बड़नीरं ग-
बड़नी मंडछभभीँ,ऊड।ँ चदा क़द,चसौड़दा सनीनदा, आड।ँखयों मभ नभदयतदा कदा उन्मदाद भरदा ंकआ, ढदीलदा
ननीचदा ककरतदा, प ैरयों मभ शलवदार,ज़नी कप्रे कदाम ककी सदरदी,ससर पर पगड़नी और ककलदा , कं
संप्रे मभ चमड़प्रे कदा ब ैग लट,कंंसंदायप्रेपर बंदक़ड रखप्रेऔर कमर मभ तलवदार बदाड।ँसंप्रेन जदानप्रे
कककर सप्रे आ खड़दा ंगो गयदा और गरजकर बगोलदा-- ख़बरददार! कगोई य ंदाड।ँ सप्रे मत
जदाओ। अमदारदा सदाथ कदा आदमनी पर डदाकदा पड़दा ं ैं। य ंदाड।ँ कदा जगो सरददार ं ै। व
अमदारदा आदमनी कगो लटड सलयदा ं ै,उसकदा मदाल तमकगोक दप्रे नदा ंगोगदा! एक-एक कसौड़नी
दप्रे नदा ंगोगदा। क ंदाड।ँ ं ै सरददार,उकगो बलदाओ।ंक

रदाय सदा ब नप्रे सदामनप्रे आकर कक्रगो-भरप्रे स्वर मभ क-- 'क ैसनीदा लट!ंड क ैसदा डदाकदा? य
तमक लगोगयों कदा कदाम ं ै। य ंदाड।ँकगोई ककसनी कगो न ंनींलटतदा।ंड सदाफ़-सदाफ़ क ंगो,
क्यदा मदामलदा ं ै?

अफ़गदान नप्रेआ।ँख
ड भनकदालदींऔर बंदक़ कदा कंददा ज़मनीन पर पटककर बगोलदा --
ंड ंक
अमसप्रेपछतदाड ं ैक ैसदा लटड, क ै सदा डदाकदा? लटतदाड ं ै,तम मंक ंदारदा आदमनी लटतदाड
तमक ं ै।
अम य ंदाड।ँ ककी कगोठठी कदा मदासलक । ै अमदारदीकगोठठी मभ पचदास जवदान ं ै। अमदारदा
आदमनी ंकपए त सनील कर लदातदा थदा। एक ज़दार। व तमक लटड सलयदा, और क तदा
ं ै क ै सदा डदाकदा?अम बतलदायप्रेगदा क ै सदा डदाकदा ं ै। अमदारदा पचनीसयों जवदान अबनी
ंगोतदा
आतदा ं ै। अम तम म ंदारदा गदाड।ँव लट लप्रेगदा। कगोई सदालदा कछ नयनींकर सकतदा, कछ
ंक ंड ंक ंक
नयनीं कर सकतदा।
खन्नदा नप्रे अफ़गदानकप्रे तप्रेवर दप्रे खप्रेतगो चपकप्रेक सप्रेउठप्रे कक नकल जदाय।ंड।ँ

सरददार नप्रे ज़गोर सप्रे डदाड।ँटदा--कदाड।ँजदातदा तमक? कगोई कई नयनीं जदा सकतदा। नयनीं अम
सबकगो क़तल कर दप्रे गदा। अबनी सं ैर कर दप्रे गदा। अमदारदा तमक ककछ नयनींकर सकतदा।
अम तम मंक ंदारदा पसलसक सप्रेनयनींडरतदा। पसलसक कदा आदमनी अमदारदा सकल दप्रे खकर
भदागतदा ं ै। अमदारदा अपनदा कदाड।ँसल, अम ै उसकगो खत सलखकर लदाट सदा ब कप्रे पदास
जदा सकतदा ं ै। अम यदाड।ँसप्रेककसनी कगो नयनींजदानप्रेदप्रेगदा। तमक अमदारदा एक
ज़दार ंकपयदा लटड सलयदा। अमदारदा ंकपयदा नयनींदप्रेगदा, तगो अम ककसनी कगो श्ज़न्ददा न
ंनीं छगोड़प्रेगदा। तमक सब आदमनी दसरयोंंड कप्रे मदाल कगो लटड करतदा ं ैऔर यदाड।ँमदाशडक़ कप्रे
सदाथ शरदाब पनीतदा ं ै।

समस मदालतनी उसककी आड।ँख बचदाकर कमरप्रे सप्रे नकलनप्रे लगनीं कक व बदाज़ ककी तर टडटकर
उनकप्रे सदामनप्रेआ खड़दा ंकआ और बगोलदा -- तमक इन बदमदाशयों सप्रेअमदारदा मदाल
हदलवदायप्रे,नयनींअम तमकगोक उठदा लप्रेजदायगदा और अपननी कगोठठी मभ जशन मनदायप्रेगदा। तम मंक
ंदारदा ंकस्न पर अम आसशक़ ंगो गयदा। यदा तगो अमकगो एक ज़दार अबनी-अबनी दप्रे दप्रेयदा तमकगोक
अमदारप्रे सदाथ चलनदा पड़प्रेगदा। तमकगोक अम न ंनींछगोड़प्रेगदा। अम तम मंक ंदारदा आसशक़ ंगो गयदा
ं ै। अमदारदा हदल और श्जगर संटदा जदातदा ं ै। अमदारदा
इस जग पचनीस जवदान ं ै। इस श्जलदा मभ मदारदा पदाड।ँच ससौ जवदान कदाम करतदा ै।
अम अपनप्रे क़बनीलप्रे कदा खदान ं ै। अमदारप्रे क़बनीलदा मभ दस ज़दार ससपदा ंनी ं ैं।
अम
क़दाबलक कप्रे अमनीर सप्रेलड़ सकतदा ं ै। अड।ँगप्रेज़ सरकदार अमकगो बनीस ज़दार सदालदानदा
णख़रदाज दप्रे तदा ं ै। अगर तमक मदारदा ंकपयदा नयनींदप्रेगदा, तगो अम गदाड।ँव लटड लप्रेगदा और
तम मंक ंदारदा मदाशडक़ कगो उठदा लप्रेजदायगदा। ख़नड करनप्रेमभअमकगो लतफ़क आतदा ं ै। अम
ख़नड कदा दररयदा ब ंदा दप्रे गदा!

मजसलस पर आतंक छदा गयदा। समस मदालतनीअपनदा च कनदा भलड गयनीं। खन्नदा
ककी वपंडसलयदाड।ँ कदाड।ँप र ंनी थनीं। बप्रे-चपटदारप्रे कप्रेचगोटभय सप्रेएक मंश्ज़लप्रेब।ँग
ड लप्रेमभ
र तप्रेथप्रे। ज़नीनप्रेपर चढ़नदा उनकप्रे सलए सलदीड पर चढ़नप्रेसप्रेकम न थदा। गरमनी मभ भनी डर कप्रे
मदारप्रे कमरप्रे मभसगोतप्रेथप्रे। रदाय सदा ब कगो ठककरदाई कदा असभमदान थदा। व अपनप्रे ंनी गदाड।ँव मभ
एकन सप्रेपठदा डर जदानदा ंदास्यदास्पद समझतप्रे , थप्रेलककन उसककी बंदक़ड कगो क्यदा करतप्रे।
उन म ंयोंनप्रेज़रदा भनी चनीं-चपड़ ककयदा और इसनप्रेबंदक़ड चलदायनी। ंडश तगो ंगोतप्रे ंनी ं ैंयप्रेसब,
और नशदानदा भनी इन सबयों कदा ककतनदा अचकड ंगोतदा ं ै; अगर उसकप्रे ंदाथ मभ बंदक़ड न
ंगोतनी, तगो रदाय सदा ब उससप्रे सनींग समलदानप्रे कगो भनी त ैयदार ंगो जदातप्रे। मश्ककलक य ंनी थनी
कक दष मंकट ककसनी कगो बदा र न नीं जदानप्रे दप्रे तदा। ,न ंनीं दम-कप्रे-दम मभ सदारदा गदाड।ँव जमदा ंगो
जदातदा और इसकप्रे परप्रेड जत्थप्रेकगो पनीट-पदाटकर रख दप्रे तदा।

आणख़र उन म ंयोंनप्रेहदल मज़बतड ककयदा और जदान पर खप्रेलकर बगोलप्रे-- मनप्रे आपसप्रे


क हदयदा कक म चगोर-डदाकड न ंनीं ं ैं। म ैंय ंदाड।ँककी कगौंससल कदा मभ बर ंडऔरम य दसवड़जड़
लखनऊ कक सपस स डयकटर । य यसमसभड़ शरड़फ़ और इज़ज़तदयर लतग
जमदा ं ैं मभ बबलकल ख़बर न ंनीं,आपकप्रे आदसमययों कगो ककसनप्रेलटदा? आप जदाकर

ंक ंड
थदानप्रे मभ रपट ककीश्जए।
खदान नप्रे ज़मनीन पर प ैर पटकप्रे,तरप्रे ैंबदलप्रेऔर बंदक़ड कगो कंसंप्रेसप्रेउतदारकर ंदाथ मभ

लप्रेतदा आ द ंदाड़दा मत बक-बक करगो। कदाउं ससल कदा मभ बर कगो अम इस तर


--
ंक
प ैरयों सप्रेकचल दप्रे तदा ं ै। (ज़मनीन पर पदाड।ँव ं ै) अमदारदा ंदाथ मज़बत ं ै,
रगड़तदा
ंक ंड
अमदारदा हदल मज़बतड ं ै,अम ख़ददाक तदालदा कप्रे ससवदा और ककसनी सप्रेनयनींडरतदा। तमक
अमदारदा ंकपयदा न ंनीं दप्रे गदा,तगो अम (रदाय सदा ब ककी तरफ़ इशदारदा कर) अभनी तकमकगो
कतल कर दप्रे गदा।
अपननी तरफ़ बंदक़ड ककी नलदी दप्रे खकर रदाय सदा ब झककरु मप्रेज़ कप्रे बरदाबर आ गयप्रे।

अजनीब मसनीबतक मभ जदान संड।ँसनी थनी। श ैतदान बरबस क ंप्रेजदातदा ं ै,तमनप्रेक मदारप्रेक पए
लट सलयप्रे। न कछ सनतदा ं ै,न कछ समझतदा ं ै,न ककसनी कगो बदा र जदानप्रे-आनप्रे
ंड ंक ंक ंक
दप्रे तदा ं ै। नसौकर-चदाकर, ससपदा ंनी-प्यदादप्रे , सब संनष-क यज दप्रे खनप्रे मभ मग्न थप्रे। ज़मनींददारयों
कप्रे नसौकर ययों भनी आलसनी और कदाम-चगोर ंगोतप्रे ंनी , जब ैं तक दस दफ़प्रे न पकदारदाक
जदाय बगोलतप्रे ंनी न ;ंनींऔर इस वक़्त तगो वप्रेएक शकभ कदाम मभ लगप्रे ए थप्रे। संनषक-
ंक
यज उनकप्रे सलए कप्रे वल तमदाशदा न, भगवदाननीं णककी लदीलदा थनी; अगर एक आदमनी भनी
सइर आ जदातदा, तगो ससपदाह ययों कगो ख़बर ंगो जदातनी और दम-भर मभ खदान कदा सदारदा
खदानपन नकल जदातदा, डदाढ़दी कप्रे एक-एक बदाल नचक जदातप्रे। ककतनदा ग़स्सप्रेवरु ं ै। ंगोतप्रे
भनी तगो जल्लदाद ं ैं। न मरनप्रे कदा , ग़मनजनीनप्रेककी ख़शनी।ंक

समरज़दा सदा ब नप्रे चककत नप्रेतयों सप्रे दप्रे खदा--क्यदा बतदाऊड।ँ,ककछ अक्ल कदाम न ंनीं
करतनी। म ैं आज अपनदा वपस्तसौल घर ंनी छगोड़ आयदा, न ंनीं मज़दा चखदा
दप्रे तदा।

खन्नदा रगोनदा म।ँं


ड ब
क नदाकर बगोलप्रे-- ककछ ंकपए दप्रे कर ककसनी तर इस बलदा कगो
टदासलए।

रदाय सदा ब नप्रे मदालतनी ककी ओर दप्रे खदा-- दप्रे वनीजनी,अब आपककी क्यदा सलदा ं ै?
मदालतनी कदा मख-क मंडल तमतमदा र ंदा थदा। बगोलदीं-- ंगोगदा क्यदा, मप्रेरदी इतननी बप्रेईज़्ज़तनी
ंगो र ंनी ं ैऔर आप लगोग ब ैठप्रे दप्रे ख र ंप्रे ं ैं!
बनीस मदगो कप्रे ंगोतप्रेएक उजड्डदा पठदान मप्रेरदी इतननी दगदत
क कर र दा ं ै और आप
लगोगयों कप्रे ख़नड मभ ज़रदा भनी गमनी न ंनींआतनी! आपकगो जदान इतननी प्यदारदी ं ै? क्ययों
एक आदमनी बदा र जदाकर शगोर न ंनीं मचदातदा? क्ययों आप लगोग उस पर झपटकर
उसकप्रे ंदाथ सप्रेबंदक़ड न ंनींछठीन लतप्रे? बंदक़ड ंनी तगो चलदायप्रेगदा? चलदानप्रे दगो। एक यदा
दगो ककी जदान ंनी तगो जदायगनी? जदानप्रे दगो।

मगर दप्रे वनीजनी मर जदानप्रे कगो श्जतनदा आसदान समझतनी थनीं और लगोग न समझतप्रे थप्रे।
कगोई आदमनी बदा र नकलनप्रेककी ककर ह म्मत करप्रे और पठदान ग़स्सप्रेम
क भ आकर
दस-पदाड।ँच सं ै र कर,तगोदप्रे य ंदाड।ँसफ़दायदा ंगो जदायगदा। ब ंकत ंगोगदा, पसलसक उसप्रे संदाड।ँसनी
ककी सज़दा दप्रे दप्रे गनी। व भनी क्यदा ठठीक। एक बड़प्रे क़बनीलप्रे कदा सरददार ं ै। उसप्रे संदाड।ँसनी
दप्रे तप्रे ंकए सरकदार भनी सगोच-ववचदार करप्रे गनी। ऊपर सप्रे दबदाव पड़प्रेगदा। रदाजननी त कप्रे
सदामनप्रेन्यदाय कगो कसौन पछतदाड ं ै। मदारप्रे ऊपर उलटप्रे मक़दमप्रेकददायर ंगो जदाय ंड।ँऔर
दं डकदारदी पसलसक बबठदा ददी जदाय, तगो आकचयद न ; ंनींककतनप्रेमज़प्रेसप्रे ंड।ँसनी-मज़दाक़ ंगो
ंदा थदा। अब तक डदामदा कदा आनन्द उठदातप्रे ंगोतप्रे। इस श ैतदान नप्रे आकर एक नयनी
ववपश्त्त खड़नी कर ददी, और ऐसदा जदान पड़तदा ं ै,बबनदा दगो-एक ख़नड ककयप्रेमदानप्रेगदा भनी
न ंनीं।

खन्नदा नप्रे मदालतनी कगो संटकदारदा-- दप्रे वनीजनी,आप तगो मभ ऐसदा लतदाड़ र ंनी ं ैं मदानगो
अपननी पदाण रक्षदा करनदा कगोई पदाप ं ै,पदाण कदा मगो पदाणनी-मदात मभ ंगोतदा ं ै और
म लगोगयों मभ भनी , तगो कगोई लज्जदा ककी बदात न ंनीं। आप मदारदी जदान इतननी
सस्तनी समझतनी ं ैं;य दप्रे खकर मझप्रेकखप्रेद ंगो ं ै। एक ज़दार कदा ंनी तगो मआमलदाक
तदा
ं ै। आपकप्रे पदास कप्रे एक ज़दार ं ैं,उसप्रे दप्रे कर क्ययों न ंनीं बबददा कर ?दप्रे तनींआप
मफ़्तक
ख़द क अपननी बप्रेईज़्ज़तनी करदा र ं ैं,इसमभ मदारदा क्यदा दगोष?
ंनी
रदाय सदा ब नप्रे गमद ंगोकर क --ंदा अगर इसनप्रे दप्रे वनीजनी कगो ंदाथ लगदायदा,तगो चदा
ंप्रे
मप्रेरदी लदाश य ंनीं तड़पनप्रे , लगप्रेम ैं उससप्रे सभड़ जदाऊड।ँ गदा। आणख़र व भनी आदमनी ंनी तगो
ं ै।
समरज़दा सदा ब नप्रे संदप्रे सप्रे ससर ह लदाकर --क रदाय सदा ब, आप अभनी इन सबयों

कप्रे समज़दाज सप्रेवदाकक़फ़ न ंनीं ं ैं। सं ैर करनदा शकड करप्रे गदा, तगो ककर ककसनी कगो

श्ज़ंददा न छगोड़प्रेगदा। इनकदा नशदानदा बप्रेखतदा ंगो ं ै।
तदा
सम. तंखदा बप्रेचदारप्रे आनप्रेवदालप्रेचनदावक ककी समस्यदा सलझनप्रेकआयप्रेथप्रे। दस-पदाड।ँच ज़दार

कदा वदारदा-न्यदारदा करकप्रे घर जदानप्रे कदा स्वप्न दप्रे ख र ंप्रे थप्रे। य ंदाड।ँ जनीवनकट मभ ंनीसं
पड़ गयदा। बगोलप्रे-- सबसप्रे सरल उपदाय व ंनी , जगो ै अभनी खन्नदाजनी नप्रे बतलदायदा। एक
ज़दार ंनी ककी बदात ं ैऔर ंकपए मसौजद ड ं ैं,तगो आप लगोग क्ययों इतनदा सगोच-ववचदार
कर र ंप्रे ? ं ैं

समस मदालतनी नप्रे तंखदा कगो तरस्कदार-भरदी आड।ँखयों सप्रे दप्रे खदा।

'आप लगोग इतनप्रे कदायर , य ैं म ैं न समझतनी थनी।'

'म ैं भनीय न समझतदा थदा कक आप कगो ंकपए इतनप्रेप्यदारप्रे ं ैंऔर व भनी मफ़्तक कप्रे' !

'जब आप लगोग मप्रेरदा अपमदान दप्रे ख सकतप्रे,तगो ं ैंअपनप्रे घर ककी श्स्तययों कदा अपमदान
भनी दप्रे ख सकतप्रे ?'ंयोंगप्रे

'तगो आप भनी प ैसप्रेकप्रे सलए अपनप्रेघर कप्रे पंकषयों कगो ंगोम करनप्रेमभसंकगोच न
करभ गनी।'

खदान इतननी दप्रे र तक झल्लदायदा ंकआ-सदा इन लगोगयों ककी धिगटवपट सनक र ंदा थदा। एकदा-
एक गरजकर बगोलदा -- अम अब नयनीं मदानप्रेगदा। अम इतननी दप्रे र य ंदाड।ँ ,खड़दा ं ै तमक लगोग
कगोई जवदाब न ंनींदप्रेतदा। (जप्रेब सप्रेसनीटदी नकदालकर) अम तमकगोक एक लम ंदा और दप्रे तदा ;
ं ैअगर तमक ंकपयदा न ंनींदप्रेतदा तगो अम सनीटदी बजदायप्रेगदा और अमदारदा पचनीस जवदान य ंदाड।ँ
आ जदायगदा। बस! ककर आड।ँखयों मभ पप्रेम ककी ज्वदालदा भरकर उसनप्रे समस मदालतनी कगो दप्रे खदा।

'तमक अमदारप्रे सदाथ चलप्रेगदा हदलददार! अम तम मंक ंदारप्रे ऊपर कफ़ददा ंगो जदायगदा। अपनदा
जदान तम मंक ंदारप्रे क़दमयों पर रख दप्रे गदा। इतनदा आदमनी तम मंक ंदारदा आसशक़ ं ै;
मगर कगोई सच्चदा आसशक़ न ंनीं। सच्चदा इकक़ क्यदा , ं ैअम हदखदा दप्रे गदा।
तम मंक ंदारदा इशदारदा पदातप्रे ंनी अम अपनप्रेसनीनप्रेमभखंजर चबदाक सकतदा ं ै।'

समरज़दा नप्रे घ घयदाकर क ंदा-- दप्रे वनीजनी,ख़ददाक कप्रे सलए इस मज़नीड कगो ंकपए दप्रे
ददीश्जए।

खन्नदा नप्रे ंदाथ जगोड़कर यदाचनदा मदारप्रे ऊपर दयदा करगो समस मदालतनी!
ककी--
रदाय सदा ब तनकर बगोलप्रे-- धिगदज़ न ंनीं। आज जगो ककछ ंगोनदा ं ै, ंगो जदानप्रे
ददीश्जयप्रे।
यदा तगो म ख़द क मर जदायगप्रे।ँड,यदा इन जदासलमयों कगो मप्रेशदा कप्रे सलए सबक़ दप्रे दभ गप्रे।

तंखदा नप्रे रदाय सदा ब कगो डदाड।ँट बतदायनी--शप्रेर ककी मदाड।ँद मभघसनदाक कगोई ब ंदादरदीक न ंनीं
ं ै। म ैंइसप्रेमखदतदाड समझतदा ंड।ं।ँ

मगर समस मदालतनी कप्रे मनगोभदाव ककछ और ंनी थप्रे। खदान कप्रे लदालसदापददीप्त नप्रेतयों नप्रे
उन म ंभआकवस्त कर हदयदा थदा और अब इस कदांड मभ उन म ंभ मनचलप्रेपन कदा आनन्द
आ र ंदा थदा। उनकदा हृदय ककछ दप्रे र इन नरप।ँग
ड वयोंंक कप्रे बनीच मभ र कर उनकप्रे बबदर
पप्रेम कदा आनन्द उठदानप्रेकप्रे सलए ललचदा र ंदा थदा। सशष्ट पप्रेम ककी दबदलतदाक और
नजनीवतदा कदा उन म ंभअनभवक ंगो चकदाक थदा। आज अक्खड़, अनघड़ पठदानयों कप्रे
उन्मत्त पप्रेम कप्रे सलए उनकदा मन दसौड़ र ंदा ,थदाज ैसप्रे संगनीत कदा आनन्द उठदानप्रे कप्रे
बदाद कगोई मस्त ंदाधिथययों ककी लड़दाई दप्रे खनप्रे कप्रे सलए दसौड़प्रे।

उन म ंयोंनप्रे खदाड।ँ सदा ब कप्रे सदामनप्रे जदाकर नकशंक भदाव --सप्रेतम मंकक ंभंदाकपयप्रेन ंनीं
समलभगप्रे।

खदान नप्रे ंदाथ बढ़दाकर क ंदा-- तगो अम तमकगोक लटड लप्रेजदायगदा।

'तमक इतनप्रेआदसमययों कप्रे बनीच सप्रे मभन ंनींलप्रेजदा सकतदा।'

'अम तमकगोक एक ज़दार आदसमययों कप्रे बनीच सप्रेलप्रेजदा सकतदा ं ै।'

'तमकगोक जदान सप्रे ंदाथ संगोनदा पड़प्रेगदा।'

'अम अपनप्रेमदाशडक़ कप्रे सलए अपनप्रेश्जस्म कदा एक-एक बगोटदी नचवदाक सकतदा ं ै।'

उसनप्रे मदालतनी कदा ंदाथ पकड़कर खनींचदा। उसनी वक़्त ंगोरदी नप्रे रप्रे कममभ क़दम रखदा।
व रदाजदा जनक कदा मदालदी बनदा ंकआ थदा और उसकप्रे असभनय नप्रेदप्रे ंदा तययों कगो
ंड।ँसदातप्रे- ंड।ँसदातप्रेलगोटदा हदयदा थदा। उसनप्रेसगोचदा मदासलक अभनी तक क्ययों न ंनींआयप्रे।
व भनी तगो आकर दप्रे खभकक दप्रे ंदातनी इस कदाम मभ ककतनप्रेककशल ंगोतप्रे ं ैं। उनकप्रे
यदार-दगोस्त भनी दप्रे खभ। क ैसप्रेमदासलक कगो बलदायप्रेक? व अवसर खगोज र ंदा थदा, और
ज्ययों ंनी मकलत समलदी, दसौड़दा ंकआ य ंदाड।ँआयदा; मगर य ंदाड।ँ कदा दृकय दप्रे खकर
भसौचक्कदा-सदा
खड़दा र गयदा। सब लगोग चप्पनीक ससदाप्रे,थर-थर कदाड।ँपतप्रे,कदातर नप्रेतयों सप्रे खदान कगो दप्रे ख
ंप्रेथप्रेऔर ख़दान मदालतनी कगो अपननी तरफ़ खनींच र ंदा थदा। उसककी स ज बववक नप्रे
पररश्स्थ त कदा अनमदानक कर सलयदा।

उसनी वक़्त रदाय सदा ब नप्रेपकदारदाक -- ंगोरदी, दसौड़कर जदा और ससपदाह ययों कगो बलदाक,
लदा जल्द दसौड़!

ंगोरदी पनीछप्रे मड़दाक थदा कक ख़दान नप्रेउसकप्रे सदामनप्रेबंदक़ड तदानकर डदाड।ँटदा -- क ंदाड।ँ जदातदा
ं ैसअरु, म गगोलदी मदार दप्रे गदा।

ंगोरदी ग।ँडवदार थदा। लदाल पगड़नी दप्रे खकर उसकप्रे पदाण नकल जदातप्रेथप्रे;लप्रेककन मस्त
सदाड।ँड़ पर लदाठठी लप्रेकर वपल पड़तदा थदा। व कदायर न थदा,मदारनदा और मरनदा दगोनयों
जदानतदा थदा; मगर पसलसक कप्रे थकंडयों कप्रे सदामनप्रेउसककी एक न चलतनी थनी। ब।ँसड ंप्रे-
ब।ँसड ंप्रेकसौन ककरप्रे , ररकवत कप्रे ंक पए क ंदाड।ँ सप्रे , बदाललदायप्रे-बच्चयों कगो ककस पर
छगोड़प्रे;मगर
जब मदासलक ललकदारतप्रे , तगो ैं ककर ककसकदा डर। तब तगो व मसौत कप्रे म।ँं
ड कमभभनी
कडद सकतदा ं ै। उसनप्रेझपटकर ख़दान ककी कमर पकड़नी और ऐसदा अड़ंगदा मदारदा कक
ख़दान चदारयों खदानप्रे धिचत्त ज़मनीन पर आ र ंप्रे और लगप्रे पकतयों मभ गदासलयदाड।ँ दप्रे नप्रे।
उनककी छदातनी पर चढ़ ब ैठदा और ज़गोर सप्रे ददाढ़दी पकड़कर खनींचनी। ददाढ़दी उसकप्रे ंदाथ मभ
गयनी। ख़दान नप्रेतरन्तक अपननी ककलदा उतदार संभककी और ज़गोर मदारकर खड़दा ंगो
गयदा।

अरप्रे ! य तगो समस्टर मप्रे तदा ं ैं। व ंनी! लगोगयों नप्रे चदारयों तरफ़ सप्रे मप्रे तदा कगो घप्रेर सलयदा।
कगोई उनकप्रे गलप्रे लगतदा,कगोई उनककी पनीठ पर थपककयदाड।ँ दप्रे तदा थदा और समस्टर मप्रेतदा कप्रे
चप्रेरप्रेपर न ंड।ँसनी थनी, न गवद;चपचदापक खड़प्रेथप्रे,मदानगो ककछ ंकआ ंनी न ंनीं।

मदालतनी नप्रे नक़लदी रगोष सप्रे क ंदा-- आपनप्रेय ब ंकडपपन क ंदाडस


।ँ नीखदा? मप्रेरदा हदल
अभनी तक संड़-संड़ कर र ंदा ं ै।

मप्रेतदा नप्रेमस्करदातप्रेक ंकए क ंदा -- ज़रदा इन भलप्रे आदसमययों ककी जवदाड।ँमददी ककी परदीक्षदा
लप्रेर ंदा थदा। जगो गस्तदाख़नीक ंकई ंगो, उसप्रे क्षमदा ककीश्जएगदा।

***
7

असभनय जब समदाप म त ंकआ, तगो सउर रं गशदालदा मभ संनषक-यज समदाप म त ंगो चकदाक
थदा और सदामदाश्जक प सन ककी त ैयदारदी ंगो र ंनी थनी ; मगर इन सज्जनयों कगो
उससप्रे
ववशप्रेष हदलचस्पनी न थनी। कप्रे वल समस्टर मप्रे तदा दप्रे खनप्रे गयप्रे और आहद सप्रे अंत त जमप्रे
र ंप्रे। उन म ंभ बड़दा मज़दा आ र ंदा थदा।- बनीच मभ तदासलयदाड।ँ बजदातप्रे थप्रे'ककरऔर क ंगो, ककर
क ंगो' कदा आग करकप्रे असभनप्रेतदाओं कगो पगोत्सदा न भनी दप्रे तप्रे जदातप्रे थप्रे।

रदाय सदा ब नप्रेइस प सन मभ एक मक़दमप्रेबदाज़क दप्रे ंदातनी ज़मनींददार कदा ख़दाकदा उड़दायदा थदा।
क नप्रे कगो तगो प सन थदा;मगर ककणदा सप्रेभरदा ंकआ। नदायक कदा बदात-बदात मभ क़दाननड
ककी संदारदाओंकदा उल्लप्रेख करनदा, पत्ननी पर कप्रेवल इससलए मक़दमदाक ददायर कर दप्रे नदा
कक उसनप्रेभगोजन त ैयदार करनप्रे मभ - सनीज़रदादप्रे र कर ददी,ककर वककीलयों कप्रे नख़रप्रे और दप्रे
ंदातनी गवदा ंयों ककी चदालदाककयदाड।ँ और , झदाड।ँसप्रेपलप्रेगवदा ंनी कप्रे सलए चट-पट त ैयदार ंगो
जदानदा;मगर इजलदास पर तलबनी कप्रे समय ख़बड मनदावन करदानदा और नदानदा पकदार कप्रे
फ़रमदाइशभकरकप्रे उल्लडबनदानदा, यप्रेसभनी दृकय दप्रे खकर लगोग ंड।ँसनी कप्रे मदारप्रे लगोटप्रे जदातप्रेथप्रे।
सबसप्रेसदरं ंक व दृकय थदा, श्जसमभ वककील गवदा ंयों कगो उनकप्रे
बयदान रटदा र ंदा थदा। गवदा ंयों कदा बदार-बदार भलभंडकरनदा, वककील कदा बबगड़नदा, ककर
नदायक कदा दप्रे ंदातनी बगोलदी मभ गवदा ंयों कगो समझदानदा और अंत मभ इजलदास पर गवदा ंयों
कदा बदल जदानदा,

ऐसदा सजनीव और सत्य थदा कक समस्टर मप्रे तदा उछलपड़प्रे और तमदाशदा समदाप्त ंगोनप्रे
पर नदायक कगो गलप्रे लगदा सलयदा और सभनी नटयों कगो एक-एक मप्रेडल दप्रे नप्रे ककी घगोषणदा
ककी। रदाय सदा ब कप्रे प त उनकप्रे मन मभ धशदा कप्रे भदाव जदाग उठप्रे । रदाय सदा ब स्टप्रे ज कप्रे
पनीछप्रे डदामप्रे कदा संचदालन कर र ंप्रे थप्रे।

मप्रेतदा दसौड़कर उनकप्रे गलप्रेसलपट गयप्रेऔर मग मसंक ंगोकर बगोलप्रे-- आपककी दृश्ष्ट
इतननी प ैननी , इसकदा ै मझप्रेअ
क नकमदान न थदा।

दसरप्रेड हदन जलपदान कप्रे बदाद सशकदार कदा पगोगदाम थदा। व ंनींककसनी नददी कप्रे तट पर
बदाग़ मभ भगोजन बनप्रे,ख़बड जल-क्रकीड़दा ककी जदाय और शदाम कगो लगोग घर आय।ंड।ँ दप्रे
ंदातनी जनीवन कदा आनंद उठदायदा जदाय। श्जन मप्रे मदानयों कगो ववशप्रेष कदाम,व थदातगो
बबददा ंगो गयप्रे,कप्रे वल वप्रे ंनी लगोग बच र ंप्रे श्जनककी रदाय सदा ब सप्रे घतदानष्थनी।ट
समसप्रेज़ खन्नदा कप्रे ससर मभ ददद,न जदाथदा सककीं,और संपदादकजनी इस मंडलदी सप्रे जलप्रे
ंकए थप्रेऔर इनकप्रे ववद्
क सं एक लप्रेख-मदालदा नकदालकर इनककी ख़बर लप्रेनप्रे कप्रे ववचदार
मभ मग्न थप्रे। -कप्रेसब-सब छटप्रे ंकए गडभंक ं ैं। रदाम कप्रे प ैसप्रेउड़दातप्रे ं ैंऔर मछयोंंड पर
तदाव दप्रे तप्रे ं ैं। द ंकनयदा मभ क्यदा ंगो र ंदा ं ै,इन म ंभ क्यदा ख़बर। इनकप्रे पड़गोस मभ
कसौन
मर र ंदा ं ै,इन म ंभ क्यदा परवदा। इन म ंभ तगो अपनप्रे-ववलदासभगोग सप्रे कदाम ं ै। य
मप्रे, तदा
जगो कफ़लदासफ़र बनदा ककरतदा ं ै,उसप्रेय ंनी संनक ं ैकक जनीवन कगो संपणदब
ड नदाओ।
ंनीनप्रे मभ एक ज़दार मदार लप्रेगो, तप्रेम मंक ंभ अश्ख़्तयदार ं ै ,जनीवन कगो संपणदब
ड नदाओ यदा
पररपणदब ड नदाओ। श्जसकगो य कफ़क्र दबदायप्रेडदालतनी ं ैकक लड़कयों कदा ब्यदा क ैसप्रे गो,
यदा बनीमदार स्तनी कप्रे सलए व ैद्य क ै सप्रे आएड।ँ यदा अब ककी घर कदा ककरदायदा ककसकप्रे घर
सप्रे आएगदा,व अपनदा जनीवन क ैसप्रेसंपणदब ड नदायप्रे! छडटप्रे सदाड।ँड़ बनप्रेदसरयोंंड कप्रे खप्रेत मभ
म।ँं
ड कमदारतप्रेककरतप्रे ंगो और समझतप्रे ंगो संसदार मभ सब सखनीक ं ैं।तम मंक ंदारदी आड।ँखभतब खलभगनीक,
जब क्रदांत ंगोगनी और तमसप्रेकक ंदा जदायगदा -- बचदा, खप्रेत मभ चलकर ल जगोतगो। तब
दप्रे खभ,तम मंक ंदारदा जनीवन क ैसप्रेसंपणद ड ंगोतदा ं ै। और व जगो ं ैमदालतनी, जगो
त्तर घदाटयों कदा पदाननी पनीकर भनी समस बननी ककरतनी ं ै! शदाददी न ंनीं करप्रे गनी,इससप्रे
जनीवन बंसंन मभ पड़ जदातदा,और ै बंसंन मभ जनीवन कदा परदाड ववकदास न ंनीं ंगोतदा।
बस जनीवन कदा परदाड ववकदास इसनी मभ ं ैकक द ंकनयदा कगो लटप्रेड जदाओ और
नदवंदणव ववलदास ककयप्रे जदाओ! सदारप्रे बंसंन तगोड़, संमददगो और समदाज कगो
गगोलदी मदारगो,जनीवन कप्रे कतदव्ययोंकगो पदास न संटकनप्रे दगो,बस तम मंक ंदारदा जनीवन
संपणद ड ंगो गयदा। इससप्रे ज़्यदाददा आसदान और क्यदा ंगोगदा। मदाड।ँ-बदाप सप्रे न ंनीं
पटतनी,उन म ंभ संतदा बतदाओ;शदाददी मत करगो, य बंसंन ; ं ैबच्चप्रे ंयोंगप्रे,य मगो पदाश
ं ै; मगर ट ै क्स क्ययों दप्रे तप्रे? ंगो
क़दाननड भनी तगो बंसंन ं ै,उसप्रे क्ययों न ंनीं तगोड़तप्रे?उससप्रे क्ययोंकन्ननी कदाटतप्रे ंगो। जदानतप्रे
न कक क़दाननड ककी ज़रदा भनी अवजदा ककी और बप्रेडड़यदाड।ँपड़ जदायगनी।ंड।ँ बस व ंनी बंसंन
तगोड़गो, श्जसमभ अपननी भगोग-सलप्सदा मभ बबदादा न ंनीं पड़तनी। रस्सनी कगो सदाड।ँप बनदाकर

पनीटगो और तनीस मदारखदाड।ँबनगो। जनीतप्रेसदाड।ँप कप्रे पदास जदाओ ंनी क्ययों व संडकदार भनी
मदारप्रे गदा तगो,ल रभ आनप्रे लगभ गनी।आतप्रेउसप्रेदप्रेखगो,तगो दमक दबदाकर भदागगो। य तम मंक ंदारदा
सम्पणदज
ड नीवन ं ै!

आठ बजप्रे सशकदार-पदाटदी चलदी। खन्नदा नप्रे कभनी सशकदार न खप्रेलदा ,थदाबंदक़ड ककी
आवदाज़ सप्रे कदाड।ँपतप्रे;लप्रेककनथप्रे समस मदालतनी जदा र ंनी थनीं,व क ै सप्रे ंकक सकतप्रे थप्रे।
समस्टर तंखदा कगो अभनी तक एलप्रेक्शन कप्रे ववषय मभ बदातचनीत करनप्रेसरकदा नअव समलदा
थदा। शदायद व ंदाड।ँ व अवसर समल जदाय। रदाय सदा ब अपनप्रे इस इलदाक़प्रे मभ ब ंकत हदनयों
सप्रेन ंनींगयप्रेथप्रे। व ंदाड।ँकदा रं ग-ढं ग दप्रे खनदा चदा तप्रे थप्रे।- कभंनीनी इलदाक़प्रे
मभ आनप्रे-जदानप्रे सप्रे आदसमययों सप्रे एक संबंसं भनी ंगो जदातदा ं ै और रगोब भनी र तदा ं ै।
कदारकडन और प्यदादप्रे भनी सचप्रेत र तप्रे ं ैं।

समरज़दा खशकप्रेद कगो जनीवन कप्रे नयप्रेअनभवक पदाप्त करनप्रेकदा शसौक़ थदा, ववशप्रेषकर ऐसप्रे,
श्जनमभ ककछ सदा स हदखदानदा पड़प्रे।

समस मदालतनी अकप्रे लप्रे क ै सप्रे र तनीं। उन म ंभ तगो रससकयों कदा जमघट चदाह ए।

कप्रे वल समस्टर मप्रे तदा सशकदार खप्रेलनप्रे कप्रे सच्चप्रे उत्सदा सप्रे जदा र ंप्रे थप्रे।

रदाय सदा ब ककी इच्छदा तगो थनी कक भगोजन ककी सदामगनी, रसगोईयदा, क ंदार,
णख़दमतगदार, सब सदाथ चलभ ,लप्रेककन समस्टर मप्रे तदा नप्रे उसकदा ववररगो ककयदा।

खन्नदा नप्रे क ंदा-- आणख़र व ंदाड।ँभगोजन करभ ग यदा भखयोंंड मरभ ग?

मप्रे तदा नप्रे जवदाब हदयदा-- भगोजन क्ययों न करभ गप्रे,लकन आज म लगोग ख़द क अपनदा
सदारदा कदाम करभ गप्रे। दप्रे खनदा तगो चदाह ए कक नसौकरयों कप्रे मबग़ ैरश्ज़न्ददा र सकतप्रे ं ैं
यदा न ंनीं। समस मदालतनी पकदायगनीड ।ँ और म लगोग खदायगप्रे।ंड।ँ दप्रे ंदातयों मभ ंदाडड
।ँ डयदाड।ँऔर
पत्तल समल ंनी जदातप्रे , और ैं सईन ककी कगोई कमनी न ंनीं। सशकदार म करभ गप्रे ंनी।

मदालतनी नप्रे धिगलदा ककयदा-- क्षमदा ककीश्जए। आपनप्रे रदात मप्रेरदी क़लदाई इतनप्रे ज़गोर सप्रे
पकड़नी कक अभनी तक ददद ंगो र ंदा ं ै।

'कदाम तगो म लगोग करभ गप्रे,आप कप्रे वल बतदातनी जदाइएगदा।'

समरज़दा खशकदप्रे बगोलप्रे-- अजनी आप लगोग तमदाशदा दप्रे खतप्रे रह एगदा,म ैं सदारदा इंतज़दाम कर
दंडगदा।ं।ँ बदात ंनी कसौन-सनी ं ै। जंगल मभ ंदाड।ँडनी और बतदन ढंडढ़नदा।ँ ह मदाक़त ं ै।
रन कदा सशकदार ककीश्जए, भडनए, खदाइए, और व ंनीं दरख़्त कप्रे सदायप्रे मभ खरदादटप्रे
लदीश्जए। य ंनी पस्तदाव स्वनीक त ंकआ।

दगो मगोटरभ चलदीं। एक समस मदालतनी डदाइव कर र ंनी, दथनींसरदीड ख़द क रदाय सदा ब।
कगोई बनीस-पचनीस मनील पर प ंदाड़नी पदांत शकड ंगो गयदा। दगोनयों तरफ़ ऊड।ँचनी
पवदतमदालदा दसौड़नी चलदी आ र ंनी थनी। सड़क भनी पभ चददार ंगोतनी जदातनी थनी। ककछ दरू
ककी चढ़दाई कप्रे बदाद एकदाएक ढदाल आ गयदा और मगोटर ननीचप्रेककी ओर चलदी। दरू
सप्रेनददी कदा पदाट नज़र
आयदा, ककसनी रगोगनी ककी भदाडत
।ँ दबदलक, नस्पंद कगदार पर एक घनप्रेवटवक्ष ृ ककी छदाड।ँ
मभ कदारभ रगोक ददी गयनींऔर लगोग उतरप्रे । य सलदा ंकई कक दगो-दगो ककी टगोलदी बनप्रे
और सशकदार खप्रेलकर बदार बजप्रे तक य ंदाड।ँ आ जदाय। समस मदालतनी मप्रे तदा कप्रे सदाथ
चलनप्रेकगो त ैयदार ंगो गयनीं। खन्नदा मन मभ ऐंठकर र गयप्रे। श्जस ववचदार सप्रे आयप्रे
थप्रे,उसमभ ज ैसप्रे पंचर ; ंगोअगयदार जदानतप्रे,मदालतनी दग़दा दप्रे गनी,तगो घर लसौट जदातप्रे;
लप्रेककन रदाय सदा ब कदा सदाथ उतनदा रगोचक न ंगोतप्रे ंकए भनी बरदाक न थदा। उनसप्रे
ंकत-सनी मआमलप्रेकककी बदात करननी थनीं। खशकदप्रे और तंखदा बच र ंगो। उनककी टगोलदी
बननी-बनदायनी थनी। तनीनयों टगोसलयदाड।ँ एक-एक तरफ़ चल ददीं।

ककछ दरू तक पथरदीलदी पगडंडनी पर मप्रेतदा कप्रे सदाथ चलनप्रेकप्रे बदाद मदालतनी नप्रेक ंदा
तमक तगो चलप्रे ंनी जदातप्रे ंगो। ज़रदा दम लप्रेलप्रेनप्रेदगो।

मप्रेतदा मस्करदायप्रेक-- अभनी तगो म एक मनील भनी न ंनीं आयप्रे। अभनी सप्रे थक ?गयनीं

'थककीं न ; ंनींलप्रेककन क्ययोंन ज़रदा दम लप्रे लगो।'

'जब तक कगोई सशकदार ंदाथ न आ जदाय, मभ आरदाम करनप्रे कदा अधधिकदार न' ंनीं।

'म ैं सशकदार खप्रेलनप्रे न आयनी' थनी।

मप्रे तदा नप्रे अनजदान बनकर क --ंदा अच्छदा य म ैं न जदानतदा थदा। ककर क्यदा करनप्रे
आयनी थनीं?

'अब तमसप्रेक्
क यदा बतदाऊड।ँ।'

रनयों कदा एक झडंंक चरतदा ंकआ नज़र आयदा। दगोनयों एक चटदान ककी आड़ मभ छप
गयप्रेऔर नशदानदा बदाड।ँसंकर गगोलदी चलदायनी। नशदानदा ख़दालदी गयदा। झडंंक भदाग नकलदा।

मदालतनी नप्रेपछदाड -- अब?

'ककछ न ंनीं,चलगो ककर कगोई सशकदार समलप्रेगदा।'


दगोनयों ककछ दप्रे र तक चपचदापक चलतप्रेर ंप्रे। ककर मदालतनी नप्रेज़रदा ंकककर क ंदा --
गमनी कप्रे मदारप्रे बरदाक ंदाल ंगो र ंदा ं ै। आओ, इस वक्ष ृ कप्रे ननीचप्रेब ैठ जदाय।ंड।ँ'

'अभनी न ंनीं। तमक ब ैठनदा चदा ंगो, तगो ब ैठगो। म ैं तगो न ंनीं ब ैठतदा।'
तनी

'बड़प्रे ंगो तम,क सच क ंड।'ं।ँ


नददयनी तनी

'जब तक कगोई सशकदार न समल जदाय, म ैं ब ैठ न ंनीं सकतदा।'

'तब तगो तमक मझप्रेकमदार ंनी डदालगोगप्रे। अच्छदा बतदाओ; रदात तमनप्रेकमझप्रेकइतनदा क्ययों
सतदायदा? मझप्रेकतम मंक ंदारप्रे ऊपर बड़दा कक्रगो आ र ंदा थदा। यदाद , ं ैतमनप्रेकमझप्रेकक्यदा क
ंदा थदा? तमक मदारप्रे सदाथ चलप्रेगदा हदलददार? म ैं न जदानतनी ,थनीतमक इतनप्रेशरदीर ंगो।
अच्छदा, सच क नदा, तमक उस वक़्त मझप्रेकअपनप्रेसदाथ लप्रेजदातप्रे?'

मप्रे तदा नप्रे कगोई जवदाब न हदयदा,मदानगो सनदाक ंनी न ंनीं। दगोनयों ककछ दरू चलतप्रेर ंप्रे।
एक तगो जप्रेठककी संपड, दसरप्रेड पथरदीलदा रदास्तदा। मदालतनी थककर ब ैठ गयनी।

मप्रे तदा खड़प्रे-खड़प्रे बगोलप्रे-- अच्छठी बदात ं ै,तमक आरदाम कर लगो। म ैंय ंनींआ जदाऊड।ँगदा।

'मझप्रेकअकप्रेलप्रेछगोड़कर चलप्रेजदाओगप्रे?'

'म ैंजदानतदा ंड,त।ँमक अपननी रक्षदा कर ंगो।'


सकतनी

'क ै सप्रे जदानतप्रे?' ंगो

'नयप्रेयगक ककी दप्रे ववययों ककी य ंनी ससफ़त ं ै। व मदद कदा आशय न ंनीं चदा
,तनींउससप्रे कं संदा समलदाकर चलनदा चदा तनी 'ं ैं।

मदालतनी नप्रेझभपतप्रे ंकए क ंदा -- तमक कगोरप्रे कफ़लदासफ़र ंगो मप्रेतदा, सच। सदामनप्रेवक्ष ृ पर
एक मगोर ब ैठदा ंकआ थदा। मप्रेतदा नप्रे नशदानदा ससदादा और बंदक़ड चलदायनी। मगोर उड़ गयदा।
मदालतनी पसन्न
ंगोकर बगोलदी --
ब ंकत अच्छदा
ंकआ। मप्रेरदा शदाप पड़दा।
मप्रेतदा नप्रेबंदक़ड कंसंप्रेपर रखकर क ंदा -- तमनप्रेकमझप्रेकन ंनीं,अपनप्रे आपकगो शदाप
हदयदा। सशकदार समल जदातदा, तगो म ैंतम मंक ंभदस समनट ककी मकलत दप्रे तदा। अब
तगो तमकगोक फ़सौरन चलनदा पड़प्रेगदा।

मदालतनी उठकर मप्रेतदा कदा ंदाथ पकड़तनी ंकई बगोलदी -- कफ़लदासफ़रयों कप्रे शदायद हृदय
ंनीं ंगोतदा। तमनप्रेकअच्छदा ककयदा, वववदा न ंनीं ककयदा। उस ग़रदीब कगो मदार ंनी डदालतप्रे;
मगर म ैंययों न छगोड़ड।ँगनी। तमक मझप्रेकछगोड़कर न ंनींजदा सकतप्रे।

मप्रेतदा नप्रेएक झटकप्रे सप्रे ंदाथ छकड़दा सलयदा और आगप्रेबढ़प्रे ।

मदालतनी सजलनप्रेत ंगोकर बगोलदी-- म ैंक तनी ंड,मत।ँ जदाओ। न ंनीं म ैं इसनी चटदान पर
ससर पटक दंडगनी।ं।ँ

मप्रे तदा नप्रे तप्रेज़नी क़दमसप्रे बढ़दायप्रे। मदालतनी उन म ंभ दप्रे खतनी र ंनी। जब व बनीस क़दम
नकल गयप्रे,तगो झ।ँझ
ड लदाकरु उठठी और उनकप्रे पनीछप्रे दसौड़नी। अकप्रेलप्रेववशदाम करनप्रेमभ
कगोई आनंद न थदा।

समनीप आकर बगोलदी -- म ैंतम मंक ंभइतनदा पशकन समझतनी थनी।

'म ैंजगो ह रन मदाडड।ँगदा, उसककी खदाल तम मंक ंभभभट क।ँड गदा।' 'खदाल

जदाय भदाड़ मभ । म ैंअब तमसप्रेकबदात न क।ँड गनी।'

'क ंनीं म लगोगयों कप्रे ंदाथ ककछ न लगदा और दसरयोंंड नप्रेअच्छप्रे सशकदार मदारप्रे तगो मझप्रेक
बड़नी झभप ंगोगनी।'

एक चसौड़दा नदालदा म।ँसड ंक ैलदायप्रेबनीच मभ खड़दा थदा। बनीच ककी चटदानभ उसकप्रे ददाड।ँतयों सप्रे लगतनी
थनीं। संदार मभ इतनदा वप्रेग थदा कक ल रभ उछलदी पड़तनी थनीं। सयदम
ड ध्यदाह्न पर
प ंकड।ँचदा थदा और उसककी प्यदासनी ककरणभ जल मभ क्रकीड़दा कर र ंनी थनीं।

मदालतनी नप्रे पसन्न ंगोकर क ंदा-- अब तगो लसौटनदा पड़दा।

'क्ययों? उस पदार चलभगप्रे। य ंनीं तगो सशकदार समलभगप्रे।'


'संदारदा मभ ककतनदा वप्रेग ं ै। म ैं तगो ब ' जदाऊड।ँ गनी।

'अच्छठी बदात ं ै। तमक य ंनींब ैठगो, म ैंजदातदा ंड।'ं।ँ

' ंदाड।ँआप जदाइए। मझप्रेकअपननी जदान सप्रेब ैर न ंनीं ं ै।'

मप्रेतदा नप्रेपदाननी मभ क़दम रखदा और पदाड।ँव ससदातप्रे ंकए चलप्रे। ज्ययों-ज्ययों आगप्रे जदातप्रे , थप्रे पदाननी
ग रदा ंगोतदा जदातदा थदा। य ंदाड।ँ तक कक छदातनी तक आ गयदा। मदालतनी सअनीर ंगो उठठी।
शंकदा सप्रे मन चंचल ंगो उठदा। ऐसनी ववकलतदा तगो उसप्रे कभनी न ंगोतनी थनी।

ऊड।ँ चप्रेर स्वमभ बगोलदी-- पदाननी ग रदा ं ै। ठ र जदाओ,म ैंभनी आतनी ंड।ं।ँ

'न ंनीं-न ंनीं,तमक ककसल जदाओगनी। संदार तप्रेज़ ं ै।'

'कगोई रज़ न ंनीं,म ैंआ र ंनी ंड।ं।ँआगप्रेन बढ़नदा, ख़बरददार।'

मदालतनी सदाड़नी ऊपर चढ़दाकर नदालप्रे मभ प ैठठी। मगर दस ंदाथ- आतप्रे पदाननी उसककी
कमर तक आ गयदा। मप्रे तदा घबड़दायप्रे। दगोनयों ंदाथ सप्रेप्रेलसौटउ जदानप्रेकगो क तप्रे ंकए बगोलप्रे --
तमक य ंदाड।ँमत आओ मदालतनी! य ंदाडत
।ँ म मंक ंदारदी गददन तक पदाननी ं ै।

मदालतनी नप्रे एक क़दम और आगप्रे बढ़कर क --ंदा ंगोनप्रेदगो। तम मंक ंदारदी य ंनी
इच्छदा ं ै कक म ैं मर जदाऊड।ँ,तगोतम मंक ंदारप्रे पदास ंनी म।ँग
ड नी।

मदालतनी पप्रेट तक पदाननी मभ थनी। संदार इतननी तप्रेज़ थनी कक मदालमड ंगोतदा थदा,
क़दम उखड़दा। मप्रे तदा लसौट पड़प्रे और मदालतनी कगो एक ंदाथ सप्रे पकड़ सलयदा।

मदालतनी नप्रे नशनीलदी आड।ँखयों मभ रगोष भरकर-- कम ैंनप्रेदातम मंक ंदारप्रे -ज ैसप्रे बप्रेददद आदमनी कभनी
न दप्रे खदा थदा। बबल्ककल पत्थर ंगो। ख़ ैर, आज सतदा लगो, श्जतनदा सतदातप्रे बनप्रे;म ैं भनी
कभनी समझंडगनी।ं।ँ

मदालतनी कप्रे पदाड।ँव उखड़तप्रे ंकए ंकए। बंदक़ड स।ँभ


ड दालतनी ंकई उनसप्रेधिचमट
मदालमड व
गयनी।
मप्रे तदा नप्रे आकसनवदा दप्रे तप्रे ंकए क ंदा -- तमक य ंदाड।ँखड़नी न ंनींर सकतनी। म ैंतम मंक
ंभ अपनप्रेकंसंप्रेपर बबठदायप्रेलप्रेतदा ंड।ं।ँ

मदालतनी नप्रेभकक ृ टदी टप्रे ढ़दी करकप्रे क ंदा -- तगो उस पदार जदानदा क्यदा इतनदा ज़डरदी ं ै?

मप्रेतदा नप्रेककछ उत्तर न हदयदा। बंदक़ड कनपटदी सप्रेकं संप्रे पर दबदा लदी और मदालतनी कगो
दगोनयों ंदाथयों सप्रे उठदाकर कं संप्रे पर ब ैठदा सलयदा।

मदालतनी अपननी पलकक छपदा ंकई बगोलदी -- अगर कगोई दप्रे ख लप्रे?
कगो तनी

'भय तगो लगतदा ं ै।'

दगो पग कप्रे बदाद उसनप्रे ककण स्वर मभ --क अच्छदा बतदाओ, म ैंय ंनींपदाननी मभ डडब
जदाऊड।ँ,तगो तम मंक ंभरंज ंगो यदा न ंगो? म ैं तगोसमझतनी ंड,त।ँम मंक ंभबबलककल रं ज न
ंगोगदा।

मप्रे तदा नप्रे आ त स्वर सप्रे क-- ंदातमक समझतनी ंगो, म ैंआदमनी न ंनीं ंड?ं।ँ

'म ैंतगो य ंनी समझतनी ंड,क्ययों।ँ छपदाऊड।ँ' ।

'सच क तनी ंगो मदालतनी?'

'तमक क्यदा समझतप्रे ंगो?'

'म ैं! कभनी बतलदाऊड।ँ' गदा।

पदाननी मप्रे तदा कप्रे गददन तक आ गयदा। क ंनीं अगलदा क़दम उठदातप्रेनीससर तक न
जदाय। मदालतनी कदा हृदय संक-संक करनप्रे लगदा। बगोलदी,मप्रे तदा,ईक वर कप्रे सलए
अब आगप्रे मत जदाओ,न ंनीं,म ैंपदाननी मभ कडद पड़ड।ँगनी।

उस संकट मभ मदालतनी कगो रईकयदादव आयदा, श्जसकदा व मज़दाक़ उड़दायदा करतनी थनी।
जदानतनी थनी, ईक वर क ंनीं ब ैठदा न ंनीं ं ै जगो आकर उन म ंभ उबदार;लप्रेककनलप्रेगदामन
कगो श्जस अवलंबन और शश्कम तककी ज़डरत थनी, व और क ंदाड।ँ समल सकतनी थनी।
पदाननी कम ंगोनप्रे लगदा थदा।
मदालतनी नप्रे पसन्न ंगोकर क ंदा-- अब तमक मझप्रेउ
क तदार दगो।

'न ंनीं-न ंनीं,चपचदापक ब ैठठी र ंगो। क ंनींआगप्रेकगोई गढ़दा समल जदाय।'

'तमक समझतप्रे ंगोगप्रे,य ककतननी स्वदाधिथदननी 'ं ै।

'मझप्रेकइसककी मज़दरदीड दप्रे दप्रे नदा।' मदालतनी कप्रे मन

मभ गदगकददीक ंकई।

'क्यदा मज़दरदीड लगोगप्रे?'

'य ंनी कक जब तम मंक ंभजनीवन मभ ऐसदा ंनी कगोई अवसर आय तगो मझप्रेकबलदाक
लप्रेनदा।'

ककनदारप्रे आ गयप्रे। मदालतनी नप्रे रप्रे त पर अपननी सदाड़नी कदा पदाननी नचगोड़दा,जतप्रेडकदा पदाननी
नकदालदा, म।ँं ड क- ंदाथ संगोयदा; पर यप्रे शब्द अपनप्रे र स्यमय आशय कप्रेथ सदाउसकप्रे
सदामनप्रे नदाचतप्रे र ंप्रे।

उसनप्रेइस अनभवक कदा आनंद उठदातप्रे ंकए क ंदा -- य हदन यदाद र ंप्रेगदा।

मप्रेतदा नप्रेपछदाड -- तमक ब ंकत डर र ंनी थनीं?

'प लप्रे तगो डरदी;लप्रेककन ककर मझप्रेव


क वकवदास ंगो गयदा कक तमक म दगोनयों ककी रक्षदा
कर सकतप्रे ंगो।'

मप्रे तदा नप्रे गवद सप्रे मदालतनी कगो --दप्रे खदाइनकप्रे मखक पर पररशम ककी लदालदी कप्रे सदाथ
तप्रेज थदा।

'मझप्रेकय सनकरु ककतनदा आनंद आ र ंदा ं ै,तमक य समझ सकगोगनी


मदालतनी?'

'तमनप्रेकसमझदायदा कब। उलटप्रे और जंगलयों मभ घसनीटतप्रेककरतप्रे ंगो ; और अभनी ककर


लसौटतनी बदार य ंनी नदालदा पदार करनदा पड़प्रेगदा। तमनप्रेकक ैसनी आफ़त मभ जदान डदाल ददी।
मझप्रेकतम मंक ंदारप्रे सदाथ र नदा पड़प्रे,तगो एक हदन न पटप्रे ।'
मप्रेतदा मस्करदायप्रे।ंक इन शब्दयों कदा संकप्रेत ख़बड समझ र ंप्रेथप्रे।

'तमक मझप्रेकइतनदा दष मंकट समझतनी ंगो! और जगो म ैंक ंडकक।ँ तमसप्रेकपप्रेम करतदा ंड।ं।ँ
मझसप्रेकवववदा करगोगनी?'

'ऐसप्रे कदाठ-कठगोर सप्रे कसौन वववदा करप्रे गदा! रदात-हदन जलदाकर मदार डदालगोगप्रे।'

और समरु नप्रेतयों सप्रेदप्रेखदा, मदाननी क र ंगो -- इसकदा आशय तमक ख़बड समझतप्रे
ंनी
ंगो। इतनप्रेबबडकन ंनीं ंगो।

मप्रे तदा नप्रे ज ैसप्रे सचप्रेत ंगोकर-- कतमकदा सच क तनी ंगो मदालतनी। म ैंककसनी
रमणनी
कगो पसन्न न ंनींरख सकतदा। मझसप्रेककगोई स्तनी पप्रेम कदा स्वदाड।ँग न ंनीं कर सकतनी। म ैं इसकप्रे
अंतस्तल तक प ंकड।ँच जदाऊड।ँगदा। ककर मझप्रेकउससप्रेअकधिच ंगो जदायगनी।

मदालतनी कदाड।ँप उठठी। इन शब्दयों मभ ककतनदा सत्य थदा। उसनप्रेपछदाड -- बतदाओ, तमक
क ैसप्रेपप्रेम सप्रेसत
ं ष मंकट ंगोगप्रे?

'बस य ंनी कक जगो मन मभ , वगो ंनी मखक पर ंगो! मप्रेरप्रेसलए रं ग-ंडप और ंदाव-
भदाव और नदाज़गो-अंददाज़ कदा मल्यड इतनदा ंनी ं ै; श्जतनदा ंगोनदा चदाह ए। म ैं व
भगोजन चदा तदा ंड,श्जससड़आत्मदा ककी तश्प मं ृत ंगो। उत्तप्रेजक और शगोषक पददाथगो
ककी मझप्रेक ज़डरत न ंनीं।'

मदालतनी नप्रेओठ ससकगोड़कर ऊपर सदाड।ँस खनींचतप्रे ंकए क ंदा -- तमसप्रेक क गोई पप्रेश न
पदायप्रेगदा। एक ंनी घदाघ ंगो। अच्छदा बतदाओ,मप्रेरप्रेववषय मभ तम मंक ंदारदा क्यदा ख़यदाल
ं ै?

मप्रेतदा नप्रेनटखटपन सप्रेमस्करदाकर क ंदा -- तम सब कछ कर सकतनी ंगो,


ंक ंक ंक
बद्ंकधधिमतनी ंगो, चतरु ंगो, प ंगो, दयदालक ंगो, चंचल , ंगो,
तभदावदान ंगोस्वदासभमदा त्यदाग
ननी
कर सकतनी ंगो; लप्रेककन पप्रेम न ंनीं कर सकतनी।
मदालतनी नप्रे प ैननी दृश्ष्सप्रेट तदाककर क ंदा-- झठप्रे ंगो तम, बबलकल झठप्रे । मझप्रे
ंड ंक ंक ंड ंक
तम मंक ंदारदा ददावदा नस्सदार मदालमड ंगोतदा ं ैकक नदारदी-हृदय तक प ंडच
।ँ जदातप्रे
य तमक
ंक
ंगो।
दगोनयों नदालप्रे कप्रे ककनदारप्रे -नदारप्रे चलप्रेजदा र ंप्रेथप्रे। बदार बज चकप्रेक थप्रे;पर अब मदालतनी
कगो न ववशदाम ककी इच्छदा थनी, न लसौटनप्रे ककी। आज कप्रे संभदाषण मभ उसप्रे एक ऐसदा
आनंद आ र ंदा थदा,जगो उसकप्रे सलए बबलककल नयदा थदा। उसनप्रेककतनप्रे ंनी ववद् वदानयों
और नप्रेतदाओंकगो एक मस्कदानक मभ ,एक धिचतवन मभ ,एक रसनीलप्रेवदाक्य मभ उल्ल ंड
बनदाकर छगोड़ हदयदा थदा। ऐसनी बदालडककी ददीवदार पर व जनीवन कदा सआदार न ंनींरख
सकतनी थनी। आज उसप्रे व कठगोर,ठगोस, पत्थर-सनी भसमड समल गयनी थनी, जगो संदावड़यों
सप्रे धिचनगदाररयदाड।ँ नकदाल र ंनी थनी और उसककी कठगोरतदा उसप्रे उत्तरगोत्तर मगो लप्रेतनी
थनी।

संदाय ंड।ँककी आवदाज़ ंकई। एक लदालसर नदालप्रे पर उड़दा जदा र ंदा थदा। मप्रे तदा नप्रे नशदानदा
मदारदा। धिचडड़यदा चगोट खदाकर भनी ककछ दरू उड़नी, ककर बनीच संदार मभ धिगर पड़नी और ल
रयों कप्रे सदाथ ब नप्रे लगनी।

'अब?'

'अभनी जदाकर लदातदा ंड।ं।ँजदातनी क ंदाड।ँं ै?'

क नप्रेकप्रे सदाथ व रप्रे त मभ दसौड़प्रेऔर बंदक़ड ककनदारप्रे पर रख गड़दाप सप्रेपदाननी मभ कडद पड़प्रे और
ब ंदाव ककी ओर त ैरनप्रे ;लगप्रेमर सआ मनील तक परदाड ज़गोर लगदानप्रे
पर भनी धिचडड़यदा न पदा सकप्रे । धिचडड़यदा मर कर भनी ज ैसप्रे उड़नी जदा र ंनी थनी।

स सदा उन म ंयोंनप्रे दप्रे खदा,एक यवतनीक ककनदारप्रे ककी एक झगोपड़नी सप्रे नकलदी, धिचडड़यदा
कगो ब तप्रेदप्रेखकर सदाड़नी कगो जदाड।ँघयों तक चढ़दायदा और पदाननी मभ घसक पड़नी।

एक क्षण मभ उसनप्रेधिचडड़यदा पकड़ लदी और मप्रेतदा कगो हदखदातनी ंकई बगोलदी -- पदाननी
सप्रे नकल जदाओ बदाबजनीड, तम मंक ंदारदी धिचडड़यदा य ं ै।

मप्रेतदा यवतनीक ककी चपलतदा और सदा स दप्रे खकर मग मसंक ंगो गयप्रे। तरं तक ककनदारप्रे ककी
ओर ंदाथ चलदायप्रेऔर दगो समनट मभ यवतनीक कप्रे पदास जदा खड़प्रे ंकए। यवतनीक कदा रं ग
थदा तगो कदालदा और व भनी ग रदा, कपड़प्रेब ंकत ंनी म ैलप्रेऔर संड ड़ आभषणड कप्रे नदाम
पर कप्रे वल ंदाथयों मभ -ददगोमगोटदी चडड़यदाड।ँंड,ससर कप्रे बदाल उलझप्रे अलग-लग। मखक-
मंडल कदा कगोई भदाग ऐसदा न , ंनींश्जसप्रेसदरं ंक यदा सघड़क क ंदा जदा सकप्रे; लप्रेककन
उस स्वच्छ, नमदल जलवदायकनप्रेउसकप्रे कदालप्रेपन मभ ऐसदा लदावडय भर हदयदा थदा
और
पक ृत ककी गगोद मभ पलकर उसकप्रे अंग इतनप्रेसड
क सौल, सगहठतक और स्वच्छन्द ंगो
गयप्रेथप्रेकक यसौवन कदा धिचत खनींचनप्रेकप्रे सलए उससप्रेसदरं ंक कगोई ंडप न समलतदा।
उसकदा सबल स्वदास्थ्य ज ैसप्रे मप्रे तदा कप्रे मन मभ बल और तप्रेज भर र ंदा थदा।

मप्रेतदा नप्रेउससप्रेन्यवदाद दप्रे तप्रे ंकए क ंदा -- तमक बड़प्रेमसौक़प्रे सप्रेप ंकच
ड।ँ गयनीं,न ंनींमझप्रेक न
जदानप्रेककतननी दरू त ैरनदा पड़तदा।

यवतनीक नप्रेपसन्नतदा सप्रेक ंदा -- म ैंनप्रेतम मंक ंभत ैरतप्रेआतप्रेदप्रेखदा, तगो दसौड़नी। सशकदार
खप्रेलनप्रे आयप्रे ? ंयोंगप्रे

ंदाड।ँ,आयप्रे तगो थप्रे सशकदार ंनी खप्रेलनप्रे;मगर दगोप र ंगो गयदा और य ंनी धिचडड़यदा
समलदी ं ै।

'तभ दआक मदारनदा चदा ंगो, तगो म ैंउसकदा ठसौर हदखदा दंड।ं।ँरदात कगो य ंदाड।ँरगोज़ पदाननी
पनीनप्रे आतदा ं ै। कभनी-कभनी दगोप र मभ भनी आ जदातदा ' ं ै।

ककर ज़रदा सककचदाकर ससर झकदायप्रेकबगोलदी -- उसककी खदाल मभ दप्रे ननी पड़प्रेगनी। चलगो मप्रेरप्रे द्वदार
पर। व ंदाड।ँपनीपल ककी छदायदा ं ै। य ंदाड।ँसंपड मभ कब तक खड़प्रेर ंगोगप्रे। कपड़प्रेभनी तगो गनीलप्रे ंगो गयप्रे
ं ैं। मप्रेतदा नप्रेउसककी दप्रे मभ धिचपककी ंकई गनीलदी सदाड़नी ककी ओर दप्रे खकर क ंदा-- तम मंक
ंदारप्रे कपड़प्रेभनी तगो गनीलप्रे ं ैं।

उसनप्रे लदापरवदा ंनी सप्रे क --ंदा ऊड।ँ मदारदा क्यदा,म तगो जंगल कप्रे ं ैं।- हदन भर
संपड और पदाननी मभ खड़प्रेर तप्रे ं ैं। तमक थगोड़प्रे ंनी र सकतप्रे ंगो।

लड़ककी ककतननी समझददार ं ैऔर बबलककल ग।ँडवदार। 'तमक

खदाल लप्रेकर क्यदा करप्रे गनी?'

मदारप्रे ददा बदाज़दार मभ बप्रेचतप्रे ं ैं। य ंनी तगो मदारदा 'कदाम ं ै।

'लप्रेककन दगोप रदी य ंदाड।ँ ,कदाटभ तगोतमक णखलदाओगनी क्यदा?'

यवतनीक नप्रेलजदातप्रे ंकए क ंदा -- तम मंक ंदारप्रे खदानप्रेलदायक़ मदारप्रे घर मभ क्यदा ं ै। मक्कप्रे
ककी रगोहटयदाड।ँ खदाओ,जगो संरदी ं ैं। धिचडड़यप्रेकदा सदालन पकदा दंडगनी।ं।ँ तमक
बतदातप्रेजदानदा
ज ैसप्रे बनदानदा ंगो। थगोड़दा-सदा दद ड भनी ं ै। मदारदी ग ैयदा कगो एक बदार तभ दएक नप्रेघप्रेरदा थदा।
उसप्रे सनींगयों सप्रे भगदाकर भदाग आयनी,तब सप्रेतभदआक उससप्रेडरतदा ं ै।

'लप्रेककन म ैंअकप्रेलदा न ंनीं ंड।ं।ँमप्रेरप्रेसदाथ एक औरत भनी ं ै।'

'तम मंक ंदारदी घरवदालदी ंगोगनी?'

'न ंनीं,घरवदालदी तगो अभनी न ंनीं , जदान ै-प चदान ककी ं ै।'

'तगो म ैं दसौड़कर उनकगो बलदाक लदातनी ंड।ं।ँतमक चलकर छदाड।ँमभब ैठगो।'

'न ंनीं-न ंनीं,म ैंबलदाक ंड।'ं।ँ


लदातदा

'तमक थक गयप्रे ंगोगप्रे। श र कदा र ं ैयदा जंगल मभ कदा ंप्रेआतप्रे म तगो जंगलदी
ंयोंगप्रे। आदमनी ं ैं। ककनदारप्रे ंनी तगो खड़नी 'ंयोंगनी।

जब तक मप्रेतदा ककछ बगोलभ ,व वदा ंगो गयनी। मप्रे तदा ऊपर चढ़कर पनीपल ककी छदाड।ँ मभ ब ैठप्रे।
इसस्वच्छं द जनीवन सप्रेउनकप्रे मन मभ अनरदागक उत्पन्न ंकआ। सदामनप्रेककी पवदतमदालदा
दशदन-तत्व ककी भदाड।ँत अगम्य और अत्यन्त सं ैलदी ंकई, मदानगो जदान कदा ववस्तदार कर
र ंनी ंगो, मदानगो आत्मदा उस जदान कगो, उस पकदाश कगो, उस अगम्यतदा कगो, उसकप्रे
पत्यक्ष ववरदाट ंडप मभ दप्रेख र ंनी ंगो। दरू कप्रे एक ब ंकत ऊड।ँचप्रेसशखर पर
एक छगोटदा-सदा मंहदर थदा,जगो उस अगम्यतदा मभ बद्ंकधधि ककी भदाड।ँ त ऊड।ँ,परचदाखगोयदा
ंकआ-सदा खड़दा थदा, मदानगो व ंदाड।ँ तक पर मदारकर पक्षनी ववशदाम लप्रेनदा चदा तदा ं ै और
ंनींस्थदान न ंनींपदातदा। मप्रेतदा इन म ंनींववचदारयों मभ डडबप्रे ंकए थप्रेकक यवतनीक समस मदालतनी
कगो सदाथ सलयप्रेआ प ंक।ँच ड नी, एक वन-पष्पक ककी भदाड।ँत संपड मभ णखलदी ंकई, दसरदीड
गमलप्रेकप्रे संडल ककी भदाड।ँत संपड मभ मरझदायनीक और नजनीव।

मदालतनी नप्रे बप्रेहदलदी कप्रे सदाथ क-- ंदापनीपल ककी छदाड।ँब ंकत अच्छठी लग र ंनी ं ैक्यदा?
और य ंदाड।ँभखड कप्रे मदारप्रे पदाण नकलप्रेजदा र ंप्रे ं ैं।

यवतनीक दगो बड़प्रे-बड़प्रे मटकप्रे उठदा लदायनी और बगोलदी-- तमक जब तक य ंनीं ब ैठगो,म ैं अभनी
दसौड़कर पदाननी लदातनी ंड,ककर।ँ चल मंड ंदा जलदा दंडगनीभीँ; और मप्रेरप्रे ंदाथ कदा खदाओ,तगो म ैं
एक छन मभ बगोहटयदाड।ँसभक दंडगनीभीँ, न ंनीं,अपनप्रे आप सभक लप्रेनदा।,गप्रेंडंदाड।ँक आटदा मप्रेरप्रे
घर मभ न ंनीं ं ैऔर य ंदाड।ँक ंनींकगोई दकदानड भनी न ंनीं ं ैकक लदा दंड।ं।ँ

मदालतनी कगो मप्रे तदा पर कक्रगो आ र ंदा थदा। बगोलदी -- तमक य ंदाड।ँक्ययों आकर पड़ र ंप्रे?

मप्रेतदा नप्रेधिचढ़दातप्रे ंकए क ंदा -- एक हदन ज़रदा इस जनीवन कदा आनंद भनी तगो
उठदाओ। दप्रे खगो,मक्कप्रे ककी रगोहटययों मभ ककतनदा स्वदाद ं ै।

'मझसप्रेम
क क्कप्रे ककी रगोहटयदाड।ँखदायनी ंनी न जदायगनीड,।ँ और ककसनी तर नगल भनी जदाऊड।ँ
तगो ज़म न ंयोंगनी। तम मंक ंदारप्रे सदाथ आकर म ैंब ंकत पछतदा र ंड।ं।ँरदास्तप्रे-भर दसौड़दा कप्रे
ंनी मदार डदालदा और अब य ंदाड।ँ लदाकर पटक हदयदा!'

मप्रेतदा नप्रेकपड़प्रेउतदार हदयप्रेथप्रेऔर कप्रेवल एक ननीलदा जदाड।ँघयदा प नप्रेब ैठप्रे ंकए थप्रे।
यवतनीक कगो मटकप्रे लप्रेजदातप्रेदप्रेखदा, तगो उसकप्रे ंदाथ सप्रेमटकप्रे छठीन सलयप्रेऔर ककएड।ँपर
पदाननी भरनप्रे चलप्रे। दशदन कप्रे ग रप्रे अध्ययनमभ भनी उन म ंयोंनप्रे अपनप्रे स्वदास्थ्य ककी रक्षदा
ककी थनी और दगोनयों मटकप्रे लप्रेकर चलतप्रे ंकए उनककी मदांसल भजदाएड।ँंकऔर चसौड़नी छदातनी
और मछलदीददार जदाड।ँघभककसनी यनदाननीड प तमदा कप्रे सगहठतक अंगयों ककी भदाड।ँत उनकप्रे
पंकषदाथदकदा पररचय दप्रे र ंनी थनीं। यवतनीक उन म ंभपदाननी खनींचतप्रे ंकए अनरदागक भरदी आड।ँखयों
सप्रे दप्रे ख र ंनी थनी। व अब उसककी दयदा कप्रे पदात न , ंनींधशदा कप्रे पदात ंगो गयप्रे थप्रे।
ककआड।ँब ंकत ग रदा थदा, कगोई सदाठ ंदाथ, मटकप्रे भदारदी थप्रे और मप्रे तदा कसरत कदा
अभ्यदास करतप्रे र नप्रे पर भनी एक मटकदा खनींचतप्रे-खनींचतप्रे सशधिथल ंगो गयप्रे।

यवतनीक नप्रेदसौड़कर उनकप्रे ंदाथ सप्रेरस्सनी छठीन लदी और बगोलदी -- तमसप्रेन


क णखंचप्रेगदा।
तमक जदाकर खदाट पर ब ैठगो, म ैंखनींचप्रेलप्रेतनी ंड।ं।ँ

मप्रेतदा अपनप्रेपंकषत्व कदा य अपमदान न स सकप्रे। रस्सनी उसकप्रे ंदाथ सप्रेककर लप्रे लदी
और ज़गोर मदारकर एक क्षण मभ दसरदाड मटकदा भनी खनींच सलयदा और दगोनयों ंदाथयों
मभ दगोनयों मटकप्रे सलए आकर झयोंपड़नी कप्रे द्वदार पर खड़प्रे ंगो गयप्रे। यवतनीक नप्रेचटपट
आग जलदायनी, लदालसर कप्रे पंख झलसक डदालप्रे। छकरप्रे सप्रेउसककी बगोहटयदाड।ँबनदायनींऔर चल मंड
ंप्रेमभआग जलदाकर मदांस चढ़दा हदयदा और चल मंड ंप्रेकप्रे दसरप्रेड ऐलप्रेपर कढ़दाई मभ दद ड
उबदालनप्रे लगनी। और मदालतनी भगौं ंभ चढ़दायप्रे,खदाट पर णखन्न-मन पड़ड़ इस तर य दकय दसख र
ड़ थड़ मयनत उसकस आपरसशन कक तैययरड़ त र ड़ त।
मप्रेतदा झगोपड़नी कप्रे द्वदार पर खड़प्रे ंगोकर,यवतनी कप्रे ग -कसौशल कगो अनरक्त नप्रेतयों सप्रे
ंक ं ृ ंक
दप्रे खतप्रे ए बगोलप्रे-- मझप्रेकभनी तगो कगोई कदाम बतदाओ, म ैंक्यदा क।ँड ?
ंक
यवतनी नप्रेमनीठठी णझड़ककी कप्रे सदाथ क ंदा -- तम म ंभकछ न ंनींकरनदा ं ै,जदाकर बदाई कप्रे
ंक ंक ंक
पदास ब ैठगो,बप्रेचदारदी ब त भखनीड ं ै। दद ड गरम आ जदातदा ं ै,उसप्रे वपलदा दप्रे नदा।
ंक ंक
उसनप्रेएक घड़प्रेसप्रेआटदा नकदालदा और गंडसंनड़लगनी। मप्रेतदा उसकप्रे अंगयों कदा ववलदास
दप्रे खतप्रेर ंप्रे। यवतनीक भनी र -र कर उन म ंभ कनणखययों सप्रे दप्रे खकर अपनदा कदाम करनप्रे
लगतनी थनी।

मदालतनी नप्रेपकदारदाक -- तमक व ंदाडक्


।ँ यदा खड़प्रे ंगो? मप्रेरप्रे ससर मभ ज़गोर कदा ददद ंगो र ंदा ं ै।
सआदा ससर ऐसदा संटदा पड़तदा ं ै,ज ैसप्रे धिगर जदायगदा।

मप्रे तदा नप्रे आकर क --ंदा मदालमड ंगोतदा ं ै,संपड लग गयनी ं ै।

'म ैं क्यदा जदानतनी ,थनीतमक मझप्रेम


क दार डदालनप्रेकप्रे सलए य ंदाड।ँलदा र ंप्रे ंगो।'

'तम मंक ंदारप्रे सदाथ कगोई दवदा भनी तगो न ंनीं ं ै?'

'क्यदा म ैं ककसनी मरदीज़ कगो दप्रे खनप्रे आ र, जगोनीथनीदवदा लप्रेकर चलतनी? मप्रेरदा एक
दवदाओं कदा बक्स ं ै,व सप्रेमरदी मभ ं ै। उफ़! ससर संटदा जदातदा' ं ै!

मप्रे तदा नप्रे उसकप्रे ससर ककी ओर ज़मनीन पर ब ैठकर-संनीरप्रे उसकदा ससर स लदानदा शकड
ककयदा। मदालतनी नप्रेआ।ँख
ड भ बन्द कर लदीं।

यवतनीक ंदाथयों मभ आटदा भरप्रे , ससर कप्रे बदाल बबखप्रेरप्रे,आड।ँखभसंएड।ँंकसप्रेलदाल और सजल,


सदारदी दप्रे पसनीनप्रे मभ ,श्जससप्रेतर उसकदाउभरदा ंकआ वक्ष सदाफ़ झलक र दा थदा, आकर
खड़नी ंगो गयनी और मदालतनी कगो आड।ँखभ बन्द ककयप्रे पड़नी दप्रे खकर-- बंगोलदीदाई कगो
क्यदा ंगो गयदा ं ै?

मप्रे तदा बगोलप्रे-- ससर मभ बड़दा ददद ं ै।

'परप्रेड ससर मभ ं ैकक सआप्रेमभ?'


'सआप्रे मभ बतलदातनी' ं ैं।

'ददाईं ओर ं ै,कक बदाईं ओर?'

'बदाईं ओर।'

'म ैं अभनी ड़दसौकप्रे एक दवदा लदातनी ंड।ं।ँघसकर लगदातप्रे ंनी अच्छदा ंगो जदायगदा।'

'तमक इस संपड मभ क ंदाड।ँजदाओगनी?'

यवतनीक नप्रेसनदाक ंनी न ंनीं। वप्रेग सप्रेएक ओर जदाकर प ंदाडड़ययों मभ छप गयनी। कगोई
सआदा घंटप्रेबदाद मप्रेतदा नप्रेउसप्रेऊ।ँ चनी
ड प ंदाड़नी पर चढ़तप्रेदप्रेखदा। दरू सप्रेबबलककल
गडड़यदाक-सनी लग र ंनी थनी। मन मभ सगोचदा-- इस जंगलदी छगोकरदी मभ सप्रेवदा कदा ककतनदा
भदाव और ककतनदा व्यदाव ंदाररक जदान ं ै। लडऔर संपड मभ आसमदान पर चढ़दी चलदी
जदा र ंनी ं ै।

मदालतनी नप्रे आड।ँखभ खगोलकर-- दप्रे खदाक।ँड गयनी व कलटदी।ंड ग़ज़ब ककी कदालदी ं ै,ज ैसप्रे आबनसड
कदा कंददाक ंगो। इसप्रेभप्रेज दगो, रदाय सदा ब सप्रे क आयप्रे,कदार य ंदाड।ँ भप्रेज दभ । इस तवपश
मभ मप्रेरदा दम नकल जदायगदा।

'कगोई दवदा लप्रेनप्रे गयनी ं ै। क तनी,उससप्रे ै सआदा-सनीसनी कदा दददब ंकत जल्द आरदाम
ंगो जदातदा ं ै!'

'इनककी दवदाएड।ँ इन म ंनीं कगो फ़दायददा करतनी,मझप्रेन


क ैं करभ गनी। तमक तगो इस छगोकरदी पर
लटड ंगो गयप्रे ंगो। ककतनप्रे छछगोरप्रे ंगो। ज ैसनी ंड व ैसप्रेफ़ररकतप्रे!'

मप्रेतदा कगो कटक सत्य क नप्रे मभ संकगोच न ंगोतदा थदा।

'ककछ बदातभ तगो उसमभ ऐसनी ं ैंकक अगर तमक मभ ंगोतनीं,तगो तमक सचमचक दप्रे वनी ंगो
जदातनीं।'
'उसककी ख़बबयदाड।ँंडउसप्रेमबदारकक, मझप्रेद
क प्रे वनी बननप्रेककी इच्छदा न ंनीं ं ै।'
'तम मंक ंदारदी इच्छदा ंगो, तगो म ैं जदाकर कदार लदाऊड।ँ,यद्यवप कदार य ंदाड।ँ आ भनी
सकप्रे,म ैंगनी न ंनीं क सकतदा।'

'उस कलटदीड कगो क्ययों न ंनींभप्रेज दप्रे तप्रे?'

'व तगो दवदा लप्रेनप्रे गयनी, ककर ै भगोजन पकदायप्रेगनी।'

'तगो आज आप उसकप्रे मप्रे मदान ं ैं। शदायद रदात कगो भनी य ंनीं र नप्रे कदा ववचदार ंगोगदा। रदात
कगो सशकदार भनी तगो अच्छदा समलतप्रे 'ं ैं।

मप्रे तदा नप्रे इस आक्षप्रेप सप्रे धिचढ़कर --क इसदा यवतनीक कप्रे प त मप्रेरप्रेमन मभ जगो पप्रेम
और शद् संदा ं ै,व ऐसनी ं ैकक अगर म ैंउसककी ओर वदासनदा सप्रेदप्रेखंडततोँ आड।ँखभसंडट
जदाय।ंड।ँमअ
ैं पनप्रेककसनी घ नष्ट समत कप्रे सलए भनी इस संपड और लडमभउस ऊड।ँचनी
प ंदाड़नी पर न जदातदा। और म कप्रे वल घड़नी-भर कप्रे मप्रे मदान, य ैंव जदानतनी ं ै।
व ककसनी ग़रदीब औरत कप्रे सलए भनी इसनी तत्परतदा सप्रेदसौड़ जदायगनी। म ैं ववक-व
बंसंत्वक और ववकव-पप्रेम पर कप्रेवल लप्रेख सलख सकतदा ंड,कप्रेवल।ँ
भदाषण दप्रे सकतदा ंड;ं।ँ
उस पप्रेम और त्यदाग कदा व्यव ंदार कर सकतनी ं ै। क नप्रे सप्रे करनदा क नीं कहठन ं ै।
इसप्रेतमक भनी जदानतनी ंगो।

मदालतनी नप्रे उप ंदास भदाव सप्रे क --ंदा बस-बस, व दप्रे वनी ं ै। म ैं मदान गयनी। उसकप्रे वक्ष
मभ उभदार, नतम्बयोंं ै मभ भदारदीपन, दप्रे वनी ै ंगोनप्रे कप्रे सलए और क्यदा चदाह ए।

मप्रेतदा तलसमलदा उठप्रे । तरं तक उठप्रे , और कपड़प्रेप नप्रेजगो सखड गयप्रेथप्रे,बंदक़ड उठदायनी
और चलनप्रेकगो त ैयदार ंकए।

मदालतनी ननभकदारु मदारदी -- तमक न ंनींजदा सकतप्रे,मझप्रेकअकप्रेलदी छगोड़कर।

'तब कसौन जदायगदा?'

'व ंनी तम मंक ंदारदी दप्रे वनी।'


मप्रेतदा तबद्ंकधधि-सप्रेखड़प्रेथप्रे। नदारदी पंकष पर ककतननी आसदाननी सप्रेववजय पदा सकतनी
ं ै,इसकदा आज उन म ंभजनीवन मभ प लदा अनभवक कआ। व दसौड़नी ंदाड।ँसंतनी चलदी आ र
ंनी थनी। व ंनी कलटदीड यवतनीक, ंदाथ मभ एक झदाड़ सलयप्रे ंकए।

समनीप जदाकर मप्रे तदा कगो क ंनीं जदानप्रे कगो त ैयदार दप्रे खकर--बगोलदीम ैंव जड़नी खगोज
लदायनी। अभनी घसकर लगदातनी ंड;लप्रेककन।ँ तमक क ंदाड।ँ जदा र ंप्रे ंगो। मदांस तगो पक
गयदा ंगोगदा, म ैंरगोहटयदाड।ँसभक दप्रे तनी ंड।ं।ँदगो-एक खदा लप्रेनदा। बदाई दद ड पनी लप्रेगनी। ठं डदा ंगो
जदाय, तगो चलप्रे जदानदा।

उसनप्रे नस्संकगोच भदाव सप्रे मप्रे तदा कप्रे अचकन ककी बटनभ खगोल ददीं। मप्रे तदा अपनप्रे ब ंकत रगोकप्रे
ंकए थप्रे। जनी ंगोतदा थदा, इस ग।ँडवदाररन कप्रे चरणयों कगो चमड लभ।

मदालतनी नप्रे क ंदा-- अपननी दवदाई र नप्रे दगो। नददी कप्रे ककनदारप्रे ,बरगद कप्रे ननीचप्रे मदारदी
मगोटरकदार खड़नी ं ै। व ंदाड।ँ और लगोग ंयोंगप्रे। उनसप्रे, कंदारनदाय ंदाड।ँलदायभ। दसौड़नी ंकई जदा।

यवतनीक नप्रेददीन नप्रेतयों सप्रेमप्रेतदा कगो दप्रे खदा। इतननी मप्रेनत सप्रेबटदीड लदायनी, उसकदा य अनदादर।
इस ग।ँडवदाररन ककी दवदा इन म ंभन ंनींज।ँ च ड नी, तगो न स ंनी, उसकदा मन रखनप्रे कगो ंनी
ज़रदा-सनी लगवदा लप्रेतनीं,तगो क्यदा ंगोतदा।

उसनप्रेबटदीड ज़मनीन पर रखकर पछदाड -- तब तक तगो चल मंड ंदा ठं डदांगो जदायगदा बदाईजनी।
ंगो तगो रगोहटयदाड।ँसभककर रख दंड।ं।ँबदाबजनीड खदानदा खदा लभ ,तमक दद ड पनी लगो और दगोनयों
जनप्रेआरदाम करगो। तब तक म ैंमगोटरवदालप्रेकगो बलदाक लदाऊड।ँगनी।

झगोपड़नी मभ गयनी,बझनीक ंकई आग ककर जलदायनी। दप्रे खदा तगो मदांस उबल गयदा थदा। ककछ
जल भनी गयदा थदा। जल्ददी-जल्ददी रगोहटयदाड।ँ सभककी,ददग
ड मदथदा, उसप्रे ठं डदा ककयदा और
एक कटगोरप्रे मभमदालतनी कप्रे पदास लदायनी। मदालतनी नप्रेकटगोरप्रे कप्रे भभ पन पर म।ँं
ड क बनदायदा;
लप्रेककन दद ड त्यदाग न सककी। मप्रेतदा झगोपड़नी कप्रे द्वदार पर ब ैठकर एक थदालदी मभ मदांस
और रगोहटयदाड।ँखदानप्रेलगप्रे। यवतनीक खड़नी पंखदा झल र ंनी थनी।

मदालतनी नप्रेयवतनीक सप्रेक ंदा -- उन म ंभखदानप्रेदप्रे। क ंनींभदागप्रेन ंनींजदातप्रे ं ैं। तडजदाकर


गदाड़नी लदा।
यवतनीक नप्रेमदालतनी ककी ओर एक बदार सवदाल ककी आड।ँखयों सप्रेदप्रेखदा ,य क्यदा चदा तनी ं ैं।
इनकदा आशय क्यदा? उसप्रे ै मदालतनी कप्रे चप्रे रप्रे पर रगोधिगययों-सनीककीनम्रतदा और
क ृतजतदा और यदाचनदा न हदखदायनी ददी। उसककी जग असभमदान और पमदाद ककी
झलक थनी।

ग।ँडवदाररन मनगोभदावयों कप्रे प चदाननप्रेमभचतरु थनी। बगोलदी -- म ैंककसनी ककी लगौंडनी न ंनीं ंडं।ँ
बदाईजनी! तमक बड़नी ंगो, अपनप्रेघर ककी बड़नी ंगो। म ैंतमसप्रेकककछ मदाड।ँगनप्रेतगो न ंनींजदातनी। म ैं
गदाड़नी लप्रेनप्रे न जदाऊड।ँ गनी।

मदालतनी नप्रे डदाड।ँटदा--अच्छदा, तनप्रेडगस्तदाख़नीक पर कमर बदाड।ँसंनी! बतदा तडककसकप्रे इलदाक़प्रे मभ


र तनी? ं ै

'य रदाय सदा ब कदा इलदाक़दा ं ै।'

'तगो तझप्रेकउन म ंनींरदाय सदा ब कप्रे ंदाथयों ंंटरयों सप्रेवपटवदाऊड।ँगनी।'

'मझप्रेकवपटवदानप्रेसप्रेतम मंक ंभसखक समलप्रेतगो वपटवदा लप्रेनदा बदाईजनी! कगोई रदाननी-म


ंदारदाननी थगोड़नी ंडकक।ँ लस्कर भप्रेजननी पड़प्रेगनी।'

मप्रे तदा नप्रे -दगोचदार कसौर नगलप्रेथप्रेकक मदालतनी ककी य बदातभ सननीं।ंक कसौर कंठ मभ
अटक गयदा। जल्ददी सप्रे ंदाथ संगोयदा और व न ंनींजदायगनी। म ैंजदा र ंदा
बगोलप्रे-- ंड।ं।ँ
मदालतनी भनी खड़नी ंगो गयनी -- उसप्रे जदानदा पड़प्रेगदा।

मप्रे तदा नप्रे अड।ँगप्रेज़नी मभ --उसककंदा अपमदान करकप्रे तमक अपनदा सम्मदान बढ़दा न ंनीं

र ंनी ंगो
मदालतनी!
मदालतनी नप्रे संटकदार बतदायनी-- ऐसनी ंनी लगौंडडयदाड।ँ मदगो कगो पसंद आतनी,श्जनमभ ं ैं

और कगोई गणक ंगो यदा ंगो, उनककी ट ल दसौड़-दसौड़कर पसन्न मन सप्रे करभ और

अपनदा भदाग्य सरदा ंभकक इस पंकष नप्रेमझसप्रेकय कदाम करनप्रेकगो तगो क ंदा। व
दप्रे ववयदाड।ँ,शश्क्तयदाड।ँं ैं, ववभ ैंंडतयदाड।ँं ैं। म ैंसमझतनी थनी, व पंकषत्व तममभ ंककम-सप्रे-
कम न ंनीं ; ं ैलप्रेककन अंदर , संभस्कदारयों भनी व ंनी बबदर
सप्रे,तमक ंगो।
मप्रे तदा मनगोववजदान कप्रे पंडडत थप्रे। मदालतनी कप्रे मनगोर स्ययों कगोझ रसमप्रे थप्रे। ईष्यदाद कदा
ऐसदा अनगोखदा उददा रण उन म ंभ कभनी न समलदा थदा। उस रमणनी , मभ जगोइतननी मदृ-ंक
स्वभदाव, इतननी उददार, इतननी पसन्नमखक थनी, ईष्यदाद ककी ऐसनी पचंड ज्वदालदा!

बगोलप्रे-- ककछ भनी क ंगो, म ैंउसप्रेन जदानप्रेदंडगदा।ं।ँ उसककी सप्रेवदाओंऔर कवपओंकदा य


परस्कदारु दप्रे कर म ैंअपननी नज़रयों मभ ननीच न ंनीं बन सकतदा।

मप्रेतदा कप्रे स्वर मभ ककछ ऐसदा तप्रेज थदा कक मदालतनी संनीरप्रे सप्रेउठठी और चलनप्रेकगो
त ैयदार ंगो गयनी। उसनप्रे जलकर क --ंदा अच्छदा, तगो म ैंंनी जदातनी ंड,त।ँमक उसकप्रे
चरणयों ककी पजदाड करकप्रे पनीछप्रे आनदा।

मदालतनी दगो-तनीन क़दम चलदी गयनी, तगो मप्रेतदा नप्रेयवतनीक सप्रेक ंदा -- अब मझप्रेआ
क जदा दगो
ब न; तम मंक ंदारदा य नप्रे, तम मंक ंदारदी नछःस्वदाथदसप्रेवदा मप्रेशदा यदाद र ंप्रेगनी। यवतनीक नप्रे
दगोनयों ंदाथयों सप्रे,सजलनप्रेत ंगोकर उन म ंभ पणदाम ककयदा और झगोपड़नी कप्रे अंदर चलदी
गयनी।

दसरदीड टगोलदी रदाय सदा ब और खन्नदा ककी थनी। रदाय सदा ब तगो अपनप्रेउसनी रप्रे शमनी ककरतप्रेऔर
रप्रे शमनी चदादर मभ थप्रे। मगर खन्नदा नप्रेसशकदारदी सटड डदाटदा थदा, जगो शदायद आज ंनी कप्रे सलए
बनवदायदा गयदा थदा;क्ययोंकक खन्नदा कगो असदासमययों कप्रे सशकदार सप्रे इतननी फ़करसत क
ंदाड।ँथनी कक जदानवरयों कदा सशकदार करतप्रे। खन्नदा हठं गनप्रे,इक रप्रे , ंडपवदान आदमनी थप्रे;गप्रे।ँकडआ
रं ग, बड़नी-बड़नी आड।ँखभ,मकपर चप्रेचक कप्रे ददाग़; बदात-चनीत मभ बड़प्रेककशल। ककछ दरू चलनप्रे कप्रे
बदाद खन्नदा नप्रे समस्टर मप्रे तदा कदा श्ज़क्र छप्रे ड़ हदयदा जगो कल सप्रे ंनी उनकप्रे मश्स्तष्क
मभ रदा ंकककी भदाडत
।ँ समदायप्रे ंकए थप्रे। बगोलप्रे-- य मप्रेतदा भनी ककछ अजनीब आदमनी ं ै। मझप्रेकतगो ककछ
बनदा ंकआ मदालमड ंगोतदा ं ै।

रदाय सदा ब मप्रे तदा ककी इज़्ज़त करतप्रे थप्रे और उन म ंभ सच्चदा और नष्कपट आदमनी
समझतप्रे थप्रे;पर खन्नदा सप्रे लप्रेन-दप्रे न कदा व्यव ंदार थदा,ककछ स्वभदाव सप्रेशदांत-वपय भनी
थप्रे,ववररगो न कर सकप्रे ।

बगोलप्रे-- म ैंतगो उन म ंभकप्रेवल मनगोरं जन ककी वस्तकसमझतदा ंड।ं।ँकभनी उनसप्रेब स


न ंनींकरतदा। और करनदा भनी चदा ंडततोँ उतननी ववद् यदा क ंदाड।ँ सप्रे लदाऊड।ँ । श्जसनप्रे जनीवन कप्रे
क्षप्रेत मभ कभनी क़दम ंनी रखदाननीं,व अगर जनीवन कप्रे ववषय मभ कगोई नयदा
ससद् संदांत अलदापतदा ं ैंतगो मझप्रेकउस पर ंडस ।ँ नी आतनी ं ै। मज़प्रेसप्रेएक ज़दार मदा वदार
संटकदारतप्रे , न ैंजगोड न जदाड।ँतदा,न कगोई धिचंतदा न बबदादा,व दशदन न बघदारभ ,तगो कसौन
बघदारप्रे ? आप नद्वंद्व र कर जनीवन कगो संपणदब
ड नदानप्रेकदा स्वप्न दप्रे खतप्रे ं ैं। ऐसप्रे
आदमनी सप्रे क्यदा ब स ककी जदाय।

'म ैंनप्रेसनदाक चररत कदा अच्छदा न ंनीं ं ै।'

'बप्रेकफ़क्रकी मभ चररत अच्छदा र ंनी क ै सप्रे सकतदा ं ै। समदाज मभ र ंगो और समदाज कप्रे
कतदव्ययों और मयदादददाओं कदा पदालन करगो तब पतदा चलप्रे!'

'मदालतनी न जदानप्रेक्यदा दप्रे खकर उन पर लटड ंकई जदातनी ं ै।'

'म ैंसमझतदा ंड,व।ँ कप्रेवल तम मंक ंभजलदा र ंनी ं ै।'

'मझप्रेकव क्यदा जलदायभगनी। बप्रेचदारदी। म ैंउन म ंभणखलसौनप्रेसप्रेज़्यदाददा न ंनींसमझतदा।'

'य तगो न क ंगो समस्टर खन्नदा, समस मदालतनी पर जदान तगो दप्रे तप्रे ंगो तम।ंक'

'ययों तगो म ैंआपकगो भनी य ंनी इलज़दाम दप्रे सकतदा ंड।'ं।ँ

'म ैंसचमचक णखलसौनदा समझतदा ंड।ं।ँआप उन म ंभप तमदा बनदायप्रे ंकए ं ैं।'

खन्नदा नप्रे ज़गोर सप्रे क़ क़ ंदा मदारदा,ंदालदाड।ँककंड।ँसनी ककी कगोई बदात न थनी!

'अगर एक लगोटदा जल चढ़दा दप्रे नप्रे सप्रे वरददान समल जदाय,तगो क्यदा बरदाक ं ै।'

अबककी रदाय सदा ब नप्रे ज़गोर सप्रे क़ क़ ंदा मदारदा,श्जसकदा कगोई पयगोजन न

थदा।

'तब आपनप्रेउस दप्रे वनी कगो समझदा ंनी न ंनीं । आप श्जतननी ंनी उसककी पजदाड
करभ गप्रे, उतनदा ंनी व आप सप्रेदरू भदागप्रेगनी। श्जतनदा ंनी दरू भदाधिगयप्रेगदा, उतनदा ंनी
आपककी ओर दसौड़प्रेगनी।'
'तब तगो उन म ंभ आपककी ओर दसौड़नदा चदाह ए थदा।'
'मप्रेरदी ओर! म ैं उस रस-सकमदाज सप्रेबबलककल बदा र ंडसमस्टर।ँ खन्नदा, सच क तदा
ंड।ं।ँमझक मभ श्जतननी बद्ंक धधि, श्जतनदा बल ं ैं व इस
इलदाक़प्रे कप्रे पबंसंनी ख़चदमभ ंगो
जदातदा ं ै। घर कप्रे
श्जतनप्रे पदाणनी,सभनी ैंअपननी-अपननी संनक मभ मस्त; कगोई उपदासनदा
मभ ,कगोई ववषय-वदासनदा मभ । कगोऊ कदा ंडमभमगन, कगोऊ कदा ंडमभमगन। और इन
सब अजगरयों कगो भक्ष्य दप्रे नदा मप्रेरदा कदाम ं ैंकतदव्य ं ै। मप्रेरप्रेब ंकत सप्रेतदाल्लक़प्रेददारु
भदाई भगोग-ववलदास करतप्रे , य ैं सब म ैंजदानतदा ंड।ं।ँमगर व लगोग घर संंडककर।ँ
तमदाशदा दप्रे खतप्रे ं ैं। क़रज़ कदा बगोझ ससर पर लददा जदा र ंदा ं ैं रगोज़ डडधिगयदाड।ँ ंगो र
ंनी
ं ैं। श्जससप्रे लप्रेतप्रे,उसप्रे ं ैंदप्रेनदा न ंनीं जदानतप्रे,चदारयों तरफ़ बदनदाम। म ैं तगो ऐसनी श्ज़ंदगनी
सप्रेमर जदानदा अच्छदा समझतदा ंड।ं।ँमदालमड न ंनीं,ककस संस्कदार सप्रे मप्रेरदी आत्मदा मभ
ज़रदा-सनी जदान बदाक़की र गयनी, जगो मझप्रेकदप्रेश और समदाज कप्रे बंसंन मभ बदाड।ँसंप्रे ंकए ं ै।
सत्यदाग -आंदगोलन छड़दा। मप्रेरप्रे सदारप्रे भदाई -शरदाबक़बदाब मभ मस्त थप्रे। म ैं अपनप्रे कगो
रगोक सकदा। जप्रेल गयदा और लदाखयों ंकपए ककी ज़प्रेरबदारदी उठदाई और अभनी तक उसकदा
तदावदान दप्रे र ंदा ंड।ं।ँमझप्रेकउसकदा पछतदावदा न ंनीं ं ै। बबलककल न ंनीं। मझप्रेक उसकदा
गवद ं ै। म ैं उस आदमनी कगो आदमनी न ंनीं समझतदा,जगोदप्रे श और समदाज ककी
भलदाई कप्रे सलए उद्यगोग न करप्रे और बसलददान न करप्रे । मझप्रेकक्यदा अच्छदा लगतदा ं ै
कक नजनीव ककसदानयों कदा रक्त चसं
ड डऔर।ँ अपनप्रेपररवदारवदालयों ककी वदासनदाओंककी
तश्प मं ृत कप्रे ससदान जटदाऊड।ँंक;मगर क।ँड क्यदा? श्जस व्यवस्थदा मभ पलदा और श्जयदा,उससप्रे
घणदा ृ ंगोनप्रेपर भनी उसकदा मगो त्यदाग न ंनींसकतदा और उसनी चरखप्रेमभरदात-हदन
पड़दा र तदा ंडकक।ँ ककसनी तर इज़्ज़त-आबड बचनी र ंप्रे,और आत्मदा ककी त्यदा न
ंगोनप्रे पदायप्रे। ऐसदा आदमनी समस मदालतनी क्यदा,ककसनी भनी समस कप्रे पनीछप्रे न ंनीं पड़
सकतदा, और पड़प्रे तगो उसकदा सवदनदाश ंनी समणझयप्रे। , ंदाड।ँथगोड़दा-सदा मनगोरं जन कर लप्रेनदा
दसरदीड बदात ं ै।

समस्टर खन्नदा भनी सदा सनी आदमनी थप्रे,संगदाम मभ आगप्रे बढ़नप्रेवदालप्रे। दगो बदार जप्रेल ंगो आयप्रे
थप्रे। ककसनी सप्रे दबनदा न जदानतप्रे थप्रे।दर खद्नप नतप्रे थप्रे और फ़म ंदांस ककी शरदाब पनीतप्रे थप्रे।
अवसर पड़नप्रे पर -बड़नी तकलदीफ़भझप्रेल सकतप्रेथप्रे। जप्रेल मभ शरदाब छकई तक न ंनीं,और ए. क्लदास
मभ र कर भनी सनी. क्लदास ककी रगोहटयदाड।ँ खदातप्रे,ंदालदाड।ँककरप्रे ,
उन म ंभ र तर कदा आरदाम समल सकतदा ;थदामगर रण-क्षप्रेत मभ जदानप्रेवदालदा रथ भनी तगो
बबनदा तप्रेल कप्रे न ंनीं चल सकतदा। उनकप्रे जनीवन मभ -सनी थगोड़नीरससकतदा लदाश्ज़मदा थनी।
बगोलप्रे-- आप संन्यदासनी बन सकतप्रे, म ैं तगो न बननीं सकतदा। म ैंतगो समझतदा ंड,ं।ँ जगो
भगोगनी न ंनीं ं ैंव संगदाम मभ भनी परप्रेड उत्सदा सप्रेन ंनींजदा सकतदा। जगो रमणनी सप्रे पप्रेम न ंनीं
कर सकतदा,उसकप्रे दप्रे श-पप्रेम मभ मझप्रेकववकवदास न ंनीं।

रदाय सदा ब मस्करदायप्रेक-- आप मझनीक पर आवदाज़भकसनप्रेलगप्रे।

'आवदाज़ न ंनीं ं ैं तत्व ककी बदात' ं ै।

'शदायद ंगो।'

'आप अपनप्रे हदल कप्रे अंदर प ैठकर दप्रे णखए तगो पतदा' चलप्रे।

'म ैंनप्रे तगो प ैठकर दप्रे खदा ं ैं और म ैं आपकगोसहदलदातदाववकवदांड,व।ँ ंदाड।ँ और चदा


ंप्रे
श्जतननी बरदाइयदाड।ँंकयों, ववषय ककी लदालसदा न ंनीं 'ं ै।

'तब मझप्रेकआपकप्रे ऊपर दयदा आतनी ं ै। आप जगो इतनप्रेदखनीक और नरदाश और


धिचं तत , इसकदा ैं एकमदात कदारण आपकदा नग ं ै। म ैं तगो य नदाटक खप्रेलकर
र ंडगदा।ँ, चदा ंनी क्ययों ंगो! व मझसप्रेकमज़दाक़ करतनी ं ैंहदखदातनी ं ैकक
ंप्रेदछःखदांतक न
मझप्रेत
क प्रेरदी परवदा न ंनीं ं ै; लप्रेककन म ैंह म्मत ंदारनप्रेवदालदा न ंनीं ंड।ं।ँमअ
ैं ब
मनष्यक
तक उसकदा समज़दाज न ंनीं समझ पदायदा। क ंदाड।ँ नशदानदा ठठीक ब ैठप्रेगदा,इसक नक चय
न कर सकदा।'
'लप्रेककन कंजनी आपकगो शदायद ंनी समलप्रे। मप्रेतदा शदायद आपसप्रेबदाज़नी मदार लप्रे

जदाय।ंड।ँ' ंक

एक ह रन कई ह र नययों कप्रे सदाथ चर र ंदा थदा,बड़प्रे सनींगयोंवदालदा,बबलकल कदालदा।


रदाय
सदा ब नप्रे नशदानदा बदाड।ँसंदा। ंक

खन्नदा नप्रे रगोकदा-- क्ययों त्यदा करतप्रे ंगो यदार? बप्रेचदारदा चर र ंदा ं ैंचरनप्रेदगो। संपड
तप्रेज़ ंगो गयनी ं ैंआइए क ंनींब ैठ जदाय।ंड।ँआप सप्रेककछ बदातभ करननी ं ैं।
रदाय सदा ब नप्रेबन्दक़ड चलदायनी; मगर ह रन भदाग गयदा।

बगोलप्रे-- एक सशकदार समलदा भनी तगो नशदानदा ख़दालदी गयदा।


'एक त्यदा सप्रे बचप्रे।'

'आपकप्रे इलदाक़प्रे मभ ऊख ?'ंगोतनी ं ै

'बड़नी कसरत सप्रे।'

'तगो ककर क्ययों न मदारप्रे शकगर समल मभ शदासमल ंगो जदाइए। ह स्सप्रे संड़ड़दाड़ बबक र ंप्रे
ं ैं। आप ज़्यदाददा न ंनीं एक ज़दार ह स्सप्रे ख़रदीद?' लभ

'ग़ज़ब ककयदा, म ैं इतनप्रे ंकपए क ंदाड।ँ सप्रे?' लदाऊड।ँ गदा

'इतनप्रेनदामनी इलदाक़प्रेददार और आपकगो ंकपययों ककी कमनी! ककछ पचदास ज़दार ंनी तगो
ंगोतप्रे ं ैं। उनमभ भनी२५अभनीफ़कीसददी ंनी दप्रे नदा 'ं ै।

'न ंनीं भदाई सदा ब,मप्रेरप्रे पदास इसक़्तव बबलककल ंकपए न ंनीं ं ैं।'

'ंकपए श्जतनप्रे चदा, ंभमझसप्रेकलदीश्जए। ब ैंक आपकदा ं ै। ंदाड।ँ,अभनी आपनप्रे अपननी


श्ज़न्दगनी इंकयगोडद न करदायनी ंगोगनी। मप्रेरदी कम्पननी मभ एक - सनीअच्छठीपदासलसनी
लदीश्जए। ससौ-दगो ससौ ंकपए तगो आप बड़नी आसदाननी सप्रे र म ंनीनप्रे दप्रे सकतप्रे ं ैं और
इकठठी रक़म समल जदायगनी -- चदालदीस-पचदास ज़दार। लड़कयों कप्रे सलए इससप्रे अच्छदा
पबन मसं आप न ंनींकर मदारदी नयमदावलदी दप्रे णखए। म पणदस
ड कदाररतदा कप्रे
सकतप्रे।
ससद् संदांत पर कदाम करतप्रे ं ैं। दफ़्तर और कमदचदाररययों कप्रे ख़चद कप्रे ससवदा नफ़प्रे क
एक पदाई भनी ककसनी ककी जप्रेब मभ न ंनीं जदातनी। आपकगो यदआकचगोगदा कक इस ननी त
सप्रे कं पननी चल क ैर सप्रेनी ं ै। और मप्रेरदी सलदा सप्रे थगोड़दा-स स्पप्रेकलप्रेशन कदा कदाम भनी
ंक
शड कर ददीश्जए। य जगो आज स ैकड़यों करगोड़प त बनप्रे ए ं ैं,सब इसनी स्पप्रेकलप्रेशन
ंक ंक ंक
सप्रे बनप्रे ं ैं।,शक्करूई , गप्रेंड,रबर।ँ ककसनी श्जंस कदा सटदा ककीश्जए। समनटयों मभ लदाखयों
कदा वदारदा-न्यदारदा ंगोतदा ं ै। कदाम ज़रदा अटपटदा ं ै। ब त सप्रेलगोग गच्चदा खदा जदातप्रे , ं ैं
ंक
लप्रेककन व , ंनीजगो ं ैं। आप , ससशक्षक्षतक और दरं दप्रेशड लगोगयों कप्रे
अनदाड़नी ज ैसप्रेअनभवनीक
सलए इससप्रे ज़्यदाददा नफ़प्रे कदा कदाम ंनी न ंनीं। बदाज़दार कदा चढ़दाव-उतदार
कगोई
आकश्स्मक घटनदा न ंनीं। इसकदा भनी ववजदान ं ै। एक बदार उसप्रे ग़सौर सप्रे दप्रे ख ,लदीश्जए
ककर क्यदा मजदाल कक संगोखदा ंगो
जदाय।'
रदाय सदा ब कं प नययों पर अववक वदास करतप्रे थप्रे,दगो-एक बदार इसकदा उन म ंभ कड़वदा
अनभवक ंगो भनी चकदाक थदा, लप्रेककन समस्टर खन्नदा कगो उन म ंयोंनप्रे अपननी आड।ँखयों सप्रे बढ़तप्रे
दप्रे खदा थदा और उनककी कदायददक्षतदा कप्रे क़दायल ंगो गयप्रे थप्रे। अभनी दस सदाल प लप्रे जगो
व्यश्क्त ब ैंक मभ क्लकद,व थदाकप्रे वल अपनप्रे अध्यवसदाय,पंकषदाथदऔर प तभदा सप्रे
र मभ पजतदाक ं ै। उसककी सलदा ककी उपप्रेक्षदा न ककी जदा सकतनी थनी। इस ववषय मभ अगर
खन्नदा उनकप्रे पथ-पदशदक ंगो जदाय,ंड।ँतगो उन म ंभब ंकत ककछ कदामयदाबनी ंगो सकतनी ं ै।
ऐसदा अवसर क्ययों छगोड़दा जदाय। तर-तर कप्रे पकनकरतप्रे र ंप्रे।

सदा एक दप्रे ंदातनी एक बड़नी-सनी टगोकरदी मभ ककछ जड़भ,ककछ पश्त्तयदाड।ँ,ककछ संल सलयप्रे
जदातदा नज़र आयदा।

खन्नदा नप्रेपछदाड -- अरप्रे , क्यदा बप्रेचतदा ?ं ै

दप्रे ंदातनी सकपकदा गयदा। डरदा,क ंनीं बप्रेगदार मभ न पकड़ जदाय।

बगोलदा -- ककछ तगो न ंनींमदासलक! य ंनी घदास-पदात

ं ै। 'क्यदा करप्रे गदा इनकदा?'

'बप्रेचंडगदा।ँ मदासलक! जड़नी-बटदीड ं ै।'

'कसौन-कसौन सनी जड़नी बटदीड ं ैंबतदा?'


दप्रे ंदातनी नप्रेअपनदा औवषदालय खगोलकर हदखलदायदा। मदामलदीड चनीज़भथनींजगो जंगल कप्रे

आदमनी उखदाड़कर लप्रे जदातप्रे ं ैं और श र मभ अत्तदारयों कप्रे-चदारदाथआनप्रेदगो मभ बप्रेच


आतप्रे ं ैं। ज ैसप्रे , मकगोयकंघनी,स दप्रे ईयदा,ककरगौंसंप्रे,संतरप्रे कप्रे बनीज, मददार कप्रे संल, करजप्रे,
ंक ंड ंड
घमचनी आहद। र-एक चनीज़ हदखदातदा थदा और रटप्रे ए शब्दयों मभ उसकप्रे गणक भनी
ंक
बयदान करतदा जदातदा थदा। य मकगोय ं ै सरकदार! तदाप , ंगोमंददाश्ग्न , ंगो तल्लदी
ंगो,
संड़कन ंगो, ंगो, खदाड।ँसनी , एकगो खगोरदाक मभ आरदाम ंगो जदातदा ं ै। य संतरप्रेड कप्रे
शडल
बनीज ं ैं ंगो, बदाई ंगो
मदासलक,गहठयदा ...।
खन्नदा नप्रेददाम पछदाड -- उसनप्रे आठ आनप्रे क ंप्रे। खन्नदा नप्रे ंकपयदाएक संभ क हदयदा
और उसप्रेपड़दाव तक रख आनप्रेकदा ंकक्म हदयदा। ग़रदीब नप्रेम।ँं
ड क-मदाड।ँगदा ददाम ंनी न ंनीं
पदायदा, उसकदा दगकनदाक पदायदा। आशनीवदाद दप्रे तदा चलदा गयदा।

रदाय सदा ब नप्रेपछदाड -- आप य घदास-पदात लप्रेकर क्यदा करभ गप्रे?

खन्नदा नप्रेमस्करदाकरु क ंदा -- इनककी अशकफ़दयदाड।ँबनदाऊड।ँगदा। म ैंककीसमयदागर


ंड।ं।ँय आपकगो शदायद न ंनींमदालम।ंड

'तगो यदार, व मंत मभ ससखदा ' दगो।

ंदाड।ँ-ंदाड।ँ,शसौक़ सप्रे। मप्रेरदी शदाधिगददी ककीश्जए। प लप्रेसवदा सप्रेर लड्डड लदाकर चढ़दाइए, तब
बतदाऊड।ँ गदा। बदात य ं ै कक मप्रेरदा- ततर कप्रे आदसमययों सप्रेसदाबक़दा पड़तदा ं ै।
कछ
ंक
ऐसप्रे लगोग भनी आतप्रे, जगो ैंजड़नी-बहटययोंंड पर जदान दप्रे तप्रे ं ैं। उनकगो इतनदा मदालमड ंगो
जदाय कक य ककसनी फ़ककीर ककी ई बटदीड ं ैंककर आपककी ख़शदामद क करभ ग, नदाक
ददी
ंक
रगड़भगप्रे,और आप व चनीज़ उन म ंभ दप्रे ,तगोदभ मप्रेशदा कप्रे सलए आपकप्रे ऋणनी ंगो
जदायगप्रे।ंड।ँ एक ंकपए मभ अगर दस-बनीस बबकओंंकपर ए सदान कदा नमददा कसदा जदा
सकप्रे, तगो क्यदा बरदाक ं ै। ज़रदा सप्रेए सदान सप्रेबड़प्रे-बड़प्रेकदाम नकल जदातप्रे ं ैं।
रदाय सदा ब नप्रेकत ल सप्रेपछदा -- मगर इन बहटययों कप्रे गण आपकगो यदाद क ैसप्रे
ंक ंड ंड ंड ंक
र ंभगप्रे?

खन्नदा नप्रे क़ क़ ंदा मदारदा-- आप भनी रदाय सदा ब! बड़प्रे मज़प्रे ककी बदातभ करतप्रे ं ैं। श्जस
बटदीड मभ जगो गणक चदा ंप्रेबतदा ददीश्जए, व आपककी सलयदाक़त पर मनक सर ं ै। सप्रेत
तगो ंकपए मभ आठ आनप्रेकवदास सप्रे ंगोतनी ं ै। आप जगो इन बड़प्रे- अफ़सरयों कगो
दप्रे खतप्रे, और ैं इन लम्बनी पंडछवदालड़ववद्वदानयों कगो, और इन रईसयों कगो, यप्रे सब
अंसंववकवदासनी ंगोतप्रे ं ैं। म ैं तगो -वनशदास मपत तकप्रे पगोफ़प्रेसर कगो जदानतदा ंड,जतोँ
कककरगौंसंप्रेकदा नदाम भनी न ंनींजदानतप्रे। इन ववद्वदानयों कदा मज़दाक़ तगो मदारप्रे स्वदामनीजनी

ख़बड उड़दातप्रे ं ैं। आपकगो तगो कभनी उनकप्रे दशदन न ंकए ंयोंगप्रे। अबककी आप आयभग, तगो
उनसप्रे समलदाऊड।ँ गदा। जब सप्रे मप्रेरप्रे बग़नीचप्रे ,मभ रदात-हदनठरप्रे लगोगयोंं ैंकदा तदाडत
।ँ दा लगदा र तदा
ं ै। मदायदा तगो उन म ंभछड भनी न ंनींगयनी। कप्रेवल एक बदार दद ड पनीतप्रे ं ैं। ऐसदा ववद्वदान
म ंदात्मदा म ैंनप्रे आज तक न ंनीं दप्रे खदा।जदानप्रे ककतनप्रे वषद;हमदालय पर तप करतप्रेर
ंप्रे। परप्रेड ससस पंकष ं ैं। आप उनसप्रेअवकय ददीक्षदा लदीश्जए। मझप्रेव
क वकवदास
ं ैंआपककी य सदारदी कहठनदाइयदाड।ँछडमंतर ंगो जदायगनी।ंड।ँ आपकगो दप्रे खतप्रे ंनी आपकदा
भतड-भववष्य सब क सनदायभग।ंक ऐसप्रेपसन्नमखक ं ैंकक दप्रे खतप्रे ंनी मन णखल उठतदा
ं ै। तदाज्जबक तगो य ं ैकक ख़द क इतनप्रेबड़प्रेम ंदात्मदा ं ैं;मगर संन्यदास और त्यदाग मंहदर
और मठ,संपददाय और पंथ,इन सबकगो ढयोंग क तप्रे , पदाखंड ैं क तप्रे, ं ैं ंडहढ़ययों कप्रे बंसंन
कगो तगोड़गो और मनष्यक बनगो, दप्रे वतदा बननप्रे कदा ख़यदाल छगोड़गो। दप्रे वतदा बनकर तमक मनष्यक
न र ंगोगप्रे।

रदाय सदा ब कप्रे मन मभ शंकदा ई। म ंदात्मदाओं मभ उन म ंभ भनी व सववकथदावदा,जगो


ंक
पभतदाक-वदालयों मभ आम तसौर पर ंगोतदा ं ै। दखनीक पदाणनी कगो आत्मधिचंतन मभ जगो शदांत
समलतनी ं ै। उसकप्रे सलए व भनी लदालदा यत र तप्रे थप्रे। जब आधिथदक कहठनदाइययों सप्रे
नरदाश ंगो जदातप्रे,मन मभ आतदा,संसदार सप्रेम।ँं
ड कमगोड़कर एकदांत मभ जदा ब ैठभऔर मगोक्ष
ककी धिचंतदा करभ । संसदार कप्रे बंसंनयों कगो व भनी ससदादारण ककी भदाडत
।ँ
मनष्ययोंंक
आत्मगोन्न त कप्रे मदागदककी बबदादाएड।ँसमझतप्रेथप्रेऔर इनसप्रेदरू ंगो जदानदा ंनी उनकप्रे
जनीवन कदा भनी आदशद थदा;लप्रेककन संन्यदास और त्यदाग कप्रे बबनदा बंसंनयों कगो तगोड़नप्रे
कदा और क्यदा उपदाय ं ै?
'लप्रेककन जब व संन्यदास कगो ढयोंग क तप्रे,तगो ं ैंख़द क क्ययों संन्यदास सलयदा ै?'

'उन म ंयोंनप्रे संन्यदास कब सलयदा ं ै सदा,वब तगो क तप्रे --ं ैंआदमनी कगो अंत तक कदाम
करतप्रे र नदा चदाह ए। ववचदार-स्वदातंत्र्य उनकप्रे उपदप्रे शयों कदा तत्व' ं ै।

'मप्रेरदी समझ मभ ककछ न ंनींआ र ंदा ं ै। ववचदार-स्वदातंत्र्य कदा आशय क्यदा ?'ं ै

'समझ मभ तगो मप्रेरप्रेककछभनी न ंनींआतदा, अबककी आइए, तगो उनसप्रे बदातभ ंयों। व पप्रेम कगो
जनीवन कदा सत्य क तप्रे ं ैं। और इसककी ऐसनी सदरं ंक व्यदाख्यदा करतप्रे ं ैंकक मन मग मसंक
ंगो जदातदा ं ै।'

'समस मदालतनी कगो उनसप्रे समलदायदा यदा न ?'ंनीं


'आप भनी हदल्लगनी करतप्रे ं ैं। मदालतनी कगो भलदा इनसप्रे क्यदा समलतदा'...।
वदाक्य परदाड न ंकआ थदा कक व सदामनप्रेझदाड़नी मभ सरसरदा ट ककी आवदाज़ सनकरु
चगौंक पड़प्रे और पदाण-रक्षदा ककी पप्रेरणदा सप्रे रदाय सदा ब कप्रे पनीछप्रे आ गयप्रे। झदाड़नी मभ सप्रे एक
तभ दआक नकलदा और मंद ग त सप्रेसदामनप्रेककी ओर चलदा।

रदाय सदा ब नप्रेबंदक़ड उठदायनी और नशदानदा बदाड।ँसंनदा चदा तप्रेथप्रेकक खन्नदा नप्रेक ंदा --
क्यदा करतप्रे ं ैं ?आपख़्वदा मख़्वदा उसप्रे छप्रे ड़ र ंप्रे ं ैं। क ंनीं लसौट? पड़प्रे तगो

'लसौट क्यदा पड़प्रेगदा,व ंनीं ढप्रे र ंगो जदायगदा।'

'तगो मझप्रेकउस टदीलप्रेपर चढ़ जदानप्रेददीश्जए। म ैंसशकदार कदा ऐसदा शसौक़कीन न ंनीं ंड।'ं।ँ

'तब क्यदा सशकदार खप्रेलनप्रे चलप्रे?' थप्रे

'शदामत और क्यदा।'

रदाय सदा ब नप्रेबंदक़ड ननीचप्रेकर लदी।

'बड़दा अच्छदा सशकदार नकल गयदा। ऐसप्रे अवसर कम समलतप्रे ' ं ैं।

'म ैं तगो अब य ंदाड।ँ न ंनीं ठ र सकतदा। ख़तरनदाक जग' ं ै।

'एककदा सशकदार तगो मदार लप्रेनप्रे ददीश्जए। ख़दालदी ंदाथ लसौटतप्रे शमद आतनी' ं ै।

'आप मझप्रेकक ृपदा करकप्रे कदार कप्रे पदास प ंकड।ँचदा ददीश्जए, ककर चदा ंप्रेतभदएक कदा
सशकदार ककीश्जए यदा चनीतप्रे कदा।'

'आप बड़प्रे डरपगोक ं ैं समस्टरन्नदाख, सच।'

'व्यथदमभ अपननी जदान ख़तरप्रे मभडदालनदा ब ंदादरदीक न ंनीं ं ै।'

'अच्छदा तगो आप ख़शनीक सप्रेलसौट सकतप्रे ं ैं।'

'अकप्रे लदा?'

'रदास्तदा बबलककल सदाफ़ ं ै।'


'जनी न ंनीं। आपकगो मप्रेरप्रे सदाथ चलनदा पड़प्रेगदा।'

रदाय सदा ब नप्रेब ंकत समझदायदा; मगर खन्नदा नप्रे एक न मदाननी। मदारप्रे भय कप्रे उनकदा चप्रे रदा
पनीलदा पड़गयदा थदा। उस वक़्त अगर झदाड़नी मभ सप्रे एक धिगल रदी भनी नकल आतनी, तगो व
चनीख़ मदारकर धिगर पड़तप्रे। बगोटदी-बगोटदी कदाड।ँप र ंनी थनी। पसनीनप्रे सप्रे तर ंगो गयप्रे थप्रे! रदाय सदा
ब कगो लदाचदार ंगोकर उनकप्रे सदाथ लसौटनदा पड़दा।

जब दगोनयों आदमनी बड़नी दरू नकल आयप्रे,तगो खन्नदा कप्रे ंगोश हठकदानप्रे आयप्रे। बगोलप्रे--
ख़तरप्रे सप्रे न ंनीं डरतदा;लप्रेककन ख़तरप्रे कप्रे म।ँं
ड कमभउगलदी
ड।ँ डदालनदा ह मदाक़त ं ै।

'अजनी जदाओ भनी। ज़रदा-सदा तभ दआक दप्रे ख सलयदा, तगो नकल गयनी।'
जदान

'म ैंसशकदार खप्रेलनदा उस ज़मदानप्रेकदा संस्कदार समझतदा ंड,जब।ँ आदमनी पशकथदा। तब


सप्रेसंस्क ृत ब ंकत आगप्रेबढ़ गयनी ं ै।'

'म ैंसमस मदालतनी सप्रेआपककी क़लई खगोलंडगदा।ं।ँ'

'म ैं अह वदाददींसदा ंगोनदा लज्जदा ककी बदात न ंनीं समझतदा।'

'अच्छदा, तगो य आपकदा अह ंंसदावदाद थदा। शदाबदाश!'

खन्नदा नप्रे गवद सप्रे क-- ंदाजनी ंदाड।ँ,य मप्रेरदा अह सदावदादं थदा। आप बद्ंक सं और
शंकर कप्रे नदाम पर गवदकरतप्रे ं ैंऔर पशकओंककी त्यदा करतप्रे ैं,लज्जदा आपकगो आननी
चदाह ए, न कक मझप्रे।ंक

ककछ दरू दगोनयों ककर चपचदापक चलतप्रेर ंप्रे। तब खन्नदा बगोलप्रे-- तगो आप कब तक
आयगप्रे।ँड? म ैंचदा तदा ंड,आप।ँ पदासलसनी कदा फ़दामद आज ंनी भर दभ और शक्कर कप्रे ह
स्सयों कदा भनी। मप्रेरप्रेपदास दगोनयों फ़दामदभनी मसौजद ड ं ैं।
रदाय सदा ब नप्रे धिचं तत स्वर मभ --क ज़रदा सगोच लप्रेनप्रे ददीश्जए।

'इसमभ सगोचनप्रे ककी ज़डरत न' ंनीं।


तनीसरदी टगोलदी समरज़दा खशकदप्रे और समस्टर तंखदा ककी थनी। समरज़दा खशकदप्रे कप्रे सलए भतड
और भववष्य सदादप्रे कदाग़ज़ ककी भदाडत
।ँ थदा। व वतदमदान मभ र तप्रेथप्रे। न भतड कदा
पछतदावदा थदा, न भववष्य ककी धिचंतदा। जगो ककछ सदामनप्रेआ जदातदा थदा, उसमभ -जदाननी
सप्रेलग जदातप्रेथप्रे। समतयों ककी मंडलदी मभ व ववनगोद कप्रे पतलप्रेकथप्रे। कगौंससल मभ उनसप्रे
ज़्यदाददा उत्सदा ंनी मभ बर कगोई न थदा। श्जस पक नकप्रे पनीछप्रे पड़ जदातप्रे,सम नस्टरयों कगो
ंकलदा दप्रे तप्रे। ककसनी कप्रे सदाथ ररयदायत करनदा न ंनीं जदानतप्रे थप्रे।-बनीचबनीचमभ परर ंदास
भनी करतप्रे जदातप्रे थप्रे। उनकप्रे सलए आज जनीवन,कलथदा कदा पतदा न ंनीं। ग़स्सप्रेवरु भनी
ऐसप्रे थप्रे कक तदाल ठयोंककर सदामनप्रेआ जदातप्रे थप्रे। नम्रतदा कप्रे सदामनप्रे दं डवत करतप्रे; थप्रे
लप्रेककन ज ंदाड।ँ ककसनी नप्रे शदान हदखदायनी और य ंदाथ संगोकर उसकप्रे पनीछप्रे पड़प्रे। न
अपनदा लप्रेनदा यदाद रखतप्रे , थप्रेनदसरयोंंड कदा दप्रे नदा। शसौक़ थदा शदायरदी कदा और शरदाब
कदा। औरत कप्रेवल मनगोरं जन ककी वस्तकथनी। ब ंकत हदन ंकए हृदय कदा हदवदालदा
नकदाल चकप्रेक थप्रे। समस्टर तंखदा ददाड।ँव-पभ च कप्रे आदमनी, ससौददाथप्रे पटदानप्रे मभ ,आमलदाक
सलझदानप्रेकमभ,अड़ंगदा लगदानप्रे , मभ बदालडसप्रेतप्रेल नकदालनप्रेमभ,गलदा दबदानप्रे मभ ,द क
झदाड़कर नकल जदानप्रे मभ बड़ड़प्रेससद्स्त। कह यप्रे रप्रे त मभ नदाव चलदा,पत्थरदभ पर
दबड उगदा दभ । तदाल्लक़प्रेददारयोंंक कगो म ंदाजनयों सप्रेक़रज़ हदलदानदा, नयनी कं प नयदाड।ँखगोलनदा,
चनदावक कप्रे अवसर पर उम्मप्रेदवदार खड़प्रेकरनदा, य ंनी उनकदा व्यवसदाय थदा। ख़दासकर
चनदावक कप्रे समय उनककी तक़ददीर चमकतनी थनी। ककसनी पगोढ़प्रे उम्मप्रेद-वदार कगो खड़दा
करतप्रे,हदलगोज़दान सप्रे उसकदा कदाम करतप्रे और दस-बनीस ज़दार बनदा लप्रेतप्रे। जब कदाड।ँगप्रेस
कदा ज़गोर थदा कदाड।ँगप्रेस कप्रे उम्मप्रेदवदारयों कप्रे स ंदायक थप्रे।पददाजबयकसदांदल कदा ज़गोर
ंकआ, तगो ह दं सभदाड ककी ओर सप्रेकदाम करनप्रेलगप्रे;मगर इस उलट-संप्रे र कप्रे समथदन कप्रे
सलए उनकप्रे पदास ऐसनी दलदीलभ थनीं कक कगोई उड।ँ गलदी न हदखदा सकतदा थदा। श र कप्रे
सभनी रईस, सभनी ंकक्कदाम, सभनी अमनीरयों सप्रे उनकदा यदारदानदा थदा। हदल मभ चदा ंप्रे लगोग
उनककी ननी त पसंद न करभ ;पर व स्वभदाव कप्रे इतनप्रेनम्र थप्रेकक कगोई म।ँं
ड कपर
ककछ न क सकतदा थदा।

समरज़दा खशकदप्रे नप्रेडमदाल सप्रेमदाथप्रेकदा पसनीनदा पयोंछकर क ंदा -- आज तगो सशकदार


खप्रेलनप्रेकप्रे लदायक़ हदन न ंनीं ं ै। आज तगो कगोई मशदायरदाक ंगोनदा चदाह ए थदा।

वककील नप्रे समथदन ककयदा-- जनी ंदाड।ँ,व य बयग़ मम। बड़ड़ ब यर र सगड़। थतड़ड़ दसर कस बयद समसटर तशखय नस
मयमलस कक बयत छसड़ड़।
'अबककी चनदावक मभ बड़प्रे-बड़प्रेगलक णखलभग। आपकप्रे सलए भनी मश्ककलक ं ै।'
समरज़दा ववरकम त मन सप्रे बगोलप्रे-- अबककी म ैंखड़दा ंनी न ंडगदा
।ं।ँ
तंखदा नप्रेपछदाड -- क्ययों? मफ़्तक ककी बकबक कसौन करप्रे । फ़दायददा ंनी क्यदा! मझप्रेकअब

इस डप्रेमदाक्रप्रे सनी मभ भश्क्न तनीं र ।ंनी ज़रदा-सदा कदाम और म ंनीनयों ककी ब ंदाड।ँ,
स।
जनतदा ककी आड।ँखयों मभ संलड झयोंकनप्रेकप्रे सलए अच्छदा स्वदाड।ँग ं ै। इससप्रेतगो क ंनींअच्छदा
ं ै कक एक गवनदर ,रचदाप्रे ंप्रेव ह ंगो, यदा अड।ँगप्रेज़,इससप्रे ब स न ंनीं। एक
दं स्तदाननीक
इंश्जन श्जस गदाड़नी कगो बड़प्रे मज़प्रे सप्रे ज़दारयों मनील खनींच लप्रे जदा सकतदा ं ैं उसप्रे दस
ज़दार आदमनी समलकर भनी उतननी तप्रेज़नी सप्रे न ंनीं खनींच सकतप्रे। म ैं तगो य सदारदा
तमदाशदा दप्रे खकर कगौंससल सप्रेबप्रेज़दार ंगो गयदा ंड।ं।ँमप्रेरदा बस चलप्रे,तगो कगौंससल मभ आग
लगदा दंड।ं।ँश्जसप्रे म डप्रेमदाक्रप्रेसनी क तप्रे ैं,व व्यव ंदार मभ -बड़प्रे व्यदापदाररययों और
ज़मनींददारयों कदा ं ैंऔर कछ न ंनीं। चनदाव मभ व ंनी बदाज़नी लप्रे जदातदा ं ैं श्जसकप्रे
रदाज्य
ंक ंक
पदास ंकपए ं ैं। ंकपए कप्रे ज़गोर सप्रेउसकप्रे सलए सभनी सवववदाएड।ँंकत ैयदार ंगो जदातनी ं ैं।
बड़प्रे-बड़प्रे पंडडत,बड़प्रे-बड़प्रे मसौलवनी,बड़प्रे-बड़प्रे सलखनप्रे और बगोलनप्रेवदालप्रे,जगोअपननी ज़बदान
और क़लम सप्रे पश्ब्लक कगो श्जस तरफ़ चदा ंभ संप्रे, सभनीरदभ सगोनप्रे कप्रे दप्रे वतदा कप्रे प ैरयों
पर मदाथदा रगड़तप्रे ं ैं। म ैंनप्रेतगोइरदाददा कर सलयदा ं ैं अब एलप्रेक्शन कप्रे पदास न
जदाऊड।ँ गदा! मप्रेरदा पगोपप्रेगंडदा अब डप्रेमदाक्रप्रे सनी कप्रे णख़लदाफ़' ंगो
गदा।
समरज़दा सदा ब नप्रेकरदान ककी आयतयों सप्रेससद् सं ककयदा कक परदानप्रेज़मदानप्रेकप्रे
ंक ंक
बदादशदा ंयों कप्रे आदशद ककतनप्रे ऊड।ँ चप्रे थप्रे। आज तगो म उसककी तरफ़ तदाक भनी न ंनीं
सकतप्रे। मदारदी आड।ँखयों मभ चकदाचगौंसं यगनी।आजदाबदादशदा कगो ख़ज़दानप्रे ककी एक कसौड़नी
भनी नजनी ख़चद मभ लदानप्रे कदा अधधिकदार न थदा। व ककतदाबभ नक़ल,कपड़प्रेकरकप्रे
सनीकर, लड़कयों कगो पढ़दाकर अपनदा गज़रु करतदा थदा। समरज़दा नप्रेआदशदम ंनीपयों ककी

एक लम्बनी सचनीड धिगनदा ददी। क ंदाड।ँतगो व पजदा कगो पदालनप्रेवदालदा बदादशदा , और क ंदाड।ँ
आजकल कप्रे मन्तनी और सम नस्टर, पदाड।ँच,छछः, सदात, आठ ज़दार मदा वदार
समलनदा चदाह ए। य लटड ं ैयदा डप्रेमदाक्तसनी!

ह रनयों कदा एक झडंंक चरतदा ंकआ नज़र आयदा। समरज़दा कप्रे मखक पर सशकदार
कदा जगोश चमक उठदा। बंदक़ड स।ँभ
ड दालदी और नशदानदा मदारदा। एक कदालदासदा ह रन-

धिगर

पड़दा। व मदारदा! इस उन्मत्त ध्व न कप्रे सदाथ समरज़दा भनी बप्रेत ंदाशदा दसौड़प्रे।
बबलककल बच्चयों ककी तर उछलतप्रे,कडदतप्रे,तदासलयदाड।ँबजदातप्रे। समनीप ंनी एक वक्ष ृ पर
एक
आदमनी लकडड़यदाड।ँ कदाट र ंदा थदा। व भनी चट-पट वक्ष ृ सप्रेउतरकर समरज़दाजनी कप्रे
सदाथ दसौड़दा। ह रन ककी गददन मभ गगोलदी लगनी, उसकप्रेथनी प ैरयों मभ कं पन ंगो र ंदा थदा
और आड।ँखभ पथरदा गयनी थनीं।

लकड़ ंदारप्रे नप्रे ह रन कगो ककणनप्रेतयों सप्रे दप्रे खकर क-- ंदाअच्छदा पठदा थदा, मन-भर सप्रे
कम न ंगोगदा। ंकककम ंगो, तगो म ैंउठदाकर प ंकड।ँचदा दंड?ं।ँ

समरज़दा ककछ बगोलप्रेन ंनीं। ह रन ककी टड।ँगनी ंकई, ददीन वप्रेदनदा सप्रे भरदी आड।ँखभ दप्रे ख र ंप्रे थ अभनी
एक समनट प लप्रे इसमभ जनीवन थदा। -ज़रदासदा पत्तदा भनी खड़कतदा, तगो कदान खड़प्रे करकप्रे
चसौकडड़यदाड।ँ भरतदाकआ नकल भदागतदा। अपनप्रेसमतयों और बदाल-बच्चयों कप्रे सदाथ ईक वर ककी
उगदाई ंकई घदास खदा र ंदा थदा; मगर अब नस्पंद पड़दा ं ै। उसककी खदाल सउप्रे ड़ लगो,उसककी
बगोहटयदाड।ँ कर डदालगो,उसकदा क़कीमदा बनदा डदालगो, उसप्रे ख़बर न ंगोगनी। उसकप्रे क्रकीड़दामय जनीवन मभ
जगो आकषदण,जगोथदाआनंद थदा,व क्यदा इस नजनीव शव मभ ं ै? ककतननी सदरं ंक गठन थनी,
ककतननी प्यदारदी आड।ँखभ,ककतननी मनगो र छवव? उसककी छलदाड।ँगभ हृदय मभ आनंद ककी तरं गभ
प ैददा,उसककीर चसौकडड़ययोंदप्रेतनीथनीं कप्रे सदाथ मदारदा मन भनी चसौकडड़यदाड।ँभरनप्रेलगतदा थदा। उसककी
स मसंडतदजनीवन-सदा

बबखप्रेरतनी चलतनी थनी,ज ैससप्रेल


ड सगंसंक बबखप्रेरतदा ं ै; लप्रेककन अब! उसप्रेखकरदप्रे ग्लदा न
ंगोतनी ं ै।

लकड़ ंदारप्रे नप्रेपछदाड -- क ंदाडप


।ँ ंगोगदा मदासलक? मझप्रेकभनी दगो-चदार प ैसप्रे दप्रे दप्रे नदा।
ंकड।ँचदानदा

समरज़दाजनी ज ैसप्रे ध्यदान सप्रे चसौक पड़प्रे। --बगोलप्रेअच्छदा उठदा लप्रे। क ंदाड।ँ चलप्रेगदा?

'ज ंदाड।ँंकककम ंगो मदासलक।'

'न ंनीं,ज ंदाड।ँ तप्रेरदी इच्छदा, व ंगोदाड।ँलप्रेजदा। म ैंतझप्रेकदप्रेतदा ंड।'ं।ँ

लकड़ ंदारप्रे नप्रेसमरज़दा ककी ओर ककतडल सप्रेदप्रेखदा। कदानयों पर ववकवदास न आयदा।

'अरप्रे न ंनीं मदासलक,ंकज़रू नप्रेससकदार ककयदा ं ैंतगो म क ैसप्रेखदा लभ।'


'न ंनीं-न ंनींमख़
ैं शनीक सप्रेक तदा ंड,त।ँमक इसप्रेलप्रेजदाओ। तम मंक ंदारदा घर य ंदाड।ँसप्रेककतननी
दरू ं ै?'
'कगोई सआदा कगोस ंगोगदा मदासलक!'

'तगो म ैंभनी तम मंक ंदारप्रे सदाथ चलंडगदा।ं।ँ दप्रे खगदांडं।ँ, तम मंक ंदारप्रे बदाल-बच्चप्रेक ैसप्रेख़शक ंगोतप्रे ं ैं।'

'ऐसप्रेतगो म ैंन लप्रेजदाऊड।ँगदा सरकदार! आप इतननी दरू सप्रेआयप्रे,इस कड़नी संपड मभ


ससकदार ककयदा, म ैं क ै सप्रे उठदा लप्रे? जदाऊड।ँ

'उठदा उठदा, दप्रे र न कर। मझप्रेकमदालमड ंगो गयदा तडभलदा आदमनी ं ै।'

लकड़ ंदारप्रे नप्रे डरतप्रे-डरतप्रे और र-र कर समरज़दाजनी कप्रे मखक ककी ओर सशंक नप्रेतयों सप्रे
दप्रे खतप्रे ंकए कक क ंनींबबगड़ न जदाय,ंडह ।ँ रन कगो उठदायदा। स सदा उसनप्रे ह रन कगो
छगोड़ हदयदा और खड़दा ंगोकर बगोलदा -- म ैं समझ गयदा मदासलक,ज़रू नप्रेइसककी लदालदी
न ंनीं ककी।

समरज़दाजनी नप्रे ंड।ँसकर क ंदा -- बस-बस, तनप्रेडख़बड समझदा। अब उठदा लप्रेऔर


घर चल।

समरज़दाजनी संमद कप्रेइतनप्रे पदाबंद न थप्रे। दस सदाल सप्रे उन म ंयोंनप्रे नमदाज़ न पढ़दी थनी। दगो म
ंनीनप्रेमभएक हदन व्रत रख लप्रेतप्रेथप्रे। बबलककल नरदा दार, नजदल;मगर लकड़ ंदारप्रे कगो इस
ख़यदाल सप्रेजगो संतगोष ंकआ थदा कक ह रन अब इन लगोगयों कप्रे सलए अखदाद् य
गयदा ं ैं उसप्रे संनीकदा न करनदा चदा तप्रे थप्रे। लकड़ ंदारप्रे नप्रे लकप्रे मन सप्रे ह रन क गरदन पर
रख सलयदा और घर ककी ओर चलदा।

तंखदा अभनी तक-तटस्थ सप्रेव ंनींपप्रेड़ कप्रे ननीचप्रेखड़प्रेथप्रे। संपड मभ ह रन कप्रे पदास जदानप्रे
कदा कष्ट क्ययों उठदातप्रे। ककछ समझ मभ न आ र ंदा थदा कक मआमलदाक क्यदा ं ै;
लप्रेककन जब लकड़ ंदारप्रे कगो उल्टदी हदशदा मभ जदातप्रे, तगोदप्रे खदाआकर समरज़दा सप्रे बगोलप्रे--
आप सउर क ंदाड।ँ जदा ंप्रेर ं ैंज़रत! क्यदा रदास्तदा भलड गयप्रे?

समरज़दा नप्रेअपररदानी भदाव सप्रेमस्करदाकरु क ंदा -- म ैंनप्रे सशकदार इस ग़रदीब आदमनी कगो
दप्रे हदयदा। अब ज़रदा इसकप्रे घर चल र ंदा ंड।ं।ँआप भनी आइए न।

तंखदा नप्रेसमरज़दा कगो ककतडल ककी दृश्ष्ट सप्रे दप्रे खदा और बगोलप्रे--आप अपनप्रे ंगोश मभ
ं ैं यदा न ंनीं।
'क न ंनींसकतदा। मकझप्रेख़द क न ंनींमदालम।ंड'

'सशकदार इसप्रे क्ययों दप्रे हदयदा?'

'इसनीसलए कक उसप्रेपदाकर इसप्रेश्जतननी ख़शनीक ंगोगनी, मझप्रेय


क दा आपकगो न ंगोगनी।'

तंखदा णखससयदाकर बगोलप्रे-- जदाइए! सगोचदा थदा, ख़बड कबदाब उड़दायभग, सगो आपनप्रे
सदारदा मज़दा ककरककरदा कर हदयदा। ख़ ैर,रदाय सदा ब और मप्रेतदा ककछ न ककछ
लदायभग ंनी। कगोई ग़म न ंनीं। म ैंइस एलप्रेक्शन कप्रे बदारप्रे मभककछ अरज़ करनदा चदा तदा
ंड।ं।ँआप
ंनीं खड़दा ंगोनदा चदा तप्रे न स, आपककी ज ैसनी मरज़नी;लप्रेककन आपकगो इसमभ क्यदा
तदाम्मलक ं ैकक जगो लगोग खड़प्रे ंगो र ंप्रे ं ैं,उनसप्रेइसककी अच्छठी क़कीमत वसलड ककी
जदाय। म ैंआपसप्रेससफ़द इतनदा चदा तदा ंडकक।ँ आप ककसनी पर यभप्रेद न खलनप्रेकदभ
आप न ंनीं खड़प्रे ंगो र ंप्रे ं ैं। ससफ़द इतननी मप्रे रबदाननी ककीश्जए मप्रेरप्रे सदाथ। ख़्वदाज जमदाल
तदाह र इसनी श र सप्रे खड़प्रे ंगो र ंप्रे ं ैं। रईसयों कप्रे वगोट सगोल यों आनप्रे उनककी
तरफ़ ं ैं , ंनीक्कदाम भनी उनकप्रे मददगदार ं ैं। ककर भनी पबसलक पर आपकदा जगो
ंक
असर ं ैं इससप्रे उनककी कगोर दब र ंनी ं ै। आप चदा ंभ तगो आपकगोसप्रे दसउन-बनीस
ज़दार ंकपए म ज़ य ज़दाह र कर दप्रे नप्रे कप्रे समल सकतप्रे ं ैं कक आप उनककी ख़दा
तर
ब ैठ जदातप्रे ं ैं...। न ंनींमझप्रेअरज़ कर लप्रेनप्रेददीश्जए। इस मआमलप्रेमभआपकगो कछ
ंक ंक ंक
न ंनीं करनदा ं ै। आप बप्रेकफ़क्र ब ैठप्रे रह ए। म ैं आपककी तरफ़ सप्रे एक मप्रे नफ़प्रे स्टगो नकदाल
दंडगदा।ं।ँ और उसनी शदाम कगो आप मझसप्रेकदस ज़दार नक़द वसलड कर लदीश्जए।

समरज़दा सदा ब नप्रे उनककी ओर ह कदारत सप्रे दप्रे खकर क-- ंदाम ैं ऐसप्रे ंकपए पर और
आप पर लदानत भप्रेजतदा ंड।ं।ँ

समस्टर तंखदा नप्रेज़रदा भनी बरदाक न ंनींमदानदा। मदाथप्रेपर बल तक न आनप्रेहदयदा।

'मझक पर आप श्जतननी लदानत चदा ंभभप्रेजभ;मगर ंकपए पर लदानत भप्रेजकर आप

अपनदा ंनी नक़सदानक कर र ंप्रे ं ैं।'

'म ैंऐसनी रक़म कगो रदाम समझतदा ंड।'ं।ँ


'आप शरदीयत कप्रे इतनप्रे पदाबन्द तगो न ंनीं' ं ैं।

'लटड ककी कमदाई कगो रदाम समझनप्रेकप्रे सलए शरदा कदा पदाबंद ंगोनप्रेककी ज़डरत न ंनीं
ं ै।'

'तगो इस मआमलप्रेम
क भ क्यदा आप अपनदा फ़ ैसलदा तब्ददील न ंनींकर सकतप्रे?'

'जनी न ंनीं।'

'अच्छठी बदात ं ैं इसप्रे जदानप्रे ददीश्जए।सनी ककबनीमदा कं पननी कप्रे डदाइरप्रे क्टर बननप्रे मभ तगो
आपकगो कगोई एतरदाज़ न ंनीं ? ं ैआपकगो कं पननी कदा एक ह स्सदा भनी न ख़रदीदनदा पड़प्रेगदा।
आप ससफ़द अपनदा नदाम दप्रे ददीश्जएगदा।'

'जनी न ंनीं,मझप्रेय
क भनी मंज़रू न ंनीं ं ै। म ैंकई कंप नययों कदा डदाइरप्रे क्टर, कई कदा
म ैनप्रेश्जंग एजभट,कईकदा चप्रेयरम ैन थदा। दसौलत मप्रेरप्रेव चमतनीपदाड।ँ थनी। म ैंजदानतदा ंड,ं।ँ
दसौलत सप्रेआरदाम और तकल्लफ़क कप्रे ककतनप्रेसदामदान जमदा ककयप्रेजदा सकतप्रे ं ैं;मगर
भनी जदानतदा ंडकक।ँ दसौलत इंसदान कगो ककतनदा ख़द-क ग़रज़ बनदा दप्रे तनी ं ैं ककतनदा ऐश-
पसंद,ककतनदा मक्कदार, ककतनदा बप्रेग़ ैरत।'

वककील सदा ब कगो ककर कगोई पस्तदाव करनप्रेकदा सदा स न ंकआ। समरज़दाजनी ककी
बद्ंकधधि और पभदाव मभ उनकदा जगो ववकसवदा थदा, व ब ंकत कम ंगो गयदा। उनकप्रे
सलए संन ंनी सब ककछ थदा और ऐसप्रेआदमनी सप्रे,जगो लक्ष्मनी कगो ठगोकर मदारतदा ंगो,
उनकदा कगोई मप्रेल न ंगो सकतदा थदा। लकड़ ंदारदा ह रन कगो कं संप्रे पर रखप्रे लपकदा
चलदा जदा
ंदा थदा। समरज़दा नप्रे भनी क़दम बढ़दायदा;पर स्थलकदायड तंखदा पनीछप्रे र गयप्रे।

उन म ंयोंनप्रेपकदारदाक -- ज़रदा सन
क ए, समरज़दाजनी, आप तगो भदागप्रे जदा र ंप्रे ं ैं।

समरज़दाजनी नप्रेबबनदा ंककप्रे ंकए जवदाब हदयदा -- व ग़रदीब बगोझ सलयप्रे इतननी तप्रेज़नी सप्रे चलदा
जदा र ंदा ं ै। म क्यदा अपनदा बदन लप्रेकर भनी उसकप्रे बरदाबर न ंनीं चल ?सकतप्रे

लकड़ ंदारप्रे नप्रेह रन कगो एक ठंडठ।ँ पर उतदारकर रख हदयदा थदा और दम लप्रेनप्रे लगदा
थदा।

समरज़दा सदा ब नप्रेआकर पछदाड -- थक गयप्रे,क्ययों?


लकड़ ंदारप्रे नप्रेसककचदातप्रे ंकए क ंदा -- ब ंकत भदारदीं ैसरकदार!

'तगो लदाओ, ककछ दरू म ैंलप्रेचलंड।'ं।ँ

लकड़ ंदारदा ंड।ँसदा। समरज़दा डनील-डसौल मभ उससप्रे क ंनीं ऊड।ँ चप्रे -तदाज़प्रेऔरमगोटप्रे थ,ककर भनी
दबलदाक-पतलदा आदमनी उनककी इस बदात पर ंड।ँसदा। समरज़दाजनी पर ज ैसप्रेचदाबकक पड़
गयदा।

'तमक ंड।ँसप्रेक्ययों? क्यदा तमक समझतप्रे ंगो, म ैं इसप्रे न ंनीं उठदा सकतदा?'

लकड़ ंदारप्रे नप्रे मदानगो क्षमदा मदाड।ँगनी--सरकदार आप लगोग बड़प्रे आदमनी ं ैं। बगोझ उठदानदा तगो
म-ज ैसप्रेमजरयोंंड ंनी कदा कदाम ं ै।

'म ैंतम मंक ंदारदा दगकनदाक जगोंड।'ं।ँ

'इससप्रे क्यदा ंगोतदा ं ै मदासलक!'

समरज़दाजनी कदा पंकषत्व अपनदा और अपमदान न स सकदा। उन म ंयोंनप्रेबढ़कर ह रन


कगो गददन पर उठदा सलयदा और चलप्रे;मगर मश्ककलक सप्रेपचदास क़दम चलप्रे
ंयोंगप्रेकक
गददन संटनप्रे लगनी;पदाड।ँव थरथरदानप्रे लगप्रे और आड।ँखयों मभ त तसलयदाड।ँ उड़नप्रे लगनीं कलप्रेजदा
मज़बतड ककयदा और एक बनीस क़दम और चलप्रे। कम्बख़्त क ंदाडर।ँ गयदा?
ज ैसप्रे इस लदाश मभ सनीसदा भर हदयदा गयदा ंगो। ज़रदा समस्टर तंखदा ककी गददन पर रख
दंड,ं।ँतगो मज़दा आयप्रे। मशक ककी तर जगो संडलप्रेचलतप्रे ं ैं,ज़रदा उसकदा मज़दा भनी दप्रे खभ; लप्रेककन
बगोझदा उतदारभ ?क ैदगोनयोंसप्रे अपनप्रे हदल मभ क, बड़नीभगप्रेजवदाड।ँमददी हदखदानप्रे चलप्रे थप्रे। पचदास क़दम
मभ चनीं बगोल गयप्रे।

लकड़ ंदारप्रे नप्रेचटककीक लदी -- क ंगो मदासलक, क ै सप्रे ं ैं। ब ल ं ैन?


रं ग-ढ ंकत कदा

समरज़दाजनी कगो बगोझ ककछ लकदा मदालमड ंगोनप्रेलगदा। बगोलप्रे-- उतननी दरू तगो लप्रे ंनी
जदाऊड।ँ,गदाश्जतननी दरू तमक लदायप्रे ंगो।

'कई हदन गददन दखप्रेगनीक मदासलक!'


'तमक क्यदा समझतप्रे ंगो, म ैंययों ंनी संडलदा ंकआ ंड!'ं।ँ

'न ंनीं मदासलक,अब तगो ऐसदा न ंनींसमझतदा। मददाक आप ं ैरदान न ंयों; व चटदान ं ैं
उस पर उतदार ददीश्जए।'

'म ैंअभनी इसप्रेइतननी ंनी दरू और लप्रेजदा सकतदा ंड।'ं।ँ

'मगर य अच्छदा तगो न ंनींलगतदा कक म ैंठदालदा चलंडऔर।ँ आप लदप्रे र ंभ।'

समरज़दा सदा ब नप्रे चटदान पर ह रन कगो उतदारकर रख हदयदा। वककील सदा ब भनी
आ प ंकड।ँचप्रे।

समरज़दा नप्रे ददानदा संभ--कदाअब आप कगो भनी ककछ दरू लप्रेचलनदा पड़प्रेगदा जनदाब!

वककील सदा ब ककी नज़रयों मभ अब समरज़दाजनी कदा कगोई म त्व न थदा।

बगोलप्रे-- मआफ़क ककीश्जए। मझप्रेकअपननी प लवदाननी कदा ददावदा न ंनीं ं ै।

'ब ंकत भदारदी न ंनीं ं ैंसच।'

'अजनी र नप्रे भनी ददीश्जए।'

'आप अगर इसप्रे ससौ क़दम लप्रे चलभ ,तगोम ैंवदाददा करतदा ंडआप।ँ मप्रेरप्रेसदामनप्रेजगो
तजवनीज़ रखभगप्रे,उसप्रेमंज़रू कर लंडगदा।ं।ँ'

'म ैं इन चकमयों मभ न ंनीं ' आतदा।

'म ैंचकमदा न ंनींदप्रेर ंदा ंड,वल्लदा।ँ । आप श्जस लकप्रे सप्रे क ंभगप्रे खड़दा ंगो जदाऊड।ँ गदा।
जब ंकक्म दभ ग, ब ैठ जदाऊड।ँ गदा। श्जस कम्पननी कदा डदाइरप्रे क्टर,मभ बर,ननीम,क कनवप्रेसर,
जगो ककछ कह एगदा, बन जदाऊड।ँ गदा। बस ससौ क़दम लप्रे चसलए। मप्रेरदी तगो ऐसप्रे ंनी
दगोस्तयों
सप्रे नभतनी ं ैंजगो मसौक़दा पड़नप्रेपर सब ककछ कर सकतप्रे ंयों।'

तंखदा कदा मन चलबकलदाक उठदा। समरज़दा अपनप्रेक़सौल कप्रे पक्कप्रे ं ैं,इसमभ कगोई संदप्रे न थदा। ह
रन ऐसदा क्यदा ब ंकत भदारदी ंगोगदा। आणख़र समरज़दा इतननी दरू लप्रे ंनी आयप्रे।
ंकत ज़्यदाददा थकप्रे तगो न ंनीं जदान पड़तप्रे;अगर इनकदार करतप्रे ं ैंतगो सनक रदा अवसर
ंदाथ सप्रेजदातदा ं ै। आणख़र ऐसदा क्यदा कगोई प ंदाड़ ं ै। ब ंकत ंगोगदा, चदार-पदाड।ँच
प।ँस
ड प्रेरदी ंगोगदा। दगो-चदार हदन गददन ंनी तगो दखप्रेगनी!ंक जप्रेब मभ ंकपए ंयों, तगो थगोड़नी-
सनी बनीमदारदी
सखक ककी वस्तक ं ै।

'ससौ क़दम ककी र ंनी।'

' ंदाड।ँ,ससौ क़दम। म ैं धिगनतदा चलंडगदा।ं।ँ'

'दप्रे णखए, नकल न जदाइएगदा।'

नकल जदानप्रेवदालप्रेपर लदानत भप्रेजतदा ंड।'ं।ँ

तंखदा नप्रेजतप्रेडकदा फ़कीतदा ककर सप्रेबदाड।ँसंदा, कगोट उतदारकर लकड़ ंदारप्रे कगो हदयदा,पतलनड ऊपर
चढ़दायदा, ंडमदाल सप्रेम।ँं ड पक योंछदा और इस तर ह रन कगो दप्रे खदा, मदानगो ओखलदी मभ ससर दप्रे नप्रे
जदा र ंप्रे ंयों। ककर ह रन कगो उठदाकर गददनपररखनप्रे ककी चप्रेष्ठदा ककी। -दगो तनीन बदार
ज़गोर लगदानप्रे पर लदाश गददन पर तगो आ गयनी;पर गददन न उठ सककी।
कमर झकक गयनी, ंदाड।ँसं उठप्रे और लदाश कगो ज़मनीन पर पटकनप्रेवदालप्रे थप्रे कक समरज़दा नप्रे उन
ंभ स ंदारदा दप्रे कर आगप्रे बढ़दायदा। तंखदा नप्रे एक डग इस तर उठदायदा ज ैसप्रे दलदल मभ पदाड।ँव रख
र ंप्रे ंयों।

समरज़दा नप्रे बढ़दावदाहदयदा -- शदाबदाश! मप्रेरप्रे शप्रेर,वदा -वदा !

तंखदा नप्रेएक डग और रखदा। मदालमड ंकआ, गददन टडटदी जदातनी ं ै।

'मदार सलयदा म ैददान! जनीतप्रे र ंगो पठप्रे !'

तंखदा दगो डग और बढ़प्रे । आड।ँखभ नकलदी पड़तनी थनीं।

'बस, एक बदार और ज़गोर मदारगो दगोस्त। ससौ क़दम ककी शतद ग़लत। पचदास क़दम ककी
ंनी र ंनी।'

वककील सदा ब कदा बरदाक ंदाल थदा। व बप्रेजदान ह रन शप्रेर ककी तर उनकगो दबगोचप्रे ंकए,
उनकदा हृदय-रकम त चसड र ंदा थदा। सदारदी शश्क्तयदाड।ँजवदाब दप्रे चककीक थनीं। कप्रेवल लगोभ,
ककसनी लगो ंप्रेककी संरन ककी तर छत कगो स।ँभ
ड दालप्रे ंकए थदा। एक सप्रेपच्चनीस ज़दार
तक ककी गगोटदी थनी। मगर अंत मभ व श तनीर भनी जवदाब दप्रे गयनी। लगोभनी ककी कमर
भनी टडट गयनी। आड।ँखयों कप्रे सदामनप्रे अड।ँसंप्रेरदा छदा गयदा। ससर मभ चक्कर आयदा और व सशकदार
गददन पर सलयप्रेपथरदीलदी ज़मनीन पर धिगर पड़प्रे। समरज़दा नप्रेतरं तक उन म ंभ उठदायदा और
अपनप्रेडमदाल सप्रे वदा करतप्रे ंकए उनककी पनीठ ठयोंककी।

'ज़गोर तगो यदार तमनप्रेकख़बड मदारदा; लप्रेककन तक़ददीर कप्रे खगोटप्रे ' ंगो।

तंखदा नप्रे ंदाड।ँसंतप्रे ंकए लंबनी सदाड।ँस खनींचकर क-- ंदाआपनप्रे तगो आज मप्रेरदी जदान ंनी लप्रे लदी
थनी। दगो मन सप्रेकम न ंगोगदा ससर।ंक

समरज़दा नप्रे ंड।ँसतप्रे ंकए क ंदा -- लप्रेककन भदाईजदान म ैंभनी तगो इतननी दरू उठदाकर
लदायदा ंनी थदा।

वककील सदा ब नप्रेख़शदामद क करननी शकड ककी -- मझप्रेकतगो आपककी फ़रमदाइश परदीड करननी थनी।
आपकगो तमदाशदा दप्रे खनदा थदा,व आपनप्रे दप्रे ख सलयदा। अब आपकगो अपनदा वदाददा परदाड
करनदा ंगोगदा।

'आपनप्रेमआक ददा कब परदाड ककयदा।'

'कगोसशश तगो जदान तगोड़कर ककी।'

'इसककी सनद न ंनीं।'

लकड़ ंदारप्रे नप्रे ककर ह रन उठदा सलयदा थदा और भदागदा चलदा जदा र ंदा थदा। व हदखदा
दप्रे नदा चदा तदा थदा कक तमक लगोगयों नप्रेकदाड।ँख-कदाड।ँखकर दस क़दम इसप्रे उठदा सलयदा,तगो
य न समझगो कक पदास ंगो गयप्रे। इस म ैददान मभ मद
ैं बदलक ंगोनप्रेपर भनी तमसप्रेकआगप्रे
ंडगदा।ं।ँ ंदाड।ँ,कदागद तमक चदा ंप्रेश्जतनदा कदालदा करगो और झठप्रेड मक़दमप्रेकचदा ंप्रेश्जतनप्रे
बनदाओ।

एक नदालदा समलदा, श्जसमभ ब ंकत थगोड़दा पदाननी थदा। नदालप्रेकप्रे उस पदार टदीलप्रेपर एक छगोटदा-सदा
पदाड।ँच-छछः घरयों कदा परवदाक थदा और कई लड़कप्रे इमलदी कप्रे पप्रेड़ कप्रे ननीचप्रे खप्रेल र ंप्रे थप्रे।
लकड़ ंदारप्रे कगो दप्रे खतप्रे ंनी सबयों नप्रेदसौड़कर उसकदा स्वदागत ककयदा और लगप्रेपछनप्रेड--
ककसनप्रेमदारदा बदाप?ंड क ै सप्रे मदारदा,क ंदाड।ँ मदारदा,क ै सप्रे गगोलदी लगनी,क ंदाड।ँ लगनी,इसनी कगो
क्ययों लगनी, और ह रनयों कगो क्ययों न लगनी?

लकड़ ंदारदा ंड-ं।ँंदाड।ँकरतदा इमलदी कप्रे ननीचप्रेप कड।ँचदा और ह रन कगो उतदार कर पदास
ककी झगोपड़नी सप्रेदगोनयों म ंदानभदावयोंंक कप्रे सलए खदाट लप्रेनप्रेदसौड़दा। उसकप्रे चदारयों लड़कयों
और
लड़ककययों नप्रे सशकदार कगो अपनप्रे चदाजद मभ लप्रे सलयदा और अन्य लड़कयों कगो भगदानप्रे ककी
चप्रेष्ठदा करनप्रे लगप्रे।

सबसप्रे छगोटप्रे बदालक नप्रे क-- ंदाय मदारदा ं ै।


उसककी बड़नी ब न नप्रे,जगो चसौद -पंद सदाल ककी थनी,मप्रे मदानयों ककी ओर दप्रे खकर छगोटप्रे

भदाई कगो डदाडट


।ँ दा-- चपक, न ंनीं ससपदाई पकड़ लप्रे जदायगदा।
समरज़दा नप्रे लड़कप्रे कगो छप्रे ड़दा--तम मंक ंदारदा न ंनीं ं ै। बदालक नप्रेह रन पर ब ैठकर
मदारदा
अपनदा क़ब्ज़दा ससद् सं कर हदयदा और बगोलदा -- बदापत
ड गो लदाए ं ैं।
ब न नप्रे ससखदायदा-- क दप्रे भ ैयदा,तम मंक ं ै।
ंदारदा
इन बच्चयों ककी मदाड।ँ बकरदी कप्रे सलए पश्त्तयदाड।ँ तगोड़ र ंनी थनी। दगो नयप्रे भलप्रे आदसमययों

कगो दप्रे खकर उसनप्रे ज़रदा-सदा नकदाल सलयदा और शमदादई कक उसककी सदाड़नी
घघटंडं।ँ
ककतननी म ैलदी,ककतननी संटदी, ककतननी ं ै। व इस वप्रेष मभ मप्रे मदानयों कप्रे सदामन
उटं गनी
क ै सप्रे जदाय?और गयप्रे बबनदा कदाम न ंनीं चलतदा। पदाननी-वदाननी दप्रे नदा ं ै। अभनी दगोप र
ंगोनप्रेमभककछ कसर थनी; लप्रेककन समरज़दा सदा ब नप्रे दगोप रदी इसनी गदाड।ँव मभ कदाटनप्रे कदा नक
चय ककयदा। गदाड।ँव कप्रे आदसमययों कगो जमदा ककयदा। शरदाब मगवदायनीड,।ँ सशकदार पकदा, समनीप
कप्रे बदाज़दार सप्रेघनी और म ैददा म।ँग
ड दायदा और सदारप्रे गदाड।ँव कगो भगोज हदयदा। छगोटप्रे -बड़प्रे स्तनी-पंकष सबयों
नप्रेददावत उड़दायनी। मदयों नप्रेख़बड शरदाब पनी और मस्त ंगोकर शदाम तक गदातप्रे र प्रे। और
समरज़दाजनी बदालकयों कप्रे सदाथ बदालक,शरदाबबययों कप्रे सदाथ शरदाबनी, बढ़योंंड कप्रे सदाथ बढ़प्रेड ,जवदानयों
कप्रे सदाथ जवदान बनप्रे ंकए थप्रे। इतननी दप्रे र मभ सदारप्रे
गदाड।ँव सप्रे उनकदा इतनदा घ नष्पररचयट ंगो गयदा थदा, मदानगो य ंनीं कप्रे नवदासनी ंयों।
लड़कप्रे तगो उनपर लदप्रे पड़तप्रे थप्रे।ई उनककीकगो संड।ँंकदनप्रेददार टगोपनी ससर पर रखप्रेलप्रेतदा
थदा, कगोई उनककी रदाइफ़ल कंसंप्रेपर रखकर अकड़तदा ंकआ चलतदा थदा, कगोई उनककी
क़लदाई ककी घड़नी खगोलकर अपननी क़लदाई पर बदाड।ँसं लप्रेतदा थदा। समरज़दा नप्रेख़द क ख़बड
दप्रे शनी
शरदाब पनी और झम-ड झमकरू जंगलदी आदसमययों कप्रे सदाथ गदातप्रेर ंप्रे। जब यप्रेलगोग
सयदादस्तड कप्रे समय य ंदाड।ँसप्रेबबददा ंकए तगो गदाड।ँव-भर कप्रे नर-नदारदी इन म ंभबड़नी दरू तक
प ंकड।ँचदानप्रेआयप्रे। कई तगो रगोतप्रेथप्रे। ऐसदा ससौभदाग्य उन ग़रदीबयों कप्रे जनीवन मभ शदायद
प लदी ंनी बदार आयदा ंगो कक ककसनी सशकदारदी नप्रे उनककी ददावत ककी ंगो। ज़डर य
कगोई रदाजदा ं ैं न ंनीं तगो इतनदा दररयदाव हदल ककसकदा ंगोतदा ं ै। इनकप्रे दशदन ककर
कदा ंप्रे कगो ंयोंगप्रे!

ककछ दरू चलनप्रेकप्रे बदाद समरज़दा नप्रेपनीछप्रे ककरकर दप्रे खदा और बगोलप्रे-- बप्रेचदारप्रे ककतनप्रे ख़शक
थप्रे। कदाश मप्रेरदी श्ज़ंदगनी मभ ऐसप्रेमसौक़प्रे रगोज़ आतप्रे। आज कदा हदन बड़दा मबदारकक थदा।

तंखदा नप्रे बप्रेकखनी कप्रे सदाथ --क आपकप्रेदा सलए मबदारकक ंगोगदा, मप्रेरप्रेसलए तगो मन ंडस
थदा। मतलब ककी कगोई बदात न ंकई। हदन-भर ज।ँडगलयों और प ंदाड़यों ककी
ख़दाक छदाननप्रे कप्रे बदाद अपनदा-सदा म।ँं
ड कसलयप्रेलसौट जदातप्रे ं ैं।

समरज़दा नप्रे नददयतदा सप्रे क-- ंदामझप्रेकआपकप्रे सदाथ मदददी न ंनीं ं ै।

दगोनयों आदमनी जब बरगद कप्रे ननीचप्रेप ंकड।ँचप्रे,तगो दगोनयों टगोसलयदाड।ँलसौट चककीक थनीं। मप्रेतदा
म।ँडंकलटकदायप्रे ंकए थप्रे। मदालतनी ववमन-सनी अलग ब ैठठी थनी,जगो नयनी बदात थनी। रदाय सदा
ब और खन्नदा दगोनयों भखप्रेडर गयप्रेथप्रेऔर ककसनी कप्रे म।ँं
ड कसप्रेबदात न नकलतनी थनी। वककील
सदा ब इससलए दखनीक थप्रेकक समरज़दा नप्रेउनकप्रे सदाथ बप्रेवफ़दाई ककी। अकप्रेलप्रे
समरज़दा सदा ब पसन्न थप्रे और व पसन्नतदा अलसौककक थनी।

***
8

जब सप्रे ंगोरदी कप्रे घर मभ गदाय आ गयनी,घर ककी ै शनी ंनी ककछ और ंगो गयनी ं ै। सं नयदा
कदा घमंड तगो उसकप्रे स।ँभ ड दाल सप्रेबदा र ंगो- ंगो जदातदा ं ै। जब दप्रे खगो गदाय ककी चचदाद। भसदाड
छज गयदा थदा। ऊख मभ थगोड़नी-सनी चरदी बगो ददी गयनी थनी। उसनी ककी ककटदी कदाटकर जदानवरयों
कगो णखलदानदा पड़तदा थदा। आड।ँखभ आकदाश ककी ओर लगनी र तनी थनीं
कब पदाननी बरसप्रे और घदास नकलप्रे। सआदा आसदाढ़ बनीतगयदा और वषदादन ंक ई। स
सदा एक हदन बदादल उठप्रे और आसदाढ़ कदा प लदा दगौंगड़दा धिगरदा। ककसदान ख़रदीफ़
बगोनप्रे कप्रे सलए ल - लप्रेकर
नकलप्रेकक रदाय सदा ब कप्रे कदारककन नप्रेक लदा भप्रेजदा, जब
तक बदाक़की न चकक जदायगनी ककसनी कगो खप्रेत मभ ल न लप्रेजदानप्रेहदयदा जदायगदा।
ककसदानयों पर ज ैसप्रे वजदापदात ंगो गयदा। और कभनी तगो इतननी कड़दाई न ंगोतनी थनी,
अबककी य क ैसदा ंकक्म। कगोई गदाडव
।ँ छगोड़कर भदागदा थगोड़दा ंनी जदातदा ं ै; अगर खप्रेतनी मभ
ल न चलप्रे,तगो ंकपए क ंदाड।ँ सप्रे आ जदायभगप्रे। नकदालभगप्रे तगो खप्रेत ड़ सस। सब स
कदारकन कप्रे पदास जदाकर रगोयप्रे। कदारकन कदा नदाम थदा पंडडत नगोखप्रेरदाम। आदमनी बरप्रे
ंक ंक ंक
न थप्रे;मगर मदासलक कदा क्म थदा। उसप्रे क ै सप्रे टदालभ। अभनी उस हदन रदाय सदा ब नप्रे
ंक
ंगोरदी सप्रे क ै सनी दयदा और समद ककी बदातभ ककी थनीं और आज आसदासमययों पर य
ज़ल्म।ंक ंगोरदी मदासलक कप्रे पदास जदानप्रेकगो त ैयदार आ; लप्रेककन ककर सगोचदा,उन म ंयोंनप्रे
ंक
कदारकन कगो एक बदार जगो क्म दप्रे हदयदा, उसप्रेक्ययों टदालनप्रेलगप्रे। व अगवदा बनकर
ंक ंक ंक
क्ययों बरदा बनप्रे। जब और कगोई कछ न ंनींबगोलतदा, तगो य ंनी आग मभ क्ययों कदप्रे । जगो
ंक ंक ंड
सब कप्रे ससर भनी झप्रेल लप्रेगदा। ककसदानयों मभ खलबलदी मचनी ई थनी। सभनी
पड़प्रेगनी,व
गदाड।ँव कप्रे म ंदाजनयों कप्रे पदास ंकपए कप्रे सलए दसौड़प्रे। ंक

गदाड।ँव मभ म।ँग
ड सदा ककी आजकल चढ़दी ई थनी। इस सदाल सन मभ उसप्रेअच्छदा
ंक
फ़दायददा आ थदा। गप्रे और।ँ अलसनी मभ भनी उसनप्रेकछ कम न ंनींकमदायदा थदा। पंडडत
ंक ंड ंक
ददातदाददीन और दलदारदीक स आइन भनी लप्रेन-दप्रे न करतनी थनीं। सबसप्रे बड़प्रे म ंदाजन थप्रे
ंक
णझंगरदीससंंक। व श र कप्रे एक बड़प्रेम ंदाजन कप्रे एजभट थप्रे। उनकप्रे ननीचप्रेकई आदमनी
और थप्रे,जगो आस-पदास कप्रे दप्रे ंदातयों मभघमड-घमकरू लप्रेन-दप्रे न करतप्रे थप्रे। इनकप्रे उपरदांत और
भनी कई छगोटप्रे -मगोटप्रे म ंदाजन थप्रे,जगो दगो आनप्रे ंकपयप्रे ब्यदाज पर बबनदा सलखदा-पढ़दी कप्रे
ंकपए दप्रे तप्रे थप्रे। गदाड।ँववदालयों- दप्रे नकगो लप्रेनकदाककछ ऐसदा शसौक़ थदा कक श्जसकप्रे पदास दस-बनीस
ंकपए जमदा ंगो जदातप्रे,व ंनी म ंदाजन बन ब ैठतदा थदा। एक समय ंगोरदी नप्रे भनी म ंदाजननी
ककी थनी। उसनी कदा य पभदाव थदा कक लगोग अभनी तक य ंनी समझतप्रे थप्रे कक ंगोरदी कप्रे
पदास दबप्रे ंकए ंकपए ं ैं। आणख़र व संन गयदा क ंदाड।ँ। ब।ँट
ड वदारप्रे मभनकलदा
ंनीं, ंगोरदी नप्रे कगोई तनीथद,व्रत, भगोज ककयदा न ंनीं;गयदा तगो क ंदाडग ।ँ यदा।
जतप्रेडजदानप्रेपर भनी उनकप्रे घठप्रे बनप्रे र तप्रे ं ैं। ककसनी नप्रे ककसनी दप्रे वतदा कगो
,ससनीदाककसनीककयदानप्रे
ककसनी कगो। ककसनी नप्रे आनदा ंकपयदा ब्यदाज दप्रे नदा स्वनीकदारककयदा , ककसनी नप्रे दगो आनदा।

ंगोरदी मभ आत्म-सम्मदान कदा सवदथदा लगोप न ंकआ थदा। श्जन लगोगयों कप्रे ंकपए उस
पर बदाक़की थप्रेउनकप्रे पदास कसौन म।ँं
ड कलप्रेकर जदाय। णझंगरदीससंक कप्रे ससवदा उसप्रेऔर कगोई

सझदा।ंड व पक्कदा कदाग़ज़ सलखदातप्रेथप्रे,नज़रदानदा अलग लप्रेतप्रे, थप्रेदस्तरदीड अलग,

स्टदाम्प ककी सलखदाई अलग। उस पर एक सदाल कदा ब्यदाज पप्रेशगनी कदाटकर ंकपयदा

दप्रे तप्रे थप्रे। पचनीस ंकपए कदा कदाग़ज़ सलखदा,तगो मश्ककलक सप्रेसत ंकपए ंदाथ लगतप्रेथप्रे;
मगर इस गदाढ़प्रे समय मभ और क्यदा ककयदा जदाय?रदाय सदा ब ककी ज़बरदस्तनी ं ै,न
ंनीं इस समय ककसनी कप्रे सदामनप्रेक्ययों ंदाथ सं ैलदानदा पड़तदा। णझंगरदीससंक ब ैठप्रे ददातनड
कर
ंप्रे थप्रे। नदाटप्रे ,मगोटप्रे , खल्वदाट, कदालप्रे,लम्बनी नदाक और बड़नी-बड़नी मछयोंवदालप्रेडआदमनी थप्रे,
बबलककल ववदषकड-ज ैसप्रे। और थप्रेभनी बड़प्रे ंड।ँसगोड़। इस गदाड।ँव कगो अपननी ससरदालक
बनदाकर मदयों सप्रेसदालप्रेयदा ससरु और औरतयों सप्रेसदालदी यदा सल ज कदा नदातदा जगोड़
सलयदा थदा।

रदास्तप्रे मभ लड़कप्रे उन म ंभ --धिचढ़दातप्रेपंडडतजनी पदाल्लगनी!

और णझंगरदीससंंक उन म ंभ चटपट आशनीवदादद--दप्रे तप्रेम मंक ंदारदी आड।ँखभसंडटप्रे, घटनदाक


टडटप्रे , समरगनी आयप्रे,घर मभ आग लग जदाए आहद।
लड़कप्रे इस आशनीवदादद सप्रे कभनी न अघदातप्रे;मगरथप्रे लप्रेन-दप्रे न मभ बड़प्रेकठगोर थप्रे। सद ड
ककी एक पदाई न छगोड़तप्रे थप्रे और वदादप्रे पर बबनदा ंकपए सलयप्रे द्वदार सप्रे न टलतप्रे थप्रे।

ंगोरदी नप्रे सलदाम करकप्रे अपननी ववपश्त्त-कथदा सनदायनी।ंक णझंगरदीससंंक


नप्रेमस्करदाकरु क ंदा -- व सब परदानदाक ंकपयदा क्यदा कर डदालदा?

'परदानप्रेकपए ंगोतप्रेठदाककर, तगो म ंदाजननी सप्रेअपनदा गलदा न छकड़दा लप्रेतदा, कक सद ड भरतप्रे


ककसनी कगो अच्छदा लगतदा ं ै।'

'गड़प्रेकपए न नकलभचदा ंप्रेसद ड ककतनदा ंनी दप्रे नदा पड़प्रे। तमक लगोगयों ककी य ंनी ननी त ं ै।
'
'क ंदाड।ँकप्रे गड़प्रेकपए बदाबस
ड दा ब, खदानप्रे कगो तगो ंगोतदा न ंनीं। लड़कदा जवदान ंगो गयदा;
ब्यदा कदा क ंनीं हठकदानदा न ंनीं। बड़नी लड़ककी भनी ब्यदा नप्रे जगोग ंगो गयनी। ंकपए , ंगोतप्रे
तगो ककस हदन कप्रे सलए गदाड़ रखतप्रे।'

णझंगरदीससंंक नप्रेजब सप्रेउसकप्रे द्वदार पर गदाय दप्रे खनी थनी, उस पर ददाड।ँत लगदायप्रे ंकए
गदाय कदा डनील-डसौल और गठन क र ंदा थदा कक उसमभ पदाड।ँच सप्रेर सप्रेकम दद ड न ंनीं
ं ै। मन मभ सगोच सलयदा, थदागोरदी कगो ककसनी अरदब मभ डदालकर गदाय कगो उड़दा लप्रेनदा
चदाह ए। आज व अवसर आ गयदा। बगोलप्रे-- अच्छदा भदाई, तम मंक ंदारप्रे पदास ककछ न ंनीं
ं ै,अब रदाज़नी ंकए। श्जतनप्रेकपए चदा ंगो, लप्रेजदाओ लप्रेककन तम मंक ंदारप्रे भलप्रेकप्रे सलए क तप्रे
ं ैं,ककछ ग नप्रे-गदाठप्रे , ंयोंतगो धिगरगो रखकर ंकपए लप्रे लगो। इसटदाम सलखगोगप्रे,तगो सद ड
बढ़प्रे गदा और झमप्रेलप्रे मभ पड़ जदाओगप्रे।

ंगोरदी नप्रेक़सम खदाई कक घर मभ ग नप्रेकप्रे नदाम कच्चदा सतड भनी न ंनीं ं ै। सं नयदा
कप्रे ंदाथयों मभ कड़प्रे,व ं ैंभनी धिगलट कप्रे ।

णझंगरदीससंंक नप्रेस ंदानभत कड कदा रं ग म।ँं ड कपर पगोतकर क ंदा -- तगो एक बदात करगो, य
नई गदाय जगो लदायप्रे , ंगोइसप्रे मदारप्रे ंदाथ बप्रेच दगो। सद ड इसटदाम सब झगड़यों सप्रेबच जदाओ;
चदार आदमनी जगो ददाम क ंभ,व मसप्रे लप्रे लगो। म जदानतप्रे,तमउ
क ैं सप्रेअपनप्रे शसौक़ सप्रे लदायप्रे ंगो
और बप्रेचनदा न ंनीं ;चदालप्रेककनतप्रे य संकट तगो टदालनदा ंनी पड़प्रेगदा।

ंगोरदी प लप्रे तगो इसपस्तदाव पर ंड।ँसदा, उस पर शदांत मनसप्रे ववचदार भनी न करनदा
चदा तदा थदा; लप्रेककन ठदाककर नप्रेऊ।ँ च-ननीच
ड सझदायदाक, म ंदाजननी कप्रे थकं डयों कदा ऐसदा
भनीषण ंडप हदखदायदा कक उसकप्रे मन मभ भनी य बदात ब ैठ गयनी। ठदाककर ठठीक ंनी तगो
तप्रे , जब ैं ंदाथ मभ ंकपए आ जदाय,ंड।ँगदाय लप्रे लप्रेनदा। तनीस ंकपए कदा कदागद सलखनप्रे पर क
ंनीं पचनीस ंकपए समलभगप्रे और तनीन चदार सदाल तक न हदयप्रे ,तगो गयप्रेपरूससौ ंगो जदायगप्रे।ंड।ँ
प लप्रेकदा अनभवक य ंनी बतदा र ंदा थदा कक क़रज़ व मप्रेमदान ं ै, जगो एक बदार आकर
जदानप्रे कदा नदाम न ंनीं लप्रेतदा। बगोलदा--म ैं घर जदाकर सबसप्रे सलदा कर लंड,ं।ँतगो बतदाऊड।ँ ।

'सलदा न ंनीं करनदा , ं ैउनसप्रे क दप्रे नदा ं ै कक ंकपएसउदार लप्रेनप्रे मभ अपननी बबदादददी कप्रे ससवदा
और ककछ न ंनीं।'

'म ैंसमझ र ंदा ंडठदाक।ँंकर, अभनी आकप्रे जवदाब दप्रे तदांड।ं।ँ'


लप्रेककन घर आकर उसनप्रेज्ययों ंनी व पस्तदाव ककयदा कक कक रदाम मच गयदा। सं
नयदा तगो कम धिचल्लदाई, दगोनयों लड़ककययों नप्रेतगो द ंकनयदा ससर पर उठदा लदी। न
ंनींदप्रेतप्रेअपननी गदाय, ंकपए ज ंदाड।ँसप्रे चदा ंगो लदाओ। सगोनदा नप्रे तगो य दाड।ँ तक क ,
डदालदाइससप्रे तगो क ंनीं अच्छदा ं ै,मझप्रेब
क प्रेच डदालगो। गदाय सप्रेककछ बप्रेसनी ंनी समल जदायगदा,
दगोनयों लड़ककयदाड।ँ सचमचक गदाय पर जदान दप्रे तनी थनीं। ंडपदा तगो उसकप्रे गलप्रेसप्रेसलपट जदातनी
थनी और बबनदा उसप्रेणखलदायप्रेकसौर म।ँं
ड म
क भ न डदालतनी थनी। गदाय ककतनप्रेप्यदार सप्रेउसकदा ंदाथ
चदाटतनी थनी, ककतननी स्नप्रे भरदी आड।ँखयों सप्रे उसप्रे दप्रे खतनी थनी। उसकदा बछड़दा ककतनदा
सन्दरु ंगोगदा। अभनी सप्रेउसकदा नदाम-करण ंगो गयदा थदा -- मटड। व उसप्रे अपनप्रे
सदाथ लप्रेकर सगोयप्रेगनी। इस गदाय कप्रे पनीछप्रे दगोनयों ब नयों मभ कई बदार लड़दाइयदाड।ँंगो चककीक
थनीं। सगोनदा क तनी,मझप्रेकज़्यदाददा चदा तनी ं ै,ंडपदा क तनी, इसकदा नणदय अभनी
मझप्रे।ंक
तक न ंगो सकदा थदा। और दगोनयों ददावप्रे क़दायम थप्रे। मगर ंगोरदी नप्रे आगदा-
पनीछदा
सझदाकरु आणख़र सं नयदा कगो ककसनी रदाज़नी कर सलयदा। एक समत सप्रेगदाय
तर
सउदार लप्रेकर बप्रेच दप्रे नदा भनी ब त ंनी व ैसनी बदात ं ै; लप्रेककन बबपत मभ तगो आदमनी कदा
ंक
संरम तक चलदा जदातदा ं ै, य कसौन-सनी बड़नी बदात ं ै। ऐसदा न , ंगोतगो लगोग बबपत
सप्रे
इतनदा डरभ क्ययों। गगोबर नप्रेभनी ववशप्रेष आपश्त्त न ककी। व आजकल दसरदीड ंनी
संनक
मभ मस्त थदा। य त ैककयदा गयदा कक जब दगोनयों लड़ककयदाड।ँरदात कगो सगो जदाय,ंडत
।ँ गो
गदाय कप्रे पदास प ंड।ँचदा ददी जदाय।
णझंगरदीससंंक
ंक
हदन ककसनी तर कट गयदा। सदाड।ँझ ई। दगोनयों लड़ककयदाड।ँआठ बजतप्रे-बजतप्रे खदा-पनीकर
ंक
सगो गयनीं। गगोबर इस ककण दृकय सप्रे भदागकर क ंनीं चलदा गयदा थदा। व गदाय कगो
जदातप्रे क ै सप्रे दप्रे ख सकप्रे?अपनप्रेगदाआड।ँसओंंककगो क ैसप्रेरगोक सकप्रेगदा? ंगोरदी भनी ंनी सप्रे
ऊपर
कठगोर बनदाआ थदा। मन उसकदा चंचल थदा। ऐसदा कगोई मदाई कदा लदाल न ंनीं,जगो
ंक
इस वक़्त उसप्रे पचनीस ंकपए सउदार दप्रे -,चदा ंप्रे ककर पचदास ंकपए ंनी लप्रे-लप्रे। गदाय

कप्रे सदामनप्रेजदाकर खड़दा आ तगो उसप्रेऐसदा जदान पड़दा कक उसककी कदालदी-कदालदी सजनीव
ंक
आड।ँखयों मभ आस।ँभ
ड रप्रे ए ं ैंऔर व क र ंनी ं ै-- क्यदा चदार हदन मभ ंनी तम मंक
ंदारदा
ंक
मन मझसप्रेकभर गयदा? तमनप्रेकतगो वचन हदयदा थदा कक जनीतप्रे-जनी इसप्रेन बप्रेचंडगदा।ं।ँ य
ंनी वचन थदा तम मंक ंदारदा! म ैंनप्रेतगो तमसप्रेककभनी ककसनी बदात कदा धिगलदा न ंनीं
ककयदा। जगो ककछ ंडखदा-सखदाड तमनप्रेकहदयदा, व ंनी खदाकर सन्तष्टक ंगो गयनी। बगोलगो।

नयदा नप्रे क ंदा-- लड़ककयदाड।ँ तगो सगो गयनीं। अब इसप्रे लप्रे क्ययों न ंनीं जदातप्रे। जब बप्रेचनदा
ंनी , ं ैतगो अभनी बप्रेच दगो।
ंगोरदी नप्रेकदाड।ँपतप्रे ंकए स्वर मभ क ंदा -- मप्रेरदा तगो ंदाथ न ंनींउठतदा सं नयदा! उसकदा
म।ँडंक न ंनीं दप्रे खतनी?र नप्रे दगो,ंकपए सद ड पर लप्रेलंडगदा।ं।ँ भगवदान णनप्रेचदा ंदा तगो सब
अददा ंगो जदायगप्रे।ंड।ँ तनीन-चदार ससौ ंगोतप्रे ंनी क्यदा ं ैं। एक बदार ऊख लग जदाय।

नयदा नप्रे गवद-भरप्रे पप्रेम सप्रे उसककी ओर दप्रे खदा--और क्यदा! इतननी तपस्यदा कप्रे बदाद तगो
घर मभ गऊ आयनी। उसप्रे भनी बप्रेच दगो। लप्रे लगो कल ंक पए। ज ैसप्रेब चऔरकदायप्रे कस
जदायगप्रे।ँडव ैसप्रेइसप्रेभनी चकदाक दभ ग।

भनीतर बड़नी उमस ंगो र ंनी थनी। वदा बंद थनी। एक पत्तनी न ह लतनी थनी। बदादल छदायप्रे
ंकए थप्रे;पर वषदाद कप्रे लक्षण न थप्रे। ंगोरदी नप्रे गदाय कगो बदा र बदाड।ँस हदयदा।

सं नयदा नप्रे टगोकदा भनी,क ंदाड।ँ सलयप्रे जदातप्रे?पर ंगो ंगोरदी नप्रेसनदाक न ंनीं,बगोलदा -- बदा र
वदा मभ संप्रेबदाड।ँदप्रेतदा ंड।ं।ँआरदाम सप्रेर ंप्रेगनी। उसकप्रे भनी तगो जदान ं ै।

गदाय बदाड।ँसंकर व अपनप्रेम।ँझ


ड लप्रेभदाई शगोभदा कगो दप्रे खनप्रेगयदा। शगोभदा कगो सइर कई
ंनीनप्रे सप्रे दमप्रे कदा आरजदा ंगो गयदा थदा। -दवदाड ककी जगतक न ंनीं। खदानप्रे-पनीनप्रे कदा पबंसं न ,
ंनींऔर कदाम करनदा पड़तदा थदा जनी तगोड़कर; इससलए उसककी दशदा हदन-हदन बबगड़तनी
जदातनी थनी। शगोभदा स नशनील आदमनी थदा, लड़दाई-झगड़प्रे सप्रे कगोसयों भदागनप्रेवदालदा। ककसनी सप्रे
मतलब न ंनीं। अपनप्रे कदाम सप्रे कदाम। ंगोरदी उसप्रे चदा तदा थदा। और व भनी ंगोरदी कदा अदब
करतदा थदा। दगोनयों मभ ंकपए-प ैसप्रे ककी बदातभ ंगोनप्रे लगनीं। रदाय सदा ब कदा य नयदा फ़रमदान
आलगोचनदाओंकदा कप्रेन्द बनदा ंकआ थदा। कगोई ग्यदार बजतप्रे-बजतप्रे ंगोरदी लसौटदा और भनीतर जदा
र ंदा थदा कक उसप्रेभदास ंकआ, ज ैसप्रे गदाय कप्रे पदास कगोई आदमनी खड़दा ं ै।

पछदाड -- कसौन खड़दा ं ै व ?ंदाड।ँ

ंनीरदा बगोलदा -- म ैंंडददाददा।ँ, तम मंक ंदारप्रे कसौड़प्रेमभआग लप्रेनप्रेआयदा थदा।

ंनीरदा उसकप्रे कसौड़प्रे मभ आग लप्रेनप्रे , आयदाइसज़रदा ै-सनी बदात मभ ंगोरदी कगो भदाई ककी आत्मनीयतदा
कदा पररचय समलदा। गदाडव ।ँ मभ और भनी तगो कसौड़प्रे ं ैं। क ंनीं सप्रे आग सम सकतनी थनी। ंनीरदा
उसकप्रे कसौड़प्रे मभ आग लप्रे, तगोर ंदा अपनदा ै ंनी समझकर तगो। सदारदा गदाडव
।ँ इस कसौड़प्रे मभ आग
लप्रेनप्रे आतदा थदा। गदाड।ँव सप्रे सबसप्रे संपन्न;मगरय ंनी कसौड़दा
ंनीरदा कदा आनदा दसरदीड बदात थनी। और उस हदन ककी लड़दाई कप्रे बदाद! ंनीरदा कप्रे मन मभ
कपट न ंनींर तदा। ग़स्स ैलक ं ै; लप्रेककन हदल कदा सदाफ़।

उसनप्रेस्नप्रे भरप्रे स्वर मभ पछदाड -- तमदाखड ं ैकक लदा दंड?ं।ँ

'न ंनीं,तमदाखडतगो ं ैददाददा!

'सगोभदा तगो आज ब ंकत बप्रेदाल ं ै।'

'कगोई दवदाई न ंनीं खदातदा,तगो क्यदा ककयदा जदाय। उसकप्रे लप्रेखप्रे तगो सदारप्रे ,डदाक्टरब ैद,
ककीम अनदाड़नी ं ैं। भगवदान णकप्रे पदास श्जतननी अक्कल थनी, व उसकप्रे और उसककी
घरवदालदी कप्रे ह स्सप्रे पड़ गयनी।'

ंगोरदी नप्रे धिचन्तदा सप्रे क --ंदा य ंनी तगो बरदाईक ं ैउसमभ । अपनप्रेसदामनप्रेककसनी कगो
धिगनतदा ंनी न ंनीं। और धिचढ़नप्रेतगो बबमदारदी मभ सभनी ंगो जदातप्रे ं ैं। तम मंक ंभयदाद
ं ैकक
ंनीं,जब तम मंक ंभ इकफ़ंजदा ंगो गयदा थदा, तगो दवदाई उठदाकर संभ क दप्रे तप्रेथप्रे। म ैंतम मंक
ंदारप्रे दगोनयों ंदाथ पकड़तदा थदा, तब तम मंक ंदारदी भदाभनी तम मंक ंदारप्रे म।ँं
ड कमभदवदाई डदालतनी
थनीं। उस पर तमक उसप्रे ज़दारयों गदासलयदाड।ँदप्रेतप्रेथप्रे।

ंदाड।ँ ददाददा,भलदा व बदात भलड सकतदा ंड।ं।ँतमनप्रेइ क तनदा न ककयदा गोतदा, तगो तमसप्रेक
लड़नप्रे कप्रे सलए क ै सप्रे बचदा र ' तदा।ंगोरदी कगो ऐसदा आ कक ंनीरदा कदा
मदालमड स्वर
भदारदी ंगो गयदा ं ै। उसकदा गलदा भनी भर आयदा। ंक

'बप्रेटदा,लड़दाई-झगड़दा तगो श्ज़ंदगनी कदा संरम ं ै। इससप्रे जगो अपनप्रे,व परदायप्रे ैं थगोड़प्रे
ंनी
जदातप्रे ं ैं। जब घर मभ चदार आदमनी ,रतभनीतप्रे तगो ैंलड़दाई-झगड़प्रे भनी ंगोतप्रे ं ैं। श्जसकप्रे
कगोई ं ै ंनी न, उसकप्रेनीं कसौन लड़दाई करप्रे गदा।'

दगोनयों नप्रे सदाथधिचलम पनी। तब ंनीरदा अपनप्रे घर गयदा, ंगोरदी अंदर भगोजन करनप्रे
चलदा।

नयदा रगोष सप्रे बगोलदी-- दप्रे खनी अपनप्रेसपतड ककी लदीलदा? इतननी रदात ंगो गयनी और अभनी
उसप्रेअपनप्रेस ैल सप्रेछकटदी न ंनींसमलदी। म ैंसब जदानतनी ंड।ं।ँमझकगोक सदारदा पतदा
समल ं ै। भगोलदा ककी व रदाड।ँड़ लड़ककी न , ंनींझकनयदा!ं ै उसनी कप्रे संप्रेर मभ पड़दा
गयदा
र तदा ं ै।

ंगोरदी कप्रे कदानयों मभ भनी इस बदात ककी भनक पड़नी, परथनी उसप्रे ववकवदास न आयदा
थदा। गगोबर बप्रेचदारदा इन बदातयों कगो क्यदा जदानप्रे। बगोलदा-- ककसनप्रेक ंदा तमसप्रेक?

सं नयदा पचंड ंगो गयनी-- तमसप्रेक छपनी ंगोगनी, और तगो सभनी जग चचदाद चल र ंनी
ं ै। य भग्गदाक, व ब त्तर घदाट कदा पदाननी वपयप्रे ंकए। इसप्रेउगसलययों
ड।ँ पर नचदा र ंनी
ं ै,और य समझतदा ं ै,व इस पर जदान दप्रे तनी ं ै। तमक उसप्रेसमझदा दगो न ंनींकगोई
ऐसनी-व ैसनी बदात ंगो गयनी,तगो क ंनीं कप्रे न र ंगोगप्रे।

ंगोरदी कदा हदल उमंग पर थदा। चकल ककी सझनीड -- झकनयदा दप्रे खनप्रे-सननप्रेकमभतगो बरदीक
न ंनीं ं ै। उसनी सप्रे कर लप्रे सगदाई। ऐसनी सस्तनी मप्रेऔररयदाक ंदाड।ँ समलदी जदातनी ं ै।

नयदा कगो य चल क तनीर-सदा लगदा -- झन क यदा इस घर मभ आयप्रे,तगो म।ँंड कझलसक दंडं।ँ रदाड।ँड़
कदा। गगोबर ककी च ंप्रेतनी,तगो ं ैउसप्रे लप्रेकर ज ंदाड।ँ चदा ंप्रे र ंप्रे।

'और जगो गगोबर इसनी घर मभ लदायप्रे?'

'तगो य दगोनयों लड़ककयदाड।ँ ककसकप्रे गलप्रे बदाड।ँसंगोगप्रे?कररदादरदी मभतम मंक ंभकसौन पछप्रे गदाड,
कगोई द्वदार पर खड़दा तक तगो ंगोगदा न ंनीं।'

'उसप्रे इसककी क्यदा परवदा '।

'इस तर न ंनींछगोड़ड।ँगनी लदालदा कगो। मर-मर कप्रे पदालदा ं ैऔर झन


क यदा आकर रदाज
करप्रे गनी। म।ँं
ड कमभआग लगदा दंडगनीभीँ रदाडड़
।ँ कप्रे।'

स सदा गगोबर आकर घबड़दाई ंकई आवदाज़ मभ बगोलदा -- ददाददा, सदररयदांंक कगो ंगो
क्यदा
गयदा? क्यदा कदालप्रे नदागनप्रेछड सलयदा? व तगो पड़नी तड़प र ंनी ं ै।

ंगोरदी चसौकप्रे मभ जदा चकदाक थदा। थदालदी सदामनप्रेछगोड़कर बदा र नकल आयदा और बगोलदा
-- क्यदा असगनक म।ँं
ड स
क प्रे नकदालतप्रे ंगो। अभनी तगो म ैंदप्रेखप्रेआ र दा ंड।ं।ँलप्रेटदी थनी।
तनीनयों बदा र गयप्रे। धिचरदाग़ लप्रेकर दप्रे खदा। सदररयदांंक कप्रे म।ँं
ड स
क प्रेककचककर नकल र ंदा
थदा। आड।ँखभ पथरदागयनी थनीं,पप्रेट संडल गयदा थदा और चदारयों पदाड।ँव सं ैल गयप्रेथप्रे। सं नयदा
ससर पनीटनप्रेलगनी। ंगोरदी पंडडत ददातदाददीन कप्रे पदास दसौड़दा। गदाड।ँव मभ पशक-धिचककत्सक
कप्रे
ंनी आचदायदथप्रे। पंडडतजनी सगोनप्रेजदा र ंप्रेथप्रे। दसौड़प्रे ंकए आयप्रे। दम-कप्रे-दम मभ सदारदा गदाडव
।ँ
जमदा ंगो गयदा। गदाय कगो ककसनी नप्रेककछ णखलदा हदयदा। लक्षण स्पष म ट थप्रे। सदाफ़
ववष हदयदा गयदा ं ै; लप्रेककन गदाडव
।ँ मभ कसौन ऐसदा मद्ंकदई ं ै,श्जसनप्रे ववष हदयदा ; ंगो
ऐसनी वदारददात तगो इस गदाड।ँव मभ कभनी ंकई न ंनीं;लप्रेककन बदा र कदा कसौन आदमनी गदाड।ँव
मभ आयदा। ंगोरदी ककी ककसनी सप्रेदकमननीक भनी न थनी कक उस पर संदप्रे ककयदा जदाय। ंनीरदा
सप्रेककछ क ंदा-सननीक ंकई थनी; मगर व भदाई-भदाई कदा झगड़दा थदा। सबसप्रे जयदाददा
दखनीक तगो ंनीरदा ंनी थदा।ंदा थदा कक श्जसनप्रेय त्यदारयों कदा कदाम
संमककयदाड।ँदप्रेर
ककयदा ं ै,उसप्रेपदाय तगो ख़नड पनी जदाय। व लदाख ग़स्स ैलक ंगो; पर इतनदा ननीच कदाम
न ंनीं कर सकतदा।
सआनी रदात तक जमघट र ंदा। सभनी ंगोरदी कप्रे दछःखक मभ दखनीक थप्रेऔर बधधिक कगो

गदासलयदाड।ँ दप्रे तप्रेव थप्रे।इस समय पकड़दा जदा सकतदा, तगो उसकप्रे पदाणयों ककी कशल न
ंक
थनी। जब य ंदाल ं ै तगो कगोई जदानवरयों कगो बदा र क ै सप्रे बदाड।ँसंप्रेगदा। अभनी -तक रदात
बबरदात सभनी जदानवर बदा र पड़प्रे र तप्रे थप्रे। ककसनी तर ककी धिचंतदा ;नलप्रेककनथनी अब
तगो एक नयनी ववपश्त्त आ खड़नी ई थनी। क्यदा गदाय थनी कक बस दप्रे खतदा र ंप्रे। पजनप्रेड
ंक
जगोग। पदाड।ँच सप्रेर सप्रेदद ड कम न थदा। ससौ-ससौ कदा एक-एक बदाछदा ंगोतदा। आतप्रे दप्रे र न
ई और य वजदा धिगर पड़दा।
ंक
जब सब लगोग अपनप्रे-अपनप्रे घर चलप्रे गयप्रे,तगो सं नयदा ंगोरदी कगो कगोसनप्रे लगनी--
तम मंक ंभकगोई लदाख समझदायप्रे,करगोगप्रेअपनप्रेमन ककी। तमक गदाय खगोलकर आड।ँगन सप्रे
चलप्रे,तब तक म ैंजझतनीड र ंनी कक बदा र न लप्रेजदाओ। मदारप्रे हदन पतलप्रे, न ैंजदानप्रे
कब क्यदा ंगो जदाय; लप्रेककन न , ंनींउसप्रेगमनी लग र ं ै। अब तगो ख़बड ंगो गयनी
ंनी ठं डनी
और तम म ंदारदा कलप्रेजदा भनी ठं डदा ंगो गयदा। ठदाकर मदाड।ँगतप्रेथप्रे;दप्रे हदयदा ंगोतदा,तगो एक
ंक ंक
बगोझ ससर सप्रे उतर जदातदा और न ंगोरदा कदा न ंगोतदा; मगर तमदाचदा क ै सप्रे
ंगोरदा य
पड़तदा। कगोई बरदीक बदात ंगोतनी ं ै तगो म त प लप्रे ंनी र जदातनी ं ै। इतनप्रे
ंगोनप्रेवदालदी
हदन मज़प्रेसप्रेघर मभ ब।ँसड ंतनी र ंनी; न गमनी लगनी, न जड़नीड आयनी। इतननी जल्ददी सबकगो
चदान गयनी थनी कक मदालमड ंनी न ंगोतदा थदा कक बदा र सप्रेआयनी ं ै। बच्चप्रेउसकप्रे
सनींगयों सप्रेखप्रेलतप्रेर तप्रेथप्रे। ससर तक न ह लदातनी थनी। जगो ककछ नदाद मभ डदाल दगो, चदाट-
पयोंछकर सदाफ़ कर दप्रे तनी थनी। लच्छमनी थनी,अभदागयों कप्रे घर क्यदा र तनी।
सगोनदा और ंडपदा भनी य लचल सनकरु जग गयनी थनींऔर बबलख-बबलखकर रगो
ंनी थनीं। उसककी सप्रेवदा कदा भदार अधधिकतर उन म ंनीं दगोनयों पर थदा। उनककी संधिगननी ंगो
गयनी थनी। दगोनयों खदाकर उठतनीं,तगो एक-एक टककड़दा रगोटदी उसप्रेअपनप्रे ंदाथयों सप्रे
णखलदातनीं।क ै सदा जनीभ नकदालकर खदा लप्रेतनी ,थनीऔर जब तक उनकप्रे ंदाथ कदा कसौर
पदा लप्रेतनी,खड़नी तदाकतनी र तनी। भदाग्य संडट गयप्रे! सगोनदा और गगोबर और दगोनयों
लड़ककयदाड।ँ - संगोकररगो सगो गयनी थनीं। ंगोरदी भनी लप्रेटदा।

नयदा उसकप्रे ससर ंदानप्रे पदाननी कदा लगोटदा रखनप्रे आयनी तगो ंगोरदी नप्रे संनीरप्रे सप्रे -- क ंदा तप्रेरप्रे
पप्रेट मभ बदात पचतनी;ककछन ंनींसनक पदायप्रेगनी, तगो गदाड।ँव भर मभ हढं ढगोरदा पनीटतनी ककरप्रे गनी।

नयदा नप्रे आपश्त्त ककी-- भलदा सनकंड;म ैंनड़ -कसौनसनी बदात पनीट ददी कक ययों नदाम
बदनदाम कर हदयदा।

'अच्छदा तप्रेरदा संदप्रे ककसनी पर ंगोतदा' ं ै।

'मप्रेरदा संदप्रे तगो ककसनी पर न ंनीं ं ै। कगोई बदा रदी आदमनी' थदा।

'ककसनी सप्रे क ंप्रेगनी तगो न?' ंनीं

'क ंडगनीभीँ न ंनीं,तगो गदाड।ँववदालप्रेमझप्रेग


क नप्रेक ैसप्रेगढ़वदा दभ ग।'

'अगर ककसनी सप्रे क , ंदातगो मदार ंनी डदालंडगदा।ं।ँ '

'मझप्रेम
क दारकर सखनीक न र ंगोगप्रे। अब दसरदीड मप्रेररयदा न ंनींसमलदी जदातनी। जब तक ंड,ं।ँ
तम मंक ंदारदा घर स।ँभ
ड दालप्रे ंकए ंड।ं।ँश्जस हदन मर जदाऊड।ँगनी, ससर पर ंदाथ संरकर
रगोओगप्रे।
अभनी मझमभ ंकसदारदी बरदाइयदाड।ँंकनी बरदाइयदाड।ँंक ैं,तब आड।ँखयों सप्रेआस।ँड नकलभग।'

'मप्रेरदा संदप्रे ंनीरदा पर ंगोतदा' ं ै।

'झठड, बबलककल झठ!ंड ंनीरदा इतनदा ननीच न ंनीं ं ै। व म।ँं


ड ककदा ंनी ख़रदाब

ं ै।' 'म ैंनप्रे अपननी आड।ँखयों दप्रे खदा।,तप्रेरप्रेसचससर ककी सगौं' ।


'तमनप्रेकअपननी आड।ँखयों दप्रे खदा! कब?'
'व ंनी, म ैं सगोभदा कगोखकरदप्रे आयदा; तगो व सदरर ककी नदाडद
।ँ कप्रे पदास खड़दा थदा। म ैंनप्रे
यदांंक
पछदाड -- कसौन ं ै,तगो बगोलदा, म ैंंडं।ँंनीरदा, कसौड़प्रे मभ सप्रे आग लप्रेनप्रे आयदा थदा। थगोड़नी दप्रे र
मझक सप्रेबदातभ करतदा र ंदा। मझप्रेकधिचलम वपलदायनी। व सउर गयदा, म ैं भनीतर आयदा
और व ंनी गगोबर नप्रेपकदारु मचदायनी। मदालमड ंगोतदा ं ै,म ैं गदाय बदाड।ँसंकर सगोभदाकप्रे घर
गयदा ंड,और।ँ इसनप्रेसइर आकर ककछ णखलदा हदयदा ं ै। सदाइत ककर य दप्रे खनप्रेआयदा
थदा कक मरदी यदा न ंनीं।'
सं नयदा नप्रे लंबनी सदाड।ँस लप्रेकर-- कइसदा तर कप्रे ंगोतप्रे ं ैं, श्जन्भदाई ंभ भदाई कदा

गलदा कदाटनप्रे मभ भनी ह चक न ंनीं ंगोतनी। उफ़्फ़गो । ंनीरदा मन कदा इतनदा कदालदा ै! और
ददाढ़दीजदार कगो म ैंनप्रे -पदालपगोसकर बड़दा ककयदा।

'अच्छदा जदा सगो र , मगर ककसनी सप्रेभलकरू भनी श्ज़कर न करनदा।'

'कसौन, सबप्रेरदा ंगोतप्रे ंनी लदालदा कगो थदानप्रेन प ंकड।ँचदाऊड।ँ,तगो अपनप्रे असल बदाप ककी न ंनीं।
त्यदारदा भदाई क नप्रे जगोग ं ै! य ंनी भदाई कदा कदाम ं ै! व ब ैरदी,पक्कदा ै ब ैरदी और ब ैरदी
कगो मदारनप्रे मभ पदाप, छगोड़नप्रेनीं मभ पदाप।' ं ै

ंगोरदी नप्रे संमककी ददी-- म ैंक ंप्रेदप्रेतदा ंडसं।ँ नयदा, अनथद ंगो जदायगदा।

नयदा आवप्रेश मभ बगोलदी--अनथद न , ंनींअनथद कदा बदाप ंगो जदाय। म ैं बबनदा लदालदा कगो
बड़प्रेघर सभजवदाए मदानंडगनीभीँ न ंनीं। तनीन सदाल चक्ककी वपसवदाऊड।ँगनी, तनीन सदाल। व ंदाड।ँ
सप्रेछडटभ ग, तगो त्यदा लगप्रेगनी। तनीरथ करनदा पड़प्रेगदा। भगोजदप्रे नदा पड़प्रेगदा। इस संगोखप्रे मभ न र
ंभलदालदा! और गवदा ंनी हदलदाऊड।ँगनी तमसप्रेक,बप्रेटप्रे कप्रे ससर पर ंदाथ रखकर।

उसनप्रे भनीतर जदाकर ककवदाड़ बंद कर सलयप्रे और ंगोरदी बदा र अपनप्रे कगो कगोसतदा पड़दा र
ंदा। जब स्वयम णउसकप्रे पप्रेट मभ बदात न पचनी, तगो सं नयदा कप्रे पप्रेट मभ क्यदा पचप्रेगनी। अब
य चकड़ ैल मदाननप्रेवदालदी न ंनीं! श्ज़द पर आ जदातनी ं ै,तगो ककसनी ककी सनतनीक ंनी न ंनीं।
आज उसनप्रेअपनप्रेजनीवन मभ सबसप्रेबड़नी भलड ककी। चदारयों ओर ननीरव अंसंकदार छदायदा ंकआ
थदा। दगोनयों ब ैलयों कप्रे गलप्रेककी घंहटयदाड।ँकभनी-कभनी बज उठतनी थनीं। दस
क़दम पर मतक ृ गदाय पड़नी ंकई थनी और ंगोरदी घगोर पकचदात्तदाप मभ करवटभ बदल र ंदा
थदा। अंसंकदार मभ शपकदाककी रप्रे खदा क ंनीं नज़र न आतनी थनी।

***
9
पदातछःकदाल ंगोरदी कप्रे घर मभ एक ंंगदामदा ंगो गयदा। ंगोरदी सं नयदा कगो मदार र ंदा
परदाड
थदा। सं नयदा उसप्रे गदासलयदाड।ँ दप्रे र ंनी थनी। दगोनयों लड़ककयदाड।ँ बदाप कप्रे पदाड।ँवयों सप्रे सलपटदी
धिचल्लदा र ंनी थनीं और गगोबर मदाड।ँ कगो बचदा र ंदा थदा। - ंगोरदी कदा ंदाथ पकड़कर
बदार
ड कसप्रेकगोई गदालदी नकल जदातनी,
पनीछप्रे ढकप्रेल दप्रे तदा;पर ज्ययों ंनी सं नयदा कप्रे म।ँं ंगोरदी
अपनप्रे ंदाथ छकड़दाकर उसप्रेदगो-चदार घसप्रेंडं।ँऔर लदात जमदा दप्रे तदा। उसकदा बढ़दाड कक्रगो ज ैसप्रे
ककसनी गप्तक संधिचत शश्क्त कगो नकदाल लदायदा ंगो।
सदारप्रे गदाड।ँव मभ लचल पड़ गयनी। लगोग समझदानप्रेकप्रे ब ंदानप्रेतमदाशदा दप्रे खनप्रेआ प ंड।ँचप्रे।

शगोभदा लदाठठी टप्रे कतदा खड़दा आ। ंक


ंक
ददातदाददीन नप्रे डदाड।ँटदा--य क्यदा ं ै ंगोरदी,तमक बदावलप्रे ंगो गयप्रे ंगो क्यदा? कगोई इस तर
घर ककी लक्ष्मनी पर ंदाथ छगोड़तदा ं ै! तम मंक रगोग न थदा। क्यदा ंनीरदा ककी छडत तम मंक ंभ
ंभय
भनी लग गयनी।

ंगोरदी नप्रे पदालदागन करकप्रे क --ंदा म ंदारदाज, तमक इस बखत न बगोलगो।


म ैंआज इसककी बदान छकड़दाकर तब दम लंडगदा।ं।ँ म ैंश्जतनदा ंनी तर दप्रे तदा
ंड,उतनदा।ँ ंनी य ससर चढ़तनी जदातनी । ै

सं नयदा सजल कक्रगो मभ बगोलदी-- म ंदारदाज तमक गवदा र नदा। म ैंआज इसप्रेऔर
इसकप्रे त्यदारप्रे भदाई कगो जप्रे ल भप्रेजवदाकर तब पदाननी वपऊड।ँ गनी। इसकप्रे भदाई नप्रे गदाय मदा ंकर
णखलदाकर मदार डदालदा। अब जगो म ैंथदानप्रेमभरपट सलखदानप्रेजदा र ंनी ंडततोँ य त्यदारदा मझप्रेकमदारतदा
ं ै। इसकप्रे पनीछप्रे अपननी श्ज़ंदगनी चसौपट कर ददी, उसकदा य इनदाम दप्रे र ंदा ं ै।

ंगोरदी नप्रे ददाड।ँत पनीसकर और आड।ँखभ नकदालकर--संरक ंदाव ंनी बदात म।ँं
ड कसप्रे
नकदालदी। तनप्रेडदप्रेखदा थदा ंनीरदा कगो मदा ंकर णखलदातप्रे?

'तडक़सम खदा जदा कक तनप्रेड ंनीरदा कगो गदाय ककी नदाड।ँद कप्रे पदास खड़प्रे न ंनीं दप्रे खदा?'

' ंदाड।ँ,म ैंनप्रे न ंनीं, क़समदप्रे खदा खदातदा ंड।'ं।ँ


'बप्रेटप्रे कप्रे मदाथप्रे पर ंदाथ रख क़सम' खदा!
कप्रे

ंगोरदी नप्रेगगोबर कप्रे मदाथप्रेपर कदाड।ँपतदा ंकआ ंदाथ रखकर कदाड।ँपतप्रे ंकए स्वर मभ क ंदा --
म ैंबप्रेटप्रेककी क़सम खदातदा ंडकक।ँ म ैंनप्रे ंनीरदा कगो नदाड।ँद कप्रे पदास न नींदप्रेखदा।

सं नयदा नप्रेज़मनीन पर थडक कर क ंदा -- थड़नीक ं ै। तप्रेरदी झठदाईक पर। तनप्रेडख़द क मझसप्रेक
ंदा कक ंनीरदा चगोरयों ककी तर नदाड।ँद कप्रे पदास खड़दा थदा। और अब भदाई कप्रे पक्ष मभ झठड
बगोलतदा ं ै। थड़नीक ं ै! अगर मप्रेरप्रेबप्रेटप्रेकदा बदाल भनी बदाड।ँकदा ंकआ, तगो घर मभ आग लगदा
दंडगनी।ं।ँ सदारदी ग ं ृस्थनी मभ आग लगदा दंडगनी।ं।ँ भगवदान,णआदमनी म।ँं
ड कसप्रेबदात
कर इतननी बप्रेसरमनी सप्रेमककर जदातदा ं ै।

ंगोरदी पदाड।ँव पटककर बगोलदा-- सं नयदा, ग़स्सदाक मत हदखदा, न ंनींबरक दा ंगोगदा।

'मदार तगो र ंदा ं ै,और मदार लप्रे। जदा,तडअपनप्रेबदाप कदा बप्रेटदा ंगोगदा तगो आज मझप्रेक
मदारकर तब पदाननी वपयप्रेगदा। पदापनी नप्रे मदारतप्रे-तप्रेमप्रेरदा भरकसक नकदाल सलयदा, ककर
भनी इसकदा जनी न ंनीं भरदा। मझप्रेकमदारकर समझतदा ं ैमब
ैं ड़दा वनीर ंड।ं।ँभदाइययों कप्रे
सदामनप्रे भनीगनी बबल्लदी बन जदातदा , ं ैपदापनी क ंनीं कदा, त्यदारदा!'

ककर व ब ैन क कर रगोनप्रे लगनी-- इस घर मभ आकर उसनप्रे क्यदा न ंनीं , झप्रेलदाककस


ककस तर पप्रेट-तन न ंनीं कदाटदा,ककस तर एक-एक लत्तप्रे कगो तरसनी,ककस तर
एक-एक प ैसदा पदाणयों ककीतर संचदा,ककस तर घर-भर कगो णखलदाकर आप पदाननी
पनीकर सगो र ंनी। और आज उन सदारप्रे बसलददानयों कदा य परस्कदार!ंक भगवदान णब ैठप्रे य
अन्यदाय दप्रे ख र ंप्रे ं ैं और उसककी रक्षदा कगो न ंनीं दसौड़तप्रे। गज ककी और दसौपददी ककी रक्षदा
करनप्रेब ैकंठक सप्रेदसौड़प्रेथप्रे। आज क्ययों ननींद मभ सगोयप्रे ंकए ं ैं।

जनमत संनीरप्रे -संनीररप्रे नयदा ककी ओर आनप्रे लगदा। इसमभ अब ककसनी कगो संदप्रे न ंनीं
ंदा कक ंनीरदा नप्रे ंनी गदाय कगो ज़ र हदयदा। ंगोरदी नप्रेबबलककल झठठीड क़सम खदाई ं ै,
इसकदा भनी लगोगयों कगो ववकवदास ंगो गयदा। गगोबर कगो भनी बदाप ककी इस झठठीड क़सम
और उसकप्रे संलस्वडप आनप्रेवदालदी ववपश्त्त ककी शंकदा नप्रे ंगोरदी ककप्रे ववकद्कर हदयदा।
उस पर जगो ददातदाददीन नप्रे डदाड।ँट बतदायनी,ंगो ंगोरदी परदास्त ंगो गयदा। चपकप्रेक सप्रेबदा र
चलदा गयदा, सत्य नप्रे ववजय पदायनी।

ददातदाददीन नप्रेशगोभदा सप्रेपछदाड -- तमक ककछ जदानतप्रे ंगो शगोभदा, क्यदा बदात ंकई?
शगोभदा ज़मनीन पर लप्रेटदा ंकआ बगोलदा -- म ैं तगो म ंदारदाज,आठ हदन सप्रे बदा र न ंनीं
नकलदा। ंगोरदी ददाददा कभनी-कभनी जदाकर ककछ दप्रे आतप्रे, उसनी ैं सप्रे कदाम चलतदा ं ै। रदात
भनी व मप्रेरप्रे पदास गयप्रे थप्रे। ककसनप्रे क्यदा, म ैंककयदाकछ न ंनींजदानतदा। ंदाड।ँ,कल सदाड।ँझ
कगो ंनीरदा मप्रेरप्रेघर खरपनीक मदाड।ँगनप्रेगयदा थदा। क तदा थदा, एक जड़नी खगोदनदा ं ै। ककर तब
सप्रेमप्रेरदी उससप्रेभभट न ंनीं ंकई।

नयदा इतननी श पदाकर बगोलदी -- पंडडत ददाददा,व उसनी कदा कदाम ं ै। सगोभदा कप्रे घर
सप्रेखरपनीक मदाड।ँगकर लदायदा और कगोई जड़नी खगोदकर गदाय कगो णखलदा ददी। उस रदात कगो
जगो झगड़दा ंकआ थदा, उसनी हदन सप्रे व खदार खदायप्रे ब ैठदा थदा।

ददातदाददीन बगोलप्रे-- य बदात सदाबबत ंगो गयनी, तगो उसप्रे त्यदा लगप्रेगनी। पसलसक ककछ
करप्रे यदा न करप्रे ,संरम तगो बबनदा दं ड हदयप्रे न र ंप्रेगदा। चलदी जदातगो ंकवपयदा, ंनीरदा
कगो बलदाक लदा। क नदा, पंडडत ददाददा बलदाक र ंप्रे ं ैं। अगर उसनप्रे त्यदा न नींककी ं ै,तगो
गंगदाजलदी उठदा लप्रे और चसौरप्रे पर चढ़कर क़सम खदाय।

नयदा बगोलदी -- म ंदारदाज, उसकप्रे क़सम कदा भरगोसदा न ंनीं। चटपट खदा लप्रेगदा। जब
इसनप्रेझठठीड क़सम खदा लदी, जगो बड़दा संमदादत्मदा बनतदा , ं ैतगो ंनीरदा कदा क्यदा
ववकवदास।

अब गगोबर बगोलदा -- खदा लप्रेझठठीड क़सम। बंस कदा अंत ंगो जदाय। बढ़प्रेड जनीतप्रेर ंभ।
जवदान जनीकर क्यदा करभ गप्रे!

ंडपदा एक क्षण मभ आकर बगोलदी-- कदाकदा घर मभ न ंनीं,पंडडत ै ददाददा! कदाककी क तनी


ं ैं,क ंनीं चलप्रे गयप्रे ं ैं।

ददातदाददीन नप्रे लम्बनी ददाढ़दी संटकदारकर क ंदा-- तनप्रेडपछदाड न ंनीं,क ंदाडच


।ँ लप्रे गयप्रे ककयदा?
घर मभ छपदा ब ैठदा न ंगो। दप्रे ख तगो , सगोनदाभनीतर तगो न ंनीं ब ैठदा ं ै।

नयदा नप्रे टगोकदा-- उसप्रे मत भप्रेजगो ददाददा! ंनीरदा कप्रे ससर त्यदा सवदार,न ं ैजदानप्रे क्यदा
कर ब ैठप्रे।

ददातदाददीन नप्रेख़द क लकड़नी स।ँभ


ड दालदी और ख़बर लदायप्रेकक ंनीरदा सचमचक क ंनींचलदा
गयदा ं ै। पकनयदा क तनी ं ैलहटयदाक-डगोर और डंडदा सब लप्रेकर गयप्रे ं ैं। पकनयदा नप्रे
पछदाड भनी, क ंदाड।ँ जदातप्रे; परगो बतदायदा न ंनीं। उसनप्रे पदाड।ँच ंकपए आलप्रे मभ रखप्रे थप्रे। क व ंदाड।ँ न ंनीं
ं ैं। सदाइत ंकपए भनी लप्रेतदा गयदा।

सं नयदा शनीतल हृदय सप्रे बगोलदी-- म।ँं


ड कमभकदासलख लगदाकर क ंनींभदागदा ंगोगदा।

शगोभदा बगोलदा -- भदाग कप्रे क ंदाड।ँ जदायगदा। गंगदानप्रेन नदा चलदा गयदा ंगो।

नयदा नप्रे शंकदा ककी-- गंगदा जदातदा तगो ंकपए क्ययों लप्रे जदातदा,और आजकल कगोई
परब भनी तगो न ंनीं ?ं ै

इस शंकदा कदा कगोई ससमदादान न समलदा। संदारणदा दृढ़ ंगो गयनी। आज ंगोरदी कप्रे घर भगोजन
न ंनीं पकदा। न ककसनी नप्रे ब ैलयों कगो सदाननी-पदाननी हदयदा। सदारप्रे गदाड।ँव मभ सनसननी सं ैलदी ंकई
थनी। दगो-दगो चदार-चदार आदमनी जग -जग जमदा ंगोकर इसनी ववषय ककी आलगोचनदा कर र
ंप्रेथप्रे। ंनीरदा अवकय क ंनींभदाग गयदा। दप्रे खदा ंगोगदा कक भप्रेद खलक
गयदा, अब जप्रे ल जदानदा पड़प्रेगदा,त्यदा अलग लगप्रेगनी। बस,क ंनींभदाग गयदा। पन
क यदा
अलग रगो र ंनी थनी, ककछ क ंदा न सनदाक, न जदानप्रेक ंदाड।ँचल हदयप्रे। जगो ककछ
कसर र गयनी थनी व संध्यदा-समय लकप्रे कप्रे थदानप्रेददार नप्रेआकर परदीड कर ददी। गदाड।ँव
कप्रे
चसौककीददार नप्रे इस घटनदा ककी रपट ककी,ज ैसदा उसकदा कतदव्य थदा। और थदानप्रेददार सदा ब
भलदा अपनप्रेकतदव्य सप्रेकब चकनप्रेवदालप्रेडथप्रे। अब गदाड।ँववदालयों कगो भनी उनककी सप्रेवदा-

सत्कदार करकप्रे अपनप्रे कतदव्य कदा पदालन करनदा चदाह ए। ददातदाददीन,णझंगरदीससंंक,


नगोखप्रेरदाम,उनकप्रे चदारयों प्यदादप्रे ,मग।ँड सदा और लदालदा पटप्रे कवरदी, सभनी आ प ंकड।ँचप्रेऔर
ददारगोग़दाजनी कप्रे सदामनप्रे ंदाथ बदाड।ँसंकर खड़प्रे ंगो गयप्रे। ंगोरदी ककी तलबनी ंकई। जनीवन मभ
प लदा अवसर थदा कक व ददारगोग़दा कप्रे सदामनप्रे आयदा। ऐसदा डर र ंदा ,थदाज ैसप्रे
संदाड।ँसनी ंगो जदायप्रेगनी। सं नयदा कगो पनीटतप्रे समय उसकदा-एकएकअंग संड़क र ंदाथदा।
ददारगोग़दा कप्रे सदामनप्रेकछकए ककी भदाडत
।ँ भनीतर ससमटदा जदातदा थदा। ददारगोग़दा नप्रेउसप्रे
आलगोचक नप्रेतयों सप्रेदप्रेखदा और उसकप्रे हृदय तक प ंकड।ँच गयप्रे। आदसमययों ककी नस
चदाननप्रे कदा उन म ंभ अच्छदा अभ्यदास थदा। ककतदाबनी मनगोववजदान मभ ,परकगोरप्रे व्यदाव
ंदाररक मनगोववजदान कप्रे ममदज थप्रे। यक़कीन ंगो ,गयदाआज अच्छप्रे कदा म।ँं
ड क दप्रे खकर
उठप्रे ं ैं। और ंगोरदी कदा चप्रे रदा क ंप्रे , दप्रे तदाइसकप्रेवलथदा एक घड़ककीक कदाफ़की ं ै।

ददारगोग़दा नप्रेपछदाड -- तझप्रेकककस पर शकब ंदा ं ै?


ंगोरदी नप्रेज़मनीन छकई और ंदाथ बदाड।ँसंकर बगोलदा -- मप्रेरदा सबक ंदा ककसनी पर न
ंनीं ं ै सरकदार, गदाय अपननी मसौत सप्रेमरदी ं ै। बड्ढदीक ंगो गयनी थनी।

सं नयदा भनी आकर पनीछप्रे खड़नी थनी। तरं तक बगोलदी -- गदाय मदारदी ं ैतम मंक ंदारप्रे भदाई ंनीरदा
नप्रे। सरकदार ऐसप्रेबसौड़म न ंनीं ं ैंकक जगो ककछ तमक क दगोगप्रे,व मदान लभगप्रे। य ंदाड।ँ
जदाड।ँच-त कक़क़दात करनप्रे आयप्रे ं ैं।

ददारगोग़दाजनी नप्रेपछदाड -- य कसौन ं ै?


औरत

कई आदसमययों नप्रेददारगोग़दाजनी सप्रेककछ बदातचनीत करनप्रेकदा ससौभदाग्य पदाप्त करनप्रेकप्रे सलए


चढ़दा-ऊपरदी ककी। एक सदाथ बगोलप्रे और अपनप्रे मन कगो इस कल्पनदा सप्रे संतगोष हदयदा
कक प लप्रे म ैं बगोलदा-- ंगोरदी ककी घरवदालदी ं ै सरकदार!

'तगो इसप्रेबलदाओक, म ैंप लप्रेइसनी कदा बयदान सलखगदा।ंडं।ँ व क ंदाड।ँं ै ंनीरदा?'

ववसशष म ट जनयों नप्रे एक स्वर सप्रे क --ंदा व तगो आज सबप्रेरप्रे सप्रे क ंनीं चलदा गयदा ं ै
सरकदार!

'म ैंउसकप्रे घर ककी तलदाशनी लंडगदा।ं।ँ'

तलदाशनी! ंगोरदी ककी सदाड।ँस तलप्रे-ऊपर ंगोनप्रे लगनी। उसकप्रे भदाई ंनीरदा कप्रे घर ककी तलदाशनी
ंगोगनी और ंनीरदा घर मभ न ंनीं ं ै। और ककर ंगोरदी कप्रे-जनीजनीतप्रे,उसकप्रे दप्रे खतप्रे य
तलदाशनी न ंगोनप्रे पदायप्रेगनी;और सं नयदा सप्रे अब उसकदा कगोई सम्बन मसं न ंनीं। ज ंदाड।ँ चदा ंप्रे
जदाय। जब व उसककी इज़्ज़त बबगदाड़नप्रे पर आ गयनी , ं ैतगो उसकप्रे घर मभ क ै सप्रे र सकतनी
ं ै। जब गलदी-गलदी ठगोकर खदायप्रेगनी,तब पतदा चलप्रेगदा। गदाड।ँव कप्रे ववसशष्जनयोंट नप्रे इस म
ंदान संकट कगो टदालनप्रे कप्रे सलए -कदाननदाडसनी शकड ककी।

ददातदाददीन नप्रे गंजदा ससर ह लदाकर क --ंदा सब कमदानप्रेकप्रे ढं ग ं ैं। ंनीरदा कप्रे
य पछगोड,
घर मभ क्यदारखदा ं ै।

पटप्रे क वरदीलदाल ब ंक त लंबप्रेथप्रे;पर लंबप्रे ंगोकर भनी बप्रेवक़डफ़ न थप्रे। अपनदा लंबदा
कदालदा म।ँं
ड कऔर लंबदा करकप्रे बगोलप्रे-- और य ंदाड।ँ आयदा ं ै ककस ,सलएऔर जब
आयदा ं ै बबनदा ककछ सलयप्रे-हदयप्रे गयदा कब ?ं ै
णझंगरदीससंंक नप्रे ंगोरदी कगो बलदाकरु कदान मभ क ंदा -- नकदालगो जगो ककछ दप्रे नदा ंगो।
ययों गलदा न छडटप्रे गदा।

ददारगोग़दाजनी नप्रे अब ज़रदा गरजकर क ंदा-- म ैंंनीरदा कप्रे घर ककी तलदाशनी लंडगदा।ं।ँ

ंगोरदी कप्रे मखक कदा रं ग ऐसदा उड़ गयदा थदा, ज ैसप्रे दप्रे कदा सदारदा रक्सतखड गयदा ंगो।
तलदाशनी उसकप्रे घर ंकई तगो, उसकप्रे भदाई कप्रे घर ंकई तगो, एक ंनी बदात ं ै। ंनीरदा अलग
ंनी; पर द ंकनयदा तगो जदानतनी ं ै,व उसकदा भदाई ं ै; मगर इस वक़्त उसकदा ककछ
बस न ंनीं। उसकप्रे पदास ंकपए ,ंगोतंप्रेगो इसनी वक़्त पचदास ंकपए लदाकर ददारगोग़दाजनी
कप्रे
चरणयों पर रख दप्रे तदा और क तदा-- सरकदार, मप्रेरदी इज़्ज़त अब आपकप्रे ंदा ं ै।

मगर उसकप्रे पदास तगो ज़ र खदानप्रे कगो भनी एक प ैसदा न ंनीं ं ै। सं नयदा कप्रे पदास चदा ं
दगो-चदार ंकपए पड़प्रे ;ंयोंपर चड़ ैल भलदा क्ययों दप्रे नप्रेलगनी। मत्य-दं ड पदायप्रे ए

ंक ं ृ ंक ंक
आदमनी ककी भदाड।ँत ससर झकदायप्रेक,अपनप्रेअपमदान ककी वप्रेदनदा कदा तनीव्र अनभवक करतदा
आ चपचदापक खड़दा र
ंदा।
ंक
ददातदाददीन नप्रे ंगोरदी कगो सचप्रेत ककयदा-- अब इस खड़प्रे र नप्रे सप्रे कदाम न चलप्रेगदा
तर
ंगोरदी, ंकपए ककी कगोई जगतक करप्रे ।
ंगोरदी ददीन स्वर मभ बगोलदा-- अब म ैं क्यदा रजअ क।ँड म ंदारदाज! अभनी तगो प लप्रे ंनी

ककी गठरदी ससर पर लददी ं ै; और ककस म।ँं


ड कसप्रेमदागंड;लप्रेककन।ँ इस संकट सप्रे उबदार
लगो। जनीतदा र ंदा, तगो कसौड़नी-कसौड़नी चकदाक दंडगदा।ं।ँ म ैंमर भनी जदाऊड।ँतगो गगोबर ं ै ंनी।
तगो
नप्रेतदाओं मभ सलदा ंगोनप्रे लगनी। ददारगोग़दाजनी कगो क्यदा भभ ट ककयदा जदाय। ददातदाददीन न

पचदास कदा पस्तदाव ककयदा। णझंगरदीससंंक कप्रे अनमदानक मभ ससौ सप्रेकम पर ससौददा न
ंगोगदा। नगोखप्रेरदाम भनी ससौ कप्रे पक्ष मभ थप्रे। और ंगोरदी कप्रे सलए ससौ और पचदास मभ कगो
अंतर न थदा। इस तलदाशनी कदा संकट उसकप्रे ससर सप्रेटल जदाय। पजदाड चदा ंप्रेककतननी
चढ़दाननी पड़प्रे। मरप्रे कगो मन-भर लकड़नी सप्रे जलदाओ,यदा दस मन सप्रे;उसप्रे क्यदा
धिचंतदा!मगर पटप्रे कवरदी सप्रे य अन्यदाय न दप्रे खदा गयदा। कगोई डदाकदा यदा क़तल तगो
ंकआ न ंनीं। कप्रेवल तलदाशनी ंगो र ंनी ं ै। इसकप्रे सलए बनीस
ंकपए ब ंकत ं ैं।

नप्रेतदाओं नप्रे धधिक्कदारदा--तगो ककर ददारगोग़दाजनी सप्रे बदातचनीत करनदा। न म लगोग नगनीच
जदायभग। कसौन घड़ककयदाड।ँंकखदाय।
ंगोरदी नप्रे पटप्रे करदीव कप्रे पदाड।ँव पर अपनदा ससरख रहदयदा -- भ ैयदा,मप्रेरदा उद्संदार
करगो। जब तक श्जऊड।ँ,गदातम मंक ंदारदी तदाबप्रेददारदी क।ँड गदा।

ददारगोग़दाजनी नप्रेककर अपनप्रेववशदाल वक्ष और ववशदालतर उदर ककी परदीड शश्क्त सप्रे क ंदा
-- क ंदाड।ँ ं ै ंनीरदा कदा? घरम ैंउसकप्रे घर ककी तलदाशनी लंडगदा।ं।ँ

पटप्रे क वरदी नप्रे आगप्रे बढ़कर ददारगोग़दाजनी कप्रे कदान मभ -- कतलदासनी लप्रेकर क्यदा करगोगप्रे
ंकज़रू, उसकदा भदाई आपककी तदाबप्रेददारदी कप्रे स